पटना में अनोखी दुर्गा प्रतिमाएं पटना: दुर्गा पूजा के अवसर पर राजधानी पटना में इस बार मां दुर्गा की अनोखी प्रतिमाएं लोगों के आकर्षण का केंद्र बनी हुई हैं। आमतौर पर मिट्टी, लकड़ी और अन्य पारंपरिक सामग्रियों से तैयार की जाने वाली प्रतिमाओं से अलग, यहां कलाकारों ने दालचीनी, इलायची, लौंग, तेजपत्ता, मिर्च, बूंदी और कॉर्नफ्लेक्स जैसी चीजों का इस्तेमाल कर अपनी रचनात्मकता का अनूठा उदाहरण पेश किया है। इन कलात्मक प्रतिमाओं को देखने के लिए श्रद्धालुओं और स्थानीय लोगों में खासा उत्साह देखा जा रहा है।
20 वर्षों से मूर्तिकला के क्षेत्र में सक्रिय हैं जितेंद्र और चंदन
इन अनोखी प्रतिमाओं को तैयार करने में भाई जितेंद्र और चंदन की महत्वपूर्ण भूमिका है। दोनों भाई पिछले करीब 20 वर्षों से मूर्तियां बनाने के काम से जुड़े हुए हैं। अपने अनुभव और कलात्मक हुनर के दम पर वे हर साल कुछ अलग करने का प्रयास करते हैं। इस बार भी उन्होंने पारंपरिक कला को नए प्रयोगों के साथ जोड़कर लोगों को आकर्षित करने की कोशिश की है।
खास बात यह है कि रोजमर्रा में इस्तेमाल होने वाली खाद्य सामग्री और मसालों को कलात्मक रूप देकर मां दुर्गा की प्रतिमाओं को अलग पहचान दी गई है। यह प्रयोग न केवल कलाकारों की कल्पनाशीलता को दर्शाता है, बल्कि स्थानीय कला और शिल्प की विविधता को भी सामने लाता है।
पटना में इन जगहों पर देख सकेंगे अनोखी प्रतिमाएं
दुर्गा पूजा के दौरान शहर के अलग-अलग इलाकों में इन विशेष प्रतिमाओं को देखने का अवसर मिलेगा। प्रमुख स्थान इस प्रकार हैं:
- कॉर्नफ्लेक्स से बनी प्रतिमा: नया चक
- शिप थीम की प्रतिमा: अमरुद्दी मोहल्ला
- 16 श्रृंगार थीम: नाला रोड पेट्रोल पंप के पास
- गरम मसाला थीम: मुसल्लहपुर हॉल्ट
- नथुन गली और कच्चा सूत थीम: मुसल्लहपुर चाय टोला
इन अलग-अलग थीम पर तैयार प्रतिमाएं दुर्गा पूजा के उत्सव को और खास बना रही हैं। हर प्रतिमा में इस्तेमाल की गई सामग्री और उसकी सजावट लोगों के लिए उत्सुकता का विषय है।
कला और परंपरा का अनूठा संगम
पटना में दुर्गा पूजा केवल धार्मिक आस्था का पर्व नहीं, बल्कि स्थानीय कलाकारों की प्रतिभा दिखाने का भी अवसर है। जितेंद्र और चंदन जैसे कलाकार अपने नए प्रयोगों से इस परंपरा को एक अलग पहचान दे रहे हैं।
पटना की ये अनोखी दुर्गा प्रतिमाएं इस बात का उदाहरण हैं कि रचनात्मक सोच और मेहनत से साधारण चीजों को भी असाधारण कलाकृति में बदला जा सकता है। इस दुर्गा पूजा पर यदि आप कुछ अलग देखना चाहते हैं, तो इन स्थानों पर जाकर इन अनूठी कलाकृतियों का दीदार कर सकते हैं।