दिल्ली में विपक्षी सांसदों की लंच मीटिंग, जनपथ पर NSUI कार्यकर्ता जुटे

दिल्ली के जनपथ इलाके में नेशनल स्टूडेंट्स यूनियन ऑफ इंडिया (NSUI) के कार्यकर्ताओं की मौजूदगी से राजनीतिक हलचल बढ़ गई है। यह जुटान ऐसे समय में हुआ है, जब राज्यसभा में विपक्ष के नेता मल्लिकार्जुन खरगे ने विपक्षी सांसदों के साथ दूसरी लंच मीटिंग बुलाई है। बताया जा रहा है कि इस बैठक में विपक्षी दलों के सांसद आपसी समन्वय और संसद से जुड़े महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा कर सकते हैं। बैठक को विपक्षी रणनीति के लिहाज से भी अहम माना जा रहा है। 🔴 जनपथ पर NSUI कार्यकर्ताओं की मौजूदगी जनपथ पर NSUI कार्यकर्ताओं के जमा होने से इलाके में राजनीतिक गतिविधियां तेज नजर आईं। कार्यकर्ताओं की मौजूदगी को विपक्षी गतिविधियों से जोड़कर देखा जा रहा है। 🔴 खरगे ने बुलाई दूसरी लंच मीटिंग राज्यसभा में विपक्ष के नेता मल्लिकार्जुन खरगे की ओर से विपक्षी सांसदों के लिए यह दूसरी लंच मीटिंग है। इससे पहले भी विपक्षी सांसदों के बीच बैठक और आपसी चर्चा का दौर देखने को मिला था। 🔴 विपक्षी एकजुटता पर चर्चा की संभावना बैठक के दौरान संसद की कार्यवाही, विपक्ष की रणनीति और विभिन्न मुद्दों पर आगे की भूमिका को लेकर चर्चा होने की संभावना है। हालांकि, बैठक में किन मुद्दों पर अंतिम रूप से बातचीत होगी, इसकी विस्तृत जानकारी सामने आना बाकी है। दिल्ली में जनपथ पर NSUI कार्यकर्ताओं की मौजूदगी और खरगे की बैठक ने राजनीतिक माहौल को गर्म कर दिया है।

लवलीना बोरगोहेन का गोलाघाट में भव्य सम्मान, अपने शहर में हुआ जोरदार स्वागत

गोलाघाट, असम: एशियाई खेलों में भारत के लिए गोल्ड मेडल जीतने वाली स्टार बॉक्सर लवलीना बोरगोहेन का उनके गृहनगर गोलाघाट में भव्य समारोह आयोजित कर सम्मान किया गया। अपनी बेटी की उपलब्धि पर गोलाघाट के लोगों में खासा उत्साह देखने को मिला। सम्मान समारोह में असम सरकार के कैबिनेट मंत्री अतुल बोरा और स्थानीय वरिष्ठ जनप्रतिनिधियों ने हिस्सा लिया। इस दौरान लवलीना की खेल उपलब्धियों की सराहना करते हुए उन्हें असम की युवा पीढ़ी के लिए प्रेरणास्रोत बताया गया। अपने गृहनगर में हुए इस सम्मान से लवलीना बोरगोहेन भी काफी उत्साहित नजर आईं। कार्यक्रम में मौजूद लोगों ने उनका गर्मजोशी से स्वागत किया और उनकी सफलता पर खुशी जताई। स्थानीय लोगों के लिए यह मौका इसलिए भी खास रहा, क्योंकि गोलाघाट की बेटी ने अंतरराष्ट्रीय खेल मंच पर देश का नाम रोशन किया है। लवलीना ने अपनी मेहनत, अनुशासन और लगातार अभ्यास के दम पर भारतीय बॉक्सिंग में अपनी अलग पहचान बनाई है। एशियाई खेलों में स्वर्ण पदक हासिल करना उनके शानदार खेल करियर की बड़ी उपलब्धियों में शामिल है। उनकी सफलता ने असम के युवाओं को खेल के क्षेत्र में आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया है। समारोह के दौरान वक्ताओं ने कहा कि लवलीना की उपलब्धि केवल उनके परिवार या गोलाघाट तक सीमित नहीं है, बल्कि यह पूरे असम और देश के लिए गर्व का विषय है। उनकी मेहनत यह संदेश देती है कि सही लक्ष्य, मेहनत और आत्मविश्वास के साथ युवा बड़े मुकाम हासिल कर सकते हैं। गोलाघाट में आयोजित यह सम्मान समारोह लवलीना की खेल उपलब्धियों को सलाम करने के साथ-साथ नई पीढ़ी को खेलों के प्रति प्रेरित करने का अवसर भी बना। स्थानीय लोगों ने उनकी सफलता को अपनी उपलब्धि की तरह मनाया और भविष्य में भी उनके बेहतर प्रदर्शन की उम्मीद जताई। लवलीना बोरगोहेन का यह सम्मान उनके गृह क्षेत्र के लोगों के प्यार, सम्मान और गर्व को दर्शाता है।

