योगी आदित्यनाथ का अखिलेश यादव पर निशाना, बोले- राज्यसभा चुनाव ने दिखा दिया विधानसभा चुनाव का नतीजा

लखनऊ: राज्यसभा चुनाव को लेकर उत्तर प्रदेश की राजनीति में सियासी बयानबाजी तेज हो गई है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने समाजवादी पार्टी और उसके प्रमुख अखिलेश यादव पर निशाना साधते हुए राज्यसभा चुनाव के नतीजों को आगामी विधानसभा चुनाव की तस्वीर से जोड़ दिया। उन्होंने कहा कि चुनाव ने यह संकेत दे दिया है कि आने वाले विधानसभा चुनाव में राजनीतिक मुकाबला किस दिशा में जा सकता है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अखिलेश यादव द्वारा राज्यसभा चुनाव में तीसरा उम्मीदवार नहीं उतारने को लेकर सवाल उठाया। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि अखिलेश यादव ने तीसरा कैंडिडेट क्यों नहीं दिया और आखिर किस वजह से उन्होंने कदम पीछे खींचे, यह उनकी समझ में नहीं आया। योगी आदित्यनाथ के बयान की बड़ी बातें 🔴 राज्यसभा चुनाव से विधानसभा चुनाव का संकेत योगी आदित्यनाथ ने कहा कि जिस तरह राज्यसभा चुनाव में तस्वीर सामने आई है, उससे आगामी विधानसभा चुनाव को लेकर भी संकेत मिल गया है। उनके मुताबिक, चुनावी मुकाबला एक बार फिर पुराने राजनीतिक समीकरणों की ओर बढ़ता दिखाई दे रहा है। 🔴 ‘80-20’ के बयान से सियासी हलचल मुख्यमंत्री ने अपने बयान में कहा कि लड़ाई फिर से 80-20 पर आ गई है। उन्होंने इसे उत्तर प्रदेश की राजनीति में बहुसंख्यक और PDA वोट बैंक के बीच राजनीतिक समीकरण के तौर पर पेश किया। 🔴 PDA को लेकर भी टिप्पणी योगी आदित्यनाथ के बयान में PDA का जिक्र भी आया। उन्होंने कहा कि राजनीतिक मुकाबले में एक तरफ 80 प्रतिशत और दूसरी तरफ 20 प्रतिशत का समीकरण दिखाई दे रहा है। हालांकि, यह मुख्यमंत्री का राजनीतिक आकलन है और इसे चुनावी परिणाम का निश्चित पूर्वानुमान नहीं माना जा सकता। 🔴 विधानसभा चुनाव से पहले बढ़ी सियासी बयानबाजी राज्यसभा चुनाव के बाद उत्तर प्रदेश की राजनीति में भाजपा और विपक्ष के बीच बयानबाजी और तेज होने के आसार हैं। योगी के बयान को समाजवादी पार्टी और विपक्षी गठबंधन की रणनीति पर सीधा राजनीतिक हमला माना जा रहा है। फिलहाल, राज्यसभा चुनाव के बाद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का यह बयान उत्तर प्रदेश के आगामी विधानसभा चुनाव को लेकर नई राजनीतिक बहस को जन्म देता नजर आ रहा है। आने वाले दिनों में अखिलेश यादव और समाजवादी पार्टी की ओर से इस पर क्या प्रतिक्रिया आती है, इस पर भी सभी की नजर रहेगी।
राहुल गांधी का CEC ज्ञानेश कुमार पर बड़ा हमला, बोले- इस्तीफा देना पड़ेगा

