एशियन गेम्स 2026: ब्रॉन्ज मेडल जीतने के बाद सुचिका तारियाल ने फैसले पर उठाए सवाल

नागोया, जापान: आइची-नागोया एशियन गेम्स 2026 में भारत की महिला MMA खिलाड़ी सुचिका तारियाल ने ट्रेडिशनल MMA के 60 किलोग्राम वर्ग में ब्रॉन्ज मेडल अपने नाम किया। हालांकि, सेमीफाइनल मुकाबले में सिंगापुर की हुन टेओ से मिली हार के बाद सुचिका ने मुकाबले के फैसले पर असहमति जताई है। उन्होंने कहा कि उन्होंने फाइनल में पहुंचने के लिए पूरी कोशिश की, लेकिन कुछ परिस्थितियां उनके पक्ष में नहीं रहीं। सुचिका ने मुकाबले के बाद कहा कि वह इस पदक का रंग बदलना चाहती थीं और इसके लिए उन्होंने अपनी पूरी क्षमता से प्रदर्शन किया। उनके मुताबिक, अगर कहीं कोई कमी रही तो वह उसे स्वीकार करती हैं, लेकिन मुकाबले का फैसला उन्हें उचित नहीं लगा। उन्होंने दावा किया कि मुकाबले के दौरान उनका प्रदर्शन मजबूत था और उन्हें लगा कि वह दोनों राउंड में बेहतर स्थिति में थीं। भारतीय खिलाड़ी ने वजन से जुड़े नियम को लेकर भी अपनी बात रखी। सुचिका के अनुसार, MMA में वजन सीमा से जुड़ा नियम महत्वपूर्ण है और अधिक वजन होने की स्थिति में खिलाड़ी को नुकसान हो सकता है। हालांकि, उनका कहना था कि मुकाबले की वास्तविक स्थिति को भी ध्यान में रखा जाना चाहिए। सुचिका ने दावा किया कि उन्होंने मुकाबले के दौरान कई प्रभावी टेकडाउन किए, जबकि उनकी प्रतिद्वंद्वी उन्हें टेकडाउन नहीं कर पाईं। उन्होंने यह भी कहा कि मुकाबले को देखने वाले कई लोगों ने उनके प्रदर्शन की सराहना की और उन्हें बताया कि वह अच्छा खेल रही थीं। सुचिका का कहना है कि उन्हें इस बात से आपत्ति है कि मुकाबले के नतीजे में वजन को निर्णायक आधार बनाया गया। उन्होंने कहा कि उन्हें लगा कि खेल के दौरान उनका प्रदर्शन जीत के करीब था, लेकिन अंतिम फैसला उनके पक्ष में नहीं आया। ब्रॉन्ज मेडल के साथ एशियन गेम्स में अपना अभियान खत्म करने वाली सुचिका ने हालांकि पदक को लेकर संतोष भी जताया। उनके बयान से साफ है कि वह इस उपलब्धि के बावजूद सेमीफाइनल के फैसले से निराश हैं और भविष्य में अपने प्रदर्शन को और बेहतर करने पर ध्यान देना चाहती हैं।
जमुई की घटना पर तेज प्रताप यादव का सरकार पर हमला, बोले- दोषियों पर हो सख्त कार्रवाई

पटना। जमुई में हुई घटना को लेकर जनशक्ति जनता दल (JJD) के राष्ट्रीय अध्यक्ष तेज प्रताप यादव ने बिहार सरकार पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने घटना की जिम्मेदारी सरकार पर डालते हुए मुख्यमंत्री से पूरे मामले पर जवाब देने की मांग की। तेज प्रताप यादव ने कहा कि अगर सरकार की ओर से इस मुद्दे पर स्पष्ट जवाब नहीं दिया गया, तो उनकी पार्टी आंदोलन और अनशन का रास्ता अपनाएगी। तेज प्रताप यादव ने आरोप लगाया कि बिहार में कानून-व्यवस्था को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं। उन्होंने कहा कि घटना के वास्तविक दोषियों की पहचान कर उनके खिलाफ कार्रवाई होनी चाहिए। पुलिस की कार्रवाई पर भी सवाल उठाते हुए उन्होंने कहा कि जांच के दौरान यह सुनिश्चित किया जाना जरूरी है कि किसी निर्दोष व्यक्ति के बजाय वास्तविक आरोपी को पकड़ा जाए। उन्होंने कहा कि जमुई की घटना को लेकर सरकार को