महागठबंधन के प्रदर्शन में अनोखा विरोध, हथकड़ी-जंजीर पहनकर पहुंचे कांग्रेस कार्यकर्ता

पटना: बिहार की राजधानी पटना में महागठबंधन के प्रदर्शन के दौरान कांग्रेस के एक कार्यकर्ता ने अनोखे अंदाज में विरोध दर्ज कराया। कार्यकर्ता हाथों में हथकड़ी और पैरों में जंजीर पहनकर प्रदर्शन में पहुंचा। उसके इस अंदाज ने प्रदर्शन के दौरान लोगों का ध्यान अपनी ओर खींचा। कांग्रेस कार्यकर्ता ने अपने विरोध के जरिए लोकतंत्र और मौजूदा राजनीतिक हालात को लेकर सवाल उठाए। उसका कहना था कि लोकतंत्र जिस तरह से कथित तौर पर गिरफ्त में है, उस पर लगा ताला जल्द टूटेगा और लोकतंत्र की आवाज मजबूत होगी। 🔴 हथकड़ी-जंजीर पहनकर जताया विरोध प्रदर्शन में पहुंचे कांग्रेस कार्यकर्ता ने कहा कि हाथों में हथकड़ी और पैरों में जंजीर लोकतंत्र की स्थिति को दर्शाने का प्रतीक है। उसके मुताबिक, लोकतांत्रिक अधिकारों और जनता की आवाज को दबाने की कोशिशों के खिलाफ विपक्ष लगातार सड़क पर अपनी आवाज उठा रहा है। कार्यकर्ता ने अपने बयान में कहा कि लोकतंत्र को बचाने के लिए आंदोलन करने वाले लोग सड़क पर हैं और आने वाले समय में उनकी आवाज और बुलंद होगी। 🔴 ‘लोकतंत्र का ताला जल्द टूटेगा’ कांग्रेस कार्यकर्ता ने दावा किया कि लोकतंत्र पर लगा ताला ज्यादा समय तक नहीं टिकेगा और जल्द ही यह ताला टूटेगा। उसने कहा कि लोकतंत्र की रक्षा के लिए संघर्ष जारी रहेगा और सड़क से लेकर राजनीतिक मंच तक विपक्ष अपनी आवाज उठाता रहेगा। 🔴 सरकार और व्यवस्था पर तीखा हमला प्रदर्शन के दौरान कार्यकर्ता ने सत्ता और व्यवस्था पर भी तीखी टिप्पणी की। उसने अपने बयान में कुछ लोगों को लोकतंत्र का ‘चोर’ बताते हुए उनके खिलाफ कार्रवाई की बात कही। हालांकि, ये बातें कांग्रेस कार्यकर्ता के राजनीतिक आरोप और बयान हैं, जिनकी स्वतंत्र पुष्टि इस रिपोर्ट का हिस्सा नहीं है। महागठबंधन के प्रदर्शन में इस तरह के प्रतीकात्मक विरोध ने एक बार फिर बिहार की राजनीति में लोकतंत्र, चुनावी प्रक्रिया और विपक्ष की भूमिका से जुड़े मुद्दों को चर्चा में ला दिया है। प्रदर्शनकारियों ने सरकार के खिलाफ अपनी नाराजगी जाहिर करते हुए लोकतांत्रिक अधिकारों की रक्षा की मांग उठाई।