नई दिल्ली। लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार को लेकर INDIA गठबंधन के सांसदों के विरोध प्रदर्शन पर केंद्र सरकार और चुनाव व्यवस्था पर तीखा हमला बोला। राहुल गांधी ने आरोप लगाया कि विपक्षी सांसद चुनाव आयुक्त से मुलाकात करना चाहते थे, लेकिन उन्हें मिलने का अवसर नहीं दिया गया। राहुल गांधी ने कहा कि विपक्षी सांसदों ने चुनाव आयुक्त से मिलने की कोशिश की थी, लेकिन मुलाकात नहीं हो सकी। उन्होंने दावा किया कि इसके बाद दिल्ली पुलिस ने प्रदर्शन करने से भी रोक दिया। राहुल गांधी के मुताबिक, विपक्ष अब जंतर-मंतर पर प्रदर्शन कर जनता के सामने अपनी बात रखने की तैयारी में है। 🔴 राहुल गांधी ने CEC की वैधता पर उठाया सवाल राहुल गांधी ने अपने बयान में ज्ञानेश कुमार की चुनाव आयुक्त के रूप में वैधता पर सवाल खड़े किए। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह, RSS प्रमुख मोहन भागवत और ज्ञानेश कुमार की भूमिका से देश के लोकतंत्र को नुकसान पहुंचा है। राहुल गांधी ने कहा कि जिन लोगों पर लोकतांत्रिक व्यवस्था को कमजोर करने का आरोप है, उनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने यह भी दावा किया कि ज्ञानेश कुमार को अपने पद से इस्तीफा देना पड़ेगा। 🔴 FIR को लेकर भी दिया बड़ा बयान विपक्ष के नेता ने अपने खिलाफ दर्ज FIR का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि उनके खिलाफ अब तक 45 FIR दर्ज हैं और उनका लक्ष्य 100 FIR तक पहुंचने का है। राहुल गांधी ने कहा कि उनके लिए प्रत्येक FIR एक तरह का “मेडल” है। राहुल गांधी के इन बयानों से साफ है कि चुनाव आयोग की भूमिका और चुनावी प्रक्रिया को लेकर सरकार और विपक्ष के बीच राजनीतिक टकराव और तेज हो सकता है। हालांकि, राहुल गांधी द्वारा लगाए गए आरोप उनके राजनीतिक बयान का हिस्सा हैं। इन आरोपों पर संबंधित पक्षों की प्रतिक्रिया और चुनाव आयोग का आधिकारिक पक्ष भी महत्वपूर्ण होगा।
राजस्थान पंचायत चुनाव: डोटासरा बोले- कांग्रेस पूरी तरह तैयार, सरकार की विफलताएं जनता को बताएंगे

जयपुर: राजस्थान में पंचायत राज चुनाव को लेकर सियासी हलचल तेज हो गई है। पंचायत चुनाव के पहले चरण से पहले कांग्रेस ने चुनावी अभियान की तैयारियां तेज कर दी हैं। राजस्थान कांग्रेस अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा ने कहा कि पार्टी पूरी मजबूती और एकजुटता के साथ पंचायत चुनाव में उतरने के लिए तैयार है। डोटासरा ने बताया कि प्रदेश कांग्रेस कमेटी की ओर से पंचायत राज चुनाव के लिए कैंपेन कमेटी बनाई गई है। इसमें पार्टी के वरिष्ठ नेताओं, प्रदेश प्रभारी, AICC के तीन सचिवों और अन्य नेताओं को शामिल किया गया है। कांग्रेस ने तय किया है कि पार्टी के नेता अलग-अलग क्षेत्रों में जाकर चुनाव प्रचार करेंगे और जनता से सीधे संवाद करेंगे। ढाई साल की कथित विफलताओं को मुद्दा बनाएगी कांग्रेस गोविंद सिंह डोटासरा ने कहा कि कांग्रेस चुनाव प्रचार के दौरान राजस्थान सरकार के करीब 2.5 साल के कार्यकाल की कथित विफलताओं को जनता के सामने रखेगी। पार्टी नेताओं को गांव-गांव जाकर लोगों से संपर्क करने और सरकार के