दिल्ली में CEC ज्ञानेश कुमार के खिलाफ प्रदर्शन, NSUI और युवा कांग्रेस के कार्यकर्ता हिरासत में

CEC ज्ञानेश कुमार के खिलाफ प्रदर्शन नई दिल्ली: दिल्ली में मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार के खिलाफ विरोध प्रदर्शन कर रहे NSUI और भारतीय युवा कांग्रेस के कार्यकर्ताओं को पुलिस ने हिरासत में ले लिया। प्रदर्शनकारी संसद मार्ग पुलिस स्टेशन के बाहर एकत्र होकर विरोध जता रहे थे। इस दौरान भारतीय युवा कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष उदय भानु चिब ने दिल्ली पुलिस की कार्रवाई पर सवाल उठाए और आरोप लगाया कि पुलिस छात्रों तथा युवाओं पर बल प्रयोग कर रही है। संसद मार्ग थाने के बाहर प्रदर्शन, पुलिस ने लिया हिरासत में मिली जानकारी के अनुसार, NSUI और भारतीय युवा कांग्रेस के कार्यकर्ता मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ प्रदर्शन करने के लिए संसद मार्ग पुलिस स्टेशन के बाहर पहुंचे थे। प्रदर्शन के दौरान पुलिस ने कई कार्यकर्ताओं को हिरासत में ले लिया। हालांकि, हिरासत में लिए गए लोगों की कुल संख्या और पुलिस की कार्रवाई के संबंध में विस्तृत जानकारी सामने आना बाकी है। इस घटना के बाद दिल्ली में राजनीतिक गतिविधियां तेज होने के संकेत हैं। विपक्षी संगठनों से जुड़े कार्यकर्ताओं ने अपनी नाराजगी जाहिर की है और प्रदर्शन के दौरान पुलिस की भूमिका को लेकर सवाल उठाए हैं। उदय भानु चिब ने दिल्ली पुलिस पर लगाए आरोप भारतीय युवा कांग्रेस के अध्यक्ष उदय भानु चिब ने पुलिस की कार्रवाई पर कड़ी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि दिल्ली पुलिस जिस तरह से प्रदर्शनकारियों के साथ व्यवहार कर रही है, उसे स्वीकार नहीं किया जाएगा। चिब के मुताबिक, पुलिस लगातार छात्रों और युवाओं पर बल प्रयोग कर रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के कहने पर दिल्ली पुलिस शांतिपूर्ण आंदोलन कर रहे लोगों के खिलाफ हिंसा कर रही है। उन्होंने इस कार्रवाई को अपराध बताते हुए कहा कि युवा कांग्रेस अपना विरोध जारी रखेगी। हालांकि, गृह मंत्री अमित शाह के निर्देश पर पुलिस द्वारा कार्रवाई किए जाने और प्रदर्शनकारियों पर हिंसा के आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। इन बयानों को युवा कांग्रेस अध्यक्ष के आरोपों के रूप में ही देखा जाना चाहिए। शांतिपूर्ण प्रदर्शन और पुलिस कार्रवाई पर उठे सवाल इस घटना ने एक बार फिर राजधानी में विरोध प्रदर्शनों के दौरान पुलिस की कार्रवाई और शांतिपूर्ण तरीके से अपनी बात रखने के अधिकार को लेकर बहस छेड़ दी है। लोकतांत्रिक व्यवस्था में विरोध दर्ज कराना नागरिकों का महत्वपूर्ण अधिकार है, वहीं पुलिस कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए जिम्मेदार होती है। फिलहाल, इस मामले में दिल्ली पुलिस की ओर से विस्तृत आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने आने पर कार्रवाई के कारणों और पूरे घटनाक्रम की स्थिति अधिक स्पष्ट हो सकेगी। मुख्य बातें: CEC ज्ञानेश कुमार के खिलाफ संसद मार्ग पुलिस स्टेशन के बाहर प्रदर्शन। NSUI और भारतीय युवा कांग्रेस के कार्यकर्ताओं को पुलिस ने हिरासत में लिया। उदय भानु चिब ने छात्रों और युवाओं पर बल प्रयोग का आरोप लगाया। गृह मंत्री अमित शाह के निर्देश पर कार्रवाई के आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।
तेजस्वी यादव का चुनाव आयोग पर बड़ा हमला, बोले- लोकतंत्र को खत्म नहीं होने देंगे