गंभीरता दिखानी चाहिए और मामले की निष्पक्ष जांच करानी चाहिए। तेज प्रताप ने इस मामले में प्रभारी मंत्री से भी जवाब देने की मांग की। उनका कहना है कि जनता को यह जानने का अधिकार है कि घटना के बाद प्रशासन ने क्या कदम उठाए और दोषियों के खिलाफ अब तक क्या कार्रवाई हुई है। तेज प्रताप यादव ने बिहार में महिलाओं की सुरक्षा को लेकर भी चिंता जाहिर की। उन्होंने कहा कि महिलाओं की सुरक्षा सरकार की प्राथमिक जिम्मेदारी होनी चाहिए और ऐसी घटनाओं पर प्रशासन को तत्काल कार्रवाई करनी चाहिए। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि सरकार ने मामले में अपेक्षित कार्रवाई नहीं की, तो उनकी पार्टी आंदोलन करेगी। तेज प्रताप यादव ने कहा कि जनता के बीच इस तरह की घटनाओं को लेकर नाराजगी है और सरकार को समय रहते इस पर जवाब देना चाहिए। हालांकि, घटना से जुड़े आरोपों और पुलिस की कार्रवाई को लेकर आधिकारिक जांच तथा प्रशासन की ओर से सामने आने वाली जानकारी महत्वपूर्ण होगी। मामले में वास्तविक दोषियों की पहचान और जांच के निष्कर्ष के आधार पर ही पूरी तस्वीर स्पष्ट हो सकेगी।
अमेरिकी टैरिफ पर बोले नवीन जिंदल, भारत के लिए घरेलू बाजार काफी बड़ा

नई दिल्ली: अमेरिका की ओर से टैरिफ बढ़ाए जाने की चर्चाओं के बीच जिंदल स्टील एंड पावर लिमिटेड (JSPL) के चेयरमैन और बीजेपी सांसद नवीन जिंदल ने कहा कि स्टील क्षेत्र पर पहले से ही ऊंची दरों पर शुल्क लागू रहा है। उनका कहना है कि ऐसे में अमेरिका की ओर से 100 या 200 फीसदी तक टैरिफ लगाए जाने से भारतीय स्टील उद्योग पर असर सीमित रह सकता है। नवीन जिंदल ने कहा कि स्टील के कई उत्पादों पर अमेरिका में लंबे समय से 200 फीसदी से अधिक शुल्क जैसी व्यवस्थाएं रही हैं। उन्होंने दावा किया कि जब शुल्क 50 फीसदी था, तब भी भारत से अमेरिका को स्टील का निर्यात नहीं हो रहा था। उनके मुताबिक, भारत का घरेलू बाजार इतना बड़ा है कि भारतीय कंपनियां केवल अमेरिकी बाजार पर निर्भर नहीं हैं। अमेरिका की नई टैरिफ नीति को लेकर इस समय वैश्विक व्यापार में अनिश्चितता बनी हुई है। हालिया अमेरिकी कानून के तहत रूस से तेल खरीदने वाले देशों पर भविष्य में 100 फीसदी तक अतिरिक्त टैरिफ लगाए जाने की संभावना को लेकर भी कारोबार जगत में चर्चा है। हालांकि, इसका वास्तविक असर टैरिफ की दर, किन उत्पादों को इसमें शामिल किया जाता है और इसे कब लागू किया जाता है, इन बातों पर निर्भर करेगा। जिंदल ने अपने बयान में वैश्विक शांति की जरूरत पर भी जोर दिया। उन्होंने कहा कि युद्ध और संघर्ष दुनिया के लिए नुकसानदायक हैं और इससे किसी भी अर्थव्यवस्था को फायदा नहीं होता। उन्होंने भारत की आत्मनिर्भरता की नीति का उल्लेख करते हुए कहा कि देश ऊर्जा सुरक्षा के क्षेत्र में अपनी क्षमता मजबूत कर रहा है। उन्होंने कहा कि भारत के पास घरेलू स्तर पर पर्याप्त ऊर्जा स्रोत हैं और बिजली की उपलब्धता को लेकर भी स्थिति मजबूत है। जिंदल के मुताबिक, बदलते वैश्विक आर्थिक माहौल में भारत अपनी घरेलू क्षमताओं और बड़े बाजार के सहारे आगे बढ़ सकता है। भारत-अमेरिका व्यापार संबंधों में फिलहाल टैरिफ और ऊर्जा से जुड़े मुद्दे महत्वपूर्ण बने हुए हैं। भारत सरकार भी अमेरिकी टैरिफ के संभावित प्रभावों का अध्ययन कर रही है और दोनों देशों के बीच व्यापार से जुड़े मुद्दों पर बातचीत जारी है।
