विकसित भारत के लिए बैंकिंग सेक्टर में होंगे बड़े सुधार, निर्मला सीतारमण ने किया हाईलेवल कमेटी का ऐलान

बैंकिंग सेक्टर में सुधार: बैंकिंग सेक्टर को आधुनिक बनाने पर जोर मुंबई: केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने भारतीय बैंकिंग सेक्टर को आधुनिक जरूरतों के अनुरूप विकसित करने और भविष्य की चुनौतियों के लिए तैयार करने पर जोर दिया है। उन्होंने कहा कि सरकार चाहती है कि भारत के बैंक आधुनिक बैंकिंग व्यवस्था के साथ कदम से कदम मिलाकर चलें, ताकि विकसित भारत (Viksit Bharat) के लक्ष्य को हासिल करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकें। वित्त मंत्री ने मुंबई में बैंकिंग सेक्टर में सुधारों को लेकर अपनी बात रखते हुए बताया कि सरकार ने इस दिशा में एक हाईलेवल कमेटी गठित करने की घोषणा की है। यह कमेटी बैंकिंग उद्योग से जुड़े लोगों, विशेषज्ञों और अन्य संबंधित पक्षों के साथ विचार-विमर्श करेगी। इसके बाद कमेटी अपनी रिपोर्ट तैयार करेगी, जिसमें बताया जाएगा कि विकसित भारत के निर्माण के लिए भारतीय बैंकिंग सिस्टम में किस तरह के बदलाव और सुधार जरूरी हैं। बैंकिंग सेक्टर को आधुनिक बनाने पर जोर निर्मला सीतारमण ने कहा कि आज भारत का बैंकिंग सेक्टर पहले की तुलना में काफी बेहतर स्थिति में है। साल 2013, 2014 और 2015 के दौरान भारतीय बैंकों को कई तरह की वित्तीय और प्रशासनिक चुनौतियों का सामना करना पड़ रहा था। हालांकि, अब बैंक उस दौर की मुश्किलों से बाहर निकल चुके हैं। उन्होंने कहा कि मौजूदा उपलब्धियों के बावजूद बैंकिंग सेक्टर को भविष्य की जरूरतों के हिसाब से लगातार तैयार करना जरूरी है। बदलती अर्थव्यवस्था, आधुनिक तकनीक और वित्तीय जरूरतों के बीच भारतीय बैंकों को अपनी कार्यप्रणाली में सुधार करना होगा। विशेषज्ञों से सुझाव लेकर तैयार होगी रिपोर्ट वित्त मंत्री के अनुसार, प्रस्तावित हाईलेवल कमेटी बैंकिंग क्षेत्र से जुड़े विशेषज्ञों और उद्योग प्रतिनिधियों से सुझाव लेगी। इसका मुख्य उद्देश्य यह समझना है कि आने वाले समय में भारत की अर्थव्यवस्था को मजबूत बनाने के लिए बैंकिंग सिस्टम में किन बदलावों की आवश्यकता होगी। कमेटी की रिपोर्ट में बैंकिंग सेक्टर के भविष्य, आधुनिक जरूरतों और विकसित भारत के लक्ष्य को ध्यान में रखकर सुझाव दिए जाएंगे। विकसित भारत के लक्ष्य में बैंकों की अहम भूमिका भारत को विकसित राष्ट्र बनाने के लक्ष्य में बैंकिंग सेक्टर की भूमिका काफी महत्वपूर्ण मानी जाती है। मजबूत बैंकिंग व्यवस्था से उद्योग, व्यापार, निवेश और आम लोगों तक वित्तीय सेवाओं की पहुंच को बेहतर बनाने में मदद मिल सकती है। निर्मला सीतारमण के इस बयान से साफ है कि सरकार भारतीय बैंकों को केवल मौजूदा चुनौतियों से निपटने तक सीमित नहीं रखना चाहती, बल्कि उन्हें भविष्य की आर्थिक जरूरतों के अनुरूप तैयार करने पर भी ध्यान दे रही है। अब सबकी नजरें प्रस्तावित कमेटी की रिपोर्ट और उसमें दिए जाने वाले सुझावों पर रहेंगी।
हैदराबाद में अमित शाह ने भाजपा कार्यकर्ताओं का बढ़ाया उत्साह, ‘लोकतंत्र बचाओ, अराजकता हटाओ’ मार्च के बाद किया अभिनंदन