कामकाज पर कांग्रेस का पक्ष रखने की जिम्मेदारी दी गई है। नगर निकाय चुनाव में वोट चोरी का लगाया आरोप डोटासरा ने नगर निकाय चुनावों को लेकर भी राज्य सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया कि नगर निकाय चुनाव के दौरान गुंडागर्दी, तानाशाही और वोट चोरी जैसी घटनाएं हुईं। कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष के अनुसार, पार्टी ने इन कथित अनियमितताओं को लेकर प्रदेश के मुख्य निर्वाचन आयुक्त को ज्ञापन भी सौंपा है। पंचायत चुनाव के पहले चरण के लिए कांग्रेस तैयार डोटासरा ने कहा कि पंचायत राज चुनाव का पहला चरण शुरू होने जा रहा है और कांग्रेस इसके लिए पूरी तरह तैयार है। पार्टी के नेताओं ने चुनावी रणनीति और संभावित चुनौतियों को लेकर चर्चा की है। उनका दावा है कि राजस्थान में कांग्रेस एकजुट भी है और मजबूत भी। कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष ने राहुल गांधी के नेतृत्व में INDIA गठबंधन की लड़ाई का जिक्र करते हुए इसे लोकतांत्रिक मूल्यों और अधिकारों की लड़ाई बताया। उन्होंने कहा कि कांग्रेस इसी सोच के साथ पंचायत चुनाव में जनता के बीच जाएगी। डिस्क्लेमर: वोट चोरी और चुनावी अनियमितताओं से जुड़े आरोप राजस्थान कांग्रेस अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा के बयान पर आधारित हैं। इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि इस खबर में नहीं की गई है।
सारण में बाढ़ प्रभावित परिवारों के बीच पहुंची राहत सामग्री, जरूरतमंदों को मिला जरूरी सामान

सारण। बाढ़ की मुश्किल परिस्थितियों के बीच जरूरतमंद परिवारों की मदद के लिए सामाजिक संगठनों की ओर से राहत अभियान चलाया जा रहा है। इसी क्रम में छत्रपति शिवाजी महाराज सेवा समिति (ट्रस्ट) की ओर से सारण जिले के मेकर प्रखंड अंतर्गत पुरुषोत्तमपुर गांव में बाढ़ प्रभावित और जरूरतमंद परिवारों के बीच राहत सामग्री का वितरण किया गया। इस राहत अभियान की जानकारी ऑल इंडिया प्रोग्रेसिव टीम के चीफ कन्वेनर डॉ. एस. मधुप ने दी। उन्होंने बताया कि यह अभियान मानव सेवा की भावना को ध्यान में रखते हुए चलाया गया, ताकि बाढ़ की वजह से परेशान लोगों को तत्काल जरूरी खाद्य सामग्री उपलब्ध कराई जा सके। बाढ़ प्रभावित परिवारों तक पहुंची राहत सामग्री बाढ़ के कारण गांव के कई परिवारों के सामने भोजन और पीने के पानी की समस्या पैदा हो गई थी। ऐसे में सेवा समिति की टीम ने प्रभावित लोगों के बीच पहुंचकर आवश्यक सामग्री का वितरण किया। अभियान के दौरान टीम के सदस्यों ने विपरीत परिस्थितियों के बावजूद लोगों की मदद करने में सक्रिय भूमिका निभाई। राहत सामग्री में मुख्य रूप से पीने का पानी, चना, सत्तू, चावल, खाद्य तेल, सब्जियां, मसाले, ब्रेड, बिस्कुट और चूड़ा समेत अन्य जरूरी खाद्य सामग्री शामिल रही। टीम के सदस्यों ने बढ़-चढ़कर लिया हिस्सा राहत वितरण अभियान में सनम