भारत-रूस संबंध: भारत-रूस संबंधों का इतिहास 500 साल से भी पुराना
भारत और रूस के बीच दशकों से मजबूत रिश्ते रहे हैं। दोनों देशों की दोस्ती और सांस्कृतिक जुड़ाव को लेकर दिल्ली स्थित रूसी हाउस के निदेशक अलेक्जेंडर डोडोनोव ने अपनी बात रखी है। उन्होंने कहा कि भारत और रूस के संबंधों का इतिहास 500 साल से भी अधिक पुराना है। इतने लंबे समय से चले आ रहे आपसी रिश्तों और दोस्ती को खराब करना आसान नहीं है।
अलेक्जेंडर डोडोनोव ने कहा कि रूसी हाउस में उनका मुख्य काम रूसी संस्कृति को बढ़ावा देना और भारत-रूस के बीच मित्रता को मजबूत करना है। उन्होंने इसे अपने लिए सौभाग्य की बात बताया। उनके मुताबिक, दोनों देशों के बीच संबंध केवल कूटनीति तक सीमित नहीं हैं, बल्कि इनकी जड़ें इतिहास और सांस्कृतिक जुड़ाव में भी हैं।
500 साल से ज्यादा पुराना है दोनों देशों का जुड़ाव
डोडोनोव ने अपने बयान में एक रूसी यात्री का जिक्र किया, जिसने 500 साल से भी पहले भारत की यात्रा की थी। उन्होंने कहा कि भारत और रूस के बीच ऐतिहासिक संपर्क काफी पुराना है। ऐसे में इतने लंबे समय से कायम दोस्ती को नुकसान पहुंचाना आसान नहीं है। उन्होंने दोनों देशों के बीच किसी बड़ी समस्या से भी इनकार किया।
भारतीय पर्यटकों को रूस आने का न्योता
रूसी हाउस के निदेशक ने रूस में पर्यटन को बढ़ावा देने पर भी जोर दिया। उन्होंने कहा कि उनकी प्राथमिकता भारतीय लोगों को रूस की खूबसूरती और वहां के लोगों के मिलनसार स्वभाव से परिचित कराना है। उन्होंने भारतीय पर्यटकों को रूस घूमने के लिए प्रोत्साहित किया और कहा कि वहां जाने से डरने की जरूरत नहीं है।
रूस की ठंड को लेकर दूर करना चाहते हैं डर
अलेक्जेंडर डोडोनोव ने कहा कि भारत में कई लोग रूस के मौसम और खासकर सर्दियों को लेकर चिंतित रहते हैं। हालांकि, उनका मानना है कि ज्यादातर भारतीयों ने अभी तक रूसी सर्दियों का अनुभव नहीं किया है। ऐसे में रूस की यात्रा उनके लिए एक अलग और यादगार अनुभव हो सकती है।
डोडोनोव का यह बयान भारत और रूस के बीच सांस्कृतिक संबंधों को मजबूत बनाने और भारतीय पर्यटकों को रूस की ओर आकर्षित करने के प्रयासों को दर्शाता है।