अमित शाह हैदराबाद: अमित शाह ने बढ़ाया भाजपा कार्यकर्ताओं का मनोबल हैदराबाद, तेलंगाना: केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने हैदराबाद में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के ‘लोकतंत्र बचाओ, अराजकता हटाओ’ मार्च के बाद पार्टी कार्यकर्ताओं का अभिनंदन किया। इस दौरान उन्होंने कार्यकर्ताओं के उत्साह और संगठन के प्रति उनकी सक्रिय भागीदारी की सराहना की। कार्यक्रम को लेकर भाजपा कार्यकर्ताओं में खासा उत्साह देखने को मिला। अमित शाह ने कार्यकर्ताओं का किया अभिनंदन हैदराबाद में आयोजित इस कार्यक्रम में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने मार्च में शामिल भाजपा कार्यकर्ताओं का अभिवादन किया। पार्टी की ओर से आयोजित इस मार्च का मुख्य संदेश लोकतंत्र की रक्षा और अराजकता के खिलाफ आवाज उठाना रहा। मार्च के बाद कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए अमित शाह ने उनका उत्साह बढ़ाया। इस दौरान बड़ी संख्या में पार्टी कार्यकर्ताओं की मौजूदगी ने कार्यक्रम को राजनीतिक रूप से महत्वपूर्ण बना दिया। ‘लोकतंत्र बचाओ, अराजकता हटाओ’ मार्च से भाजपा का संदेश भाजपा का ‘लोकतंत्र बचाओ, अराजकता हटाओ’ मार्च लोकतांत्रिक मूल्यों और राजनीतिक व्यवस्था से जुड़े मुद्दों को लेकर आयोजित किया गया। पार्टी ने इस अभियान के जरिए अपने राजनीतिक विचारों और संदेश को जनता तक पहुंचाने का प्रयास किया। इस तरह के राजनीतिक मार्च के माध्यम से भाजपा संगठन अपनी सक्रियता और कार्यकर्ताओं की एकजुटता प्रदर्शित कर रहा है। हैदराबाद में आयोजित यह कार्यक्रम भी इसी राजनीतिक गतिविधि का हिस्सा रहा। तेलंगाना की राजनीति में बढ़ी हलचल तेलंगाना में भाजपा लगातार अपने संगठन को मजबूत करने और राजनीतिक गतिविधियों को तेज करने की दिशा में काम कर रही है। ऐसे में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह की मौजूदगी और कार्यकर्ताओं का अभिनंदन पार्टी के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है। हैदराबाद में आयोजित इस कार्यक्रम से भाजपा कार्यकर्ताओं में नया उत्साह देखने को मिला। पार्टी के इस मार्च और अमित शाह की मौजूदगी को तेलंगाना की मौजूदा राजनीतिक परिस्थितियों के संदर्भ में भी देखा जा रहा है। कुल मिलाकर, ‘लोकतंत्र बचाओ, अराजकता हटाओ’ मार्च के बाद अमित शाह द्वारा भाजपा कार्यकर्ताओं का अभिनंदन करना पार्टी के संगठनात्मक उत्साह और राजनीतिक सक्रियता को दर्शाता है।
BIHAR NEWS: मुजफ्फरपुर गैस पाइपलाइन ब्लास्ट में एक की मौत, DM ने दिए जांच के आदेश

मुजफ्फरपुर गैस पाइपलाइन ब्लास्ट: मुजफ्फरपुर में गैस पाइपलाइन में जोरदार धमाका बिहार के मुजफ्फरपुर में गैस पाइपलाइन ब्लास्ट की घटना से इलाके में हड़कंप मच गया है। इस हादसे में एक व्यक्ति की मौत की पुष्टि हुई है। घटना की गंभीरता को देखते हुए जिला प्रशासन ने मामले की जांच के आदेश दिए हैं। जिलाधिकारी (DM) ने संबंधित अधिकारियों को घटना के कारणों का पता लगाने और पूरे मामले की जांच करने का निर्देश दिया है। इस हादसे के बाद इलाके में लोगों के बीच दहशत का माहौल है। गैस पाइपलाइन में विस्फोट की घटना ने एक बार फिर औद्योगिक और सार्वजनिक क्षेत्रों में सुरक्षा व्यवस्था को लेकर सवाल खड़े कर दिए हैं। हादसे में एक व्यक्ति की जान जाने की पुष्टि के बाद प्रशासन मामले को गंभीरता से ले रहा है। मुख्य बातें: मुजफ्फरपुर में गैस पाइपलाइन ब्लास्ट की घटना। हादसे में एक व्यक्ति की मौत की पुष्टि। जिलाधिकारी ने जांच के आदेश दिए। घटना के कारणों का पता लगाने की प्रक्रिया शुरू। DM ने दिए जांच के आदेश घटना के बाद जिलाधिकारी ने अधिकारियों को मामले की जांच कर रिपोर्ट तैयार करने का निर्देश दिया है। जांच में यह पता लगाने की कोशिश की जाएगी कि गैस पाइपलाइन में विस्फोट किन परिस्थितियों में हुआ और इसके पीछे क्या वजह रही। साथ ही सुरक्षा से जुड़ी व्यवस्थाओं की भी पड़ताल की जा सकती है। सुरक्षा व्यवस्था