पटेल, संजय कुमार, अभिषेक कुमार, आशीष, प्रियांशु, विनय, अवधेश और गुड्डू समेत टीम के अन्य सदस्यों ने सक्रिय सहयोग किया। टीम ने गांव के अलग-अलग हिस्सों में पहुंचकर जरूरतमंद परिवारों तक राहत सामग्री पहुंचाई। ‘मानव सेवा ही सबसे बड़ा धर्म’ इस मौके पर सेवा से जुड़े लोगों ने कहा कि प्राकृतिक आपदा के समय जरूरतमंदों की सहायता करना समाज की सामूहिक जिम्मेदारी है। राहत अभियान का उद्देश्य केवल सामग्री बांटना नहीं, बल्कि मुश्किल समय में प्रभावित परिवारों के साथ खड़े होकर उन्हें भरोसा और सहयोग देना है। मानव सेवा को सर्वोपरि मानते हुए चलाया गया यह अभियान बाढ़ प्रभावित परिवारों के लिए राहत और सहयोग का माध्यम बना।
मोहन भागवत का बड़ा संदेश: भारतीय परंपराओं के अनुरूप जीवन जीना ही आगे बढ़ने का रास्ता

नागपुर, महाराष्ट्र: राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) के सरसंघचालक मोहन भागवत ने अशोक सिंघल की जन्म शताब्दी वर्ष के कार्यक्रम को संबोधित करते हुए समाज और राष्ट्र के प्रति जिम्मेदारी को लेकर महत्वपूर्ण विचार साझा किए। उन्होंने कहा कि किसी व्यक्ति की स्मृति केवल उसके नाम या तस्वीरों से जीवित नहीं रहती, बल्कि उसके विचारों और कार्यों को आगे बढ़ाने से बनी रहती है। मोहन भागवत ने कहा कि महान व्यक्तियों के अच्छे कार्यों को अपने आचरण और प्रयासों के जरिए आगे बढ़ाना ही उनके प्रति सच्ची श्रद्धांजलि है। उन्होंने मराठी संघ गीत की पंक्तियों का उल्लेख करते हुए बताया कि बोले गए शब्द समय के साथ खत्म हो जाते हैं, लेकिन अच्छे कार्य लंबे समय तक याद किए जाते हैं। समाज की सामूहिक भागीदारी पर जोर RSS प्रमुख ने कहा कि मोरोपंत और अशोक जी की स्मृतियों को जीवित रखने के लिए कई लोग अपने-अपने स्तर पर योगदान दे रहे हैं। कोई अपना समय दे रहा है तो कोई आर्थिक सहयोग कर रहा है। उन्होंने इसे समाज की सकारात्मक भागीदारी का उदाहरण बताया। हालांकि, भागवत ने यह भी कहा कि पूरे समाज की आबादी की तुलना में ऐसे प्रयासों से जुड़ने वाले लोगों की संख्या अभी सीमित है। उनके मुताबिक, जब समाज का बड़ा वर्ग किसी सकारात्मक उद्देश्य के लिए एकजुट होकर काम करेगा, तभी उसका व्यापक प्रभाव दिखाई देगा। धर्म और संस्कृति की रक्षा को बताया जरूरी मोहन भागवत ने कहा कि भारत के सामने केवल अपनी सुरक्षा की जिम्मेदारी नहीं है, बल्कि परिवार, धर्म और संस्कृति की रक्षा भी महत्वपूर्ण है। उन्होंने इसे वर्तमान वैश्विक परिस्थितियों से जोड़ते हुए कहा कि दुनिया के कल्याण के लिए भी भारत की भूमिका अहम हो सकती है। उन्होंने कहा कि भारत के लोगों को अपनी जीवनशैली और आचरण में भारतीय परंपराओं और मूल्यों को अपनाना होगा। उनके अनुसार, केवल विचार व्यक्त करना पर्याप्त नहीं है, बल्कि उन विचारों को व्यवहार में उतारने के लिए वास्तविक प्रयास यानी ‘पुरुषार्थ’ जरूरी है। भागवत का संदेश मूल रूप से इस बात पर केंद्रित रहा कि समाज में सकारात्मक बदलाव केवल किसी एक व्यक्ति के प्रयास से नहीं, बल्कि सामूहिक जिम्मेदारी, भारतीय मूल्यों और निरंतर कर्म से संभव है।
