विदेशी निवेशकों को LTCG टैक्स से राहत देने की तैयारी, SEBI ने दिया बड़ा प्रस्ताव

SEBI LTCG Tax Proposal: SEBI का प्रस्ताव, पुराने निवेश से नए निवेश पर मिल सकती है टैक्स छूट!

भारतीय शेयर बाजार में विदेशी निवेश को बढ़ावा देने के लिए भारतीय प्रतिभूति और विनिमय बोर्ड (SEBI) ने एक अहम प्रस्ताव रखा है। इस प्रस्ताव के तहत विदेशी निवेशकों को लॉन्ग टर्म कैपिटल गेन (LTCG) टैक्स से राहत देने पर विचार किया जा रहा है। अगर इस प्रस्ताव को मंजूरी मिलती है, तो भारतीय बाजार में निवेश करने वाले विदेशी निवेशकों को बड़ी टैक्स राहत मिल सकती है।

SEBI का प्रस्ताव क्या है?

SEBI के प्रस्ताव का मुख्य उद्देश्य विदेशी निवेशकों के लिए भारतीय शेयर बाजार में निवेश को अधिक आकर्षक बनाना है। इसके तहत विदेशी निवेशकों को अपने मौजूदा निवेश (Existing Holdings) को बेचकर उससे प्राप्त रकम को नए निवेश में लगाने पर टैक्स छूट देने का प्रस्ताव शामिल है।

यानी अगर कोई विदेशी निवेशक अपने पुराने शेयर या अन्य निवेश बेचता है और बिक्री से मिली रकम को दोबारा नए शेयरों या दूसरी पात्र निवेश परिसंपत्तियों में लगाता है, तो उसे लॉन्ग टर्म कैपिटल गेन टैक्स से छूट मिल सकती है। हालांकि, यह प्रस्ताव है और इसकी अंतिम शर्तें तथा पात्रता संबंधित सरकारी निर्णयों पर निर्भर करेंगी।

विदेशी निवेशकों को कैसे मिलेगा फायदा?

इस प्रस्ताव का सबसे बड़ा फायदा यह हो सकता है कि विदेशी निवेशकों को अपने पोर्टफोलियो में बदलाव करने में अधिक सुविधा मिलेगी। फिलहाल निवेश बेचने पर होने वाले मुनाफे पर लागू टैक्स निवेशकों के फैसलों को प्रभावित कर सकता है। प्रस्तावित छूट से निवेशक बिना तत्काल LTCG टैक्स के बोझ के अपने निवेश को नए अवसरों की ओर स्थानांतरित कर सकेंगे।

भारतीय शेयर बाजार पर क्या होगा असर?

SEBI की इस पहल का उद्देश्य भारत को वैश्विक निवेशकों के लिए प्रतिस्पर्धी निवेश गंतव्य बनाना है। टैक्स संबंधी राहत मिलने से विदेशी पोर्टफोलियो निवेशकों (FPI) की भागीदारी बढ़ाने में मदद मिल सकती है। इसके अलावा बाजार में निवेश की तरलता और पूंजी प्रवाह को भी समर्थन मिल सकता है।

फिलहाल प्रस्ताव पर नजर

हालांकि, अभी इसे अंतिम टैक्स छूट या लागू नियम नहीं माना जाना चाहिए। SEBI के प्रस्ताव पर आगे होने वाले फैसले और सरकार की मंजूरी अहम होगी। विदेशी निवेशकों के साथ-साथ भारतीय शेयर बाजार के लिए भी इस प्रस्ताव का संभावित असर महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

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