पर उठे सवाल गैस पाइपलाइन से जुड़ी ऐसी घटनाएं आम लोगों की सुरक्षा के लिहाज से बेहद गंभीर मानी जाती हैं। इस हादसे के बाद पाइपलाइन की निगरानी, रखरखाव और सुरक्षा मानकों को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं। जांच पूरी होने के बाद ही ब्लास्ट की वास्तविक वजह और जिम्मेदारी से जुड़ी स्थिति स्पष्ट हो सकेगी। फिलहाल प्रशासन की जांच पर सभी की नजरें टिकी हैं। हादसे में जान गंवाने वाले व्यक्ति की मौत की पुष्टि हो चुकी है। प्रशासनिक जांच से घटना के कारणों और सुरक्षा में संभावित चूक का पता चलने की उम्मीद है। मुजफ्फरपुर के गोबरसही में हुआ हादसा मिली जानकारी के अनुसार, यह घटना मुजफ्फरपुर के सदर थाना क्षेत्र के गोबरसही इलाके की है। यहां सड़क किनारे नाला निर्माण के लिए खुदाई का काम चल रहा था। इसी दौरान जेसीबी मशीन से जमीन की खुदाई करते समय भूमिगत गैस पाइपलाइन क्षतिग्रस्त हो गई। इसके बाद पाइपलाइन से तेजी से पीएनजी गैस का रिसाव शुरू हो गया और देखते ही देखते आग भड़क उठी। Jagran+2 धमाके से आसपास के मकानों को नुकसान गैस पाइपलाइन में हुए धमाके की आवाज दूर तक सुनाई दी। धमाके की तीव्रता से आसपास के कई मकानों को नुकसान पहुंचने की खबर है। कुछ घरों की दीवारों में दरारें आईं, जबकि खिड़कियों के शीशे भी टूट गए। घटना के बाद स्थानीय लोगों में अफरा-तफरी मच गई और लोग अपनी जान बचाने के लिए घरों से बाहर निकल आए। The Daily Jagran+1 पुलिस और दमकल की टीम ने संभाला मोर्चा हादसे की सूचना मिलते ही पुलिस, दमकल विभाग और प्रशासनिक अधिकारी घटनास्थल पर पहुंचे। राहत एवं बचाव कार्य शुरू किया गया। गैस रिसाव और आग के खतरे को देखते हुए आसपास के क्षेत्र को खाली कराने की कार्रवाई भी की गई। घायलों को इलाज के लिए अस्पताल पहुंचाया गया। जांच के बाद सामने आएगी हादसे की वजह जिलाधिकारी ने घटना की गंभीरता को देखते हुए जांच के आदेश दिए हैं। अब जांच में यह पता लगाया जाएगा कि नाला निर्माण के दौरान गैस पाइपलाइन की सुरक्षा के लिए जरूरी सावधानियां बरती गई थीं या नहीं। साथ ही पाइपलाइन क्षतिग्रस्त होने की परिस्थितियों और संभावित लापरवाही की भी पड़ताल की जाएगी। मुजफ्फरपुर गैस पाइपलाइन ब्लास्ट की इस घटना ने निर्माण कार्यों के दौरान सुरक्षा मानकों के पालन पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। फिलहाल प्रशासन की जांच और आगे की कार्रवाई पर सबकी नजर बनी हुई है।
भारत-रूस की दोस्ती पर अलेक्जेंडर डोडोनोव का बड़ा बयान, बोले- 500 साल पुराने रिश्ते को बिगाड़ना आसान नहीं

भारत-रूस संबंध: भारत-रूस संबंधों का इतिहास 500 साल से भी पुराना भारत और रूस के बीच दशकों से मजबूत रिश्ते रहे हैं। दोनों देशों की दोस्ती और सांस्कृतिक जुड़ाव को लेकर दिल्ली स्थित रूसी हाउस के निदेशक अलेक्जेंडर डोडोनोव ने अपनी बात रखी है। उन्होंने कहा कि भारत और रूस के संबंधों का इतिहास 500 साल से भी अधिक पुराना है। इतने लंबे समय से चले आ रहे आपसी रिश्तों और दोस्ती को खराब करना आसान नहीं है। अलेक्जेंडर डोडोनोव ने कहा कि रूसी हाउस में उनका मुख्य काम रूसी संस्कृति को बढ़ावा देना और भारत-रूस के बीच मित्रता को मजबूत करना है। उन्होंने इसे अपने लिए सौभाग्य की बात बताया। उनके मुताबिक, दोनों देशों के बीच संबंध केवल कूटनीति तक सीमित नहीं हैं, बल्कि इनकी जड़ें इतिहास और सांस्कृतिक जुड़ाव में भी हैं। 