पटना। बिहार यूनिवर्सिटी ऑफ हेल्थ साइंसेज (BUHS) से जुड़ी विभिन्न मांगों को लेकर बुधवार को अभ्यर्थियों ने पटना स्थित JDU कार्यालय के बाहर जोरदार प्रदर्शन किया। बिहार के अलग-अलग जिलों से पहुंचे अभ्यर्थियों ने अपनी मांगों को लेकर कार्यालय के मुख्य गेट के बाहर धरना दिया और सरकार से जल्द समाधान की मांग की।
प्रदर्शन कर रहे अभ्यर्थियों का कहना है कि BUHS में स्थायी कुलपति की नियुक्ति सहित कई महत्वपूर्ण मुद्दे लंबे समय से लंबित हैं। अभ्यर्थियों ने पूरे मामले की जांच कर जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई की मांग भी उठाई। इसके अलावा परीक्षा शुल्क कम करने, री-इवैल्यूएशन की व्यवस्था लागू करने और नियमित एकेडमिक कैलेंडर जारी करने की मांग की गई है।
अभ्यर्थियों ने BTSC लैब टेक्नीशियन भर्ती परीक्षा को लेकर भी नाराजगी जताई। उनका कहना है कि वर्ष 2025 में लैब टेक्नीशियन के पदों के लिए वैकेंसी निकाली गई थी, लेकिन अब तक परीक्षा आयोजित नहीं की गई है। प्रदर्शनकारियों ने परीक्षा की प्रक्रिया जल्द शुरू कराने की मांग की है, ताकि लंबे समय से तैयारी कर रहे अभ्यर्थियों को आगे बढ़ने का अवसर मिल सके।
अभ्यर्थियों के मुताबिक, वे अपनी समस्याओं को लेकर स्वास्थ्य मंत्री निशांत कुमार से मुलाकात करने के उद्देश्य से JDU कार्यालय पहुंचे थे। हालांकि, कार्यालय का गेट बंद कर दिए जाने के बाद अभ्यर्थियों की मंत्री से मुलाकात नहीं हो सकी। इसके बाद बड़ी संख्या में अभ्यर्थी कार्यालय के बाहर ही बैठ गए और अपनी मांगों को लेकर प्रदर्शन जारी रखा।
प्रदर्शनकारियों ने फार्मासिस्ट भर्ती को लेकर भी सरकार के सामने अपनी मांग रखी। उनका कहना है कि फार्मासिस्ट की नियुक्ति प्रक्रिया में B.Pharm डिग्रीधारकों को भी शामिल किया जाना चाहिए। अभ्यर्थियों का कहना है कि चार वर्षीय B.Pharm की पढ़ाई पूरी करने वाले युवाओं के लिए सरकारी रोजगार के पर्याप्त अवसर उपलब्ध कराए जाने चाहिए।
अभ्यर्थियों ने सरकार से सभी मांगों पर जल्द विचार कर ठोस कदम उठाने की अपील की है। फिलहाल JDU कार्यालय के बाहर अभ्यर्थियों का प्रदर्शन जारी है।