नई दिल्ली: विश्व हिंदू परिषद (VHP) के पूर्व अध्यक्ष अशोक सिंघल की जन्म शताब्दी वर्ष के उद्घाटन समारोह में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने उनके जीवन और कार्यों को याद किया। समारोह को संबोधित करते हुए शाह ने अशोक सिंघल के व्यक्तित्व को त्याग, सादगी, राष्ट्रभक्ति, धर्मनिष्ठा और संघर्ष जैसे गुणों से जुड़ा बताया।
अमित शाह ने कहा कि अशोक सिंघल का जीवन विभिन्न भूमिकाओं में उत्कृष्टता और समर्पण का उदाहरण रहा। उन्होंने कहा कि विद्यार्थी जीवन से लेकर स्वयंसेवक और प्रचारक के रूप में काम करने तक उन्होंने हर जिम्मेदारी को पूरी निष्ठा से निभाया। बाद में विश्व हिंदू परिषद की जिम्मेदारी मिलने के बाद भी उन्होंने अपने जीवन के अंतिम समय तक हिंदुत्व के प्रति समर्पित होकर काम करने का प्रयास किया।
शाह ने कहा कि समाज में ऐसे व्यक्तित्व बहुत कम देखने को मिलते हैं, जिनके जीवन में त्याग, सादगी, राष्ट्रभक्ति, धर्मनिष्ठा और संघर्ष जैसे कई गुण एक साथ दिखाई दें। उनके मुताबिक, अशोक सिंघल का जीवन इन्हीं मूल्यों से प्रभावित रहा।
जेल के दौरान अशोक सिंघल से मुलाकात का किया जिक्र
अमित शाह ने अपने पुराने दिनों को याद करते हुए अशोक सिंघल के साथ हुई मुलाकातों का भी उल्लेख किया। उन्होंने बताया कि दिल्ली में रहने के दौरान उनके लिए एक कठिन दौर आया था और उस समय वे जेल में थे। शाह के अनुसार, उस समय वे विश्व हिंदू परिषद के कार्यालय में अशोक सिंघल से मिलने जाया करते थे।
उन्होंने कार्यालय की सादगी का जिक्र करते हुए कहा कि करीब 20 वर्ग मीटर के छोटे से स्थान में ही अशोक सिंघल का रसोईघर, बाथरूम और सोने की व्यवस्था थी। शाह ने कहा कि इतने बड़े व्यक्तित्व के जीवन में इतनी सादगी को करीब से अनुभव करना उनके लिए विशेष अनुभव रहा।
अमित शाह के संबोधन में अशोक सिंघल के सार्वजनिक जीवन, संगठन के प्रति उनके समर्पण और व्यक्तिगत सादगी को प्रमुखता से रेखांकित किया गया। जन्म शताब्दी समारोह के जरिए उनके जीवन और कार्यों को याद किया जा रहा है।