PATNA NEWS:मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने पटना के शिवपुरी पूजा पंडाल में किए मां दुर्गा के दर्शन, की पूजा-अर्चना

मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी: पटना, बिहार: बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी पटना के शिवपुरी स्थित पूजा पंडाल पहुंचे, जहां उन्होंने मां दुर्गा के दर्शन किए और विधि-विधान से पूजा-अर्चना की। इस दौरान उन्होंने मां दुर्गा के प्रति अपनी श्रद्धा व्यक्त की। दुर्गा पूजा के अवसर पर पूजा पंडालों में भक्तिमय माहौल देखने को मिल रहा है और श्रद्धालु बड़ी संख्या में मां के दर्शन के लिए पहुंच रहे हैं। शिवपुरी पूजा पंडाल में पहुंचे मुख्यमंत्री मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी का शिवपुरी पूजा पंडाल पहुंचना दुर्गा पूजा के उत्सवी माहौल से जुड़ा रहा। यहां उन्होंने मां दुर्गा की प्रतिमा के सामने माथा टेका और पूजा-अर्चना की। दुर्गा पूजा के दौरान पटना के अलग-अलग इलाकों में आकर्षक पंडाल बनाए जाते हैं, जहां श्रद्धालु परिवार के साथ पहुंचकर माता रानी का आशीर्वाद लेते हैं। मुख्य बातें: मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी पटना के शिवपुरी पूजा पंडाल पहुंचे। उन्होंने मां दुर्गा के दर्शन कर पूजा-अर्चना की। दुर्गा पूजा के अवसर पर राजधानी में धार्मिक उत्साह का माहौल है। श्रद्धालु पूजा पंडालों में पहुंचकर मां दुर्गा का आशीर्वाद ले रहे हैं। दुर्गा पूजा को लेकर पटना में उत्साह दुर्गा पूजा बिहार सहित पूरे देश में श्रद्धा और उल्लास के साथ मनाई जाती है। इस दौरान पूजा पंडालों को आकर्षक ढंग से सजाया जाता है और मां दुर्गा की प्रतिमाओं के दर्शन के लिए श्रद्धालुओं की भीड़ जुटती है। पटना में भी दुर्गा पूजा का विशेष उत्साह देखने को मिलता है। विभिन्न इलाकों में बने पंडाल धार्मिक आस्था के साथ-साथ लोगों के बीच सामाजिक मेलजोल का भी केंद्र बनते हैं। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के शिवपुरी पूजा पंडाल पहुंचने और मां दुर्गा की पूजा करने की यह जानकारी स्थानीय धार्मिक गतिविधियों के लिहाज से महत्वपूर्ण है। हालांकि, इस दौरान मुख्यमंत्री ने किसी विशेष विषय पर बयान दिया या कोई घोषणा की, इसकी जानकारी उपलब्ध नहीं है। निष्कर्ष: पटना के शिवपुरी पूजा पंडाल में मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने मां दुर्गा के दर्शन कर पूजा-अर्चना की। दुर्गा पूजा के अवसर पर राजधानी में धार्मिक आस्था और उत्साह का माहौल बना हुआ है।
BJP NEWS:लालकृष्ण आडवाणी की बिगड़ी तबीयत, दिल्ली के अपोलो अस्पताल में भर्ती; ICU में चल रहा इलाज

लालकृष्ण आडवाणी अस्पताल में भर्ती: नई दिल्ली: भारतीय जनता पार्टी (BJP) के वरिष्ठ नेता और देश के पूर्व उप प्रधानमंत्री लालकृष्ण आडवाणी की तबीयत बिगड़ने के बाद उन्हें दिल्ली के इंद्रप्रस्थ अपोलो अस्पताल में भर्ती कराया गया है। 98 वर्षीय आडवाणी को सीने में संक्रमण (चेस्ट इंफेक्शन) की शिकायत के बाद 16 अक्टूबर 2026 की शाम अस्पताल लाया गया। ताजा जानकारी के मुताबिक, उनकी हालत स्थिर है और डॉक्टरों की टीम लगातार उनकी निगरानी कर रही है। <Cite refs={[“turn233061search0″,”turn233061search9”]}/> ICU में डॉक्टरों की निगरानी में हैं आडवाणी मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, लालकृष्ण आडवाणी को शुक्रवार शाम करीब 7:30 बजे अस्पताल में भर्ती कराया गया था। उनका उपचार फेफड़ों से संबंधित विभाग में किया जा रहा है। अस्पताल की ओर से दी गई जानकारी के मुताबिक, उन्हें ICU में रखा गया है और वरिष्ठ चिकित्सकों की देखरेख में इलाज जारी है। आडवाणी की उम्र को देखते हुए डॉक्टर उनकी सेहत पर विशेष ध्यान दे रहे हैं। फिलहाल उनकी स्थिति स्थिर बताई गई है। हालांकि, आगे के स्वास्थ्य अपडेट के लिए अस्पताल की आधिकारिक जानकारी पर नजर रखना जरूरी है। <Cite refs={[“turn233061search7″,”turn233061search6”]}/> जेपी नड्डा ने अस्पताल पहुंचकर जाना हाल आडवाणी के अस्पताल में भर्ती होने की खबर सामने आने के बाद राजनीतिक गलियारों में उनके स्वास्थ्य को लेकर चिंता बढ़ गई है। