PATNA NEWS:पटना में दुर्गा पूजा का अनोखा नजारा, मसालों और कॉर्नफ्लेक्स से बनीं मां दुर्गा की प्रतिमाएं बनीं आकर्षण का केंद्र

पटना में अनोखी दुर्गा प्रतिमाएं पटना: दुर्गा पूजा के अवसर पर राजधानी पटना में इस बार मां दुर्गा की अनोखी प्रतिमाएं लोगों के आकर्षण का केंद्र बनी हुई हैं। आमतौर पर मिट्टी, लकड़ी और अन्य पारंपरिक सामग्रियों से तैयार की जाने वाली प्रतिमाओं से अलग, यहां कलाकारों ने दालचीनी, इलायची, लौंग, तेजपत्ता, मिर्च, बूंदी और कॉर्नफ्लेक्स जैसी चीजों का इस्तेमाल कर अपनी रचनात्मकता का अनूठा उदाहरण पेश किया है। इन कलात्मक प्रतिमाओं को देखने के लिए श्रद्धालुओं और स्थानीय लोगों में खासा उत्साह देखा जा रहा है। 20 वर्षों से मूर्तिकला के क्षेत्र में सक्रिय हैं जितेंद्र और चंदन इन अनोखी प्रतिमाओं को तैयार करने में भाई जितेंद्र और चंदन की महत्वपूर्ण भूमिका है। दोनों भाई पिछले करीब 20 वर्षों से मूर्तियां बनाने के काम से जुड़े हुए हैं। अपने अनुभव और कलात्मक हुनर के दम पर वे हर साल कुछ अलग करने का प्रयास करते हैं। इस बार भी उन्होंने पारंपरिक कला को नए प्रयोगों के साथ जोड़कर लोगों को आकर्षित करने की कोशिश की है। खास बात यह है कि रोजमर्रा में इस्तेमाल होने वाली खाद्य सामग्री और मसालों को कलात्मक रूप देकर मां दुर्गा की प्रतिमाओं को अलग पहचान दी गई है। यह प्रयोग न केवल कलाकारों की कल्पनाशीलता को दर्शाता है, बल्कि स्थानीय कला और शिल्प की विविधता को भी सामने लाता है। पटना में इन जगहों पर देख सकेंगे अनोखी प्रतिमाएं दुर्गा पूजा के दौरान शहर के अलग-अलग इलाकों में इन विशेष प्रतिमाओं को देखने का अवसर मिलेगा। प्रमुख स्थान इस प्रकार हैं: कॉर्नफ्लेक्स से बनी प्रतिमा: नया चक शिप थीम की प्रतिमा: अमरुद्दी मोहल्ला 16 श्रृंगार थीम: नाला रोड पेट्रोल पंप के पास गरम मसाला थीम: मुसल्लहपुर हॉल्ट नथुन गली और कच्चा सूत थीम: मुसल्लहपुर चाय टोला इन अलग-अलग थीम पर तैयार प्रतिमाएं दुर्गा पूजा के उत्सव को और खास बना रही हैं। हर प्रतिमा में इस्तेमाल की गई सामग्री और उसकी सजावट लोगों के लिए उत्सुकता का विषय है। कला और परंपरा का अनूठा संगम पटना में दुर्गा पूजा केवल धार्मिक आस्था का पर्व नहीं, बल्कि स्थानीय कलाकारों की प्रतिभा दिखाने का भी अवसर है। जितेंद्र और चंदन जैसे कलाकार अपने नए प्रयोगों से इस परंपरा को एक अलग पहचान दे रहे हैं। पटना की ये अनोखी दुर्गा प्रतिमाएं इस बात का उदाहरण हैं कि रचनात्मक सोच और मेहनत से साधारण चीजों को भी असाधारण कलाकृति में बदला जा सकता है। इस दुर्गा पूजा पर यदि आप कुछ अलग देखना चाहते हैं, तो इन स्थानों पर जाकर इन अनूठी कलाकृतियों का दीदार कर सकते हैं।
PATNA NEWS:पटना में ATM फ्रॉड के खिलाफ बड़ी कार्रवाई, 82 ATM कार्ड के साथ 3 आरोपी गिरफ्तार

पटना ATM फ्रॉड पटना: बिहार की राजधानी पटना में साइबर अपराध और ATM फ्रॉड के खिलाफ पुलिस ने बड़ी कार्रवाई की है। पुलिस ने 82 ATM कार्ड के साथ तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। शुरुआती जानकारी के अनुसार, इस मामले में मुख्य आरोपी सुधाकर कुमार के खिलाफ बिहार समेत अन्य राज्यों में कुल 17 मामले दर्ज हैं। पुलिस अब इस नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की पहचान करने और पूरे मामले की जांच में जुटी है। 