निःशुल्क नेत्र जांच शिविर का आयोजन, लोगों को मिलेगी आंखों की जांच और विशेषज्ञ परामर्श

समस्तीपुर: जिले में लोगों को बेहतर नेत्र स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने के उद्देश्य से राष्ट्रीय मानवाधिकार न्याय आयोग (NHRJC) की ओर से बुधवार, 7 अक्टूबर 2026 को निःशुल्क नेत्र जांच शिविर का आयोजन किया जा रहा है। शिविर का आयोजन पातेपुर खे़सरराही, वार्ड नंबर-02 स्थित चंद्रमोहन कुशवाहा के आवास पर किया जा रहा है। शिविर का समय सुबह 10 बजे से दोपहर 3 बजे तक निर्धारित किया गया है। शिविर में लोगों की आंखों की जांच के साथ-साथ विभिन्न प्रकार की नेत्र संबंधी समस्याओं को लेकर विशेषज्ञ चिकित्सकों से परामर्श लेने की सुविधा उपलब्ध रहेगी। आयोजन के दौरान निःशुल्क नेत्र परीक्षण, मोतियाबिंद की जांच और दृष्टि दोष यानी चश्मे के नंबर की जांच की जाएगी। इसके अलावा बच्चों की दृष्टि और कंप्यूटर नंबर से जुड़ी आंखों की जांच की भी व्यवस्था की गई है। जरूरत के अनुसार मरीजों को आगे के उपचार और ऑपरेशन से संबंधित जानकारी भी उपलब्ध कराई जाएगी। शिविर में विशेषज्ञ डॉक्टरों द्वारा लोगों को आंखों की देखभाल और बेहतर दृष्टि बनाए रखने को लेकर आवश्यक परामर्श दिया जाएगा। आयोजन में समस्तीपुर आई हॉस्पिटल की ओर से सहयोग प्रदान किया जा रहा है। इस निःशुल्क नेत्र जांच शिविर की जानकारी राष्ट्रीय मानवाधिकार न्याय आयोग, छत्तीसगढ़ के राज्य प्रेसिडेंट डॉ. एस. मधुप त्वचा एवं सौंदर्य विशेषज्ञ की ओर से दी गई है। उन्होंने लोगों से शिविर का लाभ उठाने और समय पर अपनी आंखों की जांच कराने की अपील की है। आयोजकों के मुताबिक, समय-समय पर आंखों की जांच कराना जरूरी है, ताकि दृष्टि संबंधी समस्याओं की पहचान शुरुआती स्तर पर की जा सके। विशेष रूप से बुजुर्गों, बच्चों और लंबे समय तक मोबाइल या कंप्यूटर का इस्तेमाल करने वाले लोगों के लिए नियमित नेत्र जांच उपयोगी हो सकती है। शिविर की प्रमुख सुविधाएं: 🔹 निःशुल्क आंखों की जांच 🔹 मोतियाबिंद की जांच 🔹 चश्मे के नंबर की जांच 🔹 बच्चों की दृष्टि जांच 🔹 कंप्यूटर नंबर की जांच 🔹 विशेषज्ञ डॉक्टर से परामर्श 🔹 जरूरत पड़ने पर उपचार/ऑपरेशन संबंधी मार्गदर्शन स्थान: चंद्रमोहन कुशवाहा जी का आवास, पातेपुर खे़सरराही, वार्ड नंबर-02, समस्तीपुर समय: सुबह 10 बजे से दोपहर 3 बजे तक दिनांक: 7 अक्टूबर 2026, बुधवार
सीतामढ़ी एनकाउंटर पर संजय सरावगी का बड़ा बयान, बोले- अपराधी कोई भी हो, बचेगा नहीं

