दिल्ली में विपक्षी दलों के विरोध प्रदर्शन के दौरान कांग्रेस नेताओं पर दर्ज FIR को लेकर सियासी बयानबाजी तेज हो गई है। दिल्ली पुलिस ने कांग्रेस नेता राहुल गांधी, प्रियंका गांधी वाड्रा और उनके समर्थकों के खिलाफ आकाशवाणी भवन में कथित तौर पर जबरन प्रवेश करने के मामले में FIR दर्ज की है। यह कार्रवाई विपक्ष के मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) के खिलाफ किए गए मार्च के दौरान हुई गतिविधियों से जुड़ी बताई जा रही है।
कांग्रेस ने पुलिस की कार्रवाई पर कड़ा रुख अपनाया है। पार्टी के वरिष्ठ नेता केसी वेणुगोपाल ने FIR को लेकर कहा कि कांग्रेस ऐसे मामलों से पीछे हटने वाली नहीं है। उन्होंने साफ शब्दों में कहा कि पुलिस चाहे जितनी FIR दर्ज करे, पार्टी अपने संघर्ष से पीछे नहीं हटेगी।
FIR को लेकर केसी वेणुगोपाल का पलटवार
केसी वेणुगोपाल ने कहा कि अगर हजारों FIR भी दर्ज की जाती हैं तो कांग्रेस नेताओं को इसकी चिंता नहीं है। उनके मुताबिक, पार्टी का उद्देश्य लोकतंत्र की रक्षा के लिए अपनी आवाज उठाना है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस को इस बात पर गर्व है कि वह देश के लोकतांत्रिक मूल्यों को बनाए रखने के लिए संघर्ष कर रही है।
विपक्षी मार्च के बाद बढ़ा विवाद
दरअसल, विपक्ष की ओर से मुख्य चुनाव आयुक्त के खिलाफ मार्च निकाला गया था। इसी दौरान प्रदर्शनकारियों के आकाशवाणी भवन परिसर में प्रवेश करने को लेकर विवाद खड़ा हुआ। पुलिस ने मामले में राहुल गांधी, प्रियंका गांधी वाड्रा समेत अन्य लोगों के खिलाफ कथित तौर पर बिना अनुमति प्रवेश करने के आरोपों को लेकर कार्रवाई की है।
इस घटनाक्रम के बाद कांग्रेस और पुलिस-प्रशासन के बीच राजनीतिक टकराव और बढ़ता नजर आ रहा है। कांग्रेस का कहना है कि लोकतांत्रिक तरीके से सवाल उठाना और विरोध दर्ज कराना विपक्ष का अधिकार है, जबकि पुलिस की कार्रवाई कानून-व्यवस्था और अनुमति से जुड़े पहलुओं के आधार पर की गई है।