राष्ट्रकवि दिनकर की जयंती पर सीएम सम्राट चौधरी ने दी श्रद्धांजलि

पटना। राष्ट्रकवि रामधारी सिंह दिनकर की जयंती के अवसर पर बुधवार को पटना में राज्य सरकार की ओर से राजकीय समारोह का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी शामिल हुए और राष्ट्रकवि दिनकर को श्रद्धापूर्वक नमन करते हुए पुष्पांजलि अर्पित की।

इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने रामधारी सिंह दिनकर के साहित्यिक और सामाजिक योगदान को याद किया। दिनकर हिंदी साहित्य के ऐसे रचनाकार रहे, जिनकी कविताओं में राष्ट्रप्रेम, सामाजिक चेतना और जनभावनाओं की मजबूत अभिव्यक्ति देखने को मिलती है। उनकी रचनाओं ने हिंदी साहित्य को व्यापक स्तर पर पहचान दिलाने के साथ-साथ समाज में जागरूकता और आत्मविश्वास का संदेश भी दिया।

राजकीय समारोह में दिनकर के व्यक्तित्व और कृतित्व को याद करते हुए उनके विचारों को नई पीढ़ी तक पहुंचाने की आवश्यकता पर भी जोर दिया गया। कार्यक्रम में मौजूद लोगों ने राष्ट्रकवि की प्रतिमा पर पुष्प अर्पित कर उन्हें श्रद्धांजलि दी।

रामधारी सिंह दिनकर का जन्म 23 सितंबर 1908 को बिहार के बेगूसराय जिले के सिमरिया गांव में हुआ था। उनकी साहित्यिक पहचान मुख्य रूप से राष्ट्रवादी चेतना और ओजपूर्ण रचनाओं के लिए बनी। ‘रश्मिरथी’, ‘कुरुक्षेत्र’ और ‘उर्वशी’ जैसी उनकी कृतियां आज भी हिंदी साहित्य में विशेष स्थान रखती हैं। ‘उर्वशी’ के लिए उन्हें साहित्य अकादमी पुरस्कार से सम्मानित किया गया था।

बिहार सरकार की ओर से दिनकर की स्मृति और साहित्यिक विरासत को सम्मान देने की दिशा में भी विभिन्न प्रयास किए जाते रहे हैं। इसी क्रम में बेगूसराय में राष्ट्रकवि रामधारी सिंह दिनकर के नाम पर विश्वविद्यालय स्थापित करने की घोषणा भी की जा चुकी है।

मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी की ओर से दिनकर जयंती पर दी गई श्रद्धांजलि के दौरान उनके साहित्यिक योगदान को याद किया गया और राष्ट्रकवि की विरासत को सम्मान दिया गया। दिनकर की रचनाएं आज भी युवाओं और साहित्य प्रेमियों के लिए प्रेरणा का महत्वपूर्ण स्रोत बनी हुई हैं।

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