नई दिल्ली: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सार्वजनिक जीवन में 25 वर्ष पूरे होने के अवसर पर बुधवार को राजधानी दिल्ली के इंदिरा गांधी इंडोर स्टेडियम में आयोजित ‘विकसित भारत संकल्प सभा – सेवा ज्योति यात्रा’ कार्यक्रम में हिस्सा लिया। इस दौरान कार्यक्रम में बड़ी संख्या में लोगों की मौजूदगी रही और प्रधानमंत्री के लंबे सार्वजनिक जीवन तथा उनके नेतृत्व में देश की विकास यात्रा को लेकर चर्चा हुई।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सार्वजनिक जीवन के 25 वर्ष पूरे होने को भारतीय राजनीति में एक महत्वपूर्ण पड़ाव के तौर पर देखा जा रहा है। 7 अक्टूबर 2001 को नरेंद्र मोदी ने गुजरात के मुख्यमंत्री के रूप में जिम्मेदारी संभाली थी। इसके बाद उन्होंने गुजरात के मुख्यमंत्री के तौर पर लंबे समय तक कार्य किया और वर्ष 2014 में देश के प्रधानमंत्री बने। इसके बाद से वह लगातार प्रधानमंत्री पद पर बने हुए हैं।
कार्यक्रम का उद्देश्य जनसेवा, राष्ट्र निर्माण और विकसित भारत के संकल्प को आगे बढ़ाने पर केंद्रित रहा। ‘सेवा ज्योति यात्रा’ के माध्यम से लोगों के बीच प्रधानमंत्री के सार्वजनिक जीवन के 25 वर्षों की यात्रा और इस दौरान सामने आए प्रमुख विकास कार्यों को लेकर संदेश पहुंचाने का प्रयास किया गया।
विकसित भारत के संकल्प पर जोर
‘विकसित भारत’ के लक्ष्य को लेकर केंद्र सरकार लगातार 2047 तक भारत को विकसित राष्ट्र बनाने की दिशा में काम करने की बात कहती रही है। ऐसे में इस कार्यक्रम को भी सरकार के इसी व्यापक विजन से जोड़कर देखा जा रहा है। कार्यक्रम में सेवा, विकास और राष्ट्र निर्माण से जुड़े संकल्पों को प्रमुखता दी गई।
प्रधानमंत्री मोदी के 25 वर्ष के सार्वजनिक जीवन के दौरान गुजरात के मुख्यमंत्री से लेकर देश के प्रधानमंत्री तक का सफर राजनीतिक रूप से काफी महत्वपूर्ण रहा है। इस अवधि में उन्होंने अलग-अलग स्तरों पर प्रशासन और राष्ट्रीय राजनीति में अपनी भूमिका निभाई।
दिल्ली में आयोजित ‘विकसित भारत संकल्प सभा – सेवा ज्योति यात्रा’ कार्यक्रम के जरिए जनसेवा और राष्ट्र निर्माण के संकल्प को दोहराया गया। कार्यक्रम में प्रधानमंत्री की मौजूदगी ने इसे राजनीतिक और सामाजिक दोनों दृष्टिकोण से महत्वपूर्ण बना दिया।