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री और भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा ने अस्पताल पहुंचकर उनके स्वास्थ्य की जानकारी ली। पार्टी के वरिष्ठ नेता के स्वास्थ्य पर समर्थकों और राजनीतिक जगत की नजर बनी हुई है। <Cite refs={[“turn233061search0″,”turn233061search6”]}/> कौन हैं लालकृष्ण आडवाणी? लालकृष्ण आडवाणी भारतीय राजनीति के प्रमुख नेताओं में गिने जाते हैं। उनका जन्म 8 नवंबर 1927 को कराची में हुआ था, जो अब पाकिस्तान में है। देश के विभाजन के बाद उनका परिवार भारत आ गया। उन्होंने राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) से जुड़कर सार्वजनिक जीवन की शुरुआत की और आगे चलकर भारतीय जनसंघ तथा भारतीय जनता पार्टी के संगठन को मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। आडवाणी भाजपा के तीन बार राष्ट्रीय अध्यक्ष रहे। अटल बिहारी वाजपेयी के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार में उन्होंने गृह मंत्री की जिम्मेदारी संभाली। वर्ष 2002 से 2004 तक वह देश के उप प्रधानमंत्री भी रहे। वर्ष 1990 में निकाली गई उनकी राम रथ यात्रा भारतीय राजनीति की महत्वपूर्ण घटनाओं में शामिल रही। भारत रत्न से हो चुके हैं सम्मानित लालकृष्ण आडवाणी को भारतीय राजनीति में उनके लंबे योगदान के लिए वर्ष 2015 में पद्म विभूषण से सम्मानित किया गया था। इसके बाद वर्ष 2024 में उन्हें देश के सर्वोच्च नागरिक सम्मान भारत रत्न से नवाजा गया। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सहित कई वरिष्ठ नेताओं ने उनके राजनीतिक योगदान की सराहना की है। <Cite refs={[“turn233061search8″,”turn233061search9”]}/> पहले भी अस्पताल में भर्ती हो चुके हैं आडवाणी यह पहली बार नहीं है जब लालकृष्ण आडवाणी को स्वास्थ्य संबंधी परेशानियों के कारण अस्पताल में भर्ती कराया गया है। इससे पहले मई 2026 में भी उन्हें उम्र से जुड़ी स्वास्थ्य समस्याओं के चलते अपोलो अस्पताल में भर्ती कराया गया था। दिसंबर 2024 में भी उन्हें चिकित्सा जांच और उपचार के लिए अस्पताल में रखा गया था। फिलहाल आडवाणी की हालत स्थिर बताई जा रही है। डॉक्टरों की निगरानी में उनका इलाज जारी है और उनके स्वास्थ्य से जुड़ी आगे की जानकारी का इंतजार किया जा रहा है।
NOIDA NEWS:ग्रेटर नोएडा में 5 लोगों की मौत पर जहर की आशंका, खाद्य सुरक्षा अधिकारी बोले- फूड पॉइजनिंग के नहीं मिले लक्षण

ग्रेटर नोएडा में 5 लोगों की मौत: ग्रेटर नोएडा, उत्तर प्रदेश: ग्रेटर नोएडा में एक ही परिवार के पांच सदस्यों की मौत के मामले ने गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। शुरुआत में इस घटना को फूड पॉइजनिंग से जोड़कर देखा जा रहा था, लेकिन अब खाद्य सुरक्षा विभाग के अधिकारी के बयान के बाद जांच की दिशा को लेकर चर्चा तेज हो गई है। खाद्य सुरक्षा अधिकारी ओ.