नाना पाटेकर के निधन से फिल्म जगत में शोक, CM विष्णु देव साय ने जताई संवेदना

रायपुर। दिग्गज अभिनेता नाना पाटेकर के निधन की खबर से देशभर में उनके प्रशंसकों और फिल्म जगत में शोक की लहर है। 75 वर्षीय नाना पाटेकर का 8 अक्टूबर 2026 को गोवा में निधन हो गया। रिपोर्टों के मुताबिक, उन्हें गंभीर कार्डियक अरेस्ट आया था। अस्पताल में डॉक्टरों ने उन्हें बचाने की पूरी कोशिश की, लेकिन उन्हें बचाया नहीं जा सका। नाना पाटेकर के निधन पर छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने गहरा दुख व्यक्त किया। उन्होंने अभिनेता को याद करते हुए कहा कि नाना पाटेकर उनके बेहद प्रिय कलाकारों में शामिल थे और उनका अभिनय उन्हें काफी पसंद था। मुख्यमंत्री ने नाना पाटेकर को किया याद सीएम विष्णु देव साय ने कहा कि नाना पाटेकर का अभिनय करने का अंदाज और उनकी सादगी उन्हें विशेष रूप से पसंद थी। उन्होंने कहा कि नाना पाटेकर ने अपने अलग अंदाज से दर्शकों के दिलों में खास जगह बनाई थी। मुख्यमंत्री ने कहा कि नाना पाटेकर का जाना केवल फिल्म इंडस्ट्री के लिए ही नहीं, बल्कि पूरे देश के लिए अपूरणीय क्षति है। उन्होंने दिवंगत अभिनेता के योगदान को याद करते हुए उनके परिवार, प्रशंसकों और चाहने वालों के प्रति संवेदना व्यक्त की। अभिनय के अलग अंदाज के लिए रहे मशहूर नाना पाटेकर हिंदी और मराठी सिनेमा के उन कलाकारों में शामिल रहे, जिन्होंने अपनी दमदार अदाकारी और प्रभावशाली संवाद अदायगी से अलग पहचान बनाई। उन्होंने गंभीर भूमिकाओं से लेकर अलग-अलग तरह के किरदारों तक अपनी अभिनय क्षमता का प्रभाव छोड़ा। उन्हें तीन राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कारों और पद्म श्री सहित कई सम्मान मिले। प्रशंसकों में शोक की लहर नाना पाटेकर के निधन की खबर सामने आने के बाद सोशल मीडिया पर भी उनके प्रशंसक और फिल्म जगत से जुड़े लोग उन्हें श्रद्धांजलि दे रहे हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी समेत कई प्रमुख हस्तियों ने भी अभिनेता के निधन पर दुख जताया और उनके योगदान को याद किया। सीएम विष्णु देव साय ने ईश्वर से प्रार्थना की कि दिवंगत अभिनेता की आत्मा को शांति मिले और उनके परिवार तथा तमाम चाहने वालों को इस कठिन समय में दुख सहने की शक्ति प्राप्त हो।

