समस्तीपुर में सेवा संकल्प अभियान के तहत नि:शुल्क स्वास्थ्य शिविर, हजारों लोगों ने उठाया लाभ

समस्तीपुर: कल्याणपुर प्रखंड के मालीनगर पंचायत भवन में गुरुवार को सेवा संकल्प अभियान के तहत विशाल नि:शुल्क स्वास्थ्य चिकित्सा शिविर का आयोजन किया गया। श्री रामचन्द्र सेवा ट्रस्ट और रोटरी क्लब ऑफ समस्तीपुर सिटी के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित इस शिविर का उद्घाटन भारत सरकार के केंद्रीय मंत्री डॉ. राजभूषण चौधरी ने किया। शिविर में सुबह से ही आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों से बड़ी संख्या में मरीज और उनके परिजन पहुंचे। अलग-अलग बीमारियों के विशेषज्ञ एवं वरिष्ठ चिकित्सकों की मौजूदगी में लोगों की स्वास्थ्य जांच की गई। मरीजों को चिकित्सकीय परामर्श के साथ नि:शुल्क दवाएं भी उपलब्ध कराई गईं। आयोजकों के अनुसार, शिविर में हजारों स्थानीय लोगों ने स्वास्थ्य सेवाओं का लाभ उठाया। केंद्रीय मंत्री डॉ. राजभूषण चौधरी ने भी कई मरीजों से मुलाकात कर उनकी स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं की जानकारी ली और चिकित्सकीय परामर्श दिया। केंद्रीय मंत्री ने कहा कि गरीब और जरूरतमंद लोगों तक स्वास्थ्य सुविधाएं पहुंचाना सबसे बड़ी जनसेवा है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में सेवा, सुशासन और गरीब कल्याण को प्राथमिकता दी जा रही है। समाज के अंतिम पायदान पर खड़े व्यक्ति तक सुविधाएं पहुंचाने में सरकार के साथ सामाजिक संस्थाओं और कार्यकर्ताओं की भी महत्वपूर्ण भूमिका है। भाजपा समस्तीपुर उत्तरी की जिलाध्यक्ष नीलम सहनी ने शिविर की सराहना करते हुए कहा कि ग्रामीण क्षेत्र में विशेषज्ञ चिकित्सकों को एक साथ लाकर नि:शुल्क चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराना सराहनीय पहल है। उन्होंने कहा कि आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के लिए ऐसे स्वास्थ्य शिविर काफी मददगार साबित होते हैं। रोटरी क्लब ऑफ समस्तीपुर सिटी के अध्यक्ष रजनीश अग्रवाल ने कहा कि रोटरी क्लब स्वास्थ्य, शिक्षा और सामाजिक सरोकारों से जुड़े कार्यों में लगातार योगदान देता रहा है। शिविर के आयोजक और श्री रामचन्द्र सेवा ट्रस्ट के संस्थापक डॉ. मनोज कुमार सिंह ने कहा कि इस पहल का उद्देश्य केवल चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराना नहीं, बल्कि जरूरतमंद लोगों के साथ खड़े होने की भावना को मजबूत करना भी है। उन्होंने कहा कि किसी जरूरतमंद मरीज को जांच, उचित चिकित्सकीय सलाह और नि:शुल्क दवा मिलने के बाद उसके चेहरे पर दिखाई देने वाली राहत ही सेवा कार्य की सबसे बड़ी उपलब्धि है। शिविर में हड्डी रोग विशेषज्ञ डॉ. जे.सी. कर्ण, ईएनटी विशेषज्ञ डॉ. अमलेन्दु पांडे, शिशु रोग विशेषज्ञ डॉ. अनिल कुमार, स्त्री रोग विशेषज्ञ डॉ. सुषमा शिखा, क्रिटिकल केयर विशेषज्ञ डॉ. सरोज कुमार, जनरल सर्जरी विशेषज्ञ डॉ. अमरदीप एवं डॉ. अभिषेक झा, जनरल फिजिशियन डॉ. रोहित कुमार समेत डॉ. मनोज कुमार सिंह की मेडिकल टीम ने मरीजों की जांच की। इस दौरान स्वास्थ्य जांच, चिकित्सकीय परामर्श और नि:शुल्क दवा वितरण की व्यवस्था की गई। मरीजों को उनकी बीमारी के अनुसार उपचार, सावधानी और आगे की चिकित्सा को लेकर आवश्यक सलाह दी गई। कार्यक्रम में भाजपा प्रदेश कार्यसमिति सदस्य सुरेश शर्मा समेत पार्टी के कई पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता, रोटरी क्लब के पदाधिकारी, स्थानीय जनप्रतिनिधि, मुखिया, सरपंच, सामाजिक कार्यकर्ता और बड़ी संख्या में ग्रामीण मौजूद रहे।