अयोध्या राम मंदिर चंदा चोरी मामले में SIT की जांच पर कोर्ट में रिपोर्ट, 25 सितंबर तक चार्जशीट दाखिल होने की बात

नई दिल्ली: अयोध्या स्थित राम मंदिर से जुड़े चंदा चोरी के मामले में सोमवार को अदालत में सुनवाई के दौरान जांच की प्रगति को लेकर महत्वपूर्ण जानकारी सामने आई। मामले की सुनवाई के दौरान अधिवक्ता सत्यम सिंह राजपूत ने बताया कि सरकार की ओर से सॉलिसिटर जनरल ने विशेष जांच दल यानी SIT की ओर से तैयार स्टेटस रिपोर्ट अदालत के समक्ष पेश की। अधिवक्ता के मुताबिक, रिपोर्ट में जांच की अब तक की स्थिति और इस दौरान सामने आए तथ्यों का विवरण दिया गया है। सरकार की ओर से अदालत को बताया गया कि मामले की जांच अभी पूरी नहीं हुई है। जांच के कुछ पहलुओं पर काम बाकी होने के कारण फिलहाल चार्जशीट दाखिल नहीं की जा सकी है। सुनवाई के दौरान यह भी बताया गया कि मामले में 90 दिनों की निर्धारित अवधि 25 सितंबर को पूरी हो रही है। सरकार की ओर से अदालत को आश्वस्त किया गया कि चार्जशीट 25 सितंबर तक या उससे पहले दाखिल कर दी जाएगी। इससे मामले की जांच और आगे की कानूनी प्रक्रिया को लेकर स्थिति कुछ हद तक स्पष्ट हुई है। बताया गया कि SIT की विस्तृत स्टेटस रिपोर्ट अदालत में सीलबंद लिफाफे में दाखिल की गई है। यह रिपोर्ट याचिकाकर्ताओं को उपलब्ध नहीं कराई गई। हालांकि, मुख्य न्यायाधीश ने सुनवाई के दौरान रिपोर्ट के कुछ महत्वपूर्ण बिंदुओं का उल्लेख अपने आदेश में किया है। अधिवक्ता सत्यम सिंह राजपूत के अनुसार, अदालत का विस्तृत आदेश सार्वजनिक होने के बाद याचिकाकर्ताओं को भी रिपोर्ट में सामने रखे गए प्रमुख तथ्यों की जानकारी मिल सकेगी। फिलहाल मामले में जांच जारी है और चार्जशीट दाखिल होने के बाद ही आगे की कानूनी प्रक्रिया की दिशा अधिक स्पष्ट होगी। राम मंदिर से जुड़े चंदे और उससे संबंधित कथित चोरी के मामले को लेकर पहले भी जांच और कानूनी कार्रवाई की मांग उठती रही है। अब अदालत में पेश की गई SIT की रिपोर्ट और 25 सितंबर तक संभावित चार्जशीट दाखिल होने को मामले की अगली कार्रवाई के लिहाज से महत्वपूर्ण माना जा रहा है। हालांकि, मामले में लगाए गए आरोपों और जांच के निष्कर्षों पर अंतिम स्थिति संबंधित अदालत की आगे की कार्यवाही और जांच पूरी होने के बाद ही स्पष्ट होगी।
पोर्ट टैलबोट में EAF प्रोजेक्ट की देरी पर ब्रिटेन सरकार से बातचीत करेगी Tata Steel

लंदन: टाटा स्टील ब्रिटेन के पोर्ट टैलबोट में प्रस्तावित इलेक्ट्रिक आर्क फर्नेस (EAF) प्रोजेक्ट को तय समयसीमा के भीतर पूरा करने को लेकर ब्रिटेन सरकार के साथ बातचीत करना चाहती है। कंपनी के मुख्य कार्यकारी अधिकारी (CEO) टीवी नरेंद्रन ने कहा है कि परियोजना के क्रियान्वयन में सामने आ रही चुनौतियों और देरी के मुद्दों पर सरकार के साथ चर्चा की जाएगी। पोर्ट टैलबोट में EAF परियोजना को ब्रिटेन के स्टील उद्योग के लिए एक महत्वपूर्ण बदलाव के तौर पर देखा जा रहा है। इस परियोजना के जरिए पारंपरिक कोयला आधारित स्टील उत्पादन से हटकर इलेक्ट्रिक आर्क फर्नेस तकनीक की ओर बढ़ने की योजना है। इस