नई दिल्ली: टाटा स्टील लिमिटेड के CEO और मैनेजिंग डायरेक्टर टीवी नरेंद्रन ने बदलते वैश्विक हालात और कारोबार के सामने उभर रहे नए जोखिमों को लेकर अपनी बात रखी। उन्होंने कहा कि आज कंपनियों को केवल उन चुनौतियों के लिए तैयार रहने की जरूरत नहीं है, जिनकी पहले से पहचान है, बल्कि ऐसे जोखिमों के लिए भी तैयारी करनी होगी, जिनका अनुमान लगाना मुश्किल है।
टीवी नरेंद्रन ने हाल में नेपाल में हुई भयावह घटनाओं का जिक्र करते हुए कहा कि वहां हुई जनहानि और बाढ़ से हुई तबाही बेहद दुखद है। उन्होंने प्रभावित लोगों के प्रति संवेदना व्यक्त करते हुए कहा कि इस तरह की घटनाएं हमें भविष्य की अनिश्चितताओं के लिए बेहतर तरीके से तैयार रहने का संदेश देती हैं।
उन्होंने कहा कि जलवायु से जुड़ी घटनाओं का पूर्वानुमान लगाना कई बार बेहद मुश्किल होता है। ऐसे में कारोबार और संस्थानों को अपनी तैयारी का दायरा पहले से कहीं अधिक व्यापक रखना होगा। उनके मुताबिक, भविष्य में कंपनियों के सामने सिर्फ पारंपरिक कारोबारी जोखिम ही नहीं होंगे, बल्कि प्राकृतिक आपदाएं, जलवायु परिवर्तन और वैश्विक परिस्थितियों में तेजी से होने वाले बदलाव भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे।
टीवी नरेंद्रन ने भू-राजनीतिक परिस्थितियों में बदलाव को भी कारोबार के लिए बड़ी चुनौती बताया। उनका कहना था कि कई बार अंतरराष्ट्रीय घटनाक्रम उन धारणाओं को बदल देते हैं, जिनके आधार पर कंपनियां वर्षों तक अपनी कारोबारी योजनाएं तैयार करती हैं। इसका सीधा असर आपूर्ति व्यवस्था, लागत, बाजार और निवेश से जुड़े फैसलों पर पड़ सकता है।
उन्होंने तकनीकी बदलावों का भी उल्लेख किया। नरेंद्रन के अनुसार, टेक्नोलॉजी इतनी तेजी से बदल रही है कि आज जिन कौशलों और कारोबारी मॉडलों को सामान्य माना जाता है, वे आने वाले समय में काफी अलग दिखाई दे सकते हैं।
टाटा स्टील CEO ने कहा कि हालिया वैश्विक घटनाओं से यह स्पष्ट होता है कि भू-राजनीतिक बदलावों का असर अर्थव्यवस्था और कारोबार तक बहुत तेजी से पहुंच सकता है। ऐसे में कंपनियों के लिए लचीली रणनीति, जोखिमों की पहचान और बदलती परिस्थितियों के अनुरूप खुद को तैयार रखना पहले से अधिक जरूरी हो गया है।