जातिगत जनगणना को लेकर नाना पटोले का केंद्र सरकार पर निशाना, OBC हिस्सेदारी को लेकर उठाए सवाल

नई दिल्ली। जातिगत जनगणना और OBC समाज की हिस्सेदारी को लेकर कांग्रेस नेता नाना पटोले ने केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस और राहुल गांधी की भूमिका इस मुद्दे पर स्पष्ट है। पार्टी का मानना है कि समाज के विभिन्न वर्गों की वास्तविक स्थिति सामने लाने के लिए सही संख्या, सही आंकड़े और जनसंख्या के अनुरूप हिस्सेदारी सुनिश्चित होना जरूरी है।

नाना पटोले ने कहा कि सामाजिक न्याय की दिशा में जातिगत जनगणना एक महत्वपूर्ण कदम है। उनके मुताबिक, आबादी के आंकड़े स्पष्ट होने के बाद ही अलग-अलग सामाजिक वर्गों को उनकी उचित भागीदारी और अधिकार दिलाने की दिशा में ठोस नीति बनाई जा सकती है।

कांग्रेस नेता ने दावा किया कि 21 सितंबर 2021 को सुप्रीम कोर्ट में दाखिल एक हलफनामे में केंद्र सरकार के शिक्षा मंत्रालय ने जातिगत जनगणना से जुड़े आंकड़ों को व्यवस्थित करने के लिए पहले से निर्धारित ड्रॉपडाउन सूची की आवश्यकता का उल्लेख किया था। पटोले का आरोप है कि अब केंद्र सरकार जातिगत जनगणना के मुद्दे से पीछे हटने की कोशिश कर रही है।

उन्होंने जम्मू-कश्मीर, लद्दाख, उत्तराखंड और हिमाचल प्रदेश में जातिगत गणना से संबंधित प्रक्रिया का भी जिक्र किया। पटोले ने दावा किया कि इसमें पूछे जा रहे सवालों को लेकर OBC समाज के हितों पर सवाल खड़े हो रहे हैं। उन्होंने विशेष रूप से प्रश्नावली के 10वें सवाल का उल्लेख करते हुए केंद्र सरकार की मंशा पर सवाल उठाया।

नाना पटोले ने आरोप लगाया कि मौजूदा व्यवस्था से OBC वर्ग को उसके अधिकार और हिस्सेदारी से वंचित किए जाने का खतरा है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस लगातार सामाजिक न्याय, समान अवसर और आबादी के अनुपात में प्रतिनिधित्व की मांग करती रही है।

उन्होंने केंद्र सरकार से जातिगत जनगणना को लेकर स्पष्ट नीति सामने रखने की मांग करते हुए कहा कि देश के पिछड़े वर्गों को उनके वास्तविक आंकड़ों के आधार पर अधिकार और प्रतिनिधित्व मिलना चाहिए। पटोले ने आशंका जताई कि यदि पारदर्शी तरीके से जातिगत आंकड़े सामने नहीं आए तो OBC समाज के हित प्रभावित हो सकते हैं।

Latest