2027 चुनाव से पहले केशव मौर्य का बड़ा दावा, बोले- बिखर चुका है INDI गठबंधन

प्रयागराज: उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने 2027 में होने वाले विधानसभा चुनावों को लेकर बड़ा राजनीतिक दावा किया है। उन्होंने कहा कि विपक्ष का INDI गठबंधन अब बिखर चुका है और इसका असर आने वाले चुनावों में साफ तौर पर दिखाई देगा। मौर्य ने दावा किया कि उत्तर प्रदेश समेत जिन राज्यों में 2027 में विधानसभा चुनाव होने हैं, वहां भारतीय जनता पार्टी बड़े अंतर से जीत दर्ज करेगी। केशव प्रसाद मौर्य ने कहा कि INDI गठबंधन के नेता साथ रहें या अलग-अलग हो जाएं, इससे बीजेपी की चुनावी संभावनाओं पर कोई खास असर नहीं पड़ेगा। उनके मुताबिक, जनता का समर्थन भारतीय जनता पार्टी के साथ है और आगामी चुनाव में पार्टी को इसका लाभ मिलेगा। राहुल गांधी पर भी साधा निशाना उपमुख्यमंत्री ने कांग्रेस नेता राहुल गांधी को लेकर विपक्ष के आंदोलनों पर भी सवाल उठाए। उन्होंने आरोप लगाया कि विपक्ष का आंदोलन जनहित से जुड़ा हुआ नहीं है, बल्कि इसका उद्देश्य प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को सत्ता से हटाकर राहुल गांधी को प्रधानमंत्री की कुर्सी तक पहुंचाना है। मौर्य ने कहा कि विपक्ष के आंदोलन में आम जनता के मुद्दों की बजाय सत्ता हासिल करने की राजनीतिक कोशिश ज्यादा दिखाई देती है। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का जिक्र करते हुए कहा कि एक गरीब परिवार से आने वाले व्यक्ति ने लंबे समय तक गुजरात और देश की सेवा की है और देश को आगे बढ़ाने का काम किया है। 2027 पर बीजेपी की नजर उत्तर प्रदेश में 2027 का विधानसभा चुनाव अभी दूर है, लेकिन राजनीतिक दलों ने इसकी तैयारियां शुरू कर दी हैं। सत्तारूढ़ बीजेपी जहां अपने संगठन और सरकार के कामकाज को आधार बनाकर जनता के बीच जाने की तैयारी में है, वहीं विपक्षी दल सरकार के खिलाफ मुद्दों को लेकर अपनी रणनीति तैयार कर रहे हैं। केशव प्रसाद मौर्य का यह बयान ऐसे समय आया है जब उत्तर प्रदेश की राजनीति में 2027 के चुनाव को लेकर सियासी गतिविधियां धीरे-धीरे तेज हो रही हैं। हालांकि, चुनावी नतीजे अंततः जनता के मतदान और उस समय के राजनीतिक समीकरणों पर निर्भर करेंगे।

