नई दिल्ली। मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण यानी SIR (Special Intensive Revision) को लेकर चुनाव आयोग के भीतर कथित मतभेदों पर सामने आई रिपोर्ट के बाद आयोग ने अपनी स्थिति स्पष्ट की है। द इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट में दावा किया गया था कि चुनाव आयुक्त सुखबीर सिंह संधू और विवेक जोशी ने पिछले करीब 10 महीनों के दौरान SIR और मतदाता सूची से जुड़े कुछ फैसलों पर अपनी आपत्तियां दर्ज कराई थीं। रिपोर्ट सामने आने के बाद चुनाव आयोग ने प्रेस नोट जारी कर इन चर्चाओं को लेकर अपना पक्ष रखा।
आयोग ने कहा कि किसी भी संस्था में महत्वपूर्ण फैसले लेने से पहले विचार-विमर्श के दौरान अलग-अलग राय, सुझाव और टिप्पणियां सामने आना सामान्य प्रक्रिया है। आयोग के मुताबिक, ये टिप्पणियां अंतिम निर्णय तक पहुंचने वाली आंतरिक निर्णय प्रक्रिया का हिस्सा होती हैं।
प्रेस नोट में यह भी स्पष्ट किया गया कि केवल तीनों चुनाव आयुक्त ही नहीं, बल्कि आयोग का प्रत्येक अधिकारी चुनाव व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए अपने सुझाव और विचार रखने के लिए अधिकृत है। आयोग ने जोर दिया कि आंतरिक चर्चाओं में अलग मत सामने आना अपने आप में अंतिम फैसले में असहमति का प्रमाण नहीं माना जाना चाहिए।
चुनाव आयोग ने रिपोर्ट में सामने आई कुछ चुनिंदा आंतरिक टिप्पणियों के आधार पर पूरी तस्वीर देखने को लेकर भी सवाल उठाया। आयोग का कहना है कि पिछले एक साल के दौरान उसके स्तर पर कई फैसले लिए गए, निर्देश जारी किए गए और चुनावी व्यवस्था को मजबूत करने के लिए करीब 40 नई पहलें शुरू की गईं।
आयोग के अनुसार, मतदाता सूची के संशोधन, जिसमें SIR भी शामिल है, से जुड़े फैसले और चुनाव सुधार व्यापक स्तर पर किए गए हैं। आयोग ने दावा किया कि पिछले एक साल में लिए गए फैसले पूरे आयोग की सामूहिक और सर्वसम्मत निर्णय प्रक्रिया का हिस्सा रहे हैं।
वहीं, द इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट में दो चुनाव आयुक्तों की ओर से अलग-अलग मुद्दों पर दर्ज आपत्तियों का उल्लेख किया गया है। रिपोर्ट के अनुसार, इन आपत्तियों में नए मतदाताओं के पंजीकरण, मतदाता नाम जोड़ने-हटाने और चुनावी डेटाबेस से जुड़े तकनीकी प्रबंधन जैसे विषय शामिल थे।
ऐसे में SIR को लेकर जारी बहस में एक तरफ आयोग की ओर से निर्णय प्रक्रिया को सामूहिक और विचार-विमर्श आधारित बताया गया है, जबकि दूसरी ओर सामने आई आंतरिक टिप्पणियों ने आयोग की कार्यप्रणाली और निर्णय प्रक्रिया को लेकर सार्वजनिक चर्चा को तेज कर दिया है।