DELHI NEWS: दिवाली से पहले मिलावटी पनीर के खिलाफ देशभर में कार्रवाई तेज, जयपुर में 520 किलो पनीर नष्ट

मिलावटी पनीर: दिवाली से पहले मिलावटी खाद्य पदार्थों के खिलाफ खाद्य सुरक्षा विभाग ने कार्रवाई तेज कर दी है। त्योहार के दौरान दूध, पनीर और अन्य खाद्य उत्पादों की मांग बढ़ने के बीच अलग-अलग शहरों में जांच अभियान चलाया जा रहा है। इसी कड़ी में जयपुर में 520 किलो पनीर नष्ट किया गया, जबकि हरियाणा के यमुनानगर में 20 से 25 क्विंटल संदिग्ध पनीर की खेप पकड़े जाने की जानकारी सामने आई है। त्योहार से पहले खाद्य सुरक्षा विभाग अलर्ट दिवाली के दौरान मिठाइयों, दूध से बने उत्पादों और अन्य खाद्य पदार्थों की खपत बढ़ जाती है। ऐसे में मिलावट की आशंका को देखते हुए खाद्य सुरक्षा विभाग सतर्क हो गया है। अधिकारियों की ओर से खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता की जांच पर जोर दिया जा रहा है, ताकि लोगों तक सुरक्षित खाद्य सामग्री पहुंच सके। खास तौर पर पनीर की गुणवत्ता की जांच की जा रही है, क्योंकि इसका इस्तेमाल घरों से लेकर होटल, रेस्तरां और मिठाई की दुकानों तक बड़े पैमाने पर होता है। संदिग्ध उत्पाद मिलने पर नियमानुसार कार्रवाई की जा रही है। जयपुर में 520 किलो पनीर नष्ट राजस्थान की राजधानी जयपुर में कार्रवाई के दौरान 520 किलो पनीर नष्ट किया गया। त्योहार से पहले इतनी बड़ी मात्रा में पनीर पर कार्रवाई खाद्य सुरक्षा व्यवस्था को लेकर महत्वपूर्ण है। हालांकि, पनीर में मिलावट की प्रकृति और जांच रिपोर्ट से संबंधित विस्तृत जानकारी की पुष्टि आधिकारिक विवरण से की जानी चाहिए। यमुनानगर में संदिग्ध पनीर की बड़ी खेप पकड़ी गई हरियाणा के यमुनानगर में भी खाद्य सुरक्षा से जुड़ी कार्रवाई के दौरान 20 से 25 क्विंटल संदिग्ध पनीर की खेप पकड़े जाने की जानकारी सामने आई है। इतनी बड़ी मात्रा में संदिग्ध खाद्य सामग्री मिलने के बाद उसकी गुणवत्ता की जांच महत्वपूर्ण हो जाती है। जांच के नतीजों के आधार पर ही यह स्पष्ट होगा कि पनीर निर्धारित खाद्य सुरक्षा मानकों पर खरा उतरता है या नहीं। उपभोक्ता भी बरतें सावधानी त्योहार के समय पनीर खरीदते वक्त ग्राहकों को कुछ जरूरी बातों का ध्यान रखना चाहिए। विश्वसनीय दुकानों से ही पनीर खरीदें। पैक्ड पनीर खरीदते समय निर्माण तिथि, एक्सपायरी डेट और पैकेजिंग की जांच करें। असामान्य गंध, रंग या बनावट वाले पनीर का इस्तेमाल न करें। मिलावट का संदेह होने पर संबंधित खाद्य सुरक्षा विभाग में शिकायत करें। दिवाली से पहले मिलावटी खाद्य पदार्थों के खिलाफ कार्रवाई का उद्देश्य लोगों की सेहत की सुरक्षा करना है। ऐसे में जांच अभियान के साथ-साथ उपभोक्ताओं की सतर्कता भी जरूरी है, ताकि त्योहार के दौरान सुरक्षित और गुणवत्तापूर्ण खाद्य सामग्री उपलब्ध हो सके।
ARA NEWS:आरा हत्याकांड: मंत्री भगवान सिंह कुशवाहा के बयान पर चर्चा

आरा हत्याकांड: आरा हत्याकांड पर मंत्री का बयान चर्चा में,आरा में पूर्व कस्टम अधिकारी की हत्या के मामले में बिहार सरकार के मंत्री भगवान सिंह कुशवाहा का बयान चर्चा में है। घटना के दो दिन बाद मंत्री पीड़ित परिवार से मिलने पहुंचे थे। इस दौरान उनके कथित बयान, “बिहार बहुत बड़ा है, हत्याएं होती रहती हैं” को लेकर लोगों के बीच चर्चा शुरू हो गई है। क्या है पूरा मामला? बिहार के आरा में पूर्व कस्टम अधिकारी की हत्या की घटना ने इलाके में चिंता का माहौल पैदा कर दिया है। इस मामले में पीड़ित परिवार से मुलाकात करने के लिए बिहार सरकार के मंत्री भगवान सिंह कुशवाहा पहुंचे। परिवार से मुलाकात के दौरान दिए गए उनके बयान को लेकर अब यह मामला चर्चा में आ गया है। मंत्री के बयान में हत्या की घटनाओं को लेकर कही गई बात लोगों का ध्यान खींच रही है। हत्या जैसी गंभीर घटना के बाद पीड़ित परिवार को