रामविलास पासवान की पुण्यतिथि पर श्रद्धांजलि, यूपी में स्मारक बनाने का ऐलान

लखनऊ: पूर्व केंद्रीय मंत्री और लोक जनशक्ति पार्टी के संस्थापक रहे रामविलास पासवान की पुण्यतिथि के अवसर पर उत्तर प्रदेश में उन्हें श्रद्धांजलि दी गई। इस मौके पर उत्तर प्रदेश सरकार के मंत्री दयाशंकर सिंह ने रामविलास पासवान के राजनीतिक और सामाजिक योगदान को याद करते हुए उन्हें देश के प्रमुख नेताओं में शामिल बताया। दयाशंकर सिंह ने कहा कि रामविलास पासवान ने दलितों, वंचितों और कमजोर वर्गों के अधिकारों के लिए लंबे समय तक संघर्ष किया। उन्होंने अपने राजनीतिक जीवन में समाज के उन वर्गों की आवाज उठाने का काम किया, जिन्हें अक्सर मुख्यधारा में पर्याप्त प्रतिनिधित्व नहीं मिल पाता था। मंत्री ने कहा कि भारतीय राजनीति में रामविलास पासवान का योगदान काफी महत्वपूर्ण रहा है। उन्होंने अलग-अलग राजनीतिक परिस्थितियों में अपनी भूमिका निभाई और लंबे समय तक राष्ट्रीय राजनीति में सक्रिय रहे। उनके राजनीतिक अनुभव और सामाजिक सरोकारों को आज भी याद किया जाता है। कार्यक्रम के दौरान उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की ओर से रामविलास पासवान को सम्मान देने की बात भी सामने आई। दयाशंकर सिंह के मुताबिक, मुख्यमंत्री ने कहा कि जिस तरह बिहार में रामविलास पासवान को सम्मान दिया जाता है, उसी तरह उत्तर प्रदेश में भी उन्हें सम्मान और स्मरण की परंपरा को आगे बढ़ाया जाएगा। उत्तर प्रदेश में बनेगा रामविलास पासवान स्मारक इस अवसर पर रामविलास पासवान की स्मृति को स्थायी रूप से संजोने के लिए उत्तर प्रदेश में उनके नाम पर स्मारक बनाए जाने की घोषणा की गई। इससे उनके समर्थकों और उनके सामाजिक योगदान को मानने वाले लोगों में भी उत्साह है। रामविलास पासवान का राजनीतिक सफर कई दशकों तक चला। वे केंद्र सरकार में कई महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां संभाल चुके थे और राष्ट्रीय राजनीति में अपनी अलग पहचान बनाने में सफल रहे। उनके समर्थक उन्हें विशेष रूप से दलित और वंचित समाज की आवाज के तौर पर याद करते हैं। पुण्यतिथि पर आयोजित कार्यक्रम में उनके जीवन, संघर्ष और राजनीतिक योगदान को याद करते हुए उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की गई। उत्तर प्रदेश में प्रस्तावित स्मारक को उनके सार्वजनिक जीवन और सामाजिक योगदान की याद को आगे बढ़ाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।

इंडिया गठबंधन के प्रदर्शन पर चिराग पासवान बोले- सवाल उठाइए, लेकिन जवाब जानने की भी कोशिश कीजिए

