पटना। बिहार सरकार के मद्य निषेध मंत्री मदन सहनी ने बख्तियारपुर का नाम बदलकर ‘नीतीशपुर’ किए जाने की मांग का समर्थन किया है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने बिहार के विकास और सामाजिक बदलाव में महत्वपूर्ण योगदान दिया है। ऐसे में उनके नाम पर किसी स्थान का नाम रखा जाना सम्मान की बात होगी। मंत्री ने यह भी कहा कि केवल बख्तियारपुर ही नहीं, बल्कि नालंदा जिले का नाम भी नीतीश कुमार के नाम पर रखने पर विचार किया जाना चाहिए।
मदन सहनी ने शराबबंदी को लेकर भी सरकार का रुख स्पष्ट किया। उन्होंने इसे महिलाओं, गरीबों और मजदूरों के हित में मुख्यमंत्री की महत्वपूर्ण पहल बताया। मंत्री के मुताबिक शराबबंदी से समाज और परिवारों में सकारात्मक बदलाव आया है। उन्होंने कहा कि बिहार में शराबबंदी लागू है और आगे भी जारी रहेगी।
शराब तस्करी के मामलों में महिलाओं की गिरफ्तारी को लेकर उठ रहे सवालों पर भी मदन सहनी ने प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि ग्रामीण इलाकों की हजारों महिलाएं शराब के अवैध कारोबार में पकड़ी गई हैं, लेकिन तब इस तरह के सवाल नहीं उठाए गए। उन्होंने कहा कि कानून की जानकारी होने के बावजूद शराब तस्करी में शामिल होना गलत है और कानून अपना काम करेगा।
जेडीयू के कार्यकारी राष्ट्रीय अध्यक्ष संजय झा को लेकर भी मदन सहनी ने बड़ा बयान दिया। उन्होंने संजय झा को पार्टी का कार्यकारी राष्ट्रीय अध्यक्ष और सर्वमान्य नेता बताया।
वहीं फरक्का जलसंधि के मुद्दे पर मंत्री ने कहा कि यह बिहार के हित में नहीं है। उन्होंने कहा कि इस मामले को पहले ही गंभीरता से उठाया जाना चाहिए था। मदन सहनी के अनुसार संजय झा फरक्का जलसंधि को लेकर प्रयास कर रहे हैं। दिसंबर में इसके नवीनीकरण की चर्चा है और उम्मीद है कि अंतिम फैसला बिहार के हित में होगा।
बिहार में बाढ़ की स्थिति पर मदन सहनी ने कहा कि केंद्र सरकार ने पहले भी राज्य की मदद की है और आगे भी सहायता मिलने की उम्मीद है। उन्होंने कहा कि प्राकृतिक आपदा के समय केंद्र से मदद मिलना बिहार का अधिकार है।