न्याय और सुरक्षा की उम्मीद रहती है। ऐसे में जनप्रतिनिधियों की ओर से कही गई बातों को भी गंभीरता से देखा जाता है। पीड़ित परिवार से मिलने पहुंचे थे मंत्री पूर्व कस्टम अधिकारी की हत्या के बाद मंत्री भगवान सिंह कुशवाहा का पीड़ित परिजनों से मिलना इस मामले का अहम पहलू है। परिजनों की पीड़ा के बीच मंत्री के बयान ने घटना को एक नया चर्चा का विषय बना दिया है। हत्या के मामलों में पुलिस जांच, आरोपियों की गिरफ्तारी और पीड़ित परिवार को न्याय दिलाना सबसे महत्वपूर्ण होता है। परिवार को यह भरोसा मिलना भी जरूरी है कि मामले की निष्पक्ष जांच होगी और दोषियों के खिलाफ कानून के अनुसार कार्रवाई की जाएगी। कानून-व्यवस्था को लेकर फिर उठे सवाल आरा हत्याकांड के बाद मंत्री के बयान को लेकर कानून-व्यवस्था पर चर्चा तेज हो सकती है। किसी भी राज्य में अपराध की घटनाओं को रोकना और नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करना प्रशासन की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी है। अब इस मामले में लोगों की नजर पुलिस जांच और आगे होने वाली कार्रवाई पर रहेगी। हालांकि, हत्या के मामले से जुड़े विस्तृत तथ्यों, जांच की स्थिति और मंत्री के बयान के पूरे संदर्भ की आधिकारिक पुष्टि के आधार पर ही आगे की जानकारी स्पष्ट हो सकेगी।
अजय देवगन के जुहू बंगले पर BMC का एक्शन, अवैध निर्माण के हिस्से पर चला बुलडोजर

Ajay Devgn Bungalow: बॉलीवुड अभिनेता अजय देवगन के मुंबई स्थित बंगले को लेकर एक बड़ी खबर सामने आई है। बृहन्मुंबई नगर निगम (BMC) ने मुंबई के जुहू इलाके में स्थित अभिनेता के बंगले के कुछ हिस्सों को ध्वस्त कर दिया है। यह कार्रवाई कथित तौर पर अनधिकृत निर्माण को लेकर की गई है। इससे कुछ दिन पहले नगर निगम की ओर से निर्माण कार्य रोकने का नोटिस जारी किया गया था। अनधिकृत निर्माण को लेकर हुई कार्रवाई मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, BMC ने अजय देवगन के जुहू स्थित बंगले में निर्माण से जुड़े कथित नियमों के उल्लंघन के मामले में कार्रवाई की है। नगर निगम की ओर से पहले संबंधित निर्माण कार्य को रोकने के लिए नोटिस जारी किया गया था। इसके कुछ दिनों बाद बंगले के कुछ हिस्सों को तोड़ने की कार्रवाई की गई। इस पूरे मामले में सबसे अहम बात यह है कि नगर निगम की कार्रवाई कथित अनधिकृत निर्माण से जुड़ी है। हालांकि, निर्माण के कितने हिस्से को हटाया गया और वहां किस तरह का काम चल रहा था, इसकी विस्तृत जानकारी आधिकारिक तौर पर सामने आना बाकी है। मुंबई में निर्माण नियमों पर BMC की नजर मुंबई में भवन निर्माण और संपत्ति में बदलाव से जुड़े मामलों की निगरानी BMC करती है। किसी भी निर्माण में निर्धारित नियमों और आवश्यक अनुमतियों का पालन करना जरूरी होता है। यदि किसी निर्माण को नियमों के अनुरूप नहीं पाया जाता है, तो संबंधित प्राधिकरण नोटिस जारी कर सकता है और नियमानुसार आगे की कार्रवाई कर सकता है। अजय देवगन के बंगले से जुड़ा यह मामला भी इसी तरह की कार्रवाई के संदर्भ में चर्चा में आया है। हालांकि, मामले से जुड़े सभी तथ्यों और निर्माण की स्थिति की आधिकारिक पुष्टि जरूरी है। अजय देवगन की ओर से प्रतिक्रिया का इंतजार इस कार्रवाई के बाद अब अभिनेता अजय देवगन की ओर से आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने आने का इंतजार है। फिलहाल, उपलब्ध जानकारी के आधार पर यह कहा जा सकता है कि BMC ने कथित अनधिकृत निर्माण को लेकर उनके जुहू बंगले के कुछ हिस्सों पर कार्रवाई की है। ध्यान देने वाली बात: यह कार्रवाई निर्माण संबंधी नियमों के उल्लंघन के आरोपों से जुड़ी है। मामले के अन्य पहलुओं, संबंधित पक्षों की प्रतिक्रिया और आधिकारिक विवरण सामने आने के बाद ही पूरी स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।