पटना: सीतामढ़ी में पुलिस मुठभेड़ के दौरान तीन आरोपियों के मारे जाने के मामले पर बिहार की सियासत गरमा गई है। इस पूरे घटनाक्रम को लेकर भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष संजय सरावगी ने पुलिस की कार्रवाई का समर्थन किया है। उन्होंने साफ कहा कि अपराधी चाहे कितना भी प्रभावशाली क्यों न हो, कानून के शिकंजे से बच नहीं सकता। संजय सरावगी ने कहा कि पुलिस के साथ मुठभेड़ में मारे गए तीनों आरोपी हत्या के मामले में आरोपी थे। उनके मुताबिक, पुलिस जब कार्रवाई के लिए पहुंची तो आरोपियों की ओर से पुलिस टीम पर गोलीबारी की गई। इसके बाद पुलिस ने अपनी सुरक्षा और आत्मरक्षा में जवाबी कार्रवाई की। बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि राज्य में अपराध और अपराधियों के खिलाफ पुलिस को सख्ती से कार्रवाई करनी चाहिए। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि अपराधी कोई भी हो, उसे कानून का सामना करना ही पड़ेगा। सरकार और पुलिस का उद्देश्य आम लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित करना है और इस दिशा में किसी तरह की लापरवाही नहीं होनी चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि पुलिस पर हमला करने की स्थिति में पुलिसकर्मियों की सुरक्षा सबसे महत्वपूर्ण है। अगर किसी कार्रवाई के दौरान अपराधियों की ओर से गोली चलाई जाती है तो पुलिस को अपनी जान बचाने के लिए जवाबी कार्रवाई करनी पड़ती है। सीतामढ़ी की घटना के बाद पुलिस की कार्रवाई को लेकर अलग-अलग प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं। ऐसे में बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष का बयान सरकार की कानून-व्यवस्था को लेकर सख्त नीति को दर्शाता है। उन्होंने संकेत दिया कि बिहार में अपराधियों के खिलाफ पुलिस की कार्रवाई आगे भी जारी रहेगी। गौरतलब है कि सीतामढ़ी में हुई पुलिस मुठभेड़ के बाद इलाके में सुरक्षा व्यवस्था को लेकर भी पुलिस प्रशासन सतर्क है। घटना से जुड़े पूरे मामले की जांच और पुलिस कार्रवाई के तथ्यों के आधार पर आगे की प्रक्रिया जारी है।
राहुल-प्रियंका गांधी समेत कांग्रेस नेताओंदिल्ली पर FIR, केसी वेणुगोपाल का बड़ा बयान

दिल्ली में विपक्षी दलों के विरोध प्रदर्शन के दौरान कांग्रेस नेताओं पर दर्ज FIR को लेकर सियासी बयानबाजी तेज हो गई है। दिल्ली पुलिस ने कांग्रेस नेता राहुल गांधी, प्रियंका गांधी वाड्रा और उनके समर्थकों के खिलाफ आकाशवाणी भवन में कथित तौर पर जबरन प्रवेश करने के मामले में FIR दर्ज की है। यह कार्रवाई विपक्ष के मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) के खिलाफ किए गए मार्च के दौरान हुई गतिविधियों से जुड़ी बताई जा रही है। कांग्रेस ने पुलिस की कार्रवाई पर कड़ा रुख अपनाया है। पार्टी के वरिष्ठ नेता केसी वेणुगोपाल ने FIR को लेकर कहा कि कांग्रेस ऐसे मामलों से पीछे हटने वाली नहीं है। उन्होंने साफ शब्दों में कहा कि पुलिस चाहे जितनी FIR दर्ज करे, पार्टी अपने संघर्ष से पीछे नहीं हटेगी। FIR को लेकर केसी वेणुगोपाल का पलटवार केसी वेणुगोपाल ने कहा कि अगर