तकनीक में स्टील उत्पादन के लिए बिजली का इस्तेमाल किया जाता है और इसे पुराने ब्लास्ट फर्नेस की तुलना में कम कार्बन उत्सर्जन वाली तकनीक माना जाता है। टीवी नरेंद्रन के मुताबिक, टाटा स्टील परियोजना को लेकर ब्रिटेन सरकार के साथ बातचीत करना चाहती है, ताकि समय पर काम पूरा करने में आ रही अड़चनों को समझा और दूर किया जा सके। कंपनी का मानना है कि परियोजना की प्रगति के लिए सरकार और कंपनी के बीच बेहतर समन्वय जरूरी है। पोर्ट टैलबोट ब्रिटेन के प्रमुख स्टील उत्पादन केंद्रों में से एक रहा है। यहां स्टील उद्योग में होने वाले बदलाव का स्थानीय रोजगार और क्षेत्रीय अर्थव्यवस्था पर भी असर पड़ता है। ऐसे में EAF परियोजना को लेकर सरकार, कंपनी और स्थानीय हितधारकों के बीच लगातार चर्चा महत्वपूर्ण मानी जा रही है। टाटा स्टील की ओर से प्रस्तावित बदलाव ब्रिटेन के स्टील सेक्टर को आधुनिक बनाने और उत्पादन प्रक्रिया में कार्बन उत्सर्जन कम करने की व्यापक कोशिशों से भी जुड़ा है। हालांकि, इतनी बड़ी औद्योगिक परियोजना को लागू करने में तकनीकी, वित्तीय और संचालन से जुड़ी कई चुनौतियां सामने आ सकती हैं। अब कंपनी की नजर ब्रिटेन सरकार के साथ होने वाली बातचीत पर है। माना जा रहा है कि इस चर्चा के जरिए परियोजना की समयसीमा, सामने आ रही व्यावहारिक दिक्कतों और आगे की कार्ययोजना को लेकर स्थिति स्पष्ट करने की कोशिश की जाएगी।
मेरठ में नितिन नबीन का बड़ा बयान, कानून-व्यवस्था और विकास को लेकर विपक्ष पर साधा निशाना

मेरठ, उत्तर प्रदेश: भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नबीन ने सोमवार को मेरठ में उत्तर प्रदेश की कानून-व्यवस्था, विकास और राजनीतिक परिस्थितियों को लेकर अपनी बात रखी। पश्चिमी उत्तर प्रदेश के दौरे पर पहुंचे नबीन ने कहा कि भाजपा सरकार के कार्यकाल में प्रदेश में लोगों के बीच भरोसे का माहौल बना है। उन्होंने दावा किया कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश में कानून का शासन मजबूत हुआ है। नबीन ने कहा कि एक समय उत्तर प्रदेश में विकास की रफ्तार रुकने की बात कही जाती थी, लेकिन मौजूदा सरकार के कार्यकाल में राज्य विकास के रास्ते पर आगे बढ़ रहा है। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश को विकसित राज्य बनाने की दिशा में लगातार काम किया जा रहा है। भाजपा अध्यक्ष ने अपने संबोधन में सरकार की उपलब्धियों को रेखांकित करते हुए कानून-व्यवस्था और विकास को प्रमुख मुद्दों के तौर पर पेश किया। अपने बयान में नबीन ने कांग्रेस पर भी निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस ने अतीत में सरकारों को अस्थिर करने का काम किया और कुछ नेताओं को उचित सम्मान नहीं दिया। हालांकि, ये नबीन के राजनीतिक आरोप हैं, जिन्हें कांग्रेस की प्रतिक्रिया के संदर्भ में देखा जाना चाहिए। समाजवादी पार्टी को लेकर भी भाजपा अध्यक्ष ने दावा किया कि उसके नेता उत्तर प्रदेश में अलग-अलग क्षेत्रों में जाकर समाज को बांटने की राजनीति कर रहे हैं। नबीन ने कांग्रेस और सपा की राजनीतिक रणनीति की तुलना करते हुए आरोप लगाया कि अंग्रेजों की ‘बांटो और राज करो’ की नीति को बाद में इन दलों ने अपने राजनीतिक हितों