500 साल से ज्यादा पुराना है दोनों देशों का जुड़ाव डोडोनोव ने अपने बयान में एक रूसी यात्री का जिक्र किया, जिसने 500 साल से भी पहले भारत की यात्रा की थी। उन्होंने कहा कि भारत और रूस के बीच ऐतिहासिक संपर्क काफी पुराना है। ऐसे में इतने लंबे समय से कायम दोस्ती को नुकसान पहुंचाना आसान नहीं है। उन्होंने दोनों देशों के बीच किसी बड़ी समस्या से भी इनकार किया। भारतीय पर्यटकों को रूस आने का न्योता रूसी हाउस के निदेशक ने रूस में पर्यटन को बढ़ावा देने पर भी जोर दिया। उन्होंने कहा कि उनकी प्राथमिकता भारतीय लोगों को रूस की खूबसूरती और वहां के लोगों के मिलनसार स्वभाव से परिचित कराना है। उन्होंने भारतीय पर्यटकों को रूस घूमने के लिए प्रोत्साहित किया और कहा कि वहां जाने से डरने की जरूरत नहीं है। रूस की ठंड को लेकर दूर करना चाहते हैं डर अलेक्जेंडर डोडोनोव ने कहा कि भारत में कई लोग रूस के मौसम और खासकर सर्दियों को लेकर चिंतित रहते हैं। हालांकि, उनका मानना है कि ज्यादातर भारतीयों ने अभी तक रूसी सर्दियों का अनुभव नहीं किया है। ऐसे में रूस की यात्रा उनके लिए एक अलग और यादगार अनुभव हो सकती है। डोडोनोव का यह बयान भारत और रूस के बीच सांस्कृतिक संबंधों को मजबूत बनाने और भारतीय पर्यटकों को रूस की ओर आकर्षित करने के प्रयासों को दर्शाता है।
BIHAR NEWS: अनंत सिंह की विधानसभा सदस्यता पर संकट, बिहार विधानसभा ने जारी किया नोटिस; एक सप्ताह में मांगा जवाब

अनंत सिंह विधानसभा सदस्यता: अनंत सिंह की बढ़ीं मुश्किलें बिहार की राजनीति में विधायक अनंत सिंह को लेकर एक बार फिर हलचल तेज हो गई है। बिहार विधानसभा ने जदयू की ओर से भेजे गए पत्र और साक्ष्यों के आधार पर मोकामा विधायक अनंत सिंह को नोटिस जारी किया है। विधानसभा की ओर से उन्हें एक सप्ताह के भीतर अपना जवाब दाखिल करने का निर्देश दिया गया है। इस घटनाक्रम के बाद अनंत सिंह की विधानसभा सदस्यता को लेकर राजनीतिक और प्रशासनिक गलियारों में चर्चा तेज हो गई है। जदयू ने की सदस्यता समाप्त करने की मांग मिली जानकारी के अनुसार, जनता दल यूनाइटेड (जदयू) ने बिहार विधानसभा को पत्र लिखकर अनंत सिंह की विधानसभा सदस्यता समाप्त करने की अनुशंसा की है। पार्टी की ओर से अपने पत्र के साथ कुछ साक्ष्य भी विधानसभा को सौंपे गए हैं। जदयू का कहना है कि उपलब्ध तथ्यों के आधार पर अनंत सिंह की सदस्यता पर उचित कार्रवाई की जानी चाहिए। जदयू की इस अनुशंसा के बाद बिहार विधानसभा ने मामले को गंभीरता से लेते हुए अनंत सिंह को नोटिस जारी किया है। नोटिस के जरिए उनसे पूरे मामले पर अपना पक्ष रखने को कहा गया है। एक सप्ताह में देना होगा जवाब विधानसभा की ओर से जारी नोटिस में अनंत सिंह को जवाब देने के लिए एक सप्ताह का समय दिया गया है। अब सभी की नजर इस बात पर टिकी है कि अनंत सिंह निर्धारित समय के भीतर क्या जवाब देते हैं और अपने बचाव में कौन से तथ्य पेश करते हैं। विधायक को अपना पक्ष रखने का अवसर दिया गया है। उनके जवाब और उपलब्ध दस्तावेजों के आधार पर आगे की प्रक्रिया तय होगी। फिलहाल नोटिस जारी होने का मतलब सदस्यता समाप्त होना नहीं है। इस संबंध में अंतिम फैसला संबंधित संवैधानिक और विधानसभा प्रक्रिया के तहत ही लिया जाएगा। क्या है पूरा विवाद? दरअसल, जदयू ने अनंत सिंह पर पार्टी विरोधी गतिविधियों में शामिल होने का आरोप लगाया है। हाल ही में हुए विधान परिषद चुनाव के दौरान उन्होंने जदयू उम्मीदवार नीरज कुमार के बजाय जन सुराज समर्थित उम्मीदवार अनुज सिंह का समर्थन किया था। इसी विवाद के बाद 24 अक्टूबर को जदयू ने अनंत सिंह को छह साल के लिए पार्टी से निष्कासित कर दिया था। Jagran+1 पार्टी की ओर से विधानसभा अध्यक्ष को लगभग 10 पन्नों के