हजारों FIR भी दर्ज की जाती हैं तो कांग्रेस नेताओं को इसकी चिंता नहीं है। उनके मुताबिक, पार्टी का उद्देश्य लोकतंत्र की रक्षा के लिए अपनी आवाज उठाना है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस को इस बात पर गर्व है कि वह देश के लोकतांत्रिक मूल्यों को बनाए रखने के लिए संघर्ष कर रही है। विपक्षी मार्च के बाद बढ़ा विवाद दरअसल, विपक्ष की ओर से मुख्य चुनाव आयुक्त के खिलाफ मार्च निकाला गया था। इसी दौरान प्रदर्शनकारियों के आकाशवाणी भवन परिसर में प्रवेश करने को लेकर विवाद खड़ा हुआ। पुलिस ने मामले में राहुल गांधी, प्रियंका गांधी वाड्रा समेत अन्य लोगों के खिलाफ कथित तौर पर बिना अनुमति प्रवेश करने के आरोपों को लेकर कार्रवाई की है। इस घटनाक्रम के बाद कांग्रेस और पुलिस-प्रशासन के बीच राजनीतिक टकराव और बढ़ता नजर आ रहा है। कांग्रेस का कहना है कि लोकतांत्रिक तरीके से सवाल उठाना और विरोध दर्ज कराना विपक्ष का अधिकार है, जबकि पुलिस की कार्रवाई कानून-व्यवस्था और अनुमति से जुड़े पहलुओं के आधार पर की गई है।
बिहार: स्कूल पहुंचीं डीएम, बच्चों के बीच बैठकर खाया मिड-डे मील

जहानाबाद: जिले में सरकारी स्कूलों की व्यवस्था और बच्चों को मिलने वाली सुविधाओं की वास्तविक स्थिति जानने के लिए जिला प्रशासन की ओर से निरीक्षण का सिलसिला जारी है। इसी क्रम में जहानाबाद की जिला पदाधिकारी श्रीमती छिरिड़ वाई भूटिया मंगलवार को अचानक मध्य विद्यालय, मखदुमपुर पहुंचीं। डीएम के अचानक स्कूल पहुंचने से विद्यालय प्रशासन में भी हलचल मच गई। स्कूल निरीक्षण के दौरान जिला पदाधिकारी ने केवल अधिकारियों और शिक्षकों से जानकारी लेने तक खुद को सीमित नहीं रखा, बल्कि बच्चों के बीच बैठकर मध्याह्न भोजन (मिड-डे मील) भी खाया। डीएम ने बच्चों के साथ भोजन कर इसकी गुणवत्ता, स्वाद और व्यवस्था का जायजा लिया। इस दौरान उन्होंने यह भी समझने की कोशिश की कि बच्चों को स्कूल में उपलब्ध कराए जा रहे भोजन को लेकर किसी तरह की परेशानी तो नहीं है। 🔴 बच्चों के बीच बैठकर लिया भोजन का जायजा डीएम का बच्चों के साथ बैठकर खाना खाने का उद्देश्य स्कूल में संचालित मध्याह्न भोजन योजना की जमीनी स्थिति को समझना था। निरीक्षण के दौरान भोजन की गुणवत्ता पर विशेष ध्यान दिया गया। प्रशासन की ओर से सरकारी योजनाओं का लाभ बच्चों तक सही तरीके से पहुंचाने पर जोर दिया जा रहा है। 🔴 948 में सिर्फ 558 बच्चे मिले उपस्थित निरीक्षण के दौरान स्कूल में बच्चों की उपस्थिति भी जांची गई। विद्यालय में कुल 948 बच्चे नामांकित बताए गए, लेकिन जांच के समय इनमें से केवल 558 बच्चे ही स्कूल में उपस्थित मिले। यानी बड़ी संख्या में बच्चे उस समय विद्यालय में मौजूद नहीं थे। बच्चों की उपस्थिति का यह आंकड़ा निरीक्षण के दौरान सामने आया, जिसके बाद स्कूल की उपस्थिति व्यवस्था भी चर्चा का विषय बनी। जिला प्रशासन की ओर से स्कूलों में