बलिया: उत्तर प्रदेश के बलिया में पूर्व CRPF जवान अमरीश बहादुर सिंह की हत्या के बाद उनके परिवार और स्थानीय लोगों में भारी आक्रोश देखने को मिल रहा है। घटना के बाद परिवार ने पुलिस-प्रशासन की कार्रवाई पर सवाल उठाते हुए जल्द न्याय और आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग की है। परिजनों का आरोप है कि घटना के बाद उन्हें काफी देर तक अपने घर में शवों के साथ रहने की स्थिति का सामना करना पड़ा, जिससे परिवार का गुस्सा और बढ़ गया।
मामले ने उस समय गंभीर रूप ले लिया, जब मृतक की तीन बेटियों ने कथित तौर पर पेट्रोल की केन लेकर आत्मदाह की चेतावनी दी। परिवार के इस कदम से मौके पर तनाव की स्थिति बन गई और प्रशासन के सामने स्थिति को संभालने की चुनौती खड़ी हो गई। परिजनों का कहना है कि वे अपने पिता की हत्या के मामले में तत्काल और प्रभावी कार्रवाई चाहते हैं।
परिवार की ओर से आरोप लगाया जा रहा है कि हत्या के पीछे शामिल लोगों के खिलाफ कार्रवाई में देरी हुई है। उनका कहना है कि जब एक पूर्व CRPF जवान के परिवार को ही न्याय के लिए इस तरह संघर्ष करना पड़े, तो आम लोगों की सुरक्षा को लेकर सवाल उठना स्वाभाविक है।
घटना के बाद स्थानीय स्तर पर भी पुलिस की भूमिका और कानून-व्यवस्था को लेकर चर्चा तेज हो गई है। विपक्ष और स्थानीय लोगों की ओर से भी सरकार से मामले में पारदर्शी जांच और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग उठ सकती है।
हालांकि, घटना से जुड़े आरोपों और पुलिस की कार्रवाई को लेकर आधिकारिक स्थिति का इंतजार किया जा रहा है। जांच पूरी होने के बाद ही हत्या के कारणों और इसमें शामिल लोगों की वास्तविक भूमिका स्पष्ट हो सकेगी।
फिलहाल परिवार अपने परिजन की हत्या के मामले में न्याय की मांग पर अड़ा है। प्रशासन के लिए सबसे बड़ी चुनौती पीड़ित परिवार को भरोसा दिलाने के साथ-साथ मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित करना है।