KATIHAR RAILWAY NEWS: कटिहार रेल मंडल में रेल जनसंवाद कार्यक्रम शुरू, यात्रियों से लिए जा रहे सुझाव
कटिहार रेल मंडल रेल जनसंवाद कार्यक्रम कटिहार: रेल यात्रियों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने और रेलवे सेवाओं में सुधार लाने के उद्देश्य से कटिहार रेल मंडल के प्रमुख रेलवे स्टेशनों पर रेल जनसंवाद कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। इस पहल के माध्यम से यात्रियों, कुलियों, वेंडरों और रेलवे से जुड़े अन्य लोगों से सीधे सुझाव लिए जा रहे हैं, ताकि उनकी समस्याओं को समझकर यात्री सुविधाओं, साफ-सफाई और रेल सेवाओं को अधिक बेहतर बनाया जा सके। रेलवे की इस पहल का मुख्य उद्देश्य यात्रियों की जरूरतों को जानना और उनके अनुभवों के आधार पर सुविधाओं में सुधार करना है। स्टेशन पर रोजाना आने-जाने वाले यात्रियों के साथ-साथ रेलवे परिसर में काम करने वाले लोगों की राय भी इस कार्यक्रम में महत्वपूर्ण मानी जा रही है। यात्रियों से सीधे संवाद कर समस्याओं को समझने की पहल रेल जनसंवाद कार्यक्रम के तहत रेलवे से जुड़े विभिन्न वर्गों के लोगों को अपनी बात रखने और सुझाव देने का अवसर मिल रहा है। यात्री यात्रा के दौरान होने वाली परेशानियों और स्टेशन पर उपलब्ध सुविधाओं को लेकर अपनी राय साझा कर सकते हैं। वहीं, कुली और वेंडर जैसे लोग भी स्टेशन पर रोजमर्रा के कामकाज से जुड़ी समस्याओं और सुधार की जरूरतों को सामने रख सकते हैं। इस तरह के संवाद से रेलवे को जमीनी स्तर पर यात्रियों की अपेक्षाओं को समझने में मदद मिल सकती है। साथ ही, लोगों की ओर से दिए गए सुझावों के आधार पर सुविधाओं को बेहतर बनाने के लिए आवश्यक कदम उठाने में भी सहायता मिल सकती है। साफ-सफाई और यात्री सुविधाओं पर विशेष जोर रेलवे स्टेशनों पर साफ-सफाई, यात्रियों की सुविधा और बेहतर रेल सेवाएं किसी भी स्टेशन की व्यवस्था का अहम हिस्सा हैं। कटिहार रेल मंडल में आयोजित रेल जनसंवाद कार्यक्रम के जरिए इन पहलुओं पर लोगों की राय जुटाई जा रही है। यात्रियों के सुझावों से यह समझने में मदद मिलेगी कि किन क्षेत्रों में सुधार की जरूरत है और कौन-सी सुविधाएं यात्रियों के लिए अधिक उपयोगी साबित हो सकती हैं। स्टेशन पर स्वच्छ वातावरण बनाए रखना, यात्रियों को सुविधाजनक अनुभव देना और रेलवे सेवाओं को बेहतर बनाना इस पहल के महत्वपूर्ण उद्देश्य हैं। जनसंवाद के माध्यम से रेलवे और यात्रियों के बीच संवाद को मजबूत करने का प्रयास भी किया जा रहा है। रेलवे व्यवस्था को बेहतर बनाने में मिलेगी मदद रेल जनसंवाद जैसे कार्यक्रमों से यात्रियों और रेलवे प्रशासन के बीच सीधा संपर्क स्थापित होता है। इससे लोगों को अपनी समस्याएं और सुझाव संबंधित अधिकारियों तक पहुंचाने का अवसर मिलता है। साथ ही, रेलवे को अपनी सेवाओं की स्थिति समझने और सुधार के संभावित क्षेत्रों की पहचान करने में मदद मिल सकती है। कटिहार रेल मंडल के प्रमुख रेलवे स्टेशनों पर आयोजित यह पहल यात्री-केंद्रित व्यवस्था को बढ़ावा देने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। अब इस कार्यक्रम के दौरान मिलने वाले सुझावों और उनके आधार पर किए जाने वाले सुधारों पर नजर रहेगी। कटिहार: रेल यात्रियों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने और रेलवे सेवाओं में सुधार लाने के उद्देश्य से कटिहार रेल मंडल के प्रमुख रेलवे स्टेशनों पर रेल जनसंवाद कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। इस पहल के माध्यम से यात्रियों, कुलियों, वेंडरों और रेलवे से जुड़े अन्य लोगों से सीधे सुझाव लिए जा रहे हैं, ताकि उनकी समस्याओं को समझकर यात्री सुविधाओं, साफ-सफाई और रेल सेवाओं को अधिक बेहतर बनाया जा सके। रेलवे की इस पहल का मुख्य उद्देश्य यात्रियों की जरूरतों को जानना और उनके