पी. सिंह के मुताबिक, परिवार ने जिन खाद्य पदार्थों का सेवन किया था, उनके पैकेट की जांच की गई। इस दौरान कोई भी पैकेट एक्सपायरी डेट का नहीं मिला और न ही जांच के दौरान कोई संदिग्ध चीज सामने आई। अधिकारी ने यह भी कहा कि मृतकों में उल्टी और दस्त जैसे लक्षण नहीं पाए गए, जो आमतौर पर फूड पॉइजनिंग के मामलों में देखे जा सकते हैं। ऐसे में उन्होंने जहर की आशंका जताई है। हालांकि, मौत की असली वजह क्या थी, इसका अंतिम निष्कर्ष जांच पूरी होने और संबंधित रिपोर्ट सामने आने के बाद ही निकाला जा सकेगा। खाद्य सुरक्षा अधिकारी ने क्या कहा? खाद्य सुरक्षा अधिकारी ओ.पी. सिंह ने बताया कि परिवार द्वारा खाई गई चीजों के पैकेट की जांच की गई थी। जांच में किसी भी खाद्य पदार्थ की एक्सपायरी डेट समाप्त नहीं मिली। अधिकारियों को शुरुआती जांच में कोई ऐसी संदिग्ध चीज भी नहीं मिली, जिसके आधार पर सीधे तौर पर खाद्य पदार्थों को मौत का कारण माना जा सके। उन्होंने बताया कि यदि यह फूड पॉइजनिंग का मामला होता, तो उल्टी और दस्त जैसे लक्षण सामने आने की संभावना रहती। लेकिन इस मामले में ऐसे लक्षण नहीं पाए गए। अधिकारी के अनुसार, घटनास्थल पर शव भी सामान्य अवस्था में मिले थे। इन्हीं परिस्थितियों को देखते हुए उन्होंने जहर दिए जाने की आशंका जताई। हालांकि, जहर की आशंका जताना और जहर से मौत की पुष्टि होना दो अलग-अलग बातें हैं। फिलहाल उपलब्ध बयान के आधार पर मौत की वास्तविक वजह को निश्चित नहीं माना जा सकता। क्या फूड पॉइजनिंग से हुई पांचों की मौत? इस घटना में सबसे बड़ा सवाल यही है कि क्या परिवार के पांच सदस्यों की मौत दूषित भोजन के कारण हुई या इसके पीछे कोई दूसरी वजह है। खाद्य सुरक्षा अधिकारी के बयान के अनुसार, शुरुआती जांच में खाद्य पदार्थों के पैकेट पर ऐसी कोई गड़बड़ी नहीं मिली, जिससे फूड पॉइजनिंग की पुष्टि हो सके। हालांकि, केवल पैकेट की एक्सपायरी डेट सही होने से यह साबित नहीं होता कि खाद्य पदार्थ पूरी तरह सुरक्षित थे। भोजन के दूषित होने, गलत तरीके से रखे जाने या किसी अन्य कारण से खराब होने की संभावना का आकलन अलग-अलग जांच के आधार पर किया जाता है। इसी तरह, उल्टी और दस्त जैसे लक्षण नहीं मिलने से भी फूड पॉइजनिंग की आशंका को अपने आप पूरी तरह खारिज नहीं किया जा सकता। मौत की वजह निर्धारित करने के लिए चिकित्सकीय जांच और अन्य उपलब्ध साक्ष्यों का महत्व होता है। जहर की आशंका ने बढ़ाई जांच की अहमियत एक ही परिवार के पांच लोगों की मौत जैसी घटना में हर पहलू की गंभीरता से जांच करना जरूरी है। खाद्य सुरक्षा अधिकारी के बयान के बाद जहर की आशंका भी जांच का एक महत्वपूर्ण पहलू बन गई है। ऐसे मामलों में यह पता लगाना जरूरी होता है कि किसी जहरीले पदार्थ के संपर्क में आने या उसके सेवन की संभावना थी या नहीं। इसके लिए परिस्थितिजन्य साक्ष्य, चिकित्सकीय निष्कर्ष और जरूरत के अनुसार फॉरेंसिक जांच की रिपोर्ट महत्वपूर्ण हो सकती है। जब तक इन सभी पहलुओं की पुष्टि नहीं होती, तब तक किसी एक कारण को मौत के लिए जिम्मेदार ठहराना उचित नहीं होगा। फिलहाल अधिकारी के बयान से इतना स्पष्ट है कि खाद्य पदार्थों के पैकेट की शुरुआती जांच में कोई स्पष्ट गड़बड़ी नहीं मिली और फूड पॉइजनिंग के सामान्य लक्षण भी सामने नहीं आए। इसी आधार पर जहर की आशंका जताई गई है। जांच रिपोर्ट का इंतजार ग्रेटर नोएडा में हुई इस घटना ने परिवार के पांच सदस्यों की मौत की वजह को लेकर कई सवाल खड़े कर दिए हैं। अब मामले में सबसे महत्वपूर्ण यह होगा कि जांच से क्या तथ्य सामने आते हैं और क्या मौतों के पीछे किसी जहरीले पदार्थ की भूमिका की पुष्टि होती है। फिलहाल जहर से मौत की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। खाद्य सुरक्षा अधिकारी ने आशंका व्यक्त की है, जबकि अंतिम कारण का निर्धारण जांच के निष्कर्षों के आधार पर ही किया जाना चाहिए। जांच पूरी होने के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा कि यह मामला फूड पॉइजनिंग से जुड़ा था या इसके पीछे कोई अन्य कारण था।
