शशि थरूर का बयान: मॉक पार्लियामेंट में महाभियोग का मुद्दा उठाएगा विपक्ष
दिल्ली में कांग्रेस की राजनीतिक गतिविधियों के बीच सांसद शशि थरूर ने महाभियोग प्रस्ताव और पार्टी की प्रस्तावित महारैली को लेकर बड़ा बयान दिया है। कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे के आवास पर आयोजित मॉक पार्लियामेंट में शामिल होने पहुंचे शशि थरूर ने कहा कि विपक्षी दलों की ओर से दिए गए महाभियोग के नोटिस को लोकसभा और राज्यसभा के पीठासीन अधिकारियों ने स्वीकार नहीं किया है। ऐसे में विपक्ष के पास मॉक पार्लियामेंट आयोजित करने के अलावा कोई विकल्प नहीं बचा है।
महाभियोग नोटिस स्वीकार नहीं होने पर थरूर ने उठाए सवाल
शशि थरूर ने मीडिया से बातचीत में कहा कि कांग्रेस और अन्य विपक्षी दलों की ओर से महाभियोग के जो नोटिस दिए गए थे, उन्हें लोकसभा अध्यक्ष और राज्यसभा के पीठासीन अधिकारी ने स्वीकार नहीं किया है। इसी वजह से विपक्ष को मॉक पार्लियामेंट के माध्यम से अपनी बात रखने का फैसला करना पड़ा है।
उन्होंने कहा कि यदि गृह मंत्री पीठासीन अधिकारियों और लोकसभा अध्यक्ष को महाभियोग का नोटिस स्वीकार करने की सलाह देते हैं, तो विपक्ष इस प्रक्रिया को संसद के भीतर ही आगे बढ़ा सकता है।
थरूर ने साफ किया कि विपक्ष की मंशा संसद के निर्धारित मंच पर अपनी बात रखने की है।
रामलीला मैदान में होगी कांग्रेस की महारैली
इस दौरान शशि थरूर ने कांग्रेस की प्रस्तावित महारैली को लेकर भी अपनी बात रखी। उन्होंने कहा कि रामलीला मैदान में रैली आयोजित करने की अनुमति मिल चुकी है और देशभर से लोग इसमें शामिल होने के लिए पहुंच रहे हैं।
हालांकि, रैली तक पहुंचने और उससे जुड़े विवाद के सवाल पर उन्होंने कहा कि इस संबंध में अंतिम फैसला पार्टी नेतृत्व ही करेगा। उन्हें नहीं पता कि पार्टी आगे क्या निर्णय लेगी। इस मुद्दे पर कांग्रेस नेतृत्व को ही फैसला लेना है।
थरूर ने यह भी स्पष्ट किया कि उनके अनुसार रामलीला मैदान में प्रस्तावित महारैली का कार्यक्रम जारी है।
विपक्ष की रणनीति पर टिकी नजरें
शशि थरूर के इस बयान के बाद कांग्रेस की आगे की रणनीति को लेकर राजनीतिक चर्चा तेज हो गई है। एक तरफ मॉक पार्लियामेंट के जरिए विपक्ष महाभियोग के मुद्दे को उठा रहा है, वहीं दूसरी तरफ रामलीला मैदान में प्रस्तावित महारैली को लेकर भी तैयारियां की जा रही हैं।
अब देखना होगा कि कांग्रेस नेतृत्व इस पूरे मामले में क्या अंतिम निर्णय लेता है और विपक्ष महाभियोग के नोटिस को लेकर आगे कौन-सा कदम उठाता है।