RBI MPC: आगे ब्याज दरों में बढ़ोतरी के संकेत, महंगाई और कमोडिटी कीमतों पर नजर

मुंबई: भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) की मौद्रिक नीति समिति (MPC) के हालिया फैसलों के बाद बाजार में आगे ब्याज दरों को लेकर चर्चा तेज हो गई है। कोटक सिक्योरिटीज के हेड ऑफ कमोडिटीज रिसर्च अनिंद्य बनर्जी ने RBI की मौद्रिक नीति को स्पष्ट रूप से सख्त रुख वाली (Hawkish) बताया है। उनके मुताबिक, केंद्रीय बैंक ने अपने रुख में बदलाव करते हुए न्यूट्रल से कैलिब्रेटेड टाइटनिंग की ओर कदम बढ़ाया है, जिससे आने वाले समय में और सख्ती की संभावना बनती है। 🔴 RBI आगे बढ़ा सकता है ब्याज दरें अनिंद्य बनर्जी के अनुसार, मौजूदा परिस्थितियों को देखते हुए RBI आने वाली बैठकों में ब्याज दरों में और बढ़ोतरी कर सकता है। हालांकि, सबसे बड़ा सवाल यह है कि यह बढ़ोतरी किस गति से होगी। एक संभावना यह है कि RBI दिसंबर में 25 बेसिस प्वाइंट की सामान्य बढ़ोतरी करे और इसके बाद अगले साल की पहली तिमाही में आगे कदम उठाए। वहीं दूसरी संभावना यह भी है कि महंगाई का दबाव अपेक्षा से ज्यादा बढ़ने पर अगली बैठक में ही 50 बेसिस प्वाइंट की बड़ी बढ़ोतरी देखने को मिल सकती है। 🔴 महंगाई और ऊर्जा कीमतें अहम फैक्टर बनर्जी ने कहा कि आने वाले समय में RBI के फैसले काफी हद तक कमोडिटी कीमतों की दिशा पर निर्भर करेंगे। खासकर ऊर्जा कीमतें कितने समय तक मौजूदा स्तर पर बनी रहती हैं, इसका सीधा असर महंगाई पर पड़ सकता है। हालांकि, केवल ऊर्जा कीमतें ही चिंता का विषय नहीं हैं, बल्कि अन्य कमोडिटी की कीमतों पर भी नजर रखना जरूरी होगा। 🔴 मजबूत GDP ग्रोथ से RBI को मिल सकती है गुंजाइश उन्होंने भारतीय अर्थव्यवस्था की मौजूदा विकास दर को भी मजबूत बताया। उनके मुताबिक, GDP ग्रोथ प्रभावशाली बनी हुई है और आर्थिक गतिविधियों में मजबूती कायम है। ऐसे माहौल में RBI के पास महंगाई को नियंत्रित करने के लिए मौद्रिक नीति को और सख्त करने की गुंजाइश मौजूद है। कुल मिलाकर, बाजार की नजर अब महंगाई, ऊर्जा कीमतों, कमोडिटी मार्केट और RBI की अगली MPC बैठक पर रहेगी। आने वाले आंकड़े यह तय करने में अहम भूमिका निभा सकते हैं कि केंद्रीय बैंक 25 बेसिस प्वाइंट की क्रमिक बढ़ोतरी करता है या फिर बड़ा कदम उठाता है।

राहुल गांधी के चुनाव आयोग विरोध पर केया घोष का पलटवार, बोलीं- भारत में नहीं चलता गांधी परिवार का राज

