पटना: बिहार प्रदेश कांग्रेस कमिटी की ओर से प्रदेश कांग्रेस मुख्यालय में दो दिवसीय ‘प्रशिक्षक-प्रशिक्षण शिविर’ की शुरुआत की गई। इस प्रशिक्षण कार्यक्रम का उद्देश्य पार्टी संगठन को जमीनी स्तर पर और अधिक प्रभावी बनाना, कार्यकर्ताओं की क्षमता बढ़ाना तथा उन्हें संगठनात्मक गतिविधियों के लिए बेहतर तरीके से तैयार करना बताया गया है।
शिविर के दौरान पार्टी से जुड़े कार्यकर्ताओं और प्रशिक्षकों को संगठन के विभिन्न पहलुओं की जानकारी दी जाएगी। प्रशिक्षण में कार्यकर्ताओं को जनता के बीच पार्टी की नीतियों और विचारों को प्रभावी ढंग से पहुंचाने, संगठन के साथ बेहतर समन्वय स्थापित करने और स्थानीय स्तर पर जनसमस्याओं को समझने जैसे विषयों पर मार्गदर्शन दिए जाने की बात कही गई है।
कांग्रेस नेताओं के मुताबिक, किसी भी राजनीतिक संगठन की मजबूती उसके सक्रिय और प्रशिक्षित कार्यकर्ताओं पर निर्भर करती है। इसी सोच के साथ आयोजित इस प्रशिक्षण शिविर में कार्यकर्ताओं को संगठनात्मक जिम्मेदारियों के प्रति जागरूक करने और उन्हें बेहतर नेतृत्व क्षमता विकसित करने के लिए तैयार करने पर जोर दिया जा रहा है।
कार्यक्रम में जनसेवा को संगठन की प्राथमिकता से जोड़ने पर भी चर्चा की गई। पार्टी की ओर से यह संदेश देने की कोशिश की गई कि कार्यकर्ताओं का जनता से सीधा संवाद मजबूत हो और स्थानीय मुद्दों को संगठन के स्तर पर प्रभावी तरीके से उठाया जाए।
दो दिवसीय प्रशिक्षण शिविर के माध्यम से पार्टी संगठन में नई ऊर्जा लाने और कार्यकर्ताओं के बीच बेहतर तालमेल स्थापित करने का लक्ष्य रखा गया है। प्रशिक्षण के बाद तैयार होने वाले प्रशिक्षक आगे अन्य कार्यकर्ताओं को भी संगठनात्मक गतिविधियों और पार्टी के कार्यक्रमों की जानकारी देने में भूमिका निभा सकते हैं।
बिहार में आगामी राजनीतिक गतिविधियों को देखते हुए कांग्रेस का यह संगठनात्मक कार्यक्रम महत्वपूर्ण माना जा रहा है। पार्टी स्तर पर प्रशिक्षण और कार्यकर्ता सशक्तिकरण के जरिए संगठन को बूथ और जमीनी स्तर तक मजबूत करने की दिशा में प्रयास किए जा रहे हैं।