गरीबी उन्मूलन में भारत की सफलता का सुधांशु त्रिवेदी ने किया जिक्र, कांग्रेस के मॉक पार्लियामेंट पर साधा निशाना

सुधांशु त्रिवेदी का बयान:कांग्रेस के मॉक पार्लियामेंट पर सुधांशु त्रिवेदी का निशाना

नई दिल्ली: भारतीय जनता पार्टी (BJP) के सांसद सुधांशु त्रिवेदी ने भारत में गरीबी कम करने के प्रयासों और केंद्र की NDA सरकार की नीतियों को लेकर अपनी बात रखी। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश ने गरीबी उन्मूलन के क्षेत्र में महत्वपूर्ण प्रगति की है। इस दौरान उन्होंने कांग्रेस द्वारा आयोजित मॉक पार्लियामेंट पर भी टिप्पणी की और आरोप लगाया कि देश में अराजकता पैदा करने के अपने प्रयासों में नाकाम रहने के बाद कांग्रेस इस तरह के आयोजन कर रही है।

सुधांशु त्रिवेदी का यह बयान राजनीतिक चर्चा के बीच सामने आया है। उन्होंने अपने वक्तव्य में भारत की आर्थिक प्रगति, गरीबी कम करने के प्रयासों और आम लोगों के जीवनस्तर में सुधार को प्रमुखता से उठाया।

कांग्रेस के मॉक पार्लियामेंट पर सुधांशु त्रिवेदी का निशाना

भाजपा सांसद सुधांशु त्रिवेदी ने कांग्रेस के मॉक पार्लियामेंट आयोजन को लेकर सवाल उठाए। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस राजनीतिक गतिविधियों के जरिए देश में अराजकता उत्पन्न करने की कोशिश कर रही है। उनके मुताबिक, ऐसे आयोजनों के माध्यम से कांग्रेस अपनी राजनीतिक बात रख रही है।

विश्व बैंक की रिपोर्ट का दिया हवाला

सुधांशु त्रिवेदी ने अपने बयान में विश्व बैंक की 2025 की रिपोर्ट का हवाला देते हुए कहा कि भारत ने 2011 से 2023 के बीच गरीबी कम करने के मामले में तेजी से प्रगति की है।

उन्होंने इस उपलब्धि को देश की आर्थिक और सामाजिक नीतियों से जोड़ते हुए कहा कि भारत में बड़ी संख्या में लोगों के जीवनस्तर में सुधार हुआ है। उनके अनुसार, गरीबी उन्मूलन के क्षेत्र में मिली सफलता देश के विकास की दिशा में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है।

NDA सरकार की प्राथमिकता में आम लोगों का जीवनस्तर

भाजपा सांसद ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में NDA सरकार का उद्देश्य केवल आर्थिक विकास करना नहीं, बल्कि समाज के हर वर्ग के जीवनस्तर को बेहतर बनाना भी है। उन्होंने कहा कि सरकार गरीबों के कल्याण और उन्हें विकास की मुख्यधारा से जोड़ने के लिए प्रतिबद्ध है।

उनके बयान के मुताबिक, गरीबी कम करने के प्रयासों में सरकारी योजनाओं और विकास से जुड़ी पहलों की अहम भूमिका रही है। सरकार का जोर आम लोगों तक सुविधाएं और विकास का लाभ पहुंचाने पर है।

गरीबी के आंकड़ों में क्या कहती है विश्व बैंक की रिपोर्ट?

विश्व बैंक की अक्टूबर 2025 की Poverty and Equity Brief रिपोर्ट के अनुसार, भारत में 2011-12 से 2022-23 के बीच प्रतिदिन 4.20 डॉलर की गरीबी रेखा के नीचे रहने वाली आबादी का अनुपात 57.7 प्रतिशत से घटकर 23.9 प्रतिशत हो गया। वहीं, 3 डॉलर प्रतिदिन की अत्यधिक गरीबी दर 27.1 प्रतिशत से घटकर 5.3 प्रतिशत दर्ज की गई।

World Bank+1

हालांकि, गरीबी में कमी के बावजूद देश के सामने रोजगार, आय में असमानता और क्षेत्रीय विकास जैसे मुद्दे अब भी चुनौती बने हुए हैं।

राजनीतिक बयान के बीच विकास और गरीबी पर चर्चा

सुधांशु त्रिवेदी के इस बयान से कांग्रेस और भाजपा के बीच राजनीतिक बहस का मुद्दा एक बार फिर सामने आया है। जहां भाजपा सांसद ने गरीबी उन्मूलन और सरकार की उपलब्धियों को रेखांकित किया, वहीं कांग्रेस के मॉक पार्लियामेंट आयोजन पर सवाल उठाए।

कुल मिलाकर, सुधांशु त्रिवेदी ने अपने बयान में गरीबी कम करने के आंकड़ों को केंद्र सरकार की नीतियों से जोड़ते हुए विकास और आम लोगों के जीवनस्तर में सुधार को प्रमुखता दी।

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