अनुभवों के आधार पर सुविधाओं में सुधार करना है। स्टेशन पर रोजाना आने-जाने वाले यात्रियों के साथ-साथ रेलवे परिसर में काम करने वाले लोगों की राय भी इस कार्यक्रम में महत्वपूर्ण मानी जा रही है। यात्रियों से सीधे संवाद कर समस्याओं को समझने की पहल रेल जनसंवाद कार्यक्रम के तहत रेलवे से जुड़े विभिन्न वर्गों के लोगों को अपनी बात रखने और सुझाव देने का अवसर मिल रहा है। यात्री यात्रा के दौरान होने वाली परेशानियों और स्टेशन पर उपलब्ध सुविधाओं को लेकर अपनी राय साझा कर सकते हैं। वहीं, कुली और वेंडर जैसे लोग भी स्टेशन पर रोजमर्रा के कामकाज से जुड़ी समस्याओं और सुधार की जरूरतों को सामने रख सकते हैं। इस तरह के संवाद से रेलवे को जमीनी स्तर पर यात्रियों की अपेक्षाओं को समझने में मदद मिल सकती है। साथ ही, लोगों की ओर से दिए गए सुझावों के आधार पर सुविधाओं को बेहतर बनाने के लिए आवश्यक कदम उठाने में भी सहायता मिल सकती है। साफ-सफाई और यात्री सुविधाओं पर विशेष जोर रेलवे स्टेशनों पर साफ-सफाई, यात्रियों की सुविधा और बेहतर रेल सेवाएं किसी भी स्टेशन की व्यवस्था का अहम हिस्सा हैं। कटिहार रेल मंडल में आयोजित रेल जनसंवाद कार्यक्रम के जरिए इन पहलुओं पर लोगों की राय जुटाई जा रही है। यात्रियों के सुझावों से यह समझने में मदद मिलेगी कि किन क्षेत्रों में सुधार की जरूरत है और कौन-सी सुविधाएं यात्रियों के लिए अधिक उपयोगी साबित हो सकती हैं। स्टेशन पर स्वच्छ वातावरण बनाए रखना, यात्रियों को सुविधाजनक अनुभव देना और रेलवे सेवाओं को बेहतर बनाना इस पहल के महत्वपूर्ण उद्देश्य हैं। जनसंवाद के माध्यम से रेलवे और यात्रियों के बीच संवाद को मजबूत करने का प्रयास भी किया जा रहा है। रेलवे व्यवस्था को बेहतर बनाने में मिलेगी मदद रेल जनसंवाद जैसे कार्यक्रमों से यात्रियों और रेलवे प्रशासन के बीच सीधा संपर्क स्थापित होता है। इससे लोगों को अपनी समस्याएं और सुझाव संबंधित अधिकारियों तक पहुंचाने का अवसर मिलता है। साथ ही, रेलवे को अपनी सेवाओं की स्थिति समझने और सुधार के संभावित क्षेत्रों की पहचान करने में मदद मिल सकती है। कटिहार रेल मंडल के प्रमुख रेलवे स्टेशनों पर आयोजित यह पहल यात्री-केंद्रित व्यवस्था को बढ़ावा देने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। अब इस कार्यक्रम के दौरान मिलने वाले सुझावों और उनके आधार पर किए जाने वाले सुधारों पर नजर रहेगी।
DELHI NEWS: दिल्ली में सफाई व्यवस्था को मिलेगी रफ्तार, MCD ने 25 वार्डों के लिए उतारे 428 ऑटो टिपर समेत कई आधुनिक वाहन

दिल्ली में सफाई व्यवस्था: नई दिल्ली: राजधानी दिल्ली में कचरा प्रबंधन और सफाई व्यवस्था को मजबूत बनाने के लिए दिल्ली नगर निगम (MCD) ने नई पहल की है। दक्षिण-पूर्वी दिल्ली के 25 वार्डों में घर-घर से कचरा उठाने और सार्वजनिक स्थानों की सफाई को बेहतर बनाने के उद्देश्य से कई आधुनिक वाहनों और मशीनों की शुरुआत की गई। सरिता विहार में आयोजित कार्यक्रम में दिल्ली प्रदेश अध्यक्ष एवं केंद्रीय राज्य मंत्री हर्ष मल्होत्रा की उपस्थिति में इन सुविधाओं का शुभारंभ किया गया। इस पहल का मुख्य उद्देश्य दिल्ली में कचरा संग्रहण की प्रक्रिया को व्यवस्थित करना, सड़कों पर गंदगी कम करना और सफाई व्यवस्था को अधिक प्रभावी बनाना है। 