दस्तावेज और वीडियो सहित साक्ष्य सौंपे जाने की जानकारी भी सामने आई है। Amar Ujala Hindi News Live+1 अब इस पूरे मामले में विधानसभा अध्यक्ष की भूमिका अहम होगी। अनंत सिंह का जवाब मिलने के बाद जदयू की शिकायत और उपलब्ध साक्ष्यों की समीक्षा की जाएगी। दोनों पक्षों को सुनने के बाद ही उनकी विधानसभा सदस्यता को लेकर अंतिम निर्णय लिया जाएगा। Hindustan+1 फिलहाल अनंत सिंह की विधायकी समाप्त नहीं हुई है, लेकिन नोटिस जारी होने के बाद उनकी राजनीतिक मुश्किलें जरूर बढ़ गई हैं। आने वाले दिनों में उनका जवाब बिहार की राजनीति में एक नया मोड़ ला सकता है।
INDIA गठबंधन की रैली पर सरबानंद सोनोवाल का निशाना, राहुल गांधी पर देश में भ्रम फैलाने का लगाया आरोप

सरबानंद सोनोवाल का राहुल गांधी पर हमला: INDIA गठबंधन पर सियासी हमला गुवाहाटी: INDIA गठबंधन की ओर से आयोजित रैली को लेकर सियासी बयानबाजी तेज हो गई है। केंद्रीय मंत्री सरबानंद सोनोवाल ने कांग्रेस और राहुल गांधी पर निशाना साधते हुए कई गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी और उनके सहयोगी बिना ठोस आधार के देश के लोगों के बीच गलतफहमियां पैदा करने की कोशिश कर रहे हैं। सोनोवाल के इस बयान के बाद राजनीतिक गलियारों में एक बार फिर कांग्रेस और भाजपा के बीच जुबानी जंग तेज होने के संकेत हैं। राहुल गांधी पर साधा निशाना केंद्रीय मंत्री सरबानंद सोनोवाल ने INDIA गठबंधन की रैली पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि राहुल गांधी और उनकी टीम का रुख तथ्यों पर आधारित नहीं है। उनके मुताबिक, कांग्रेस और उसके सहयोगियों की बातों पर देश की जनता भरोसा नहीं कर रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि विपक्षी दल लोगों के बीच भ्रम की स्थिति पैदा करने का प्रयास कर रहे हैं। सोनोवाल ने अपने बयान में कांग्रेस और उसके सहयोगियों की राजनीतिक विश्वसनीयता पर भी सवाल उठाए। उन्होंने दावा किया कि देश के लोग कांग्रेस और उसके सहयोगी दलों की राजनीति को नकार रहे हैं। हालांकि, ये सभी बातें केंद्रीय मंत्री की राजनीतिक प्रतिक्रिया और उनके अपने दावे हैं। पीएम मोदी के नेतृत्व की तारीफ सरबानंद सोनोवाल ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व की सराहना करते हुए कहा कि भारत तेजी से विकास की दिशा में आगे बढ़ रहा है। उन्होंने दावा किया कि प्रधानमंत्री मोदी के गतिशील नेतृत्व में देश की अर्थव्यवस्था लगातार मजबूत हो रही है। केंद्रीय मंत्री ने यह भी कहा कि भारत की आर्थिक प्रगति को आज दुनिया स्वीकार कर रही है। उनके अनुसार, भारत दुनिया की सबसे तेजी से बढ़ती प्रमुख अर्थव्यवस्थाओं में अपनी पहचान बनाए हुए है। सियासी बयानबाजी हुई तेज INDIA गठबंधन की रैली के बाद भाजपा और कांग्रेस के बीच राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप का दौर जारी है। विपक्ष जहां सरकार की नीतियों और कामकाज को लेकर सवाल उठाता रहा है, वहीं भाजपा नेता विपक्ष के आरोपों का जवाब दे रहे हैं। सरबानंद सोनोवाल का यह बयान भी इसी राजनीतिक टकराव का हिस्सा माना जा रहा है। अब देखना होगा कि कांग्रेस और INDIA गठबंधन के नेता उनके आरोपों पर क्या प्रतिक्रिया देते हैं। मुख्य बात: सरबानंद सोनोवाल ने INDIA गठबंधन की रैली को लेकर राहुल गांधी पर निशाना साधा और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत की आर्थिक प्रगति का जिक्र किया।
वनडे क्रिकेट में दक्षिण अफ्रीका का ऐतिहासिक कारनामा, ऑस्ट्रेलिया के 434 रन के लक्ष्य को हासिल कर रचा था इतिहास!