Kia Sorento Hybrid: ₹27.99 लाख से शुरू हुई कीमत, दमदार पावर और प्रीमियम फीचर्स के साथ आई SUV

Kia Sorento Hybrid: ऑटोमोबाइल बाजार में प्रीमियम SUV की मांग के बीच Kia Sorento ने भारतीय बाजार में अपनी खास पहचान बनाने की दिशा में कदम बढ़ाया है। शानदार डिजाइन, आधुनिक तकनीक और हाइब्रिड पावरट्रेन के साथ पेश की गई यह SUV उन ग्राहकों को आकर्षित कर सकती है, जो बेहतर ड्राइविंग अनुभव के साथ आराम और उपयोगिता को भी प्राथमिकता देते हैं। कंपनी की ओर से इसकी शुरुआती कीमत ₹27.99 लाख (एक्स-शोरूम) रखी गई है। हालांकि, यह शुरुआती कीमत डीजल वेरिएंट की है, जबकि हाइब्रिड मॉडल की कीमत ₹29.49 लाख से शुरू होती है। Kia Sorento Hybrid में मिलेगा दमदार इंजन Kia Sorento के हाइब्रिड वेरिएंट में 1.6-लीटर टर्बो-पेट्रोल इंजन के साथ इलेक्ट्रिक मोटर दी गई है। यह संयोजन बेहतर पावर डिलीवरी और ड्राइविंग के दौरान सहज अनुभव देने के लिए तैयार किया गया है। इंजन और इलेक्ट्रिक मोटर की संयुक्त तकनीक SUV को आधुनिक और सुविधाजनक विकल्प बनाती है। हाइब्रिड तकनीक का प्रमुख उद्देश्य पेट्रोल इंजन और इलेक्ट्रिक मोटर के बीच बेहतर तालमेल बनाकर प्रदर्शन और ईंधन दक्षता में संतुलन कायम करना है। हालांकि, वास्तविक माइलेज सड़क की स्थिति, ड्राइविंग स्टाइल और अन्य परिस्थितियों पर निर्भर करेगा। प्रीमियम डिजाइन और आधुनिक सुविधाएं Kia Sorento का डिजाइन इसे प्रीमियम SUV की श्रेणी में अलग पहचान देता है। इसके एक्सटीरियर में आकर्षक फ्रंट ग्रिल, आधुनिक लाइटिंग और दमदार बॉडी डिजाइन देखने को मिलता है। वहीं, केबिन में आराम और तकनीक पर विशेष ध्यान दिया गया है। SUV में मिलने वाली प्रमुख सुविधाओं में शामिल हैं: 12.3 इंच का HD टचस्क्रीन इंफोटेनमेंट सिस्टम डिजिटल इंस्ट्रूमेंट क्लस्टर चुनिंदा वेरिएंट में पैनोरमिक सनरूफ पावर-एडजस्टेबल सीटें और बेहतर केबिन सुविधा चुनिंदा वेरिएंट में एडवांस्ड ड्राइवर असिस्टेंस सिस्टम (ADAS) फीचर्स की उपलब्धता वेरिएंट के अनुसार अलग-अलग हो सकती है। 6 और 7-सीटर विकल्प भी उपलब्ध Kia Sorento को 6-सीटर और 7-सीटर कॉन्फिगरेशन में पेश किया गया है। इससे ग्राहक अपनी जरूरत के हिसाब से विकल्प चुन सकते हैं। बड़े परिवारों और लंबी दूरी की यात्रा करने वालों के लिए इसका स्पेस और सीटिंग लेआउट उपयोगी साबित हो सकता है। कितनी है Kia Sorento की कीमत? Kia Sorento की शुरुआती एक्स-शोरूम कीमत ₹27.99 लाख है। हाइब्रिड मॉडल की शुरुआती कीमत ₹29.49 लाख बताई गई है। अलग-अलग वेरिएंट, इंजन विकल्प और अतिरिक्त सुविधाओं के आधार पर कीमत में बदलाव होता है। ऑन-रोड कीमत में टैक्स, बीमा और अन्य शुल्क भी शामिल होते हैं। कुल मिलाकर, Kia Sorento Hybrid आधुनिक हाइब्रिड तकनीक, प्रीमियम डिजाइन और कई उपयोगी सुविधाओं के साथ SUV खरीदने वालों के लिए एक नया विकल्प है। इसकी वास्तविक उपयोगिता का आकलन माइलेज, ड्राइविंग अनुभव और रखरखाव लागत के आधार पर किया जा सकेगा।
TESLA FLYING CAR NEWS:एलन मस्क का बड़ा इशारा! बोले— भविष्य में उड़ने वाली कारें भी होंगी