के लिए अपनाया। नितिन नबीन का मेरठ दौरा ऐसे समय हो रहा है जब भाजपा पश्चिमी उत्तर प्रदेश में संगठनात्मक तैयारियों की समीक्षा कर रही है। उनके दौरे में युवा संवाद, शक्ति केंद्र संयोजक सम्मेलन और पार्टी पदाधिकारियों के साथ संगठनात्मक बैठकें शामिल हैं। भाजपा अध्यक्ष के इस दौरे को पार्टी की जमीनी तैयारियों और कार्यकर्ताओं के साथ संवाद के लिहाज से महत्वपूर्ण माना जा रहा है। नबीन के बाद 22 सितंबर को सहारनपुर में भी संगठनात्मक कार्यक्रम प्रस्तावित हैं।
NDMC का बड़ा फैसला: अंधेरे इलाकों में लगेंगे नए बिजली के पोल, ₹18.26 करोड़ मंजूर

नई दिल्ली: नई दिल्ली नगर पालिका परिषद (NDMC) की परिषद बैठक में शहर की स्ट्रीट लाइटिंग और बुनियादी सुविधाओं को लेकर कई महत्वपूर्ण फैसले लिए गए। NDMC के उपाध्यक्ष कुलजीत सिंह चहल ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में बैठक की जानकारी साझा करते हुए बताया कि परिषद के सामने कुल 28 एजेंडा रखे गए, जिन पर विस्तार से चर्चा के बाद मंजूरी दी गई। कुलजीत सिंह चहल ने बताया कि BRICS शिखर सम्मेलन के सफल आयोजन के बाद परिषद की बैठक हुई। उन्होंने प्रधानमंत्री के नेतृत्व में हुए सम्मेलन के लिए बधाई दी और आयोजन को सफल बनाने में योगदान देने वाले NDMC के अधिकारियों और कर्मचारियों का भी आभार जताया। उन्होंने कहा कि बैठक में कई ऐसे प्रस्ताव भी सामने आए, जो लंबे समय से लंबित थे। NDMC के नए चेयरमैन द्विवेदी की पहल की सराहना करते हुए चहल ने कहा कि उनकी कोशिशों से कई महत्वपूर्ण एजेंडे परिषद के सामने लाए गए और उन पर निर्णय लिया गया। उन्होंने NDMC के सभी निदेशकों और पूरी टीम को भी बधाई दी। अंधेरे इलाकों की पहचान के बाद लिया गया फैसला चहल के मुताबिक BRICS सम्मेलन की तैयारियों के दौरान NDMC क्षेत्र में कई ऐसे स्थान सामने आए, जहां पर्याप्त रोशनी की व्यवस्था नहीं थी। इन जगहों को ‘डार्क स्पॉट’ के तौर पर चिन्हित किया गया। इसके अलावा NDMC क्षेत्र में विकसित हो रहे नए इलाकों में भी स्ट्रीट लाइटिंग के लिए अतिरिक्त बिजली के पोल की जरूरत महसूस की गई। इन जरूरतों को देखते हुए संबंधित क्षेत्रों का विस्तृत अध्ययन कराया गया और आवश्यक तैयारियां पूरी की गईं। इसके बाद परिषद की बैठक में 18 करोड़ 26 लाख रुपये के बजट को मंजूरी दी गई। इस योजना के तहत NDMC क्षेत्र में अलग-अलग स्थानों पर 6 मीटर से लेकर 11 मीटर तक ऊंचाई वाले नए बिजली के पोल लगाए जाएंगे। अधिकारियों के अनुसार, इस कदम का उद्देश्य अंधेरे स्थानों में रोशनी बढ़ाने के साथ-साथ विकसित हो रहे क्षेत्रों में बेहतर स्ट्रीट लाइटिंग व्यवस्था उपलब्ध कराना है। NDMC के इस फैसले से राजधानी के संबंधित इलाकों में रात के समय प्रकाश व्यवस्था को मजबूत करने में मदद मिलने की उम्मीद है।
दिल्ली में 2.25 लाख घरों को सोलर पैनल देने की योजना, CM रेखा गुप्ता ने पोर्टल किया लॉन्च