वनडे क्रिकेट का सबसे बड़ा रन चेज: क्रिकेट इतिहास में सुनहरा दिन वनडे क्रिकेट के इतिहास में कुछ मुकाबले ऐसे होते हैं, जिन्हें सालों तक याद रखा जाता है। ऐसा ही एक ऐतिहासिक मुकाबला 12 मार्च 2006 को दक्षिण अफ्रीका और ऑस्ट्रेलिया के बीच खेला गया था। जोहान्सबर्ग के मैदान पर खेले गए इस मुकाबले में दक्षिण अफ्रीका ने असंभव दिखने वाले 435 रनों के लक्ष्य को हासिल कर क्रिकेट जगत को हैरान कर दिया था। यह मैच आज भी वनडे क्रिकेट के सबसे रोमांचक मुकाबलों में गिना जाता है। ऑस्ट्रेलिया ने खड़ा किया था 434 रनों का विशाल स्कोर मुकाबले में ऑस्ट्रेलिया ने पहले बल्लेबाजी करते हुए निर्धारित 50 ओवर में 4 विकेट के नुकसान पर 434 रन बनाए थे। ऑस्ट्रेलियाई बल्लेबाजों ने दक्षिण अफ्रीका के गेंदबाजों की जमकर खबर ली। उस समय वनडे क्रिकेट में 400 से अधिक का स्कोर बेहद असाधारण माना जाता था। ऑस्ट्रेलिया का यह स्कोर देखकर लग रहा था कि मुकाबला लगभग एकतरफा हो चुका है। हर्शल गिब्स की तूफानी पारी ने पलटा मैच 435 रनों के विशाल लक्ष्य का पीछा करने उतरी दक्षिण अफ्रीकी टीम ने शुरुआत से ही आक्रामक बल्लेबाजी की। टीम के सलामी बल्लेबाजों ने रन गति बनाए रखी और ऑस्ट्रेलियाई गेंदबाजों पर दबाव बढ़ा दिया। इस ऐतिहासिक जीत के सबसे बड़े नायक हर्शल गिब्स रहे। उन्होंने महज 111 गेंदों पर 175 रनों की विस्फोटक पारी खेली। उनकी बल्लेबाजी में चौकों और छक्कों की बरसात देखने को मिली। गिब्स की इस पारी ने दक्षिण अफ्रीका की जीत की उम्मीदों को मजबूत कर दिया। 49.5 ओवर में हासिल किया लक्ष्य मैच आखिरी ओवरों तक बेहद रोमांचक बना रहा। दक्षिण अफ्रीका ने 49.5 ओवर में 9 विकेट खोकर 438 रन बना लिए और ऑस्ट्रेलिया को 1 विकेट से हरा दिया। इस जीत के साथ टीम ने वनडे क्रिकेट में उस समय का सबसे बड़ा सफल रन चेज दर्ज किया। यह मुकाबला सिर्फ एक जीत नहीं, बल्कि क्रिकेट इतिहास में असंभव को संभव बनाने की मिसाल बन गया। दक्षिण अफ्रीका की टीम ने अपने जज्बे, आक्रामक बल्लेबाजी और शानदार टीमवर्क से दुनिया को दिखा दिया कि क्रिकेट में आखिरी गेंद तक कुछ भी संभव है।
कोर्ट को हल्के में मत लीजिए’, 200 करोड़ की रंगदारी मामले में नोरा फतेही को कड़ी फटकार

नोरा फतेही 200 करोड़ केस: दिल्ली की राउज एवेन्यू कोर्ट ने सुकेश चंद्रशेखर से जुड़े 200 करोड़ रुपये के रंगदारी मामले में अभिनेत्री नोरा फतेही की गैरमौजूदगी पर नाराजगी जताई। अदालत ने नया समन जारी कर 6 नवंबर को पेश होने का निर्देश दिया है। बॉलीवुड अभिनेत्री नोरा फतेही एक बार फिर सुकेश चंद्रशेखर से जुड़े 200 करोड़ रुपये के रंगदारी और मनी लॉन्ड्रिंग मामले को लेकर चर्चा में हैं। दिल्ली की राउज एवेन्यू कोर्ट ने निर्धारित तारीख पर पेश नहीं होने के कारण अभिनेत्री को कड़ी फटकार लगाई है। अदालत ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि कोर्ट की कार्यवाही को हल्के में नहीं लिया जाना चाहिए। समन के बावजूद कोर्ट नहीं पहुंचीं नोरा मामले की सुनवाई सोमवार, 2 नवंबर 2026 को हुई। नोरा फतेही को अदालत में गवाही देने के लिए बुलाया गया था, लेकिन वह निर्धारित तारीख पर पेश नहीं हुईं। इस दौरान अभिनेत्री के वकील ने उनकी व्यक्तिगत पेशी से छूट देने की मांग करते हुए अदालत में आवेदन दिया। दिल्ली पुलिस की ओर से भी अदालत को बताया गया कि अभिनेत्री को पहले ही समन भेजा जा चुका था। इसके बावजूद उनकी उपस्थिति को लेकर कोई स्पष्ट जानकारी नहीं थी। इस पर अदालत ने नाराजगी जाहिर की और नोरा के वकील को फटकार लगाई। 