Tesla Flying Car: टेक्नोलॉजी की दुनिया में उड़ने वाली कारों को लेकर एक बार फिर चर्चा तेज हो गई है। Tesla के प्रमुख एलन मस्क की एक सोशल मीडिया पोस्ट ने भविष्य के परिवहन को लेकर नई उम्मीदें जगा दी हैं। मस्क ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर लिखा, “Turns out the future does have flying cars” यानी, लगता है कि भविष्य में उड़ने वाली कारें भी होंगी। उनके इस बयान के बाद लोग कयास लगा रहे हैं कि क्या आने वाले वर्षों में उड़ने वाली कारें हकीकत बन सकती हैं। एलन मस्क की पोस्ट से बढ़ी चर्चा एलन मस्क अपने तकनीकी विचारों और भविष्य की योजनाओं को लेकर अक्सर सुर्खियों में रहते हैं। इस बार उनकी पोस्ट ने Flying Car Technology को लेकर लोगों का ध्यान खींचा है। हालांकि, मस्क के इस बयान में Tesla की किसी नई उड़ने वाली कार की लॉन्चिंग, डिजाइन या बिक्री की तारीख की आधिकारिक घोषणा नहीं की गई है। इसलिए इसे भविष्य की तकनीक को लेकर एक संकेत के तौर पर देखना ज्यादा उचित होगा। Tesla Roadster को लेकर भी उम्मीदें Tesla की Roadster स्पोर्ट्स कार लंबे समय से चर्चा में रही है। इसकी अगली पीढ़ी को लेकर भी कार प्रेमियों में उत्सुकता बनी हुई है। हालांकि, इलेक्ट्रिक कार और उड़ने वाली कार के बीच बड़ा तकनीकी अंतर है। किसी वाहन को सड़क पर चलाने के साथ-साथ हवा में सुरक्षित उड़ाने के लिए विशेष इंजीनियरिंग, ऊर्जा प्रबंधन और नियंत्रण प्रणाली की जरूरत होती है। उड़ने वाली कारों को आम लोगों तक पहुंचाने के लिए सुरक्षा, लागत और तकनीकी विश्वसनीयता जैसी चुनौतियों का समाधान जरूरी होगा। इसके अलावा, ऐसे वाहनों के संचालन के लिए हवाई यातायात नियंत्रण और नियामकीय नियम भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे। भारत में ट्रैफिक से मिल सकती है राहत? भारत के दिल्ली, मुंबई, बेंगलुरु और पटना जैसे शहरों में ट्रैफिक जाम रोजमर्रा की बड़ी समस्या है। ऐसे में भविष्य में उड़ने वाले वाहनों का इस्तेमाल परिवहन के नए विकल्प के रूप में किया जा सकता है। अगर यह तकनीक सुरक्षित, किफायती और व्यावहारिक बनती है, तो शहरी यात्रा के तौर-तरीकों में बदलाव संभव है। हालांकि, भारत में Tesla की उड़ने वाली कार की लॉन्चिंग या बिक्री को लेकर फिलहाल कोई पुष्ट जानकारी उपलब्ध नहीं है। साथ ही, यह भी स्पष्ट नहीं है कि ऐसी तकनीक आम लोगों के लिए कब तक उपलब्ध हो पाएगी। कब पूरा होगा उड़ने वाली कारों का सपना? एलन मस्क की पोस्ट ने उड़ने वाली कारों के भविष्य को लेकर उत्सुकता जरूर बढ़ा दी है, लेकिन इस तकनीक को वास्तविक जीवन में इस्तेमाल करने के लिए अभी कई सवालों के जवाब जरूरी हैं। फिलहाल इतना तय है कि Flying Cars का विचार भविष्य के परिवहन की एक दिलचस्प संभावना है, लेकिन इसे जल्द बाजार में आने वाली Tesla कार मानना सही नहीं होगा। अब सबकी नजर इस बात पर रहेगी कि आने वाले समय में इस दिशा में कोई ठोस तकनीकी घोषणा होती है या नहीं।
RAILWAY NEWS:IRCTC से बदला रेल टिकट बुकिंग का अंदाज, अगस्त 2026 में 89% आरक्षित टिकट ऑनलाइन बुक

IRCTC Online Ticket Booking: नई दिल्ली: भारत में रेल यात्रा के लिए टिकट बुक करने का तरीका तेजी से डिजिटल होता जा रहा है। इंडियन रेलवे कैटरिंग एंड टूरिज्म कॉरपोरेशन (IRCTC) ने ऑनलाइन टिकट बुकिंग को यात्रियों के लिए आसान और सुविधाजनक बनाने में अहम भूमिका निभाई है। अगस्त 2026 के आंकड़ों के मुताबिक, आरक्षित रेल टिकटों की कुल बुकिंग में 89 प्रतिशत टिकट ऑनलाइन माध्यम से बुक किए गए। यह आंकड़ा भारतीय रेलवे में डिजिटल सेवाओं के बढ़ते इस्तेमाल को दर्शाता है। ऑनलाइन टिकट बुकिंग को मिल रही बढ़त IRCTC के माध्यम से यात्री घर बैठे ट्रेन टिकट बुक कर सकते हैं। इसके लिए उन्हें रेलवे स्टेशन के टिकट काउंटर पर लंबी कतारों में खड़े होने की जरूरत नहीं पड़ती। ऑनलाइन प्लेटफॉर्म के जरिए यात्री अपनी यात्रा की तारीख, ट्रेन और उपलब्धता की जानकारी देखकर टिकट बुक कर सकते हैं। अगस्त 2026 में 57.9 करोड़ ऑनलाइन टिकट बुक किए जाने का आंकड़ा डिजिटल रेल सेवाओं के व्यापक इस्तेमाल को रेखांकित करता है। हालांकि, इस आंकड़े की अवधि और इसमें शामिल टिकटों की श्रेणी की