कोलकाता, पश्चिम बंगाल: चुनाव आयोग को लेकर कांग्रेस नेता राहुल गांधी के लगातार विरोध और उनके बयानों पर राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई है। पश्चिम बंगाल में भाजपा नेता केया घोष ने राहुल गांधी पर निशाना साधते हुए उनके चुनाव आयोग के खिलाफ विरोध प्रदर्शन पर सवाल खड़े किए हैं। उन्होंने राहुल गांधी से केरल के चुनाव परिणाम और वहां मिली जीत को लेकर भी स्पष्टीकरण देने की बात कही। केया घोष ने कहा कि राहुल गांधी को पहले केरल में दोबारा चुनाव कराने की प्रक्रिया शुरू करने की मांग करनी चाहिए। उनका कहना था कि जिस चुनाव आयोग और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को लेकर राहुल गांधी सवाल उठा रहे हैं, उसी चुनाव आयोग के तहत कांग्रेस को केरल में चुनावी सफलता मिली है। ऐसे में भाजपा नेता ने सवाल किया कि राहुल गांधी केरल के चुनावी नतीजों को लेकर चुप क्यों हैं। भाजपा नेता ने आरोप लगाया कि राहुल गांधी चुनाव आयोग की निष्पक्षता पर सवाल उठाकर लोकतांत्रिक संस्थाओं पर दबाव बनाने की कोशिश कर रहे हैं। हालांकि, ये उनके राजनीतिक आरोप हैं और कांग्रेस की ओर से इस बयान पर अलग प्रतिक्रिया सामने आ सकती है। केया घोष ने कानून-व्यवस्था को लेकर भी राहुल गांधी को लेकर कड़ा बयान दिया। उन्होंने कहा कि अगर कोई व्यक्ति कानून का उल्लंघन करता है तो उसके खिलाफ कानूनी कार्रवाई होना स्वाभाविक है। उन्होंने स्पष्ट किया कि किसी भी नेता को कानून से ऊपर नहीं माना जा सकता। उन्होंने अपने बयान में कहा कि भारत एक लोकतांत्रिक और गणतांत्रिक देश है, जहां संविधान और कानून सर्वोच्च हैं। उनके मुताबिक देश में किसी व्यक्ति या परिवार का शासन नहीं है और लोकतांत्रिक व्यवस्था में सभी को कानून के दायरे में रहकर ही अपनी राजनीतिक गतिविधियां करनी चाहिए। राहुल गांधी द्वारा चुनाव आयोग के खिलाफ उठाए जा रहे सवालों को लेकर भाजपा और कांग्रेस के बीच राजनीतिक टकराव लगातार बढ़ता दिखाई दे रहा है। ऐसे में आने वाले दिनों में यह मुद्दा चुनावी राजनीति में और ज्यादा चर्चा का विषय बन सकता है।

बिजनौर में ट्रैक्टर से कुचलकर तीन लोगों की मौत, शराब के नशे में वारदात का आरोप

बिजनौर, उत्तर प्रदेश: बिजनौर में बीती रात एक दर्दनाक घटना में ट्रैक्टर की चपेट में आने से तीन लोगों की मौत हो गई। पुलिस के मुताबिक, विवाद के बाद एक व्यक्ति ने कथित तौर पर शराब के नशे में ट्रैक्टर चलाते हुए ऐसे लोगों को कुचल दिया, जिनका शुरुआती विवाद से कोई सीधा संबंध नहीं था। घटना के बाद इलाके में हड़कंप मच गया। क्या है पूरा मामला? पुलिस अधीक्षक के.के. बिश्नोई के अनुसार, घटना की शुरुआत शराब के ठेके के बाहर अंडे का ठेला लगाने वाले एक व्यक्ति के साथ मारपीट से हुई। आरोप है कि ठेले वाले के साथ पहले ठेके के बाहर विवाद और मारपीट हुई। इसके बाद वह अपने घर चला गया, जहां उसके साथ दोबारा मारपीट किए जाने की बात भी सामने आई है। पुलिस के मुताबिक, इस घटना के करीब एक घंटे बाद ठेला लगाने वाले व्यक्ति ने अपने 3,200 रुपये के बकाया भुगतान की मांग की। इसी तकादे के बाद मामला और बढ़ गया। ट्रैक्टर लेकर पहुंचा आरोपी का भाई एसपी के बयान के मुताबिक, जिस व्यक्ति से पैसे मांगे गए थे, उसका भाई कथित तौर पर ट्रैक्टर लेकर मौके पर पहुंचा। पुलिस का कहना है कि वह शराब के नशे में था। इसी दौरान उसने ट्रैक्टर से उन लोगों को कुचल दिया, जिनका मूल विवाद से कोई प्रत्यक्ष संबंध नहीं था। इस घटना में तीन लोगों की मौत हो गई। हादसे की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और स्थिति को संभाला। मृतकों के शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है। दो अलग-अलग FIR दर्ज करने की तैयारी पुलिस के अनुसार, पूरे घटनाक्रम में सामने आए दोनों अलग-अलग मामलों को लेकर दो स्वतंत्र FIR दर्ज की जाएंगी। पुलिस अब मारपीट से जुड़े शुरुआती विवाद और ट्रैक्टर से कुचलने की घटना, दोनों पहलुओं की जांच करेगी। पुलिस का कहना है कि जांच के दौरान घटनास्थल, प्रत्यक्षदर्शियों और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल मामले की जांच जारी है और पुलिस पूरे घटनाक्रम की कड़ियों को जोड़ने में जुटी है।