लखनऊ, उत्तर प्रदेश: इंडिया गठबंधन की ओर से किए जा रहे विरोध-प्रदर्शन को लेकर केंद्रीय मंत्री और लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) के प्रमुख चिराग पासवान ने अपनी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में विपक्ष का प्रदर्शन करना उसका अधिकार है और एक सक्रिय विपक्ष लोकतांत्रिक व्यवस्था को और मजबूत करता है। चिराग पासवान ने कहा कि विपक्ष जितना मजबूत और सक्रिय दिखाई देता है, उतनी ही सरकार और सत्ता पक्ष की जवाबदेही बढ़ती है। ऐसे में विपक्ष को सरकार से सवाल पूछने चाहिए और अपनी बात जनता के सामने रखने का पूरा अधिकार है। हालांकि, उन्होंने यह भी कहा कि सिर्फ सवाल उठाना ही पर्याप्त नहीं है, बल्कि उन सवालों के जवाब जानने की कोशिश भी होनी चाहिए। उनके मुताबिक, अगर किसी मुद्दे को लेकर पर्याप्त जानकारी नहीं है और लगातार सिर्फ विरोध या हंगामा किया जाता है, तो इससे समस्या का समाधान नहीं निकलता। सड़क पर प्रदर्शन के बाद चुनाव आयोग से संपर्क की सलाह चिराग पासवान ने कहा कि अगर विपक्ष को चुनाव प्रक्रिया या चुनाव आयोग से जुड़े किसी मुद्दे पर सवाल हैं, तो इसके लिए एक संवैधानिक और निर्धारित प्रक्रिया मौजूद है। उन्होंने विपक्षी दलों को सलाह दी कि वे चुनाव आयोग से संपर्क करें और अपनी शंकाओं तथा सवालों को सीधे आयोग के सामने रखें। उन्होंने कहा कि मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) से मिलने के लिए समय मांगा जा सकता है और वहां अपने सवाल रखकर उनके जवाब हासिल किए जा सकते हैं। चिराग के अनुसार, इस तरह बातचीत के जरिए तथ्यों को समझने का प्रयास किया जाना चाहिए। प्रदर्शन के बाद जवाब जानना भी जरूरी चिराग पासवान ने कहा कि विरोध-प्रदर्शन के जरिए अपनी बात समर्थकों और जनता तक पहुंचाना एक लोकतांत्रिक तरीका है। लेकिन इसके बाद यह जानना भी जरूरी है कि जो सवाल उठाए जा रहे हैं, उनके वास्तविक जवाब क्या हैं। उन्होंने विपक्ष से अपील करते हुए कहा कि लोकतंत्र में सवाल पूछने के साथ तथ्यों को समझना और जवाब हासिल करना भी उतना ही महत्वपूर्ण है। इससे बहस अधिक तथ्यपूर्ण होगी और लोकतांत्रिक संस्थाओं में विश्वास भी मजबूत होगा।

राहुल गांधी का बड़ा आरोप: विपक्षी सांसदों को प्रदर्शन से रोकने का दावा, बोले- ‘कार्रवाई की जाएगी’

नई दिल्ली: लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने केंद्र सरकार पर विपक्ष की आवाज दबाने और शांतिपूर्ण प्रदर्शन में बाधा डालने का गंभीर आरोप लगाया है। दिल्ली में मीडिया से बातचीत के दौरान राहुल गांधी ने दावा किया कि लोकसभा और राज्यसभा के करीब 300 सांसद शांतिपूर्ण तरीके से विरोध प्रदर्शन करना चाहते हैं, लेकिन उन्हें पिछले दो दिनों से प्रदर्शन करने की अनुमति नहीं दी जा रही है। राहुल गांधी ने कहा कि विपक्षी सांसद लोकतांत्रिक तरीके से अपनी बात रखना चाहते हैं। उनके मुताबिक, बीते दिन जंतर-मंतर पर भी विपक्षी नेताओं और कार्यकर्ताओं को रोका गया। उन्होंने आरोप लगाया कि इस दौरान उनके कुछ लोगों के साथ मारपीट भी की गई। राहुल गांधी ने लगाए गंभीर आरोप राहुल गांधी ने अपने बयान में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह, मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार और आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत का नाम लेते हुए गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने दावा किया कि इन लोगों ने कथित तौर पर मिलकर देश की लोकतांत्रिक व्यवस्था और संविधान को नुकसान पहुंचाने की कोशिश की है। राहुल गांधी ने ‘वोट चोरी’ का मुद्दा भी उठाया और आरोप लगाया कि चुनावी प्रक्रिया में गड़बड़ी की गई है। हालांकि, ये सभी आरोप राहुल गांधी की ओर से लगाए गए हैं और संबंधित पक्षों की प्रतिक्रिया इस बयान के समय उपलब्ध नहीं है। ‘कार्रवाई होगी और सजा दिलाई जाएगी’ विपक्ष के नेता ने अपने संबोधन में कहा कि लोकतंत्र और संविधान की रक्षा के लिए विपक्ष अपनी लड़ाई जारी रखेगा। उन्होंने दावा किया कि भविष्य में इस पूरे मामले में जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी और उन्हें सजा दिलाई जाएगी। राहुल गांधी ने कहा कि विपक्ष जनता के अधिकारों और लोकतांत्रिक संस्थाओं की रक्षा के लिए पीछे नहीं हटेगा। उन्होंने अपने समर्थकों को भरोसा दिलाते हुए कहा कि इस मुद्दे पर कार्रवाई सुनिश्चित करना उनकी गारंटी है। यह बयान ऐसे समय आया है जब विपक्षी दल वोटर लिस्ट, चुनाव प्रक्रिया और लोकतांत्रिक अधिकारों से जुड़े मुद्दों को लेकर केंद्र सरकार और चुनाव आयोग पर लगातार सवाल उठा रहे हैं।