आधिकारिक पुष्टि आवश्यक है। डिजिटल इंडिया को मिल रहा बढ़ावा भारत में इंटरनेट और स्मार्टफोन की पहुंच बढ़ने के साथ ही लोगों का रुझान ऑनलाइन सेवाओं की ओर बढ़ा है। रेल टिकट बुकिंग भी इसी बदलाव का हिस्सा है। IRCTC की वेबसाइट और मोबाइल ऐप यात्रियों को टिकट बुक करने के साथ-साथ अपनी यात्रा की योजना बनाने में मदद करते हैं। ऑनलाइन बुकिंग से यात्रियों का समय बचता है और टिकट आरक्षण की प्रक्रिया अधिक सुविधाजनक बनती है। खासकर उन लोगों के लिए यह सुविधा उपयोगी है, जिन्हें यात्रा के लिए पहले से टिकट आरक्षित कराना होता है। रेल यात्रा में तकनीक की बढ़ती भूमिका भारतीय रेलवे देश में सार्वजनिक परिवहन का एक प्रमुख माध्यम है। ऐसे में टिकट बुकिंग की प्रक्रिया को डिजिटल बनाना यात्रियों के अनुभव को बेहतर बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। IRCTC के जरिए ऑनलाइन आरक्षण की बढ़ती हिस्सेदारी बताती है कि डिजिटल सेवाएं अब लोगों की रोजमर्रा की यात्रा का अहम हिस्सा बन रही हैं। आने वाले समय में तकनीक आधारित सुविधाओं का विस्तार रेल यात्रियों को अधिक सुविधाजनक सेवाएं उपलब्ध कराने में मदद कर सकता है। इससे डिजिटल इंडिया अभियान को भी गति मिलने की उम्मीद है।
HEALTH NEWS:ABHA ID से डिजिटल हेल्थकेयर को बढ़ावा, 97.8 करोड़ से ज्यादा IDs बनीं; 121 करोड़ हेल्थ रिकॉर्ड लिंक

ABHA ID: नई दिल्ली: भारत में डिजिटल हेल्थकेयर व्यवस्था को मजबूत करने की दिशा में आयुष्मान भारत हेल्थ अकाउंट (ABHA) महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है। डिजिटल माध्यम से स्वास्थ्य सेवाओं को अधिक सुविधाजनक बनाने की इस पहल के तहत बड़ी संख्या में लोगों की हेल्थ आईडी बनाई गई हैं। उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार, 1 सितंबर 2026 तक देश में 97.8 करोड़ से अधिक ABHA IDs बनाई जा चुकी थीं, जबकि 121 करोड़ से ज्यादा स्वास्थ्य रिकॉर्ड इससे लिंक किए जा चुके थे। क्या है ABHA ID और कैसे करती है काम? ABHA का पूरा नाम आयुष्मान भारत हेल्थ अकाउंट (Ayushman Bharat Health Account) है। यह एक डिजिटल हेल्थ आईडी है, जिसका उद्देश्य लोगों के स्वास्थ्य रिकॉर्ड को डिजिटल रूप में व्यवस्थित करने और उन्हें जरूरत के समय आसानी से उपलब्ध कराने में मदद करना है। इसके माध्यम से व्यक्ति अपने मेडिकल रिकॉर्ड को डिजिटल हेल्थ सिस्टम से जोड़ सकता है। इससे अलग-अलग स्वास्थ्य सेवा प्रदाताओं के बीच मेडिकल जानकारी साझा करना आसान हो सकता है, बशर्ते आवश्यक सहमति और तकनीकी सुविधाएं उपलब्ध हों। मरीजों को क्या मिल सकता है फायदा? ABHA ID के जरिए मरीजों को अपनी पुरानी मेडिकल रिपोर्ट, जांच के नतीजे और उपचार से संबंधित रिकॉर्ड डिजिटल रूप में व्यवस्थित रखने में मदद मिल सकती है। बार-बार अस्पताल बदलने या किसी दूसरे डॉक्टर से सलाह लेने की स्थिति में संबंधित रिकॉर्ड तक पहुंच आसान हो सकती है। ABHA ID के प्रमुख फायदे: डिजिटल हेल्थ रिकॉर्ड: मेडिकल दस्तावेजों को डिजिटल रूप में व्यवस्थित रखने में मदद। आसान जानकारी साझा करना: सहमति के आधार पर स्वास्थ्य रिकॉर्ड संबंधित डॉक्टर या अस्पताल के साथ साझा किए जा सकते हैं। समय की बचत: पुरानी रिपोर्ट खोजने और दोबारा जानकारी जुटाने की परेशानी कम हो सकती है। बेहतर स्वास्थ्य प्रबंधन: मरीज के पिछले उपचार और जांच से जुड़ी जानकारी उपलब्ध होने पर डॉक्टरों को मदद मिल सकती है। डिजिटल स्वास्थ्य सेवाओं की ओर बढ़ता भारत ABHA का बढ़ता दायरा देश में डिजिटल स्वास्थ्य सेवाओं के विस्तार को दर्शाता है। हालांकि, डिजिटल रिकॉर्ड की उपलब्धता के साथ उनकी गोपनीयता और सुरक्षा भी महत्वपूर्ण है। स्वास्थ्य संबंधी जानकारी साझा करते समय मरीज की सहमति और डेटा सुरक्षा का ध्यान रखना जरूरी है। निष्कर्ष: ABHA ID भारत में स्वास्थ्य रिकॉर्ड को डिजिटल बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है। इसके प्रभावी इस्तेमाल से मरीजों और स्वास्थ्य सेवा प्रदाताओं के बीच मेडिकल जानकारी का आदान-प्रदान अधिक सुविधाजनक बन सकता है।