भोपाल: मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव ने राहुल गांधी और कांग्रेस पर तीखा राजनीतिक हमला बोला है।

उन्होंने कहा कि चुनाव में लगातार मिल रही हार के लिए निर्वाचन आयोग को जिम्मेदार ठहराना उचित नहीं है। मुख्यमंत्री ने राहुल गांधी के विरोध प्रदर्शन और उनके बयानों को लेकर भी सवाल उठाए। मोहान यादव ने कहा कि देश में चुनाव एक संवैधानिक प्रक्रिया के तहत होते हैं और निर्वाचन आयोग इसकी जिम्मेदारी निभाता है। ऐसे में कांग्रेस की लगातार चुनावी हार का ठीकरा चुनाव आयोग पर फोड़ना उचित नहीं माना जा सकता। उन्होंने आरोप लगाया कि राहुल गांधी अपने राजनीतिक संघर्ष को आगे बढ़ाने के लिए कार्यकर्ताओं का मनोबल बढ़ाने की कोशिश कर रहे हैं, लेकिन इसके लिए चुनावी संस्थाओं पर सवाल उठाना सही तरीका नहीं है। मुख्यमंत्री ने राहुल गांधी के नेतृत्व पर भी निशाना साधा। उन्होंने कहा कि लोकसभा चुनावों के साथ-साथ कई राज्यों में कांग्रेस को लगातार हार का सामना करना पड़ा है। इसके बावजूद पार्टी नेतृत्व अपनी रणनीति और चुनावी प्रदर्शन की समीक्षा करने के बजाय हार की जिम्मेदारी दूसरे संस्थानों पर डाल रहा है। मोहान यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर व्यक्तिगत टिप्पणी या उनके खिलाफ राजनीतिक माहौल बनाने की कोशिश से कांग्रेस को कोई फायदा नहीं मिलने वाला है। उन्होंने कांग्रेस से अपने राजनीतिक तौर-तरीकों पर पुनर्विचार करने की अपील की। उन्होंने कांग्रेस के पुराने राजनीतिक दौर का भी जिक्र किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि देश में लंबे समय तक गठबंधन सरकारों का दौर रहा, लेकिन बाद में नरेंद्र मोदी को प्रधानमंत्री पद का उम्मीदवार बनाए जाने के बाद कांग्रेस को बड़ी चुनावी चुनौती का सामना करना पड़ा। उनके मुताबिक, कांग्रेस को अपनी लगातार चुनावी हार के कारणों पर आत्ममंथन करने की जरूरत है। मोहान यादव ने कहा कि राजनीतिक दलों को लोकतांत्रिक संस्थाओं पर सवाल उठाते समय जिम्मेदारी और संयम का परिचय देना चाहिए। उन्होंने उम्मीद जताई कि कांग्रेस अपने व्यवहार और रणनीति में बदलाव करेगी तथा संगठन को मजबूत करने पर ध्यान देगी। मुख्यमंत्री का यह बयान ऐसे समय आया है जब चुनावी प्रक्रिया और निर्वाचन आयोग को लेकर विपक्षी दलों की ओर से लगातार सवाल उठाए जा रहे हैं।

राहुल गांधी के चुनाव आयोग विरोध पर CM मोहन यादव का हमला, बोले- ‘लोकतंत्र के लिए शर्मनाक’

