पटना। बिहार में बाढ़ की स्थिति के बीच प्रभावित परिवारों तक राहत पहुंचाने की कोशिशें लगातार जारी हैं। इसी क्रम में मुख्यमंत्री राहत कोष में जनप्रतिनिधियों की ओर से आर्थिक सहयोग दिया जा रहा है। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने राहत कोष में योगदान देने वाले विधायकों, सांसदों और मंत्रियों के प्रति आभार जताया है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि आपदा की इस घड़ी में जरूरतमंद लोगों की मदद के लिए सभी का सहयोग महत्वपूर्ण है। उन्होंने राहत कोष में राशि देने वाले जनप्रतिनिधियों को धन्यवाद देते हुए कहा कि यह सहयोग बाढ़ प्रभावित परिवारों तक राहत पहुंचाने में उपयोगी साबित होगा।
बिहार के कई जिलों में बाढ़ की वजह से बड़ी संख्या में लोग प्रभावित हुए हैं। ऐसे में सरकार की ओर से राहत और बचाव कार्यों को प्राथमिकता दी जा रही है। प्रभावित इलाकों में भोजन, स्वास्थ्य सुविधाओं और अन्य जरूरी सहायता पहुंचाने का काम चल रहा है। सरकार की ओर से बाढ़ पीड़ित परिवारों को आर्थिक मदद भी दी जा रही है।
राहत कार्यों के लिए राजनीतिक दलों और उनके जनप्रतिनिधियों की ओर से भी सहायता का सिलसिला शुरू हुआ है। भाजपा की बिहार इकाई ने मुख्यमंत्री राहत कोष में 51 लाख रुपये की सहायता राशि दी है। इसके अलावा पार्टी के सांसदों, विधायकों और विधान पार्षदों की ओर से एक महीने का वेतन राहत कोष में देने की घोषणा की गई है।
वहीं, मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने खुद भी बाढ़ पीड़ितों की सहायता के लिए अपने एक महीने का वेतन मुख्यमंत्री राहत कोष में देने का फैसला किया है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि संकट के समय सरकार के साथ समाज और जनप्रतिनिधियों की भागीदारी से राहत अभियान को और मजबूती मिलती है। उन्होंने सभी सहयोगकर्ताओं से इसी तरह जरूरतमंद परिवारों की मदद के लिए आगे आने की अपील की।
फिलहाल बिहार के बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में राहत और बचाव अभियान जारी है। प्रशासन की टीमें प्रभावित इलाकों में लोगों तक जरूरी सहायता पहुंचाने में जुटी हैं।