पटना: जमुई की घटना को लेकर बिहार की सियासत गरमा गई है। घटना के विरोध में बुधवार को राजधानी पटना में राष्ट्रीय जनता दल (RJD) की महिला कार्यकर्ताओं ने प्रदर्शन किया। प्रदर्शन के दौरान कार्यकर्ताओं ने सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते हुए मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी का प्रतीकात्मक पुतला दहन किया।
RJD महिला कार्यकर्ताओं का कहना था कि जमुई में सामने आई घटना को लेकर सरकार को गंभीरता से कार्रवाई करनी चाहिए। प्रदर्शनकारियों ने मामले में जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई और पीड़ित पक्ष को न्याय दिलाने की मांग उठाई।
प्रदर्शन के दौरान महिला कार्यकर्ता हाथों में पोस्टर और पार्टी के झंडे लेकर सड़क पर उतरीं। इस दौरान मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के मुरेठा वाले प्रतीकात्मक पुतले को भी प्रदर्शन में शामिल किया गया। कार्यकर्ताओं ने सरकार के खिलाफ जमकर नारे लगाए और मामले को लेकर अपना विरोध दर्ज कराया।
RJD कार्यकर्ताओं ने आरोप लगाया कि राज्य में महिलाओं से जुड़े मामलों को लेकर सरकार को संवेदनशीलता के साथ काम करना चाहिए। उन्होंने जमुई की घटना की निष्पक्ष जांच कराने और दोषियों पर सख्त कार्रवाई की मांग की। प्रदर्शनकारियों ने कहा कि जब तक मामले में उचित कार्रवाई नहीं होती, तब तक पार्टी की ओर से आवाज उठाई जाती रहेगी।
राजधानी की सड़कों पर हुए इस प्रदर्शन के दौरान कुछ समय के लिए राजनीतिक माहौल भी गरम रहा। RJD कार्यकर्ताओं ने सरकार से घटना को लेकर स्पष्ट जवाब देने की मांग की। प्रदर्शन के जरिए पार्टी ने यह संदेश देने की कोशिश की कि वह जमुई मामले को राजनीतिक और सामाजिक स्तर पर लगातार उठाती रहेगी।
जमुई की घटना को लेकर सामने आ रहे राजनीतिक बयानों के बीच पटना में हुआ यह प्रदर्शन बिहार की सियासत में चर्चा का विषय बन गया है। अब इस मामले में सरकार की ओर से क्या प्रतिक्रिया आती है और जांच के स्तर पर आगे क्या कार्रवाई होती है, इस पर नजर बनी हुई है।