6 नवंबर को पेश होने का आदेश अदालत ने अभिनेत्री की पेशी से छूट की मांग पर सख्त रुख अपनाया। कोर्ट ने कहा कि नोरा इस मामले में गवाह हैं और उन्हें निर्धारित तारीख पर अदालत में उपस्थित होना चाहिए था। इसके बाद अदालत ने नया समन जारी करते हुए उन्हें 6 नवंबर 2026 को व्यक्तिगत रूप से पेश होने का निर्देश दिया। क्या है 200 करोड़ रुपये का मामला? दरअसल, यह पूरा मामला कथित ठग सुकेश चंद्रशेखर से जुड़ा है। आरोप है कि सुकेश ने खुद को सरकारी अधिकारी बताकर पूर्व रैनबैक्सी प्रमोटर शिविंदर मोहन सिंह की पत्नी अदिति सिंह से उनके पति को जेल से बाहर निकलवाने का भरोसा देकर करीब 200 करोड़ रुपये की ठगी की थी। इस मामले की जांच दिल्ली पुलिस की आर्थिक अपराध शाखा (EOW) और प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने की है। जांच के दौरान कई बॉलीवुड हस्तियों से भी पूछताछ हुई थी। नोरा फतेही हैं मामले में गवाह जांच के दौरान नोरा फतेही का बयान भी दर्ज किया गया था। बाद में उन्हें इस मामले की पूरक चार्जशीट में अभियोजन पक्ष का गवाह बनाया गया। इस मामले में अभिनेत्री जैकलीन फर्नांडिस का नाम भी सामने आया है। फिलहाल, नोरा फतेही इस मामले में गवाह हैं, आरोपी नहीं। अब 6 नवंबर को होने वाली सुनवाई पर सबकी नजरें टिकी हैं।
दिया मिर्जा का प्रदूषण मुक्त दिवाली अभियान पर बयान, बोलीं- जनहित और स्वास्थ्य से जुड़ा है मुद्दा!

दिया मिर्जा प्रदूषण मुक्त दिवाली: दिया मिर्जा ने प्रदूषण कम करने की अपील की नई दिल्ली: बॉलीवुड अभिनेत्री दिया मिर्जा एक बार फिर प्रदूषण मुक्त दिवाली अभियान को लेकर चर्चा में हैं। दिवाली के दौरान वायु प्रदूषण को कम करने की अपील करने वाले उनके वीडियो पर उठे विवाद के बीच अभिनेत्री ने अपनी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने साफ कहा कि वायु प्रदूषण केवल पर्यावरण से जुड़ा मुद्दा नहीं है, बल्कि यह सीधे तौर पर लोगों के स्वास्थ्य को प्रभावित करता है। ऐसे में प्रदूषण कम करने के प्रयासों का स्वागत किया जाना चाहिए। समाचार एजेंसी ANI से बातचीत में दिया मिर्जा ने कहा कि जिस वीडियो को लेकर सवाल उठाए जा रहे हैं, उसे उन्होंने बॉम्बे हाईकोर्ट और बृहन्मुंबई महानगरपालिका (BMC) के कहने पर जनहित में रिकॉर्ड किया था। उन्होंने सवाल उठाया कि आखिर ऐसे वीडियो की आलोचना क्यों की जानी चाहिए, जिसका उद्देश्य लोगों को जागरूक करना और सार्वजनिक स्वास्थ्य की रक्षा करना है। वायु प्रदूषण को लेकर जताई चिंता दिया मिर्जा ने अपने बयान में वायु प्रदूषण को एक गंभीर चिंता का विषय बताया। उनका कहना है कि प्रदूषण का असर केवल पर्यावरण तक सीमित नहीं रहता, बल्कि यह आम लोगों की सेहत के लिए भी चुनौती पैदा करता है। खासकर त्योहारों के दौरान पटाखों और अन्य प्रदूषणकारी गतिविधियों से हवा की गुणवत्ता प्रभावित हो सकती है। जनहित में जागरूकता फैलाने पर दिया जोर अभिनेत्री ने कहा कि प्रदूषण कम करने के लिए किए जा रहे सभी प्रयासों का स्वागत किया जाना चाहिए। उनके मुताबिक, जब कोई अभियान सार्वजनिक हित और स्वास्थ्य को ध्यान में रखकर चलाया जाता है, तो उसे सकारात्मक नजरिए से देखा जाना चाहिए। प्रदूषण मुक्त दिवाली का संदेश दिवाली खुशियों और उत्सव का त्योहार है। इस मौके पर दिया मिर्जा का संदेश है कि त्योहार मनाने के साथ पर्यावरण और स्वास्थ्य का ध्यान रखना भी जरूरी है। लोगों को ऐसी आदतें अपनानी चाहिए, जिनसे वायु प्रदूषण कम करने में मदद मिल सके। कुल मिलाकर, दिया मिर्जा ने अपने बयान के जरिए प्रदूषण मुक्त दिवाली और जनस्वास्थ्य के महत्व को सामने रखा है। उनका कहना है कि स्वच्छ हवा हर नागरिक के लिए जरूरी है और इसे सुनिश्चित करने के लिए सामूहिक प्रयास किए जाने चाहिए।
योगी आदित्यनाथ का बड़ा बयान, देवीपाटन मंडल में शिक्षा-स्वास्थ्य सुविधाओं का विस्तार और सड़कों के चौड़ीकरण पर जोर!