82 ATM कार्ड बरामद, तीन आरोपी पुलिस की गिरफ्त में पटना में ATM कार्ड के जरिए होने वाली धोखाधड़ी पर लगाम लगाने के लिए पुलिस की कार्रवाई तेज हो गई है। इसी क्रम में पुलिस ने तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों के पास से 82 ATM कार्ड बरामद होने की जानकारी सामने आई है। इतनी बड़ी संख्या में ATM कार्ड मिलने के बाद मामले को गंभीरता से लेते हुए पुलिस पूरे घटनाक्रम की जांच कर रही है। जांच का उद्देश्य यह पता लगाना है कि बरामद ATM कार्ड किन लोगों के हैं और इनका इस्तेमाल किसी वित्तीय धोखाधड़ी में किया गया है या नहीं। पुलिस आरोपियों से पूछताछ के आधार पर इस मामले से जुड़े अन्य संभावित लोगों तक पहुंचने की कोशिश कर रही है। मुख्य आरोपी पर बिहार समेत कई राज्यों में 17 मामले इस मामले में गिरफ्तार मुख्य आरोपी सुधाकर कुमार को लेकर महत्वपूर्ण जानकारी सामने आई है। उसके खिलाफ बिहार और अन्य राज्यों में 17 मामले दर्ज होने की बात कही गई है। इससे पुलिस को आशंका है कि आरोपी का संबंध पहले से दर्ज साइबर अपराध या वित्तीय धोखाधड़ी के मामलों से हो सकता है। हालांकि, सभी मामलों की प्रकृति और उनमें आरोपी की भूमिका की पुष्टि संबंधित रिकॉर्ड की जांच के बाद ही स्पष्ट होगी। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि ATM कार्ड कहां से जुटाए गए थे और क्या इनके जरिए दूसरे लोगों के बैंक खातों से अवैध रूप से पैसे निकालने की कोशिश की गई थी। पुलिस की छापेमारी जारी तीनों आरोपियों की गिरफ्तारी के बाद पुलिस की जांच और छापेमारी जारी है। अधिकारियों का प्रयास है कि इस मामले से जुड़े दूसरे संदिग्धों की पहचान कर पूरे नेटवर्क का पता लगाया जाए। जांच में सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी। साइबर फ्रॉड होने पर 1930 पर करें कॉल साइबर अपराध से बचने के लिए लोगों को सतर्क रहने की जरूरत है। अपना ATM PIN, OTP, CVV और बैंकिंग से जुड़ी गोपनीय जानकारी किसी अनजान व्यक्ति के साथ साझा न करें। ATM इस्तेमाल करते समय भी सावधानी बरतें और खाते से जुड़ी गतिविधियों पर नजर रखें। अगर आपके साथ ऑनलाइन ठगी या साइबर फ्रॉड होता है, तो तुरंत हेल्पलाइन नंबर 1930 पर कॉल करें और राष्ट्रीय साइबर अपराध रिपोर्टिंग पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराएं। जल्द शिकायत करने से धोखाधड़ी की रकम को रोकने की संभावना बढ़ सकती है। मुख्य बात: पटना में 82 ATM कार्ड के साथ तीन आरोपियों की गिरफ्तारी ने साइबर अपराध और ATM फ्रॉड के खिलाफ पुलिस की कार्रवाई को फिर चर्चा में ला दिया है। अब जांच के जरिए इस मामले से जुड़े अन्य लोगों और संभावित वित्तीय लेनदेन की जानकारी सामने आने का इंतजार है।
ओडिशा कांग्रेस अध्यक्ष का राज्यपाल ब्रज मोहन राम पर हमला, बोले- ‘BJP एजेंट जैसी बात कर रहे हैं’

ओडिशा राज्यपाल ब्रज मोहन राम भुवनेश्वर: ओडिशा में नवनियुक्त राज्यपाल ब्रज मोहन राम के बयान को लेकर राजनीतिक विवाद खड़ा हो गया है। ओडिशा कांग्रेस अध्यक्ष भक्त चरण दास ने राज्यपाल के बयान पर कड़ी आपत्ति जताते हुए उनकी भूमिका और संवैधानिक पद की गरिमा को लेकर सवाल उठाए हैं। उन्होंने कहा कि राज्यपाल जैसे महत्वपूर्ण पद पर नियुक्त व्यक्ति को अपने बयानों में शालीनता और निष्पक्षता बनाए रखनी चाहिए। भक्त चरण दास के मुताबिक, राज्यपाल का पद किसी राजनीतिक दल के हितों को आगे बढ़ाने के लिए नहीं, बल्कि संविधान के अनुरूप काम करने के लिए होता है। उन्होंने कहा कि इससे पहले राजनीतिक पृष्ठभूमि से आने वाले कई लोग राज्यपाल बने हैं, लेकिन इस तरह की टिप्पणी उन्होंने नहीं सुनी। ‘भाजपा को मजबूत करने’ वाले बयान पर कांग्रेस की आपत्ति ओडिशा कांग्रेस अध्यक्ष ने ब्रज मोहन राम के कथित बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि उन्होंने राज्यपाल बनने से पहले ही भाजपा को मजबूत करने की बात कही है। भक्त चरण दास ने इसे संवैधानिक पद की निष्पक्षता के लिहाज से अनुचित बताया। उन्होंने सवाल उठाया कि यदि राज्यपाल किसी राजनीतिक दल को मजबूत करने की बात करते हैं, तो विपक्ष अपनी शिकायतें लेकर उनके पास किस भरोसे से जाएगा? उनके अनुसार, राज्यपाल से अपेक्षा की जाती है कि वे राज्य सरकार और विपक्ष सहित सभी