भोपाल: चुनाव आयोग को लेकर कांग्रेस और विपक्षी दलों के विरोध के बीच मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव ने राहुल गांधी पर तीखा राजनीतिक हमला बोला है। उन्होंने कांग्रेस की लगातार चुनावी हार का जिक्र करते हुए कहा कि हर चुनाव के बाद हार की जिम्मेदारी चुनाव आयोग पर डालना उचित नहीं है। मुख्यमंत्री ने राहुल गांधी के विरोध के तरीके की आलोचना करते हुए इसे लोकतांत्रिक व्यवस्था के लिए चिंताजनक बताया। मोहन यादव ने कहा कि कांग्रेस लगातार चुनाव हार रही है और अब इन हारों का ठीकरा चुनाव आयोग पर फोड़ा जा रहा है। उनके मुताबिक, किसी राजनीतिक दल को अपनी चुनावी स्थिति की समीक्षा करनी चाहिए, न कि संवैधानिक संस्था पर सवाल उठाकर अपनी जिम्मेदारी से बचना चाहिए। राहुल गांधी पर सीधा निशाना मुख्यमंत्री मोहन यादव ने राहुल गांधी के विरोध को लेकर कहा कि वह अपने कार्यकर्ताओं का मनोबल बढ़ाने की कोशिश कर रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस नेता अपनी राजनीतिक स्थिति को मजबूत दिखाने के लिए इस तरह का विरोध कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि चुनाव आयोग जैसी संवैधानिक संस्था पर लगातार सवाल उठाने से लोकतांत्रिक संस्थाओं के प्रति लोगों के भरोसे पर असर पड़ सकता है। मुख्यमंत्री ने कांग्रेस से अपने इस तरह के राजनीतिक व्यवहार पर पुनर्विचार करने की अपील की। ‘लोकतंत्र के लिए शर्मनाक’ बताया मोहन यादव ने राहुल गांधी के विरोध की आलोचना करते हुए इसे लोकतंत्र के लिए शर्मनाक बताया। उन्होंने उम्मीद जताई कि कांग्रेस आगे इस प्रकार की राजनीति से दूरी बनाएगी और लोकतांत्रिक प्रक्रियाओं का सम्मान करेगी। हालांकि, कांग्रेस और विपक्षी दल चुनाव प्रक्रिया तथा चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली को लेकर लगातार सवाल उठाते रहे हैं। विपक्ष का कहना है कि चुनाव से जुड़े मुद्दों पर पारदर्शिता और जवाबदेही जरूरी है। वहीं, सत्ता पक्ष इन आरोपों को राजनीतिक विरोध की रणनीति के तौर पर देखता है। इस बयान के बाद चुनाव आयोग को लेकर सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच राजनीतिक टकराव और तेज होने के संकेत हैं। आने वाले दिनों में यह मुद्दा राजनीतिक बहस का प्रमुख केंद्र बन सकता है।

जयप्रकाश नारायण की पुण्यतिथि पर राज्यपाल और मुख्यमंत्री ने दी श्रद्धांजलि

पटना: लोकनायक जयप्रकाश नारायण की पुण्यतिथि के अवसर पर पटना में राजकीय समारोह का आयोजन किया गया। इस मौके पर बिहार के राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल सैयद अता हसनैन (सेवानिवृत्त) और मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने कार्यक्रम में शामिल होकर जयप्रकाश नारायण को श्रद्धांजलि अर्पित की। समारोह के दौरान राज्यपाल और मुख्यमंत्री ने लोकनायक जयप्रकाश नारायण के स्मारक पर पुष्प अर्पित किए और उनके योगदान को याद किया। दोनों नेताओं ने देश के लोकतांत्रिक आंदोलन में जयप्रकाश नारायण की महत्वपूर्ण भूमिका को स्मरण करते हुए उनके विचारों और संघर्षों से प्रेरणा लेने की बात कही। जयप्रकाश नारायण, जिन्हें देशभर में ‘लोकनायक’ के नाम से जाना जाता है, भारतीय राजनीति और लोकतांत्रिक आंदोलनों के प्रमुख चेहरों में रहे। उन्होंने सामाजिक बदलाव, लोकतांत्रिक मूल्यों और जनहित के मुद्दों को लेकर महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी। उनके विचारों का बिहार की राजनीतिक और सामाजिक चेतना पर भी गहरा प्रभाव रहा है। पुण्यतिथि के इस अवसर पर आयोजित राजकीय समारोह में मौजूद लोगों ने भी लोकनायक जयप्रकाश नारायण को श्रद्धापूर्वक याद किया। कार्यक्रम के माध्यम से उनके आदर्शों, संघर्ष और लोकतंत्र के प्रति समर्पण को नई पीढ़ी तक पहुंचाने का संदेश दिया गया।