25 वार्डों में घर-घर से उठाया जाएगा कचरा दक्षिण-पूर्वी दिल्ली के 25 वार्डों में घरों से कचरा एकत्र करने के लिए बड़ी संख्या में वाहन उपलब्ध कराए गए हैं। इनमें 428 ऑटो टिपर, 128 ई-रिक्शा और 25 टाटा 407 वाहन शामिल हैं। इन वाहनों की मदद से घरों से निकलने वाले कचरे को समय पर एकत्र करने और उसके परिवहन की व्यवस्था को बेहतर बनाने में मदद मिलेगी। नई सुविधाओं से कचरा संग्रहण की प्रक्रिया को अधिक सुचारु बनाने और सफाई कर्मचारियों के काम को आसान करने की उम्मीद है। कचरे के परिवहन के लिए भी बढ़ाई गई व्यवस्था कचरा एकत्र करने के साथ-साथ उसे आगे ले जाने और प्रबंधन की प्रक्रिया को मजबूत बनाने के लिए भी अतिरिक्त वाहनों की व्यवस्था की गई है। इसके तहत 27 रिफ्यूज कॉम्पैक्टर, 5 रिफ्यूज कलेक्टर और 30 हुक लोडर उपलब्ध कराए गए हैं। इन वाहनों का उपयोग एकत्रित कचरे को उठाने और निर्धारित स्थानों तक पहुंचाने में किया जाएगा। इससे कचरा प्रबंधन की व्यवस्था को अधिक व्यवस्थित बनाने में सहायता मिल सकती है। दिल्ली के सभी 250 वार्डों में आधुनिक मशीनों से सफाई इस पहल के तहत दिल्ली नगर निगम के सभी 250 वार्डों में सड़कों और सार्वजनिक स्थानों की सफाई के लिए बैटरी से चलने वाली आधुनिक लिटर पिकर मशीनों की भी शुरुआत की गई है। इन मशीनों के जरिए सार्वजनिक स्थानों पर बिखरे कचरे को उठाने में मदद मिलेगी। बैटरी से चलने वाली इन मशीनों का इस्तेमाल सफाई कार्य को अधिक सुविधाजनक और प्रभावी बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। कार्यक्रम में कई प्रमुख हस्तियां रहीं मौजूद इस अवसर पर दिल्ली के महापौर प्रवेश वाही, उपमहापौर मोनिका पंत और दिल्ली नगर निगम की स्थायी समिति की अध्यक्ष सत्या शर्मा सहित कई गणमान्य लोग उपस्थित रहे। कुल मिलाकर, MCD की यह पहल राजधानी में सफाई व्यवस्था और कचरा प्रबंधन को बेहतर बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। हालांकि, इन सुविधाओं का वास्तविक असर नियमित कचरा संग्रहण, वाहनों के प्रभावी इस्तेमाल और सफाई व्यवस्था की निरंतर निगरानी पर निर्भर करेगा।
PATNA NEWS: पटना में मुकेश सहनी का फेसबुक पेज हैक, साइबर थाने में प्राथमिकी दर्ज

मुकेश सहनी फेसबुक पेज हैक पटना: बिहार की राजनीति से जुड़ी एक खबर सामने आई है। विकासशील इंसान पार्टी (VIP) के संस्थापक और प्रमुख मुकेश सहनी का फेसबुक पेज हैक होने की जानकारी मिली है। इस मामले में साइबर थाना में प्राथमिकी दर्ज कराई गई है। घटना के बाद सोशल मीडिया अकाउंट की सुरक्षा को लेकर एक बार फिर सवाल उठने लगे हैं। मुकेश सहनी के फेसबुक पेज को बनाया गया निशाना मुकेश सहनी बिहार की राजनीति में एक प्रमुख चेहरा हैं। वे विकासशील इंसान पार्टी के संस्थापक हैं और सोशल मीडिया के माध्यम से भी अपने समर्थकों और आम लोगों तक अपनी बात पहुंचाते हैं। ऐसे में उनके फेसबुक पेज का हैक होना एक महत्वपूर्ण मामला माना जा रहा है। प्राप्त जानकारी के अनुसार, उनके फेसबुक पेज को हैक किए जाने के मामले में साइबर थाने में प्राथमिकी दर्ज कराई गई है। हालांकि, पेज को किसने हैक किया और इसके पीछे क्या वजह थी, इसकी जानकारी फिलहाल सामने नहीं आई है। साइबर थाने में दर्ज कराई गई प्राथमिकी मुकेश सहनी के फेसबुक पेज हैक होने के मामले में प्राथमिकी दर्ज होने के बाद अब जांच के जरिए घटना से जुड़े तथ्यों का पता लगाया जा सकेगा। साइबर अपराध के मामलों में सोशल मीडिया अकाउंट तक अनधिकृत पहुंच, अकाउंट का नियंत्रण अपने हाथ में लेना और उसका गलत इस्तेमाल जैसी गतिविधियां शामिल हो सकती हैं। इस मामले में जांच के दौरान यह पता लगाना महत्वपूर्ण होगा कि फेसबुक पेज तक किस तरह पहुंच बनाई गई और क्या इसके जरिए किसी तरह की आपत्तिजनक या भ्रामक सामग्री साझा की गई थी। सोशल मीडिया अकाउंट की सुरक्षा पर फिर उठे सवाल डिजिटल दौर में राजनीतिक दलों के नेताओं और सार्वजनिक हस्तियों के लिए सोशल मीडिया संवाद का एक अहम माध्यम बन चुका है। फेसबुक जैसे प्लेटफॉर्म के जरिए नेता अपनी गतिविधियों, विचारों और राजनीतिक संदेशों को लोगों तक पहुंचाते हैं। ऐसे में किसी आधिकारिक पेज का हैक होना उनकी डिजिटल पहचान और सूचना की विश्वसनीयता से जुड़ा मामला बन जाता है। विशेषज्ञों की सामान्य सलाह है कि सोशल मीडिया अकाउंट की सुरक्षा के लिए मजबूत पासवर्ड, टू-फैक्टर ऑथेंटिकेशन और लॉगिन अलर्ट जैसी सुविधाओं का इस्तेमाल किया जाना चाहिए। फिलहाल, मुकेश सहनी के फेसबुक पेज हैक मामले में प्राथमिकी दर्ज होने की जानकारी सामने आई है। हैकिंग के पीछे किसका हाथ है, घटना कैसे हुई और पेज पर क्या असर पड़ा, इन सवालों के जवाब जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेंगे।