पक्षों के साथ निष्पक्ष व्यवहार करें। राज्यपाल की संवैधानिक भूमिका पर उठाए सवाल भक्त चरण दास ने आरोप लगाया कि इस तरह के बयान राज्यपाल की निष्पक्ष छवि पर सवाल खड़े करते हैं। उन्होंने राज्यपाल के लिए भाजपा के एजेंट जैसी भाषा का इस्तेमाल करते हुए कहा कि ऐसे बयानों से संवैधानिक पद की गरिमा प्रभावित हो सकती है। कांग्रेस नेता ने यह भी कहा कि राज्यपाल का दायित्व सभी राजनीतिक दलों से समान दूरी बनाए रखना और संविधान के अनुसार अपनी जिम्मेदारियों का निर्वहन करना है। उन्होंने ब्रज मोहन राम को राज्यपाल पद के लिए उपयुक्त नहीं बताते हुए अपनी नाराजगी जाहिर की। ओडिशा की राजनीति में बढ़ सकती है बयानबाजी इस बयान के बाद ओडिशा में सियासी बहस तेज होने की संभावना है। राज्यपाल की नियुक्ति और उनकी राजनीतिक टिप्पणियों को लेकर विपक्ष की प्रतिक्रिया अब चर्चा का विषय बन गई है। हालांकि, इस मामले में भक्त चरण दास की टिप्पणी कांग्रेस का पक्ष है। पूरे विवाद को समझने के लिए राज्यपाल ब्रज मोहन राम के मूल बयान और उसके संदर्भ को भी ध्यान में रखना जरूरी है। निष्कर्ष: ओडिशा कांग्रेस अध्यक्ष भक्त चरण दास ने नवनियुक्त राज्यपाल ब्रज मोहन राम पर भाजपा के प्रति झुकाव का आरोप लगाते हुए राज्यपाल पद की निष्पक्षता और संवैधानिक गरिमा पर सवाल उठाए हैं। अब इस मुद्दे पर आगे आने वाली प्रतिक्रियाओं पर राजनीतिक नजरें रहेंगी।
पंजाब में 62 कंपनियों पर टैक्स चोरी का आरोप, वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा ने कार्रवाई की दी जानकारी

पंजाब में टैक्स चोरी चंडीगढ़: पंजाब में कथित टैक्स चोरी के मामले को लेकर राज्य सरकार ने सख्त कार्रवाई का दावा किया है। पंजाब के वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा ने कहा कि राज्य में टैक्स चोरी करने वालों के खिलाफ अभियान चलाया जा रहा है। इसी कार्रवाई के दौरान ट्रांसपोर्ट सेक्टर में फर्जी और जाली बिलों के जरिए कथित वित्तीय गड़बड़ी का मामला सामने आया है। मंत्री के मुताबिक, इस मामले में करीब 62 पंजीकृत कंपनियां शामिल पाई गई हैं। ट्रांसपोर्ट सेक्टर में फर्जी बिलों से गड़बड़ी का आरोप वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा ने बताया कि जांच के दौरान पता चला कि कुछ कंपनियों के माध्यम से ट्रांसपोर्ट क्षेत्र में फर्जी बिल तैयार कर कथित तौर पर टैक्स चोरी की जा रही थी। इस मामले में अलग-अलग स्थानों पर कंपनियों के पंजीकरण की जानकारी सामने आई है। उन्होंने कहा कि विस्तृत जांच के बाद संबंधित लोगों के खिलाफ कार्रवाई शुरू की गई। चीमा के अनुसार, पंजाब में भी इस मामले से जुड़े 25 स्थानों पर पंजीकरण होने की जानकारी मिली है। इन स्थानों से संबंधित मामलों में कार्रवाई की प्रक्रिया आगे बढ़ाई जा रही है। हालांकि, मामले में शामिल कंपनियों और कथित टैक्स चोरी की कुल रकम का विस्तृत ब्योरा उनके इस बयान में सामने नहीं आया है। आरोपियों पर कार्रवाई और रिकवरी की प्रक्रिया पंजाब के वित्त मंत्री ने कहा कि मामले में सख्त कदम उठाए गए हैं। उनके मुताबिक, कुछ आरोपियों को जेल भी भेजा गया है और सरकार की ओर से कथित टैक्स चोरी की रकम की वसूली के प्रयास किए जा रहे हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि राज्य के राजस्व को नुकसान पहुंचाने वाली गतिविधियों पर सरकार की नजर है। सरकार का उद्देश्य टैक्स व्यवस्था में पारदर्शिता बनाए रखना और नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई करना है। सरकारी खजाने की सुरक्षा पर जोर हरपाल सिंह चीमा ने कहा कि पंजाब सरकार राज्य के राजस्व की सुरक्षा को लेकर गंभीर है। उन्होंने भरोसा दिलाया कि टैक्स चोरी के मामलों में जांच और कार्रवाई जारी रहेगी। इस मामले में आगे की जांच से यह स्पष्ट होगा कि संबंधित कंपनियों के खिलाफ कितनी वित्तीय देनदारी निर्धारित होती है और सरकारी खजाने को हुए संभावित नुकसान की कितनी वसूली हो पाती है। मुख्य बात: पंजाब में करीब 62 कंपनियों से जुड़े कथित टैक्स चोरी मामले में कार्रवाई और रिकवरी की प्रक्रिया जारी होने की जानकारी वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा ने दी है। मामले में अंतिम निष्कर्ष जांच और कानूनी प्रक्रिया के आधार पर ही स्पष्ट होंगे।
