राहुल राज MLC चुनाव जीत: सारण MLC राहुल राज ने भाजपा कार्यालय पहुंचकर शिक्षकों को दिया जीत का श्रेय, कम्युनिस्ट से जेडीयू में आए प्रत्याशी पर उठाए सवाल
पटना: बिहार विधान परिषद चुनाव में सारण से निर्दलीय उम्मीदवार के रूप में जीत दर्ज करने वाले नवनिर्वाचित MLC राहुल राज शुक्रवार को भाजपा प्रदेश कार्यालय पहुंचे। यहां उन्होंने अपनी जीत को शिक्षकों की जीत बताया और चुनाव में एनडीए उम्मीदवार की हार को लेकर खुलकर अपनी बात रखी। राहुल राज ने स्पष्ट कहा कि उन्होंने एनडीए प्रत्याशी को नहीं, बल्कि कम्युनिस्ट विचारधारा से जुड़े उम्मीदवार को हराया है।
शिक्षकों के समर्थन को बताया जीत की असली वजह
राहुल राज ने कहा कि यह उनकी व्यक्तिगत जीत नहीं है, बल्कि बिहार के शिक्षकों की जीत है। शिक्षकों ने उन पर भरोसा जताकर सदन तक पहुंचाने का काम किया है। उन्होंने कहा कि चुनाव से पहले शिक्षकों के साथ लगातार बैठकें हुईं और उनकी समस्याओं एवं लंबित मांगों को लेकर आवाज उठाई गई। इसी समर्थन ने उन्हें जीत दिलाई।
कम्युनिस्ट से जेडीयू में आने पर उठाए सवाल
चुनाव में एनडीए उम्मीदवार की हार को लेकर राहुल राज ने कहा कि यदि भाजपा या जेडीयू परिवार का कोई पुराना और पार्टी का प्रत्याशी चुनाव मैदान में होता, तो वह उसके समर्थन में खड़े होते। उन्होंने उदाहरण देते हुए कहा कि पहले भी उन्होंने पार्टी के फैसले का सम्मान करते हुए विधानसभा चुनाव में अपनी दावेदारी छोड़ दी थी और पार्टी के उम्मीदवार के साथ मजबूती से खड़े रहे थे।
राहुल राज ने सवाल उठाया कि जो उम्मीदवार पिछले चुनाव में कम्युनिस्ट पार्टी से चुनाव लड़ा हो और मतदान से महज 10-15 दिन पहले जेडीयू में शामिल हुआ हो, उसे जमीनी स्तर पर कार्यकर्ता किस तरह स्वीकार करेंगे? हालांकि उन्होंने गठबंधन की मजबूरियों पर टिप्पणी करने से परहेज किया।
भाजपा-जेडीयू परिवार से अलग नहीं हूं: राहुल राज
राहुल राज ने कहा कि वह पहले भी इसी परिवार का हिस्सा थे, आज भी हैं और भविष्य में भी इसी परिवार के साथ रहेंगे। उन्होंने भाजपा और एनडीए के प्रति अपनी विचारधारा और प्रतिबद्धता दोहराई। उनके बयान से साफ है कि वह अपनी जीत के बावजूद गठबंधन से दूरी बनाने के पक्ष में नहीं हैं।
मुख्यमंत्री से मिलकर शिक्षकों की मांगें रखीं
राहुल राज ने बताया कि शिक्षकों के साथ बैठक के बाद उन्होंने सांसद राजीव प्रताप रूडी के साथ मुख्यमंत्री से मुलाकात की थी। मुख्यमंत्री ने शिक्षकों की मांगों को न्यायसंगत बताते हुए आश्वासन दिया कि उन्हें एक-एक करके पूरा करने का प्रयास किया जाएगा।
उन्होंने सातवें वेतन आयोग के अनुरूप शिक्षकों को वेतनमान देने की बात का भी जिक्र किया। राहुल राज ने कहा कि शिक्षा मंत्री उनके भी अभिभावक हैं और वह उनके माध्यम से शिक्षकों की लंबित मांगों को पूरा कराने का प्रयास करेंगे।
कुल मिलाकर, राहुल राज की जीत के बाद भाजपा कार्यालय में उनकी मौजूदगी और बयान बिहार की राजनीति में चर्चा का विषय बन गए हैं। अब देखना होगा कि शिक्षकों की मांगों को पूरा करने और गठबंधन के भीतर कार्यकर्ताओं की नाराजगी दूर करने की दिशा में आगे क्या कदम उठाए जाते हैं।