PATNA NEWS:पटना: बीजेपी अध्यक्ष नितिन नवीन ने शिवपुरी दुर्गा पूजा पंडाल में किए मां दुर्गा के दर्शन, संजय सरावगी भी रहे मौजूद

नितिन नवीन दुर्गा पूजा दर्शन पटना: बिहार की राजधानी पटना में दुर्गा पूजा को लेकर श्रद्धा और उत्साह का माहौल बना हुआ है। इसी बीच बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन शिवपुरी स्थित दुर्गा पूजा पंडाल पहुंचे। यहां उन्होंने मां दुर्गा के दर्शन किए और विधि-विधान से पूजा-अर्चना कर आशीर्वाद लिया। इस दौरान बिहार बीजेपी के प्रदेश अध्यक्ष संजय सरावगी भी उनके साथ मौजूद रहे। शिवपुरी दुर्गा पूजा पंडाल पहुंचे नितिन नवीन नितिन नवीन के शिवपुरी स्थित दुर्गा पूजा पंडाल पहुंचने पर पूजा-अर्चना का कार्यक्रम संपन्न हुआ। उन्होंने मां दुर्गा के सामने माथा टेककर आशीर्वाद लिया। दुर्गा पूजा के अवसर पर श्रद्धालु मां के दर्शन के लिए पंडालों में पहुंच रहे हैं। ऐसे में प्रमुख नेताओं का पूजा पंडालों में पहुंचना भी चर्चा का विषय बना हुआ है। नितिन नवीन ने मां दुर्गा की पूजा कर सुख-समृद्धि और कल्याण की कामना की। हालांकि, उनकी प्रार्थना से जुड़ी किसी विशेष कामना या बयान की जानकारी उपलब्ध नहीं है। संजय सरावगी भी रहे मौजूद इस दौरान बिहार बीजेपी के प्रदेश अध्यक्ष संजय सरावगी की मौजूदगी भी देखने को मिली। दोनों नेताओं का शिवपुरी दुर्गा पूजा पंडाल पहुंचना स्थानीय राजनीतिक और सामाजिक हलकों में चर्चा का विषय रहा। पूजा-अर्चना के दौरान धार्मिक आस्था और त्योहार के माहौल के बीच कार्यक्रम आयोजित हुआ। दुर्गा पूजा बिहार समेत देश के कई हिस्सों में बड़े उत्साह के साथ मनाई जाती है। इस दौरान जगह-जगह आकर्षक पंडाल बनाए जाते हैं और मां दुर्गा की प्रतिमा स्थापित कर पूजा की जाती है। पटना में भी विभिन्न इलाकों में पूजा पंडाल श्रद्धालुओं के आकर्षण का केंद्र बने रहते हैं। दुर्गा पूजा को लेकर पटना में उत्साह दुर्गा पूजा के दौरान पटना के अलग-अलग इलाकों में भक्त मां दुर्गा के दर्शन के लिए पहुंचते हैं। पंडालों में पूजा-अर्चना के साथ धार्मिक गतिविधियां भी आयोजित की जाती हैं। शिवपुरी का दुर्गा पूजा पंडाल भी इसी उत्सवी माहौल का हिस्सा है। कुल मिलाकर, बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन ने शिवपुरी दुर्गा पूजा पंडाल में मां दुर्गा के दर्शन कर पूजा-अर्चना की। इस मौके पर बिहार बीजेपी के प्रदेश अध्यक्ष संजय सरावगी भी मौजूद रहे। दोनों नेताओं की उपस्थिति के बीच धार्मिक आस्था और दुर्गा पूजा का माहौल देखने को मिला।
BUSINESS NEWS: कौन हैं प्रेम वत्स, जो 52,878 करोड़ रुपये में खरीद रहे हैं IDBI बैंक? जानिए उनकी पूरी कहानी

Prem Watsa IDBI Bank Deal नई दिल्ली: देश के बैंकिंग सेक्टर में IDBI बैंक की प्रस्तावित बिक्री को लेकर चर्चा तेज है। इस सौदे में कनाडा की दिग्गज वित्तीय कंपनी Fairfax Financial Holdings के प्रमुख प्रेम वत्स का नाम सामने आया है। कंपनी की ओर से IDBI बैंक में 60.72 फीसदी हिस्सेदारी खरीदने के लिए करीब 52,878 करोड़ रुपये की बोली लगाई गई है। यह सौदा पूरा होने पर बैंक के स्वामित्व में बड़ा बदलाव देखने को मिल सकता है। लेकिन सवाल यह है कि आखिर प्रेम वत्स कौन हैं और उन्होंने इतनी बड़ी कारोबारी पहचान कैसे बनाई? हैदराबाद से कनाडा तक का सफर प्रेम वत्स का जन्म 1950 में हैदराबाद में हुआ था। उन्होंने अपनी शुरुआती शिक्षा पूरी करने के बाद IIT मद्रास से केमिकल