महिला प्रदर्शनकारियों के आरोपों पर दिल्ली पुलिस की सफाई, DCP बोलीं- नियमों के तहत होती है कार्रवाई

नई दिल्ली: महिला प्रदर्शनकारियों को पुरुष पुलिसकर्मियों द्वारा संभाले जाने को लेकर उठ रहे सवालों के बीच दिल्ली पुलिस की DCP शृष्टि पांडे ने पुलिस की कार्रवाई को लेकर स्थिति स्पष्ट की है। उन्होंने कहा कि दिल्ली पुलिस एक बेहद प्रोफेशनल और संवेदनशील बल है तथा प्रदर्शन के दौरान महिला और पुरुष प्रदर्शनकारियों से निपटने के लिए स्पष्ट दिशा-निर्देश लागू हैं। DCP शृष्टि पांडे के मुताबिक, महिला प्रदर्शनकारियों को संभालने की जिम्मेदारी महिला पुलिसकर्मियों की होती है, जबकि पुरुष प्रदर्शनकारियों से पुरुष पुलिसकर्मी ही निपटते हैं। उन्होंने कहा कि मौके पर तैनात पुलिस बल को पहले से ही स्पष्ट निर्देश दिए जाते हैं और हर स्थिति में कानूनी प्रक्रिया का पालन करने पर जोर रहता है। 🔴 महिला प्रदर्शनकारियों को लेकर क्या बोलीं DCP? DCP ने कहा कि दिल्ली पुलिस के जवानों को जेंडर सेंसिटिविटी को लेकर प्रशिक्षित किया जाता है। यह संवेदनशीलता केवल वरिष्ठ अधिकारियों तक सीमित नहीं है, बल्कि कांस्टेबल स्तर तक पुलिसकर्मियों को इसके बारे में जानकारी और प्रशिक्षण दिया जाता है। उन्होंने कहा कि अलग-अलग जेंडर के लोगों से किस तरह पेश आना है, इसे लेकर पुलिस बल को स्पष्ट जानकारी दी जाती है। प्रदर्शन स्थल पर पुलिस की ब्रीफिंग के दौरान भी अधिकारियों की ओर से आवश्यक निर्देश दिए जाते हैं। 🔴 सोशल मीडिया पर लगाए गए आरोपों पर भी जवाब पुलिस कार्रवाई को लेकर सोशल मीडिया पर लगाए जा रहे आरोपों पर DCP ने कहा कि अधिकारी खुद मौके पर मौजूद रहते हैं और यह सुनिश्चित करते हैं कि कानूनी दायित्वों का पालन हो तथा किसी तरह की गैरकानूनी या अनावश्यक कार्रवाई न की जाए। DCP ने सोशल मीडिया पर प्रसारित हो रहे कुछ आरोपों को दिल्ली पुलिस की छवि खराब करने की कोशिश बताया। हालांकि, उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि पुलिस की ओर से हर कार्रवाई नियमों और निर्धारित दिशा-निर्देशों के तहत की जाती है। 🔴 दिल्ली पुलिस का क्या कहना है? दिल्ली पुलिस का कहना है कि प्रदर्शन के दौरान कानून-व्यवस्था बनाए रखना पुलिस की जिम्मेदारी है। साथ ही, प्रदर्शनकारियों के साथ व्यवहार करते समय कानूनी प्रक्रिया, संवेदनशीलता और निर्धारित प्रोटोकॉल का पालन किया जाता है। ऐसे में महिला प्रदर्शनकारियों और पुरुष पुलिसकर्मियों की मौजूदगी को लेकर उठे सवालों के बीच दिल्ली पुलिस ने अपनी प्रक्रिया और दिशा-निर्देशों को स्पष्ट किया है।

