दिल्ली में प्रदूषण पर लगेगी AI की नजर, CM रेखा गुप्ता ने किया AI-पावर्ड सर्विलांस सिस्टम का ऐलान

नई दिल्ली: राजधानी दिल्ली में बढ़ते वायु प्रदूषण पर निगरानी रखने और प्रदूषण फैलाने वाली गतिविधियों पर अंकुश लगाने के लिए मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने AI-पावर्ड प्रदूषण सर्विलांस सिस्टम की घोषणा की है। इस तकनीक के जरिए दिल्ली में प्रदूषण की निगरानी को अधिक प्रभावी बनाने और नियमों का उल्लंघन करने वालों की पहचान करने में मदद मिलने की उम्मीद है।

AI कैमरों से होगी प्रदूषण फैलाने वाली गतिविधियों की निगरानी

प्रस्तावित AI-आधारित निगरानी व्यवस्था में AI-सक्षम कैमरों, GPS और इंटीग्रेटेड कमांड एंड कंट्रोल सेंटर (ICCC) जैसी तकनीकों की भूमिका अहम होगी। इसका उद्देश्य निर्माण स्थलों समेत उन क्षेत्रों पर नजर रखना है, जहां धूल और अन्य गतिविधियों के कारण वायु प्रदूषण बढ़ सकता है।

इस सिस्टम की मदद से संबंधित एजेंसियों को प्रदूषण से जुड़ी गतिविधियों की पहचान करने और जरूरत पड़ने पर समय रहते कार्रवाई करने में सहायता मिल सकती है।

निर्माण स्थलों पर विशेष निगरानी

दिल्ली में निर्माण कार्यों से उड़ने वाली धूल वायु प्रदूषण की प्रमुख चिंताओं में शामिल है। ऐसे में AI आधारित कैमरों के माध्यम से निर्माण स्थलों की निगरानी करने से प्रदूषण नियंत्रण के नियमों के पालन पर नजर रखने में मदद मिल सकती है।

इंटीग्रेटेड कमांड एंड कंट्रोल सेंटर से होगी निगरानी

इंटीग्रेटेड कमांड एंड कंट्रोल सेंटर के माध्यम से विभिन्न स्थानों से मिलने वाली जानकारियों की निगरानी और उनका समन्वय किया जा सकता है। GPS तकनीक भी संबंधित स्थानों की पहचान करने में सहायक हो सकती है।

हालांकि, इस व्यवस्था के लागू होने की समयसीमा, कैमरों की संख्या और कार्रवाई की विस्तृत प्रक्रिया से जुड़ी आधिकारिक जानकारी की पुष्टि आवश्यक है।

दिल्ली की हवा को स्वच्छ बनाने की दिशा में पहल

AI तकनीक का इस्तेमाल प्रदूषण की निगरानी कोअधिक व्यवस्थित बनाने में मदद कर सकता है। इसकी वास्तविक सफलता इस बात पर निर्भर करेगी कि निगरानी के दौरान सामने आने वाली समस्याओं पर कितनी तेजी से कार्रवाई होती है और प्रदूषण नियंत्रण के नियमों का पालन कितना प्रभावी ढंग से कराया जाता है।

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