इंजीनियरिंग की पढ़ाई की। इसके बाद उच्च शिक्षा के लिए कनाडा चले गए। वहां उन्होंने University of Western Ontario से MBA की डिग्री हासिल की। कनाडा पहुंचने के बाद उनका सफर आसान नहीं था। उन्होंने शुरुआती दौर में कई तरह की चुनौतियों का सामना किया। धीरे-धीरे उन्होंने वित्तीय क्षेत्र में अनुभव हासिल किया और निवेश की दुनिया में अपनी अलग पहचान बनाई। ऐसे बने वैश्विक कारोबारी प्रेम वत्स ने अपने करियर की शुरुआत बीमा और निवेश से जुड़े क्षेत्र में की थी। वर्ष 1985 में उन्होंने Fairfax Financial Holdings की कमान संभाली। उनके नेतृत्व में कंपनी ने बीमा, पुनर्बीमा और निवेश प्रबंधन के कारोबार में विस्तार किया। उनकी निवेश शैली लंबी अवधि के नजरिए और कंपनियों की वास्तविक कारोबारी क्षमता पर आधारित मानी जाती है। इसी वजह से उन्हें कई बार ‘कनाडा का वॉरेन बफे’ भी कहा जाता है। IDBI बैंक के सौदे में कितनी है हिस्सेदारी? IDBI बैंक की रणनीतिक बिक्री के तहत केंद्र सरकार और भारतीय जीवन बीमा निगम (LIC) अपनी हिस्सेदारी बेचने की योजना पर काम कर रहे हैं। प्रस्तावित सौदे में सरकार की 30.48 फीसदी और LIC की 30.24 फीसदी हिस्सेदारी शामिल है। कुल मिलाकर यह 60.72 फीसदी हिस्सेदारी बनती है। इस सौदे की कीमत करीब 52,878 करोड़ रुपये बताई गई है। हालांकि, बिक्री की प्रक्रिया पूरी होने के लिए जरूरी नियामकीय मंजूरियां और अन्य औपचारिकताएं अहम होंगी। भारत में बढ़ सकता है Fairfax का कारोबार Fairfax समूह पहले से ही भारत में निवेश कर रहा है। IDBI बैंक में प्रस्तावित हिस्सेदारी उसके भारतीय वित्तीय क्षेत्र में विस्तार का महत्वपूर्ण कदम हो सकती है। कुल मिलाकर, प्रेम वत्स का सफर एक इंजीनियरिंग छात्र से अंतरराष्ट्रीय कारोबारी बनने तक का है। IDBI बैंक का प्रस्तावित अधिग्रहण उनके निवेश करियर में एक और बड़ा अध्याय जोड़ सकता है। हालांकि, सौदे का अंतिम परिणाम संबंधित मंजूरियों और प्रक्रिया पूरी होने पर निर्भर करेगा।
HEALTH NEWS 6 महीने तक के शिशुओं के फूड में Sucrose और Fructose पर रोक का प्रस्ताव, FSSAI ने जारी किया ड्राफ्ट नियम

FSSAI Infant Food Rules 2026: नई दिल्ली: छोटे बच्चों के पोषण और स्वास्थ्य को ध्यान में रखते हुए भारतीय खाद्य सुरक्षा एवं मानक प्राधिकरण (FSSAI) ने एक महत्वपूर्ण पहल की है। प्राधिकरण ने छह महीने तक के शिशुओं के लिए बनाए जाने वाले खाद्य उत्पादों में सुक्रोज (Sucrose) और फ्रक्टोज (Fructose) मिलाने पर रोक लगाने का प्रस्ताव रखा है। इस संबंध में Food Safety and Standards (Foods for Infant Nutrition) Amendment Regulations, 2026 का ड्राफ्ट जारी किया गया है। स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय की ओर से जारी प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार, यह मसौदा 16 अक्टूबर 2026 को भारत के राजपत्र (Gazette of India) में प्रकाशित किया गया। इसका उद्देश्य शिशुओं के शुरुआती जीवन में अतिरिक्त शर्करा के सेवन को कम करना और उनके लिए उम्र के अनुरूप पोषण सुनिश्चित करने की व्यवस्था को मजबूत बनाना है। शिशुओं के पोषण को लेकर क्या है प्रस्ताव? FSSAI के इस प्रस्तावित संशोधन के तहत छह महीने तक के शिशुओं के लिए निर्धारित खाद्य उत्पादों में सुक्रोज और फ्रक्टोज के अतिरिक्त इस्तेमाल को प्रतिबंधित करने का प्रस्ताव है। ये दोनों शर्करा के प्रकार हैं, जिनका उपयोग विभिन्न खाद्य उत्पादों में मिठास बढ़ाने के लिए किया जाता है। शिशु जीवन के शुरुआती महीनों में पोषण की जरूरतें अलग होती हैं। ऐसे में उनके लिए तैयार किए जाने वाले खाद्य उत्पादों की संरचना और उनमें इस्तेमाल होने वाली सामग्री को उम्र के हिसाब से निर्धारित करना महत्वपूर्ण माना जाता है। क्यों महत्वपूर्ण है यह कदम? इस प्रस्ताव का मुख्य उद्देश्य