शिमला में राज्यपाल कविन्दर गुप्ता ने डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन की प्रतिमा का किया अनावरण, कांगड़ा आर्ट गैलरी का उद्घाटन

कांगड़ा आर्ट गैलरी का उद्घाटन शिमला, हिमाचल प्रदेश: हिमाचल प्रदेश की राजधानी शिमला में शिक्षा, भारतीय संस्कृति और कला को बढ़ावा देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कार्यक्रम आयोजित किया गया। राज्यपाल कविन्दर गुप्ता ने भारतीय उच्च अध्ययन संस्थान (IIAS) में डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन की प्रतिमा का अनावरण किया। इसके साथ ही उन्होंने संस्थान में कांगड़ा आर्ट गैलरी का उद्घाटन भी किया। इस आयोजन को भारतीय बौद्धिक परंपरा, सांस्कृतिक विरासत और हिमाचल प्रदेश की समृद्ध कला को प्रोत्साहित करने की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है। डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन की प्रतिमा का अनावरण कार्यक्रम का प्रमुख आकर्षण भारत के महान दार्शनिक, शिक्षाविद और पूर्व राष्ट्रपति डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन की प्रतिमा का अनावरण रहा। डॉ. राधाकृष्णन ने भारतीय शिक्षा व्यवस्था और दर्शन को वैश्विक पहचान दिलाने में महत्वपूर्ण योगदान दिया था। उनका जीवन शिक्षा, ज्ञान और नैतिक मूल्यों के प्रति समर्पण का उदाहरण माना जाता है। उनकी स्मृति में प्रतिमा स्थापित करना शिक्षा के महत्व और बौद्धिक विरासत को सम्मान देने का प्रतीक है। भारतीय उच्च अध्ययन संस्थान जैसे प्रतिष्ठित संस्थान में इस पहल का विशेष महत्व है, जहां उच्च स्तरीय शोध, विचार-विमर्श और अकादमिक गतिविधियों को प्रोत्साहित किया जाता है। कांगड़ा आर्ट गैलरी का हुआ उद्घाटन राज्यपाल कविन्दर गुप्ता ने कांगड़ा आर्ट गैलरी का भी उद्घाटन किया। हिमाचल प्रदेश की कांगड़ा चित्रकला अपनी बारीक शैली, प्राकृतिक रंगों, आकर्षक रेखांकन और भारतीय सांस्कृतिक विषयों के लिए प्रसिद्ध है। इस कला परंपरा में प्रकृति, प्रेम, भक्ति और पौराणिक प्रसंगों को विशेष स्थान मिला है। कांगड़ा आर्ट गैलरी के उद्घाटन से हिमाचल प्रदेश की पारंपरिक चित्रकला और सांस्कृतिक विरासत को प्रदर्शित करने का अवसर मिलेगा। ऐसी पहलें स्थानीय कला को नई पहचान दिलाने और नई पीढ़ी को अपनी सांस्कृतिक जड़ों से जोड़ने में सहायक हो सकती हैं। शिक्षा और संस्कृति के संरक्षण पर जोर भारतीय उच्च अध्ययन संस्थान देश के प्रमुख अकादमिक एवं शोध संस्थानों में शामिल है। यहां आयोजित इस कार्यक्रम ने शिक्षा और सांस्कृतिक धरोहर के महत्व को रेखांकित किया। डॉ. राधाकृष्णन की प्रतिमा का अनावरण और कांगड़ा आर्ट गैलरी का उद्घाटन, दोनों ही पहलें ज्ञान तथा कला की परंपराओं को सम्मान देने से जुड़ी हैं। शिमला में आयोजित इस कार्यक्रम के माध्यम से हिमाचल प्रदेश की सांस्कृतिक पहचान और भारतीय दर्शन की विरासत को एक साथ प्रस्तुत किया गया। आने वाले समय में ऐसी गतिविधियां शोधार्थियों, कला प्रेमियों और विद्यार्थियों के लिए भारतीय संस्कृति को समझने के नए अवसर उपलब्ध करा सकती हैं। मुख्य बिंदु: हिमाचल प्रदेश के राज्यपाल कविन्दर गुप्ता ने कार्यक्रम में हिस्सा लिया। भारतीय उच्च अध्ययन संस्थान में डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन की प्रतिमा का अनावरण किया गया। कांगड़ा आर्ट गैलरी का उद्घाटन किया गया। कार्यक्रम में शिक्षा, भारतीय दर्शन और हिमाचल की सांस्कृतिक विरासत का महत्व सामने आया।
