रुद्रप्रयाग, उत्तराखंड: चारधाम यात्रा के दौरान श्रद्धालुओं की सुरक्षा को लेकर प्रशासन ने निगरानी व्यवस्था को और मजबूत किया है। यात्रा मार्ग के संवेदनशील और महत्वपूर्ण स्थानों पर करीब 100 कैमरे लगाए गए हैं। इन कैमरों के जरिए सड़कों, हेलीपैड और ट्रैकिंग रूट पर लगातार नजर रखी जा रही है। कैमरों से मिलने वाला लाइव फीड सीधे जिला आपदा नियंत्रण कक्ष तक पहुंचता है, जहां अधिकारी और कर्मचारी चौबीसों घंटे तैनात रहते हैं।
जिलाधिकारी विशाल मिश्रा के मुताबिक, चारधाम यात्रा के दौरान श्रद्धालुओं की आवाजाही और मार्ग की स्थिति पर लगातार निगरानी रखने के लिए तकनीक का इस्तेमाल किया जा रहा है। लाइव कैमरा फीड के माध्यम से प्रशासन को अलग-अलग क्षेत्रों की स्थिति की तत्काल जानकारी मिलती रहती है। किसी स्थान पर परेशानी सामने आने की स्थिति में संबंधित टीम को जल्द सक्रिय किया जा सकता है।
प्रशासन की ओर से यात्रियों की सहायता के लिए आपदा नियंत्रण कक्ष को भी सक्रिय रखा गया है। श्रद्धालु या कोई अन्य व्यक्ति यात्रा मार्ग पर किसी समस्या का सामना करने पर कंट्रोल रूम से संपर्क कर सकता है। शिकायत या सूचना मिलने के बाद संबंधित विभाग और स्थानीय टीमों के साथ समन्वय कर आवश्यक सहायता उपलब्ध कराने की कोशिश की जाती है।
चारधाम यात्रा के दौरान मौसम, सड़क की स्थिति और पहाड़ी क्षेत्रों में अचानक उत्पन्न होने वाली परिस्थितियों को देखते हुए निगरानी को महत्वपूर्ण माना जा रहा है। कैमरों से मिलने वाली दृश्य जानकारी प्रशासन को संभावित समस्याओं पर नजर रखने में मदद करती है।
इसके अलावा यात्रा मार्ग पर SOS सिस्टम भी उपलब्ध कराया गया है। इसके माध्यम से अलग-अलग स्थानों के साथ तत्काल संपर्क स्थापित करने में सुविधा मिलती है। प्रशासन का कहना है कि यह व्यवस्था आपात परिस्थितियों में संचार और राहत कार्यों को बेहतर ढंग से संचालित करने में मददगार साबित हो रही है।
जिलाधिकारी विशाल मिश्रा ने बताया कि यह पूरी निगरानी व्यवस्था आपदा प्रबंधन विभाग और जिला प्रशासन के सहयोग से संचालित की जा रही है। चारधाम यात्रा के दौरान श्रद्धालुओं की सुरक्षा और जरूरत पड़ने पर त्वरित सहायता उपलब्ध कराने में इस तकनीकी व्यवस्था को अहम भूमिका दी जा रही है।