राम विलास पासवान की पुण्यतिथि पर सीएम योगी ने दी श्रद्धांजलि, बोले- चिराग उनके मिशन को आगे बढ़ा रहे

लखनऊ: उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने पूर्व केंद्रीय मंत्री और दिवंगत नेता राम विलास पासवान की छठी पुण्यतिथि पर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की। इस मौके पर उन्होंने राम विलास पासवान के राजनीतिक और सामाजिक योगदान को याद करते हुए कहा कि उनका जीवन दृढ़ संकल्प, विचारों और जनसेवा के प्रति समर्पण का उदाहरण रहा है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि बिहार में राम विलास पासवान की पुण्यतिथि को जिस तरह राष्ट्रीय स्तर के कार्यक्रम के रूप में मनाया जा रहा है, उसके लिए वह बिहार सरकार के प्रति आभार व्यक्त करते हैं। उन्होंने कहा कि राम विलास पासवान ने करीब पांच दशक पहले जिस दृढ़ संकल्प के साथ सार्वजनिक जीवन में अपनी आवाज बुलंद की थी, उन्होंने उसी विचार और प्रतिबद्धता के साथ अपना पूरा जीवन बिताया। राम विलास पासवान की कमी आज भी महसूस होती है सीएम योगी ने कहा कि राम विलास पासवान आज भले ही शारीरिक रूप से हमारे बीच मौजूद नहीं हैं, लेकिन उनके विचार और उनके कार्य आज भी लोगों के बीच जीवंत हैं। उन्होंने कहा कि ऐसे जननेता का जाना समाज और राजनीति के लिए बड़ी क्षति है। योगी आदित्यनाथ ने विशेष रूप से चिराग पासवान के प्रयासों का उल्लेख करते हुए कहा कि उन्हें इस बात की संतुष्टि है कि राम विलास पासवान के बेटे चिराग पासवान बिना थके अपने पिता के मिशन को आगे बढ़ाने का काम कर रहे हैं। यूपी में भी मिलेगा राम विलास पासवान को सम्मान मुख्यमंत्री ने कहा कि बिहार में स्वर्गीय राम विलास पासवान को जिस सम्मान और आदर के साथ याद किया जा रहा है, उत्तर प्रदेश में भी उन्हें उसी तरह का सम्मान दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि राम विलास पासवान का योगदान केवल किसी एक क्षेत्र या राज्य तक सीमित नहीं था, बल्कि उन्होंने लंबे समय तक देश की राजनीति और समाज के विभिन्न वर्गों के लिए काम किया। अंत में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने राम विलास पासवान की स्मृति को नमन करते हुए कहा कि वह उनकी छठी पुण्यतिथि पर उत्तर प्रदेश की जनता की ओर से उन्हें विनम्र श्रद्धांजलि अर्पित करते हैं। उन्होंने कहा कि राम विलास पासवान के विचार और जनसेवा की विरासत आने वाली पीढ़ियों को प्रेरणा देती रहेगी।