उत्तरकाशी में सेवा सेतु अभियान के जिला स्तरीय शिविर में शामिल हुए CM पुष्कर सिंह धामी

सेवा सेतु अभियान उत्तरकाशी उत्तरकाशी, उत्तराखंड: उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी सेवा सेतु अभियान के अंतर्गत आयोजित जिला स्तरीय शिविर कार्यक्रम में शामिल हुए। इस कार्यक्रम का उद्देश्य सरकारी सेवाओं को आम लोगों तक पहुंचाने और नागरिकों को विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ उपलब्ध कराने की दिशा में प्रयासों को मजबूत करना है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की इस कार्यक्रम में भागीदारी को जनसेवा और प्रशासनिक व्यवस्था को आम जनता के और करीब लाने के प्रयासों से जोड़कर देखा जा रहा है। जिला स्तर पर आयोजित ऐसे शिविरों के माध्यम से लोगों को सरकारी योजनाओं, सुविधाओं और प्रशासन से संबंधित सेवाओं की जानकारी उपलब्ध कराने में मदद मिल सकती है। सेवा सेतु अभियान क्यों है महत्वपूर्ण? सेवा सेतु अभियान का प्रमुख उद्देश्य सरकारी सेवाओं और आम नागरिकों के बीच की दूरी कम करना है। जिला स्तरीय शिविरों के जरिए लोगों को एक ही स्थान पर विभिन्न विभागों से जुड़ी जानकारी और सुविधाएं उपलब्ध कराने का प्रयास किया जाता है। इससे नागरिकों को सरकारी कार्यालयों के बार-बार चक्कर लगाने की परेशानी कम करने में सहायता मिल सकती है। उत्तरकाशी जैसे पर्वतीय जिले में सरकारी योजनाओं और जनकल्याणकारी सेवाओं की पहुंच सुनिश्चित करना विशेष महत्व रखता है। पहाड़ी क्षेत्रों में भौगोलिक परिस्थितियों के कारण कई बार लोगों को प्रशासनिक कार्यों के लिए लंबी दूरी तय करनी पड़ती है। ऐसे में स्थानीय स्तर पर आयोजित शिविर आम लोगों के लिए उपयोगी साबित हो सकते हैं। आम जनता को सुविधाएं उपलब्ध कराने पर जोर सेवा सेतु अभियान के तहत आयोजित कार्यक्रमों का महत्व इस बात से भी जुड़ा है कि सरकारी योजनाओं का लाभ पात्र लोगों तक समय पर पहुंचे। इसके लिए विभागीय समन्वय, नागरिकों की समस्याओं का समाधान और योजनाओं के प्रति जागरूकता जरूरी है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की मौजूदगी में आयोजित इस कार्यक्रम को उत्तराखंड में जनसेवा से जुड़े प्रयासों के संदर्भ में महत्वपूर्ण माना जा रहा है। हालांकि, कार्यक्रम के दौरान वितरित लाभ, अधिकारियों को दिए गए निर्देशों और मौके पर प्राप्त शिकायतों के निस्तारण से संबंधित विस्तृत जानकारी उपलब्ध होने पर अभियान के प्रभाव का अधिक स्पष्ट आकलन किया जा सकेगा। कुल मिलाकर, उत्तरकाशी में आयोजित यह जिला स्तरीय शिविर सरकारी सेवाओं को लोगों तक पहुंचाने और जनकल्याणकारी योजनाओं के प्रति जागरूकता बढ़ाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है। इसकी वास्तविक सफलता इस बात पर निर्भर करेगी कि लोगों को इन सेवाओं का लाभ कितनी आसानी और समयबद्ध तरीके से मिलता है। नोट: कार्यक्रम में हुई विशिष्ट घोषणाओं या लाभ वितरण से संबंधित आधिकारिक विवरण उपलब्ध होने पर खबर को और अधिक तथ्यात्मक बनाया जा सकता है।
अमित शाह का बड़ा बयान: नक्सलवाद से प्रभावित आदिवासियों को मिले कृत्रिम अंग, 3600 से अधिक लोगों को मिला लाभ