दिल्ली में सौर ऊर्जा को बढ़ावा देने के लिए सरकार ने ‘पीएम सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना’ के तहत नई पहल शुरू की है। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने सोमवार को योजना से जुड़े पोर्टल की शुरुआत की। सरकार के मुताबिक, इसका उद्देश्य दिल्ली के बड़ी संख्या में घरों को रूफटॉप सोलर सिस्टम से जोड़ना और लोगों को सौर ऊर्जा का लाभ पहुंचाना है। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने इसे दिल्ली के लिए महत्वपूर्ण पहल बताते हुए कहा कि योजना के तहत 2.25 लाख घरों में सोलर पैनल लगाने का लक्ष्य रखा गया है। उन्होंने कहा कि 3 किलोवाट तक की क्षमता वाले सोलर पैनल की स्थापना का पूरा खर्च दिल्ली सरकार वहन करेगी। इसके लिए पात्र उपभोक्ताओं को अपनी ओर से राशि खर्च नहीं करनी होगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि योजना के जरिए दिल्ली में स्वच्छ और हरित ऊर्जा को बढ़ावा मिलेगा। उनके मुताबिक, इससे लोगों को बिजली के क्षेत्र में राहत मिलने के साथ-साथ सौर ऊर्जा के इस्तेमाल को भी प्रोत्साहन मिलेगा। सरकार ने योजना के लिए ‘पहले आओ, पहले पाओ’ के आधार पर पंजीकरण की व्यवस्था की है। यानी इच्छुक नागरिक पोर्टल के माध्यम से अपना आवेदन दर्ज करा सकेंगे और उपलब्ध लक्ष्य के अनुसार सोलर पैनल लगाने की प्रक्रिया आगे बढ़ाई जाएगी। रेखा गुप्ता ने अपने बयान में पिछली सरकारों की योजनाओं और मौजूदा सरकार की विकास नीति के बीच अंतर का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि सरकार का जोर विकास और बुनियादी सुविधाओं से जुड़े कार्यों पर है। योजना के तहत सोलर पैनल लगने से घरों में बिजली उत्पादन का एक वैकल्पिक स्रोत तैयार होगा। साथ ही, सरकार का जोर दिल्ली में नवीकरणीय ऊर्जा के इस्तेमाल को बढ़ाने पर है। दिल्ली सरकार की इस पहल के बाद अब लोगों की नजर आवेदन प्रक्रिया, पात्रता और सोलर पैनल लगाने की समयसीमा पर रहेगी। नागरिक पोर्टल के जरिए पंजीकरण कर योजना से जुड़ी जानकारी प्राप्त कर सकते हैं।
वंदे मातरम् की गूंज से विधानसभा गूंज उठी, BJP विधायकों ने पूरा गीत गाया

नई दिल्ली/पटना: सोमवार, 21 सितंबर 2026 को विधानमंडल की कार्यवाही की शुरुआत राष्ट्रगीत ‘वंदे मातरम्’ के गायन के साथ हुई। सदन में आधिकारिक तौर पर बजाई गई रिकॉर्डिंग दो अंतरों के बाद समाप्त हो गई। इसके बाद भारतीय जनता पार्टी (BJP) के विधायकों ने आगे बढ़कर ‘वंदे मातरम्’ का पूरा संस्करण सामूहिक रूप से गाया। कार्यवाही शुरू होने के समय सदन का माहौल औपचारिक और गंभीर रहा। आधिकारिक रिकॉर्डिंग के दो अंतरे पूरे होने के बाद जब गीत समाप्त हुआ, तब BJP के कई विधायक अपनी जगह पर खड़े रहे और उन्होंने शेष पंक्तियों का गायन जारी रखा। इस दौरान सदन में मौजूद अन्य सदस्यों का भी ध्यान इस घटनाक्रम की ओर गया। यह घटनाक्रम ऐसे समय हुआ है जब ‘वंदे मातरम्’ को लेकर देश में इसके ऐतिहासिक और सांस्कृतिक महत्व पर लगातार चर्चा होती रही है। स्वतंत्रता आंदोलन के दौर में इस गीत ने लोगों के बीच राष्ट्रीय भावना को मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी। आज भी विभिन्न सरकारी और सार्वजनिक कार्यक्रमों में इसके निर्धारित अंशों का गायन किया जाता है। सोमवार को सदन में हुआ यह घटनाक्रम खास तौर पर इसलिए चर्चा में आया क्योंकि आधिकारिक रूप से बजाई गई रिकॉर्डिंग दो अंतरों के बाद समाप्त हो गई, जबकि BJP विधायकों ने पूरा गीत गाने का फैसला किया। विधायकों द्वारा