तेज प्रताप यादव सुरक्षा; तेज प्रताप ने फिर मांगी सुरक्षा, सरकार से जल्द कदम उठाने की अपील
बिहार की राजनीति में एक बार फिर तेज प्रताप यादव ने अपनी सुरक्षा का मुद्दा उठाया है। जनशक्ति जनता दल के राष्ट्रीय अध्यक्ष तेज प्रताप यादव ने केंद्र सरकार और बिहार सरकार से पर्याप्त सुरक्षा मुहैया कराने की मांग दोहराई है। उन्होंने कहा कि रियलिटी शो ‘Rise and Fall 2’ में काम करके लौटने के बाद उनकी लोकप्रियता में काफी इजाफा हुआ है। अब जहां भी वह जाते हैं, वहां उनसे मिलने और तस्वीर खिंचवाने के लिए बड़ी संख्या में लोग जुट जाते हैं।
तेज प्रताप यादव के मुताबिक, कई बार सार्वजनिक स्थानों पर भीड़ उन्हें चारों तरफ से घेर लेती है। ऐसी स्थिति में उनकी व्यक्तिगत सुरक्षा को लेकर गंभीर चिंताएं पैदा हो रही हैं।
केवल एक सुरक्षाकर्मी मिलने पर जताई चिंता
तेज प्रताप यादव ने अपनी सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल उठाते हुए कहा कि वर्तमान में बिहार सरकार की ओर से उन्हें केवल एक सुरक्षाकर्मी उपलब्ध कराया गया है। उनके अनुसार, सार्वजनिक स्थानों पर उमड़ने वाली भारी भीड़ को देखते हुए यह सुरक्षा व्यवस्था पर्याप्त नहीं है।
उन्होंने आशंका जताई कि भीड़ के बीच उनके साथ तैनात सुरक्षाकर्मी की सुरक्षा भी खतरे में पड़ सकती है। यहां तक कि भीड़ द्वारा सुरक्षाकर्मी को घेरने या उसका सरकारी हथियार छीनने जैसी गंभीर घटना की आशंका से भी उन्होंने इनकार नहीं किया।
सरकार से पूछा- किसी अनहोनी का इंतजार क्यों?
तेज प्रताप यादव ने बताया कि वह अपनी सुरक्षा को लेकर केंद्र और बिहार सरकार को कई बार मौखिक रूप से जानकारी दे चुके हैं। इसके अलावा, उन्होंने पत्र लिखकर भी सुरक्षा बढ़ाने का अनुरोध किया है। हालांकि, उनके मुताबिक अब तक सुरक्षा व्यवस्था में कोई जरूरी बदलाव नहीं किया गया है।
उन्होंने सरकार से सवाल किया कि अगर भविष्य में उनके साथ या उनके सुरक्षाकर्मी के साथ कोई अप्रिय घटना होती है, तो इसकी जिम्मेदारी कौन लेगा? क्या सरकार किसी बड़ी अनहोनी का इंतजार कर रही है?
तत्काल सुरक्षा बढ़ाने की मांग
जनशक्ति जनता दल के राष्ट्रीय अध्यक्ष ने केंद्र सरकार और बिहार सरकार से मामले को गंभीरता से लेते हुए तत्काल पर्याप्त सुरक्षा उपलब्ध कराने की अपील की है। उन्होंने स्पष्ट किया कि वह किसी विशेष सुविधा की मांग नहीं कर रहे हैं, बल्कि अपनी और अपने सुरक्षाकर्मी की सुरक्षा सुनिश्चित करना चाहते हैं।
तेज प्रताप यादव की इस मांग के बाद अब देखना होगा कि केंद्र और बिहार सरकार उनकी सुरक्षा को लेकर क्या कदम उठाती हैं।