नई दिल्ली: भारत की समुद्री सीमा में नशीले पदार्थों की तस्करी के खिलाफ सुरक्षा एजेंसियों को बड़ी सफलता मिली है। गुजरात एंटी-टेररिस्ट स्क्वॉड (ATS), भारतीय तटरक्षक बल (Indian Coast Guard) और केंद्रीय खुफिया एजेंसियों के संयुक्त अभियान में अरब सागर में एक ईरानी नाव से करीब 526 किलोग्राम हेरोइन और मेथम्फेटामाइन बरामद किया गया है। जब्त नशीले पदार्थों की अंतरराष्ट्रीय बाजार में कीमत 3,000 करोड़ रुपये से अधिक आंकी गई है।
160 नॉटिकल मील दूर पकड़ी गई संदिग्ध नाव
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने सोशल मीडिया पोस्ट के जरिए इस कार्रवाई की जानकारी साझा की। उनके मुताबिक, संदिग्ध ईरानी नाव भारत के Exclusive Economic Zone (EEZ) में लक्षद्वीप से करीब 160 नॉटिकल मील उत्तर-पश्चिम और मुंबई से लगभग 490 नॉटिकल मील दक्षिण-पश्चिम दिशा में थी।
खुफिया सूचना मिलने के बाद भारतीय एजेंसियों ने समुद्री और हवाई निगरानी के जरिए नाव पर नजर रखी। इसके बाद तटरक्षक बल ने कार्रवाई करते हुए नाव को रोका और उसकी तलाशी ली। तलाशी के दौरान बड़ी मात्रा में संदिग्ध नशीले पदार्थ बरामद किए गए।
नाव पर सवार 5 पाकिस्तानी नागरिक गिरफ्तार
कार्रवाई के दौरान नाव पर मौजूद पांच पाकिस्तानी नागरिकों को हिरासत में लिया गया। अधिकारियों के मुताबिक, नाव, उसके चालक दल और जब्त किए गए नशीले पदार्थों को आगे की संयुक्त पूछताछ और कानूनी कार्रवाई के लिए मुंबई लाया गया है।
जांच एजेंसियां अब यह पता लगाने में जुटी हैं कि इस ड्रग्स खेप का असली नेटवर्क क्या था, इसे कहां पहुंचाया जाना था और इसके पीछे कौन-कौन लोग शामिल हैं। अधिकारियों द्वारा पकड़े गए लोगों से पूछताछ के आधार पर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सक्रिय संभावित तस्करी नेटवर्क की जानकारी जुटाई जा रही है।
16 दिन तक चला संयुक्त ऑपरेशन
गृह मंत्री अमित शाह के मुताबिक, इस कार्रवाई में विभिन्न सुरक्षा और खुफिया एजेंसियों के बीच समन्वय अहम रहा। उन्होंने इसे नशीले पदार्थों के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान का हिस्सा बताया और कहा कि सरकार युवाओं को ड्रग्स के खतरे से बचाने के लिए प्रतिबद्ध है।
भारतीय तटरक्षक बल और गुजरात ATS द्वारा समुद्री मार्गों से होने वाली कथित नशीले पदार्थों की तस्करी के खिलाफ पहले भी कई संयुक्त कार्रवाई की जा चुकी हैं। इस मामले में भी आगे की जांच के बाद ड्रग्स नेटवर्क और इसके संभावित कनेक्शन को लेकर और जानकारी सामने आने की उम्मीद है।