देवीपाटन मंडल विकास: गोंडा, बहराइच और बलरामपुर में मेडिकल कॉलेज से स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूती, विश्वविद्यालय और सड़क कनेक्टिविटी पर भी सरकार का फोकस। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने देवीपाटन मंडल में शिक्षा, स्वास्थ्य और सड़क इंफ्रास्ट्रक्चर के विस्तार को लेकर सरकार की योजनाओं और उपलब्धियों को सामने रखा। उन्होंने कहा कि पिछले कुछ वर्षों में इस क्षेत्र में बुनियादी सुविधाओं का विस्तार हुआ है। सरकार का प्रयास है कि देवीपाटन मंडल के लोगों को बेहतर शिक्षा, आधुनिक स्वास्थ्य सेवाएं और सुगम यातायात की सुविधा स्थानीय स्तर पर उपलब्ध हो। मुख्यमंत्री ने बताया कि अब देवीपाटन मंडल में उच्च शिक्षा के लिए विश्वविद्यालय की सुविधा उपलब्ध है। मां पाटेश्वरी देवी राज्य विश्वविद्यालय की स्थापना को क्षेत्र में उच्च शिक्षा के विस्तार की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। इससे गोंडा, बलरामपुर, बहराइच और श्रावस्ती के विद्यार्थियों को उच्च शिक्षा के नए अवसर मिलने की उम्मीद है। Inshorts – Stay Informed+1 गोंडा, बहराइच और बलरामपुर में मेडिकल कॉलेज पर जोर योगी आदित्यनाथ ने स्वास्थ्य सुविधाओं का उल्लेख करते हुए कहा कि देवीपाटन मंडल में चिकित्सा शिक्षा और इलाज की व्यवस्था को मजबूत किया जा रहा है। गोंडा: यहां महाराजा देवी बख्श सिंह के नाम पर मेडिकल कॉलेज स्थापित किया गया है। बहराइच: यहां भी मेडिकल कॉलेज की सुविधा विकसित की गई है। बलरामपुर: यहां मेडिकल कॉलेज का निर्माण कार्य अंतिम चरण की ओर बढ़ रहा है। इन संस्थानों के विस्तार से क्षेत्र के मरीजों को बेहतर चिकित्सा सुविधाएं मिलने के साथ-साथ स्थानीय युवाओं के लिए मेडिकल शिक्षा के अवसर भी बढ़ेंगे। इससे गंभीर बीमारियों के इलाज के लिए दूसरे बड़े शहरों पर निर्भरता कम करने में मदद मिल सकती है। Hindi Oneindia+1 गोंडा-अयोध्या और गोंडा-बलरामपुर सड़क का होगा चौड़ीकरण मुख्यमंत्री ने सड़क कनेक्टिविटी को भी क्षेत्र के विकास का अहम हिस्सा बताया। उन्होंने कहा कि गोंडा-अयोध्या और गोंडा-बलरामपुर मार्गों को चौड़ा करने के लिए प्रयास किए जा रहे हैं। इन सड़कों के चौड़ीकरण से आवागमन आसान बनाने, यात्रा का समय कम करने और व्यापारिक गतिविधियों को बढ़ावा देने में मदद मिल सकती है। बेहतर सड़क नेटवर्क से छात्रों, मरीजों, व्यापारियों और आम यात्रियों को सीधा लाभ मिलने की उम्मीद है। क्षेत्रीय विकास को मिलेगी नई गति देवीपाटन मंडल में शिक्षा, स्वास्थ्य और परिवहन सुविधाओं का विस्तार क्षेत्रीय विकास के लिहाज से महत्वपूर्ण है। विश्वविद्यालय, मेडिकल कॉलेज और बेहतर सड़क नेटवर्क से स्थानीय स्तर पर रोजगार और आर्थिक गतिविधियों को भी बढ़ावा मिल सकता है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के बयान से साफ है कि सरकार का फोकस देवीपाटन मंडल में बुनियादी सुविधाओं को मजबूत करने और चारों जिलों को बेहतर कनेक्टिविटी से जोड़ने पर है।