DELHI NEWS:ग्रेटर नोएडा में एक ही परिवार के 5 लोगों की मौत, फूड पॉइजनिंग की आशंका; जांच में जुटी पुलिस

ग्रेटर नोएडा में 5 लोगों की मौत नोएडा, उत्तर प्रदेश: उत्तर प्रदेश के ग्रेटर नोएडा से एक बेहद दुखद घटना सामने आई है। रबूपुरा इलाके में एक ही परिवार के पांच सदस्यों की मौत से हड़कंप मच गया है। मृतकों में पति-पत्नी और उनके तीन बच्चे शामिल हैं। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस और संबंधित विभागों की टीमें मौके पर पहुंचीं और मामले की जांच शुरू कर दी। ग्रेटर नोएडा के डीसीपी श्रवण कुमार सिंह के मुताबिक, शुरुआती जानकारी में मामला फूड पॉइजनिंग (खाद्य विषाक्तता) से जुड़ा हुआ प्रतीत हो रहा है। हालांकि, मौत की असली वजह अभी स्पष्ट नहीं है। पुलिस सभी पहलुओं को ध्यान में रखते हुए जांच कर रही है। रात में खाना खाने के बाद बिगड़ी तबीयत डीसीपी श्रवण कुमार सिंह ने बताया कि प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, परिवार के सदस्यों ने रात करीब 10:30 बजे कुछ बनाकर खाया था। इसके बाद सभी सोने चले गए। सोने के बाद उनके मुंह से झाग निकलने की बात सामने आई। इस घटना में परिवार के पांचों सदस्यों की मौत हो गई। घटना की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने मौके पर पहुंचकर आवश्यक कार्रवाई की। सभी शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है। अब पोस्टमार्टम रिपोर्ट और जांच के नतीजों से मौत के कारणों का पता लगाने में मदद मिलेगी। पोस्टमार्टम रिपोर्ट से खुलेगा मौत का राज पुलिस के अनुसार, फिलहाल फूड पॉइजनिंग को केवल प्रारंभिक आशंका के तौर पर देखा जा रहा है। अभी यह पुष्टि नहीं हुई है कि परिवार की मौत दूषित भोजन खाने से हुई या इसके पीछे कोई अन्य कारण है। जांच में जुटी टीमें घटना से जुड़े तथ्यों और परिस्थितियों की पड़ताल कर रही हैं। पुलिस का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही मौत की वास्तविक वजह के बारे में स्पष्ट जानकारी मिल सकेगी। एक ही परिवार के पांच सदस्यों की मौत की इस घटना से इलाके में शोक का माहौल है। फिलहाल सभी की निगाहें जांच रिपोर्ट पर टिकी हैं, जिससे इस दुखद घटना की असली वजह सामने आ सके।
PATNA NEWS:अनंत सिंह के बयान पर मृत्युंजय तिवारी की प्रतिक्रिया, बोले- JDU का शीर्ष नेतृत्व पूरे मामले को देख रहा है

अनंत सिंह के बयान पर मृत्युंजय तिवारी पटना, बिहार: बिहार की राजनीति में अनंत सिंह के बयान को लेकर चर्चा के बीच भाजपा नेता मृत्युंजय तिवारी ने अपनी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने इस मामले को जनता दल यूनाइटेड (JDU) का आंतरिक विषय बताते हुए कहा कि पार्टी के शीर्ष नेतृत्व को पूरे घटनाक्रम की जानकारी है और वह इस मामले पर नजर बनाए हुए है। मृत्युंजय तिवारी ने स्पष्ट किया कि अनंत सिंह के बयान से जुड़े मामले में JDU का नेतृत्व पहले से ही संज्ञान ले रहा है। उन्होंने कहा कि सहयोगी दल होने के नाते भाजपा इस विषय पर JDU के नेतृत्व की भूमिका को देख रही है। मृत्युंजय तिवारी ने क्या कहा? मीडिया से बातचीत के दौरान भाजपा नेता मृत्युंजय तिवारी ने कहा, “यह JDU का विषय है। हमारे सहयोगी दल JDU के नेतृत्व के संज्ञान में सारी चीजें हैं, सारी बातें हैं। JDU का शीर्ष नेतृत्व