TMC सिंबल विवाद पर निशिकांत दुबे का राहुल गांधी पर हमला, बोले- ‘इतिहास की जानकारी जरूरी’

देवघर, झारखंड: तृणमूल कांग्रेस (TMC) के चुनाव चिन्ह और नाम को लेकर जारी विवाद के बीच राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई है। कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने चुनाव आयोग के फैसले पर सवाल उठाते हुए आरोप लगाया था कि विपक्षी दलों को कमजोर करने के लिए एक पैटर्न के तहत कार्रवाई की जा रही है। इसके बाद बीजेपी सांसद निशिकांत दुबे ने राहुल गांधी के बयान पर पलटवार किया।

देवघर में पत्रकारों से बातचीत के दौरान निशिकांत दुबे ने कांग्रेस के इतिहास का जिक्र करते हुए कहा कि चुनाव चिन्हों में बदलाव कोई नई बात नहीं है। उन्होंने सवाल उठाया कि 1952 से 1969 तक कांग्रेस का चुनाव चिन्ह क्या था। उनके मुताबिक उस दौर में कांग्रेस का चुनाव चिन्ह ‘बैल की जोड़ी’ था। 1969 में कांग्रेस में विभाजन के बाद इंदिरा गांधी के नेतृत्व वाले गुट को अलग चुनाव चिन्ह मिला था। चुनाव आयोग के ऐतिहासिक रिकॉर्ड से जुड़े विवरणों के अनुसार, उस समय पुराने कांग्रेस गुट के पास बैलों की जोड़ी का चिन्ह रहा, जबकि इंदिरा गांधी के गुट को ‘गाय और बछड़ा’ चिन्ह मिला था।

निशिकांत दुबे ने इसी उदाहरण के आधार पर कहा कि राजनीतिक दलों के विभाजन या संगठनात्मक बदलाव के दौरान चुनाव चिन्हों को लेकर स्थिति बदलती रही है। उन्होंने राहुल गांधी के राजनीतिक ज्ञान पर भी टिप्पणी की और कहा कि विपक्ष के नेता से वे अधिक तथ्यात्मक और जानकारीपूर्ण बयान की उम्मीद करते हैं।

यह पूरा विवाद TMC के नाम और चुनाव चिन्ह पर चुनाव आयोग की हालिया कार्रवाई के बाद सामने आया है। आयोग ने पार्टी के भीतर दो गुटों के बीच दावे के विवाद के चलते फिलहाल मूल नाम और पारंपरिक ‘फूल और घास’ वाले चिन्ह के इस्तेमाल पर रोक लगाई है और दोनों गुटों को वैकल्पिक नाम व चुनाव चिन्ह दिए हैं।

राहुल गांधी ने इस फैसले को लेकर चुनाव आयोग और बीजेपी पर गंभीर आरोप लगाए हैं। वहीं बीजेपी नेताओं का कहना है कि चुनाव चिन्ह से जुड़े विवादों में आयोग की प्रक्रिया और पुराने राजनीतिक उदाहरणों को भी ध्यान में रखा जाना चाहिए।

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