अमित शाह नक्सलवाद बयान नई दिल्ली: केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने छत्तीसगढ़ में नक्सलवाद से प्रभावित दिव्यांग आदिवासियों की सहायता के लिए चलाए जा रहे सेवा संकल्प अभियान को लेकर महत्वपूर्ण बयान दिया है। उन्होंने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से आयोजित कार्यक्रम में हिस्सा लेते हुए बताया कि नक्सलवाद के कारण दिव्यांग हुए लोगों को बेहतर जीवन जीने में मदद देने के उद्देश्य से कृत्रिम अंग और सहायक उपकरण उपलब्ध कराए जा रहे हैं। अमित शाह ने कहा कि लंबे समय तक चले नक्सलवाद ने बस्तर समेत छत्तीसगढ़ के आदिवासी क्षेत्रों में रहने वाले गरीब परिवारों को गहरा नुकसान पहुंचाया है। ऐसे में प्रभावित लोगों को सहायता देकर उन्हें आत्मनिर्भर बनाने और सामान्य जीवन जीने में सहयोग करना जरूरी है। सेवा संकल्प अभियान के तहत 3600 से अधिक लोगों को लाभ गृह मंत्री के मुताबिक, 5 से 7 अक्टूबर के बीच जगदलपुर में आयोजित कार्यक्रम के दौरान 3600 से अधिक दिव्यांगजनों को लाभ पहुंचाया गया। इनमें अकेले बस्तर क्षेत्र के 1570 से ज्यादा लाभार्थी शामिल थे। उन्होंने कहा कि बस्तर में लाभार्थियों की यह संख्या नक्सलवाद के कारण स्थानीय लोगों को झेलनी पड़ी परेशानियों और नुकसान की गंभीरता को दर्शाती है। सरकार का उद्देश्य प्रभावित लोगों को आवश्यक उपकरण उपलब्ध कराकर उनके जीवन को सुविधाजनक बनाना है। मुख्य बिंदु: सेवा संकल्प अभियान के तहत दिव्यांगजनों को सहायता दी जा रही है। जगदलपुर में आयोजित कार्यक्रम में 3600 से अधिक लोगों को लाभ मिलने की बात कही गई। बस्तर क्षेत्र में 1570 से ज्यादा लाभार्थियों का उल्लेख किया गया। नक्सलवाद से प्रभावित आदिवासी परिवारों के पुनर्वास और जीवन को बेहतर बनाने पर जोर दिया गया। 31 मार्च 2026 तक नक्सलवाद खत्म करने के संकल्प का जिक्र अमित शाह ने अपने संबोधन में कहा कि नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार ने 31 मार्च 2026 से पहले देश से नक्सलवाद समाप्त करने का दृढ़ संकल्प लिया था। उन्होंने दावा किया कि नक्सलवाद अब समाप्त हो चुका है। गृह मंत्री के इस बयान में नक्सलवाद से प्रभावित लोगों की सहायता और उनके पुनर्वास को भी प्रमुखता दी गई। प्रभावित दिव्यांगजनों को कृत्रिम अंग और सहायक उपकरण उपलब्ध कराने जैसे प्रयास उनके दैनिक जीवन को आसान बनाने में मदद कर सकते हैं। प्रभावित परिवारों को राहत देने पर जोर नक्सलवाद से प्रभावित क्षेत्रों में सुरक्षा के साथ-साथ सामाजिक और मानवीय सहायता भी महत्वपूर्ण है। दिव्यांगजनों को उनकी जरूरत के अनुसार उपकरण उपलब्ध कराना उन्हें अधिक स्वतंत्रता के साथ जीवन जीने में मदद दे सकता है। सेवा संकल्प अभियान के तहत सामने आए आंकड़ों का उल्लेख करते हुए अमित शाह ने बस्तर में नक्सलवाद से प्रभावित लोगों की पीड़ा को रेखांकित किया। हालांकि, नक्सलवाद समाप्त होने संबंधी उनका बयान सरकार का दावा है, जबकि अभियान के तहत सहायता प्राप्त करने वाले लोगों के पुनर्वास और आगे की जरूरतों पर भी ध्यान देना महत्वपूर्ण रहेगा। नोट: यह समाचार केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के संबोधन में दिए गए बयानों और आंकड़ों पर आधारित है।
DELHI NEWS:दिल्ली की नरेला अनाज मंडी में बारिश से खुले में रखा अनाज खराब, भंडारण व्यवस्था पर उठे सवाल

नरेला अनाज मंडी में बारिश दिल्ली: राजधानी दिल्ली के नरेला स्थित नई अनाज मंडी में अचानक हुई बारिश के कारण खुले में रखा अनाज खराब होने की जानकारी सामने आई है। मंडी से सामने आए वीडियो में बारिश के बीच खुले स्थान पर रखे अनाज को देखा जा सकता है। इस घटना ने कृषि उपज के सुरक्षित भंडारण और मंडियों में बारिश से बचाव की व्यवस्था को लेकर सवाल खड़े कर दिए हैं। अचानक बारिश से अनाज को नुकसान नरेला की नई अनाज मंडी में अनाज खुले में रखा हुआ था। इसी दौरान अचानक बारिश होने से अनाज के भीगने और खराब होने की स्थिति सामने आई। कृषि उपज को सुरक्षित रखने के लिए उचित भंडारण व्यवस्था बेहद जरूरी होती है, क्योंकि बारिश का पानी अनाज की गुणवत्ता को प्रभावित कर सकता है। खुले में रखे अनाज के भीगने से उसमें नमी बढ़ने का खतरा रहता है। यदि समय रहते अनाज को सुखाया नहीं जाए और उचित तरीके से सुरक्षित नहीं रखा