मधुबनी में सामाजिक संगठनों की महत्वपूर्ण बैठक, एकता और भाईचारे पर दिया जोर

मधुबनी: बिहार के मधुबनी जिले में सामाजिक एकता, आपसी सहयोग और समाज के उत्थान को लेकर छत्रपति शिवाजी महाराज सेवा समिति एवं ऑल इंडिया इंटेलेक्चुअल प्रोग्रेसिव संगठन की महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। बैठक का आयोजन 7 अक्टूबर 2026 को किया गया, जिसमें विभिन्न सामाजिक मुद्दों और समाज को एकजुट करने की दिशा में विस्तार से चर्चा की गई। प्रेस विज्ञप्ति जारी कर डॉ. एस. मधुप ने बैठक से जुड़ी जानकारी साझा की। बैठक का नेतृत्व जिला अध्यक्ष राजीव राय ने किया, जबकि राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ. सुधीर पटेल की मौजूदगी में सामाजिक एकता और संगठनात्मक मजबूती को लेकर विचार-विमर्श किया गया। सामाजिक एकता को मजबूत करने पर जोर बैठक में वक्ताओं ने कहा कि समाज में आपसी भाईचारा, प्रेम, विश्वास और सहयोग को मजबूत करने की जरूरत है। अलग-अलग छोटे संगठनों और विभिन्न नेतृत्व के बीच बेहतर समन्वय नहीं होने से सामाजिक स्तर पर सामूहिक प्रयासों को अपेक्षित मजबूती नहीं मिल पाती है। ऐसे में सभी संगठनों और सामाजिक कार्यकर्ताओं को एक साझा उद्देश्य के साथ आगे बढ़ने की आवश्यकता पर जोर दिया गया। बैठक में यह बात प्रमुखता से सामने आई कि मतभेद और विचारों की विविधता समाज की मजबूती में बाधा नहीं बननी चाहिए। सभी लोगों को एक-दूसरे के विचारों को समझते हुए समाजहित में मिलकर काम करने की दिशा में प्रयास करना चाहिए। एक मंच पर आने की पहल मधुबनी में आयोजित इस बैठक का उद्देश्य विभिन्न सामाजिक संगठनों को एक मंच पर लाकर आपसी संवाद, सहयोग और एकता को बढ़ावा देना रहा। आयोजकों के अनुसार बैठक में सामाजिक संगठनों के बीच समन्वय बढ़ाने और भविष्य में समाज के विकास के लिए सामूहिक प्रयास करने पर सकारात्मक चर्चा हुई। बैठक में संदेश दिया गया कि जाति, धर्म और व्यक्तिगत मतभेदों से ऊपर उठकर समाजहित को प्राथमिकता दी जानी चाहिए। संगठित प्रयासों के माध्यम से शिक्षा, सामाजिक जागरूकता, सहयोग और समाज के समग्र विकास की दिशा में बेहतर काम किया जा सकता है। आयोजकों ने कहा कि एकता में शक्ति और संगठन में सामर्थ्य है। इसी सोच के साथ सामाजिक एकता, सहयोग और भाईचारे को मजबूत करते हुए समाज के उत्थान के लिए लगातार प्रयास किए जाएंगे। छत्रपति शिवाजी महाराज सेवा समिति ने अपने मूल उद्देश्य सेवा, सहयोग, एकता और सामाजिक उत्थान के प्रति प्रतिबद्धता दोहराई। बैठक के समापन पर सभी से समाजहित में एकजुट होकर सकारात्मक दिशा में आगे बढ़ने की अपील की गई।

