नई दिल्ली: केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने INDIA गठबंधन और कांग्रेस पर तीखा राजनीतिक हमला बोला है। उन्होंने आरोप लगाया कि लगातार चुनावी हार के बावजूद कांग्रेस अपनी गलतियों पर आत्ममंथन और जनता से माफी मांगने के बजाय भ्रम फैलाने और विपक्षी दलों पर आरोप लगाने का रास्ता अपना रही है।
शिवराज सिंह चौहान ने INDIA गठबंधन की बैठक में प्रमुख नेताओं की गैरमौजूदगी को लेकर विपक्षी एकता पर सवाल खड़े किए। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश जैसे महत्वपूर्ण चुनावी राज्य से समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव बैठक में शामिल नहीं हुए। वहीं, दिल्ली की बैठक में आम आदमी पार्टी और डीएमके की गैरमौजूदगी का भी उन्होंने उल्लेख किया। उपलब्ध रिपोर्टों के अनुसार अखिलेश यादव ने राज्यसभा नामांकन प्रक्रिया में व्यस्त होने की बात कही थी, जबकि कुछ दलों ने बैठक से दूरी बनाई।
शिवराज ने उद्धव ठाकरे के वर्चुअल तरीके से जुड़ने का जिक्र करते हुए कहा कि विपक्षी गठबंधन के भीतर एकजुटता को लेकर सवाल खड़े हो रहे हैं। उन्होंने व्यंग्यात्मक अंदाज में कहा कि गठबंधन की स्थिति ऐसी हो गई है कि उसके नेता अलग-अलग दिशाओं में दिखाई दे रहे हैं।
राहुल गांधी के नेतृत्व को लेकर भी शिवराज ने बड़ा दावा किया। उन्होंने कहा कि INDIA गठबंधन राहुल गांधी को अपना नेता मानने के लिए तैयार नहीं है। साथ ही उन्होंने कांग्रेस के भीतर भी राहुल गांधी के नेतृत्व को लेकर सवाल होने का आरोप लगाया। यह टिप्पणी उस घटनाक्रम के बाद आई है जिसमें कांग्रेस की कार्यसमिति की बैठक में राहुल गांधी ने पार्टी नेताओं से अपने नेतृत्व पर भरोसा करने की अपील की थी।
वहीं, 30 सितंबर को हुई INDIA गठबंधन की बैठक का प्रमुख मुद्दा चुनाव आयोग और मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण यानी SIR को लेकर विपक्ष की आगे की रणनीति बताया गया है। विपक्षी दलों ने चुनाव प्रक्रिया से जुड़े मुद्दों पर संयुक्त कार्रवाई और आंदोलन की रणनीति पर चर्चा की।
शिवराज सिंह चौहान के बयान ने इस बैठक को लेकर राजनीतिक बयानबाजी को और तेज कर दिया है। एक ओर कांग्रेस और उसके सहयोगी दल चुनावी प्रक्रिया से जुड़े सवाल उठा रहे हैं, वहीं बीजेपी नेता विपक्षी गठबंधन की एकजुटता और नेतृत्व पर निशाना साध रहे हैं।