जाए, तो उसमें फफूंद लगने, गुणवत्ता घटने और उपयोग के लायक नहीं रहने जैसी समस्याएं पैदा हो सकती हैं। भंडारण व्यवस्था पर उठे सवाल इस घटना के बाद मंडी परिसर में अनाज को बारिश से बचाने के इंतजामों पर चर्चा होना स्वाभाविक है। अनाज किसानों की मेहनत का नतीजा होता है। खेतों में फसल तैयार करने से लेकर उसे मंडी तक पहुंचाने में काफी समय, श्रम और संसाधन लगते हैं। ऐसे में मंडी में पहुंचने के बाद यदि अनाज बारिश की वजह से खराब होता है, तो इससे आर्थिक नुकसान की आशंका भी बढ़ जाती है। मंडी में अनाज को सुरक्षित रखने के लिए ढके हुए भंडारण स्थल, तिरपाल और बारिश के पानी की उचित निकासी जैसी व्यवस्थाएं महत्वपूर्ण हैं। मौसम में अचानक बदलाव की स्थिति में अनाज को सुरक्षित स्थान पर पहुंचाने के लिए भी तैयारी जरूरी है। जिम्मेदारी और नुकसान का आकलन जरूरी फिलहाल सामने आए वीडियो के आधार पर अनाज को नुकसान पहुंचने की जानकारी मिली है। हालांकि, कितनी मात्रा में अनाज खराब हुआ, किसानों या व्यापारियों को कितना आर्थिक नुकसान हुआ और इसके लिए जिम्मेदारी किसकी है, इसकी आधिकारिक पुष्टि उपलब्ध नहीं है। ऐसे मामलों में संबंधित मंडी प्रशासन की ओर से स्थिति का आकलन करना और भंडारण व्यवस्था की समीक्षा करना महत्वपूर्ण है, ताकि भविष्य में इस तरह की परेशानी से बचा जा सके। मुख्य बात: नरेला की नई अनाज मंडी में बारिश के कारण खुले में रखे अनाज के खराब होने की घटना ने एक बार फिर कृषि उपज के सुरक्षित भंडारण की जरूरत को सामने ला दिया है। समय रहते उचित इंतजाम किए जाएं, तो किसानों और व्यापारियों को होने वाले संभावित नुकसान को कम किया जा सकता है। नोट: खबर उपलब्ध जानकारी और मंडी से सामने आए वीडियो के आधार पर तैयार की गई है। नुकसान की वास्तविक मात्रा और प्रशासनिक प्रतिक्रिया की पुष्टि होने पर खबर को अपडेट किया जा सकता है।
ARA NEWS:आरा में रिटायर्ड कस्टम अधिकारी की हत्या से आक्रोश, आरा-पटना मुख्य मार्ग जाम; आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग

आरा में रिटायर्ड कस्टम अधिकारी की हत्या:आरा (बिहार): भोजपुर जिले के आरा में रिटायर्ड कस्टम अधिकारी रामकुमार सिंह की हत्या के बाद लोगों में भारी आक्रोश है। घटना से नाराज परिजनों और स्थानीय लोगों ने सपना सिनेमा मोड़ के पास आरा-पटना मुख्य मार्ग को जाम कर दिया। प्रदर्शन कर रहे लोगों ने हत्याकांड में शामिल आरोपियों की जल्द गिरफ्तारी की मांग उठाई। इस घटना ने इलाके में सुरक्षा व्यवस्था को लेकर एक बार फिर चिंता बढ़ा दी है। सड़क जाम कर जताया विरोध, गिरफ्तारी की मांग तेज रामकुमार सिंह की हत्या से आक्रोशित परिजन और स्थानीय लोग सड़क पर उतर आए। प्रदर्शनकारियों ने सपना सिनेमा मोड़ के समीप मुख्य मार्ग को जाम कर अपना विरोध जताया। उनकी प्रमुख मांग है कि पुलिस जल्द से जल्द हत्या में शामिल अपराधियों की पहचान कर उन्हें गिरफ्तार करे, ताकि पीड़ित परिवार को न्याय मिल सके। सड़क जाम होने से आरा-पटना मार्ग पर आवागमन प्रभावित होने की स्थिति बनी। इस दौरान लोगों में घटना को लेकर नाराजगी देखने को मिली। परिजनों और स्थानीय लोगों की मांग है कि मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस त्वरित कार्रवाई करे और दोषियों को कानून के दायरे में लाया जाए। जमीन विवाद में हत्या का आरोप प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, रामकुमार सिंह की हत्या के पीछे जमीन विवाद की आशंका जताई जा रही है। हालांकि, जमीन विवाद को हत्या का कारण बताए जाने की आधिकारिक पुष्टि जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी। पुलिस जांच में यह पता लगाना महत्वपूर्ण होगा कि घटना के पीछे वास्तविक वजह क्या थी और इसमें कौन-कौन लोग शामिल हैं। मामले में आरोपों और आशंकाओं को जांच के निष्कर्ष से अलग समझना जरूरी है। फिलहाल, परिजनों की ओर से आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग की जा रही है। 