मुजफ्फरपुर में EOU का बड़ा एक्शन, इंजीनियर के 5 ठिकानों पर एक साथ छापेमारी

मुजफ्फरपुर: बिहार में आर्थिक अपराध इकाई (EOU) ने गुरुवार सुबह बड़ी कार्रवाई शुरू की है। योजना एवं विकास विभाग के एग्जीक्यूटिव इंजीनियर नारद कुमार दास से जुड़े कई ठिकानों पर एक साथ छापेमारी की जा रही है। जानकारी के मुताबिक EOU की टीम ने मुजफ्फरपुर, भागलपुर, मुंगेर और पटना में कुल पांच ठिकानों पर दबिश दी है। बताया जा रहा है कि यह कार्रवाई आय से अधिक संपत्ति के मामले में की जा रही है। EOU की शुरुआती जांच में इंजीनियर की ज्ञात आय की तुलना में करीब 83.53 लाख रुपये अधिक संपत्ति होने के प्रथम दृष्टया साक्ष्य मिलने की बात सामने आई है। हालांकि, इस संबंध में विस्तृत और अंतिम जानकारी जांच पूरी होने के बाद ही सामने आएगी। करीब 50 लाख रुपये कैश मिलने की सूचना छापेमारी के दौरान बड़ी मात्रा में नकदी मिलने की भी सूचना है। सूत्रों के मुताबिक, कार्रवाई के दौरान करीब 50 लाख रुपये कैश बरामद होने की बात कही जा रही है। नकदी की संख्या अधिक होने के कारण नोट गिनने के लिए मशीन भी मंगाई गई है। हालांकि, बरामद रकम की आधिकारिक पुष्टि अभी नहीं हुई है। जेवरात और दस्तावेज भी जांच के घेरे में EOU की टीम को छापेमारी के दौरान बड़ी मात्रा में जेवरात और कई अहम दस्तावेज मिलने की भी जानकारी सामने आई है। टीम इन दस्तावेजों और संपत्तियों से जुड़े कागजात की जांच कर रही है। अधिकारियों का फोकस यह पता लगाने पर है कि संबंधित संपत्तियां और वित्तीय लेनदेन उनकी घोषित आय के अनुरूप हैं या नहीं। सुबह करीब 7 बजे से EOU की कार्रवाई जारी है। अलग-अलग स्थानों पर टीम द्वारा दस्तावेज, नकदी, जेवरात और अन्य संभावित संपत्तियों से जुड़े रिकॉर्ड खंगाले जा रहे हैं। फिलहाल छापेमारी और बरामदगी को लेकर आधिकारिक बयान का इंतजार है। EOU की जांच पूरी होने के बाद ही बरामद नकदी, जेवरात और संपत्तियों का वास्तविक मूल्य तथा मामले से जुड़े अन्य तथ्यों की स्पष्ट जानकारी सामने आने की उम्मीद है।

दिल्ली रवाना होने से पहले ममता बनर्जी का बड़ा बयान, बोलीं- आंदोलन के समय साथ खड़ा होना जरूरी

कोलकाता: पश्चिम बंगाल की पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी दिल्ली दौरे के लिए रवाना हो गई हैं। दिल्ली जाने से पहले उन्होंने अपने दौरे की वजह और विपक्षी नेताओं के साथ प्रस्तावित बैठक को लेकर अपनी बात रखी। ममता बनर्जी ने कहा कि उन्हें दिल्ली आने के लिए कहा गया है, इसलिए वह जा रही हैं। उन्होंने बताया कि INDIA गठबंधन के नेताओं की ओर से राष्ट्रपति से मुलाकात के लिए 8 या 9 अक्टूबर का समय मांगा गया है। इस संभावित मुलाकात में शामिल नेताओं की सूची में उनका नाम भी रखा गया है। ममता बनर्जी के मुताबिक, शुरुआत में उनका दिल्ली जाने का इरादा नहीं था। उन्होंने सोचा था कि उनकी जगह अभिषेक बनर्जी दिल्ली चले जाएंगे। हालांकि, गठबंधन के नेताओं ने उनसे स्वयं आने का आग्रह किया और सूची में उनका नाम भी शामिल कर दिया। आंदोलन के बीच साथ खड़ा होना जरूरी पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा कि मौजूदा राजनीतिक आंदोलन के दौरान उनके लिए पीछे रहना उचित नहीं होगा। उन्होंने कहा कि बंगाल की जनता भी चाहती है कि वह इस समय दिल्ली जाएं और संबंधित नेताओं के साथ खड़ी हों। ममता बनर्जी ने यह भी कहा कि फिलहाल पूजा का मौसम चल रहा है और लोग अपने-अपने कार्यक्रमों में व्यस्त हैं। इसके बावजूद उन्हें दिल्ली का यह दौरा करना पड़ रहा है। उन्होंने स्पष्ट किया कि अगर राष्ट्रपति की ओर से मुलाकात के लिए समय मिलता है तो वह बैठक में शामिल होंगी। हालांकि, उन्होंने यह भी कहा कि राष्ट्रपति से मुलाकात के बाद दिल्ली में आगे कौन-कौन से कार्यक्रम होंगे, इसकी उन्हें अभी जानकारी नहीं है। ममता बनर्जी का यह बयान ऐसे समय आया है जब विपक्षी दल चुनावी प्रक्रिया और अन्य राजनीतिक मुद्दों को लेकर लगातार सक्रिय नजर आ रहे हैं। उनके दिल्ली दौरे को विपक्षी एकजुटता के लिहाज से भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है।