गोंडा, उत्तर प्रदेश: उत्तर प्रदेश के गोंडा जिले में पिछले 48 घंटों से लगातार तेज हवाओं के साथ हो रही बारिश ने जनजीवन को प्रभावित किया है। खराब मौसम का सबसे अधिक असर खेतों में खड़ी धान की फसल पर देखने को मिल रहा है। कई इलाकों में तेज हवाओं और बारिश के कारण धान की फसल खेतों में गिर गई है, जिससे किसानों को नुकसान की चिंता सताने लगी है।
गोंडा के अपर जिलाधिकारी (ADM) प्रमोद झा ने बताया कि बंगाल की खाड़ी में बने चक्रवाती सिस्टम के प्रभाव के चलते जिले में मौसम का मिजाज बदला है। बीते दो दिनों से लगातार बारिश और तेज हवाओं का दौर जारी है। इसके कारण कई क्षेत्रों में धान की खड़ी फसल काफी हद तक प्रभावित हुई है।
प्रशासन की ओर से फसल नुकसान का आकलन शुरू कर दिया गया है। ADM के मुताबिक, राजस्व विभाग और कृषि विभाग की टीमें प्रभावित क्षेत्रों में जाकर स्थिति का सर्वे कर रही हैं। सर्वे के आधार पर फसल को हुए नुकसान का आकलन तैयार किया जाएगा। किसानों को हुए नुकसान की वास्तविक स्थिति सामने आने के बाद प्रशासन की ओर से आगे की प्रक्रिया तय की जाएगी।
बारिश और तेज हवाओं के कारण जिले के कई हिस्सों में सड़क और रास्तों पर पेड़ गिरने की घटनाएं भी सामने आई हैं। इससे आवागमन प्रभावित हुआ है और लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ा। प्रशासन और संबंधित विभागों की टीमें सड़कों पर गिरे पेड़ों को हटाने में जुटी हैं, ताकि यातायात सामान्य किया जा सके और आम लोगों को किसी तरह की असुविधा न हो।
मौसम को देखते हुए प्रशासन ने एहतियात के तौर पर स्कूलों को भी बंद रखने का फैसला किया है। अधिकारियों का कहना है कि बच्चों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए यह कदम उठाया गया है।
लगातार बारिश को देखते हुए प्रशासन ने संबंधित विभागों को सतर्क रहने और प्रभावित क्षेत्रों में स्थिति पर नजर बनाए रखने के निर्देश दिए हैं। वहीं, किसानों की नजर अब फसल नुकसान के सर्वे और प्रशासन की अगली कार्रवाई पर टिकी हुई है।