पूरा संस्करण गाए जाने के बाद सदन की निर्धारित कार्यवाही आगे बढ़ी। विधानसभा और विधान परिषद जैसे संवैधानिक संस्थानों में किसी भी राष्ट्रगीत या राष्ट्रीय महत्व से जुड़े कार्यक्रम का आयोजन निर्धारित प्रक्रियाओं के तहत किया जाता है। ऐसे में सोमवार की घटना ने सदन की कार्यवाही शुरू होने के दौरान अपनाई जाने वाली व्यवस्था और ‘वंदे मातरम्’ के पूर्ण संस्करण को लेकर चर्चा को एक बार फिर सामने ला दिया है। घटना से जुड़ा वीडियो और सदन की कार्यवाही के दौरान मौजूद सदस्यों की प्रतिक्रिया सोशल मीडिया पर भी चर्चा का विषय बन सकती है। हालांकि, आधिकारिक रिकॉर्डिंग के दो अंतरों पर समाप्त होने और BJP विधायकों द्वारा उसके बाद पूरा गीत गाए जाने की घटना सोमवार की कार्यवाही का प्रमुख उल्लेखनीय हिस्सा रही।
भारत में बनी पहली EP-6000 एंडोस्कोपी प्रणाली AIIMS को समर्पित, स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा से मिला FUJIFILM India का प्रतिनिधिमंडल

नई दिल्ली: FUJIFILM India के प्रबंध निदेशक कोजी वाडा के नेतृत्व में कंपनी के एक प्रतिनिधिमंडल ने सोमवार को नई दिल्ली में केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री जेपी नड्डा से मुलाकात की। इस दौरान भारत में आधुनिक चिकित्सा तकनीक के विस्तार और मरीजों के बेहतर इलाज में उन्नत मेडिकल उपकरणों की भूमिका को लेकर चर्चा हुई। बैठक के दौरान केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा ने FUJIFILM India की पहल की सराहना की। कंपनी ने अपनी पहली सीरियल नंबर वाली ‘मेड इन इंडिया’ EP-6000 एंडोस्कोपी प्रणाली को AIIMS, नई दिल्ली के माध्यम से देश को समर्पित किया है। इसे भारत में चिकित्सा उपकरणों के निर्माण और स्वास्थ्य क्षेत्र में तकनीकी क्षमता को बढ़ावा देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल के तौर पर देखा जा रहा है। प्रतिनिधिमंडल ने मंत्री को बताया कि आधुनिक एंडोस्कोपी तकनीक अब कई जटिल बीमारियों की पहचान और उपचार में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है। खास तौर पर फ्लेक्सिबल एंडोस्कोपी के जरिए डॉक्टर शरीर के अंदरूनी हिस्सों की अधिक स्पष्ट जांच कर सकते हैं। इससे कई मामलों में बीमारी की सटीक पहचान के साथ-साथ कम जोखिम वाली प्रक्रियाओं के माध्यम से उपचार में मदद मिल सकती है। बैठक में यह भी चर्चा हुई कि अत्याधुनिक एंडोस्कोपी सिस्टम मरीजों के इलाज के बाद रिकवरी अवधि को कम करने और अस्पताल में रहने की जरूरत घटाने में सहायक हो सकते हैं। ऐसी तकनीकों का उपयोग जटिल स्वास्थ्य समस्याओं की जांच और प्रबंधन में भी किया जा सकता है। विशेष रूप से अग्न्याशय (पैंक्रियास) से जुड़ी गंभीर बीमारियों और पैंक्रियाटिक कैंसर के निदान एवं प्रबंधन में उन्नत एंडोस्कोपी तकनीक की संभावनाओं पर भी चर्चा हुई। FUJIFILM India की ओर से भारत में निर्मित चिकित्सा उपकरण को AIIMS के माध्यम से देश को समर्पित किया जाना स्थानीय विनिर्माण और मेडिकल टेक्नोलॉजी के क्षेत्र में बढ़ती क्षमताओं को भी रेखांकित करता है। बैठक में स्वास्थ्य सेवाओं को अधिक सटीक, प्रभावी और मरीज-केंद्रित बनाने में तकनीक के बढ़ते महत्व पर जोर दिया गया।