नई दिल्ली: कश्मीरी गेट इलाके में हुई हत्या और लूट की वारदात की गुत्थी पुलिस ने सुलझाने का दावा किया है। नॉर्थ डिस्ट्रिक्ट की DCP निहारिका भट्ट के मुताबिक, मामले में मृतक प्रभात का रिश्तेदार ओम मुख्य आरोपी के तौर पर सामने आया है। पुलिस के अनुसार, ओम को प्रभात के रोजाना के आने-जाने और पैसों से जुड़ी गतिविधियों की जानकारी थी।
DCP निहारिका भट्ट ने बताया कि ओम को पता था कि प्रभात हर शाम गांधीनगर से काफी मात्रा में नकदी लेकर चांदनी चौक की ओर जाता था। इसी जानकारी को आधार बनाकर कथित तौर पर लूट की साजिश रची गई। पुलिस के मुताबिक, ओम ने इस वारदात को अंजाम देने के लिए अपने कुछ साथियों को झांसी और कानपुर से दिल्ली बुलाया था।
पुलिस अधिकारी के अनुसार, इस पूरी साजिश में कुल सात युवक शामिल थे। आरोप है कि 26 तारीख की शाम इन लोगों ने ऑटो रिक्शा को रास्ते में रोककर लूट की कोशिश की। इसी दौरान स्थिति बिगड़ गई और प्रभात की हत्या कर दी गई।
पुलिस की शुरुआती जांच में यह बात सामने आई है कि आरोपियों को प्रभात के पास मौजूद रकम और उसके नियमित रूट की जानकारी थी। इसी वजह से वारदात को योजनाबद्ध तरीके से अंजाम देने की आशंका जताई जा रही है। मामले की जांच के दौरान पुलिस ने आरोपियों की भूमिका और घटनाक्रम से जुड़े अन्य पहलुओं को भी खंगाला।
इस घटना ने एक बार फिर यह सवाल खड़ा किया है कि करीबी लोगों को किसी व्यक्ति की रोजमर्रा की गतिविधियों और आर्थिक लेनदेन की जानकारी किस तरह अपराध की वजह बन सकती है। हालांकि, पुलिस की जांच अभी जारी है और मामले से जुड़े सभी तथ्यों की पुष्टि जांच पूरी होने के बाद ही स्पष्ट होगी।
पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि वारदात की पूरी योजना कब और कैसे बनाई गई थी, सभी आरोपी एक-दूसरे के संपर्क में कैसे आए और घटना के बाद उन्होंने क्या किया। मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई जारी है।