इस पूरे मामले को देख रहा है।” उनके इस बयान से साफ है कि भाजपा नेता ने इस मामले में सीधे तौर पर हस्तक्षेप करने के बजाय इसे JDU के नेतृत्व के स्तर पर देखने की बात कही है। उन्होंने यह भी संकेत दिया कि पूरे घटनाक्रम की जानकारी संबंधित नेतृत्व को है। JDU नेतृत्व पर टिकी नजरें अनंत सिंह के बयान को लेकर बिहार के राजनीतिक गलियारों में चर्चा के बीच अब JDU के शीर्ष नेतृत्व की भूमिका पर नजरें टिकी हैं। मृत्युंजय तिवारी के बयान के बाद यह स्पष्ट हो गया है कि भाजपा की ओर से इस मामले को JDU के अधिकार क्षेत्र का विषय बताया जा रहा है। हालांकि, इस मामले में JDU नेतृत्व की ओर से आगे क्या कदम उठाया जाता है, यह देखना महत्वपूर्ण होगा। फिलहाल मृत्युंजय तिवारी ने अपने बयान में किसी तरह की कार्रवाई की घोषणा नहीं की है, बल्कि इतना ही कहा है कि JDU का शीर्ष नेतृत्व पूरे मामले से अवगत है और उसे देख रहा है। बिहार की राजनीति में इस बयान के आगे क्या मायने निकलते हैं और JDU नेतृत्व इस पर क्या रुख अपनाता है, यह आने वाले समय में स्पष्ट हो सकता है।
PATNA NEWS:नितिन नवीन ने देशवासियों को दी दुर्गा पूजा और नवरात्रि की शुभकामनाएं, मां दुर्गा की आराधना को बताया खास अवसर

नितिन नवीन दुर्गा पूजा शुभकामनाएं:पटना, बिहार: भारतीय जनता पार्टी (BJP) के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन ने दुर्गा पूजा और नवरात्रि के पावन अवसर पर देशवासियों को हार्दिक शुभकामनाएं दीं। उन्होंने मां दुर्गा की आराधना और उनके आशीर्वाद को इस पर्व की विशेषता बताते हुए खुशी जाहिर की। नितिन नवीन ने कहा कि दुर्गा पूजा के अवसर पर लोग पूरे उत्साह और श्रद्धा के साथ मां दुर्गा की पूजा-अर्चना कर रहे हैं। नितिन नवीन ने देशवासियों को दी शुभकामनाएं पटना में अपने संबोधन के दौरान नितिन नवीन ने कहा कि वह सभी देशवासियों को दुर्गा पूजा और नवरात्रि की बहुत-बहुत शुभकामनाएं देते हैं। उन्होंने इस पावन अवसर पर मां दुर्गा की आराधना करने और उनका आशीर्वाद प्राप्त करने को लेकर प्रसन्नता व्यक्त की। उन्होंने कहा कि दुर्गा पूजा भारतीय संस्कृति और आस्था से जुड़ा एक महत्वपूर्ण पर्व है। इस दौरान श्रद्धालु मां दुर्गा की पूजा-अर्चना करते हैं और परिवार, समाज तथा देश की सुख-समृद्धि की कामना करते हैं। पूरे उत्साह के साथ मनाया जा रहा दुर्गा पूजा का पर्व देश के विभिन्न हिस्सों में नवरात्रि और दुर्गा पूजा को लेकर भक्तों में उत्साह देखने को मिलता है। मंदिरों और पूजा पंडालों में श्रद्धालु मां दुर्गा के दर्शन करने पहुंचते हैं। धार्मिक अनुष्ठानों, पूजा-पाठ और भक्ति कार्यक्रमों के जरिए लोग इस पर्व को मनाते हैं। बिहार की राजधानी पटना में भी दुर्गा पूजा के दौरान विशेष उत्साह देखने को मिलता है। शहर के अलग-अलग इलाकों में पूजा की तैयारियां की जाती हैं और श्रद्धालु मां दुर्गा के दर्शन कर आशीर्वाद लेते हैं। आस्था और परंपरा का प्रतीक है नवरात्रि नवरात्रि को मां दुर्गा की उपासना का विशेष पर्व माना जाता है। इन नौ दिनों में भक्त श्रद्धा के साथ पूजा-अर्चना करते हैं। वहीं, दुर्गा पूजा बुराई पर अच्छाई की जीत और शक्ति की उपासना का संदेश देती है। नितिन नवीन के शुभकामना संदेश के साथ इस पावन पर्व पर मां दुर्गा की आराधना और धार्मिक उत्साह का महत्व भी सामने आया। त्योहार के अवसर पर लोग सुख, शांति और समृद्धि की कामना करते हुए एक-दूसरे को शुभकामनाएं देते हैं। मुख्य बात: भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन ने दुर्गा पूजा और नवरात्रि पर देशवासियों को शुभकामनाएं देते हुए मां दुर्गा की आराधना और उनका आशीर्वाद प्राप्त करने पर खुशी जताई।