शिशुओं को शुरुआती उम्र में अतिरिक्त शर्करा के अनावश्यक संपर्क से बचाने के लिए नियामक व्यवस्था को मजबूत करना है। इसके साथ ही, शिशु पोषण से जुड़े उत्पादों को निर्धारित पोषण संबंधी जरूरतों के अनुरूप तैयार करने पर जोर दिया गया है। प्रस्तावित संशोधन का फोकस शिशु आहार की गुणवत्ता, पोषण संबंधी उपयुक्तता और खाद्य सुरक्षा मानकों को मजबूत करना है। इससे शिशुओं के लिए बनाए जाने वाले खाद्य उत्पादों की संरचना को लेकर नियामकीय निगरानी और स्पष्ट हो सकती है। फिलहाल ड्राफ्ट नियम, अंतिम फैसला बाकी यह ध्यान रखना जरूरी है कि FSSAI ने फिलहाल संशोधन का मसौदा प्रकाशित किया है। इसलिए इसे लागू हो चुका अंतिम नियम नहीं माना जाना चाहिए। प्रस्तावित प्रावधानों की अंतिम स्थिति और लागू होने की तारीख संबंधित नियामकीय प्रक्रिया के बाद स्पष्ट होगी। कुल मिलाकर, यह पहल शिशु पोषण उत्पादों के लिए निर्धारित मानकों को और मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। इसका उद्देश्य जीवन के शुरुआती छह महीनों में शिशुओं की पोषण संबंधी जरूरतों को ध्यान में रखते हुए खाद्य उत्पादों की गुणवत्ता सुनिश्चित करना है।
BIHAR RAJNITI NEWS: प्रशांत किशोर की सफाई, बोले- CM सम्राट चौधरी के खिलाफ मेरे बयान को तोड़-मरोड़कर पेश किया गया

प्रशांत किशोर का सम्राट चौधरी पर बयान: पटना, बिहार: बिहार की राजनीति में प्रशांत किशोर के बयान को लेकर चर्चा तेज हो गई है। जन सुराज के संस्थापक प्रशांत किशोर ने मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी को लेकर दिए गए अपने कथित विवादित बयान पर सफाई दी है। उन्होंने आरोप लगाया कि उनके बयान को गलत तरीके से पेश किया जा रहा है और ऐसी बातें उनके नाम से जोड़ी जा रही हैं, जिन्हें उन्होंने कहा ही नहीं। प्रशांत किशोर ने स्पष्ट किया कि उनके बयान का गलत अर्थ निकालने से वास्तविक बात लोगों तक नहीं पहुंच रही है। उन्होंने कहा कि जो बात उन्होंने कही ही नहीं, उसे उनके मुंह में नहीं डाला जाना चाहिए। उनके इस स्पष्टीकरण के बाद बिहार की सियासत में बयानबाजी को लेकर चर्चा और तेज होने की संभावना है। बयान को तोड़-मरोड़कर पेश करने का लगाया आरोप प्रशांत किशोर ने अपने पक्ष को रखते हुए कहा कि किसी भी बयान को उसके पूरे संदर्भ में समझना जरूरी है। उनके मुताबिक, किसी बात को चुनिंदा तरीके से पेश करने या उसका अर्थ बदलने से लोगों के बीच भ्रम पैदा हो सकता है। उन्होंने अपने कथित विवादित बयान को लेकर फैल रही चर्चाओं पर आपत्ति जताई और अपनी बात स्पष्ट करने की कोशिश की। सम्राट चौधरी पर आरोप दोहराने से बढ़ी सियासी चर्चा इस पूरे मामले में खास बात यह है कि सफाई देने के बावजूद प्रशांत किशोर ने मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी को लेकर अपने पहले के कड़े आरोपों को दोहराया। यानी उन्होंने एक तरफ अपने बयान को गलत तरीके से पेश किए जाने का विरोध किया, वहीं दूसरी तरफ मुख्यमंत्री को लेकर अपना राजनीतिक रुख भी बरकरार रखा। इस घटनाक्रम को बिहार की मौजूदा राजनीतिक बयानबाजी के संदर्भ में देखा जा रहा है। प्रशांत किशोर और मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी से जुड़ा यह मामला राजनीतिक चर्चाओं का विषय बन गया है। राजनीतिक बयानबाजी पर टिकी निगाहें प्रशांत किशोर की सफाई के बाद अब इस मामले में आगे आने वाली प्रतिक्रियाओं पर नजर रहेगी। हालांकि, उनके आरोपों और बयान को लेकर किए गए दावों की स्वतंत्र पुष्टि के लिए संबंधित पक्षों की विस्तृत प्रतिक्रिया और मूल बयान का संदर्भ देखना जरूरी है। फिलहाल, प्रशांत किशोर का मुख्य संदेश यही है कि उनके बयान को गलत संदर्भ में पेश न किया जाए, जबकि मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी को लेकर उनके आरोपों पर उनका रुख बरकरार है।