नियमित उपस्थिति सुनिश्चित करने और शैक्षणिक व्यवस्था को बेहतर बनाने पर लगातार जोर दिया जा रहा है। डीएम के अचानक निरीक्षण को सरकारी स्कूलों की व्यवस्था, भोजन की गुणवत्ता और बच्चों की उपस्थिति की वास्तविक स्थिति जांचने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। ऐसे औचक निरीक्षणों से विद्यालयों में जवाबदेही बढ़ाने और सरकारी योजनाओं के बेहतर क्रियान्वयन में मदद मिलने की उम्मीद है।
संजय निरुपम का बड़ा बयान: PM मोदी के 25 साल के राजनीतिक सफर को बताया ‘असाधारण उपलब्धि’

मुंबई में शिवसेना नेता संजय निरुपम ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सार्वजनिक जीवन में 25 वर्ष पूरे होने पर उनके राजनीतिक सफर और लंबे समय तक सत्ता में रहने को लेकर अपनी बात रखी। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी ने लंबे समय से राष्ट्र सेवा और जनसेवा के क्षेत्र में लगातार काम किया है। निरुपम के मुताबिक, नरेंद्र मोदी का सार्वजनिक जीवन केवल प्रधानमंत्री बनने के बाद शुरू नहीं हुआ, बल्कि इससे पहले भी उन्होंने संगठन स्तर पर महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां निभाई हैं। भाजपा के प्रचारक और पदाधिकारी के तौर पर काम करते हुए उन्होंने संगठन को मजबूत करने में भूमिका निभाई। 25 वर्षों की राजनीतिक यात्रा का किया जिक्र शिवसेना नेता ने प्रधानमंत्री मोदी के करीब 25 वर्षों के राजनीतिक सफर को असाधारण उपलब्धि बताया। उन्होंने कहा कि इतने लंबे समय तक लगातार सत्ता के शीर्ष पर बने रहना सामान्य राजनीतिक उपलब्धि नहीं है। उनके अनुसार, नरेंद्र मोदी ने करीब 12 वर्षों तक गुजरात के मुख्यमंत्री के रूप में जिम्मेदारी संभाली। इसके बाद वे देश के प्रधानमंत्री बने और पिछले करीब 13 वर्षों से केंद्र सरकार का नेतृत्व कर रहे हैं। इस तरह मुख्यमंत्री और प्रधानमंत्री के तौर पर उनका लंबा कार्यकाल भारतीय राजनीति में एक महत्वपूर्ण अध्याय माना जा सकता है। ‘लगातार सत्ता के शिखर पर रहना बड़ी उपलब्धि’ संजय निरुपम ने कहा कि किसी व्यक्ति का लगातार 25 वर्षों तक सरकार के प्रमुख पदों पर बने रहना अपने आप में बड़ी बात है। उन्होंने इसे असाधारण राजनीतिक उपलब्धि बताते हुए प्रधानमंत्री मोदी के लंबे सार्वजनिक जीवन की ओर ध्यान आकर्षित किया। उन्होंने यह भी कहा कि प्रधानमंत्री के रूप में नरेंद्र मोदी ने देश की राजनीति में अपनी एक अलग पहचान बनाई है। उनके समर्थक इसे नेतृत्व और निरंतरता की मिसाल मानते हैं, जबकि विपक्ष समय-समय पर सरकार की नीतियों और फैसलों को लेकर सवाल उठाता रहा है। फिलहाल प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सार्वजनिक जीवन में 25 वर्ष पूरे होने को लेकर देशभर में अलग-अलग कार्यक्रम और प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं। इसी क्रम में मुंबई में संजय निरुपम की टिप्पणी भी चर्चा में है।