24 घंटे में तीन हत्याओं से कानून-व्यवस्था पर सवाल आरा में इस हत्याकांड के बाद जिले में अपराध की घटनाओं को लेकर चिंता बढ़ गई है। जानकारी के मुताबिक, 24 घंटे के भीतर तीन हत्याओं की घटनाओं ने कानून-व्यवस्था को लेकर सवाल खड़े किए हैं। लगातार सामने आ रही ऐसी घटनाओं से आम लोगों में असुरक्षा की भावना पैदा हो सकती है। स्थानीय लोगों की अपेक्षा है कि पुलिस अपराधियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करे और नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए प्रभावी कदम उठाए। फिलहाल, रामकुमार सिंह हत्याकांड में परिजनों और स्थानीय लोगों की नजर पुलिस की कार्रवाई पर टिकी है। अब यह देखना अहम होगा कि जांच में क्या तथ्य सामने आते हैं और आरोपियों की गिरफ्तारी कब तक हो पाती है।
PATNA NEWS:पटना में नीरज कुमार की सभा में खाली रहीं कुर्सियां, नीतीश कुमार के विरोधियों पर दिया तीखा बयान

नीरज कुमार की सभा पटना: बिहार की राजनीति में जनसभाओं में जुटने वाली भीड़ अक्सर राजनीतिक ताकत और जनसमर्थन के आकलन का आधार बनती है। इसी बीच एमएलसी उम्मीदवार नीरज कुमार की एक सभा में कुर्सियां खाली रहने की बात सामने आई है। इसे लेकर राजनीतिक चर्चाएं तेज हो गई हैं। बताया जा रहा है कि यह सभा ऐसे इलाके में हुई, जिसे ललन सिंह और अनंत सिंह के प्रभाव वाले क्षेत्र के तौर पर देखा जाता है। सभा में अपेक्षित भीड़ नहीं जुटने की चर्चा के बीच नीरज कुमार का बयान भी सुर्खियों में है। उन्होंने मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के समर्थन में आक्रामक अंदाज अपनाते हुए अपने विरोधियों को निशाने पर लिया। 🔴 नीतीश कुमार के समर्थन में क्या बोले नीरज कुमार? नीरज कुमार ने अपने बयान में कहा, “चाहे जो हो जाए, जो नीतीश कुमार का विरोध करेगा, उस पर विषैला तीर छोड़ता हूं।” उनके इस बयान को बिहार की मौजूदा राजनीतिक परिस्थितियों में नीतीश कुमार के प्रति समर्थन और विरोधियों के खिलाफ कड़े रुख के तौर पर देखा जा रहा है। उनके बयान के बाद राजनीतिक हलकों में चर्चा हो सकती है कि आने वाले दिनों में इस तरह की बयानबाजी का चुनावी समीकरणों पर क्या असर पड़ेगा। हालांकि, इस बयान पर दूसरे नेताओं की प्रतिक्रिया और इसके राजनीतिक परिणामों को लेकर फिलहाल किसी निष्कर्ष पर पहुंचना जल्दबाजी होगी। 🔴 खाली कुर्सियों को लेकर चर्चा तेज किसी भी राजनीतिक सभा में भीड़ की मौजूदगी को लेकर अक्सर समर्थकों और विरोधियों के बीच बहस देखने को मिलती है। नीरज कुमार की सभा में कुर्सियां खाली रहने की बात भी इसी संदर्भ में चर्चा का विषय बनी है। हालांकि, केवल तस्वीरों या सभा में मौजूद लोगों की संख्या के आधार पर किसी नेता की लोकप्रियता अथवा राजनीतिक स्थिति का अंतिम आकलन नहीं किया जा सकता। सभा में कम उपस्थिति के पीछे स्थानीय परिस्थितियां, आयोजन की तैयारी, लोगों की उपलब्धता और अन्य कारण हो सकते हैं। इन पहलुओं की स्वतंत्र पुष्टि के बिना किसी एक वजह को जिम्मेदार ठहराना उचित नहीं होगा। 🔴 बिहार की राजनीति में बयानबाजी पर नजर बिहार में राजनीतिक दलों और नेताओं के बीच आरोप-प्रत्यारोप का दौर लगातार चर्चा में रहता है। ऐसे में नीरज कुमार का नीतीश कुमार के समर्थन में दिया गया तीखा बयान राजनीतिक बहस को और हवा दे सकता है। फिलहाल इस पूरे घटनाक्रम में दो बातें चर्चा के केंद्र में हैं—सभा में खाली कुर्सियों की तस्वीर और नीतीश कुमार के विरोधियों को लेकर नीरज कुमार का आक्रामक बयान। अब देखना होगा कि इस मामले पर दूसरे राजनीतिक नेताओं की क्या प्रतिक्रिया सामने आती है और इसका स्थानीय राजनीतिक माहौल पर कितना असर पड़ता है।