नई दिल्ली: भारत और न्यूजीलैंड के बीच आर्थिक एवं व्यापारिक रिश्तों को नई दिशा देने की तैयारी है। केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने कहा कि दोनों देशों के बीच रणनीतिक साझेदारी को मजबूत करने और वर्ष 2030 तक सहयोग का नया रोडमैप तैयार करने पर जोर दिया जा रहा है। इसके तहत अगले चार से पांच वर्षों में भारत और न्यूजीलैंड के बीच वस्तुओं एवं सेवाओं का द्विपक्षीय व्यापार करीब 35,000 करोड़ रुपये तक पहुंचाने का महत्वाकांक्षी लक्ष्य रखा गया है।
पीयूष गोयल के मुताबिक, दोनों देशों के बीच प्रस्तावित फ्री ट्रेड एग्रीमेंट (FTA) इस लक्ष्य को वास्तविक आर्थिक अवसरों में बदलने में अहम भूमिका निभा सकता है। समझौते के लागू होने के बाद दोनों देशों के कारोबारियों और उद्योगों के लिए बाजार तक पहुंच बढ़ने की उम्मीद है। इससे व्यापारिक गतिविधियों को गति मिलने के साथ निवेश और आर्थिक सहयोग के नए रास्ते भी खुल सकते हैं।
केंद्रीय मंत्री ने कहा कि भारत और न्यूजीलैंड ने इस समझौते को लागू करने के लिए 20 अक्टूबर की तारीख चुनी है। यह दिन भारत में दशहरा और विजयादशमी के रूप में मनाया जाता है। उन्होंने इस तारीख के सांस्कृतिक महत्व का उल्लेख करते हुए कहा कि विजयादशमी को अच्छाई की बुराई पर जीत के प्रतीक के तौर पर देखा जाता है और उन्हें उम्मीद है कि यह दिन भारत-न्यूजीलैंड व्यापार समझौते के लिए भी सकारात्मक शुरुआत लेकर आएगा।
भारत और न्यूजीलैंड के बीच प्रस्तावित व्यापार समझौते को दोनों देशों के आर्थिक संबंधों के विस्तार की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। इसका उद्देश्य व्यापार को बढ़ावा देने के साथ-साथ दोनों देशों के बीच दीर्घकालिक आर्थिक साझेदारी को मजबूत करना है।
आने वाले वर्षों में समझौते के प्रभाव के आधार पर निर्यात, आयात, निवेश और कारोबारी सहयोग के क्षेत्रों में नई संभावनाएं सामने आ सकती हैं। भारत सरकार का लक्ष्य व्यापारिक संबंधों को और व्यापक बनाते हुए दोनों देशों के बीच आर्थिक साझेदारी को 2030 तक एक मजबूत आधार देना है।