पटना, बिहार: बिहार की राजधानी पटना में INDIA ब्लॉक के विरोध प्रदर्शन के दौरान RJD नेता और बिहार के पूर्व उपमुख्यमंत्री तेजस्वी यादव ने चुनाव आयोग और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार पर तीखा हमला बोला। उन्होंने आरोप लगाया कि मौजूदा व्यवस्था में लोकतांत्रिक मूल्यों को कमजोर करने की कोशिश की जा रही है। तेजस्वी यादव ने कहा कि विपक्ष लोकतंत्र और संविधान की रक्षा के लिए अपनी लड़ाई जारी रखेगा। 🔴 तेजस्वी यादव ने क्या कहा? प्रदर्शन के दौरान तेजस्वी यादव ने कहा कि जिस तरह से ज्ञानेश कुमार के कार्यकाल में लोकतंत्र का मजाक बनाए जाने का आरोप लग रहा है, वह चिंता का विषय है। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र को कमजोर करने की कोशिशों को लंबे समय तक स्वीकार नहीं किया जा सकता। तेजस्वी यादव ने बिहार का जिक्र करते हुए कहा कि यह वही धरती है जिसे लोकतंत्र की जननी माना जाता है और यहीं से SIR (Special Intensive Revision) की शुरुआत की गई। उन्होंने कहा कि विपक्ष संविधान में विश्वास रखने वाला है और लोकतांत्रिक व्यवस्था को किसी भी स्थिति में खत्म नहीं होने देगा। 🔴 चुनाव आयोग में फर्जीवाड़े का लगाया आरोप RJD नेता ने चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठाए। उन्होंने आरोप लगाया कि चुनाव आयोग में जिस तरह का कथित फर्जीवाड़ा चल रहा है, वह ज्यादा दिनों तक जारी नहीं रह सकता। हालांकि, उनके इन आरोपों पर चुनाव आयोग की ओर से इस बयान के संदर्भ में कोई प्रतिक्रिया सामने आना बाकी है। तेजस्वी यादव ने अपने संबोधन में दावा किया कि मौजूदा राजनीतिक परिस्थितियां बदलाव की ओर इशारा कर रही हैं। उन्होंने कहा कि “इनके जाने की शुरुआत हो चुकी है।” 🔴 विपक्ष ने जारी रखा प्रदर्शन पटना में INDIA ब्लॉक के प्रदर्शन के दौरान विपक्षी नेताओं और कार्यकर्ताओं ने चुनाव प्रक्रिया, SIR और चुनाव आयोग की भूमिका को लेकर अपनी आपत्तियां दर्ज कराईं। प्रदर्शन के दौरान नेताओं ने लोकतांत्रिक अधिकारों और संविधान की रक्षा का मुद्दा प्रमुखता से उठाया। तेजस्वी यादव के बयान के बाद बिहार की राजनीति में चुनाव आयोग की भूमिका और SIR को लेकर सियासी बहस और तेज होने के संकेत हैं। आने वाले दिनों में इस मुद्दे पर सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच बयानबाजी और बढ़ सकती है।
पटना में विपक्ष का प्रदर्शन तेज, मीसा भारती बैरिकेड पर चढ़ीं; चुनाव आयोग के खिलाफ नारेबाजी

पटना: बिहार की राजधानी पटना में विपक्षी दलों का प्रदर्शन गुरुवार को उस वक्त जोरदार हो गया, जब प्रदर्शनकारियों ने लगाए गए बैरिकेड को पार करने की कोशिश की। प्रदर्शन के दौरान राजद सांसद मीसा भारती भी बैरिकेड के ऊपर चढ़कर आगे बढ़ती नजर आईं। इसके बाद मौके पर मौजूद पुलिसकर्मियों ने प्रदर्शनकारियों को रोकने की कोशिश की। 🔴 प्रदर्शन में जमकर नारेबाजी पटना में विपक्षी नेताओं और कार्यकर्ताओं ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को लेकर विरोध जताया। प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि चुनाव प्रक्रिया से जुड़े कई सवालों पर विपक्ष की चिंताओं को गंभीरता से नहीं लिया जा रहा है। इसी मुद्दे को लेकर विपक्षी नेताओं ने केंद्र सरकार और चुनाव आयोग के खिलाफ नारेबाजी की। 🔴 बैरिकेड तोड़कर आगे बढ़ने की कोशिश प्रदर्शन के दौरान स्थिति उस समय ज्यादा गर्म हो गई, जब प्रदर्शनकारी पुलिस द्वारा लगाए गए बैरिकेड को पार करने लगे। कई कार्यकर्ता बैरिकेड के ऊपर चढ़ गए। इसी दौरान मीसा भारती भी बैरिकेड पर चढ़कर आगे बढ़ती दिखाई दीं। पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को नियंत्रित करने और आगे जाने से रोकने का प्रयास किया। 🔴 मोदी सरकार पर भी निशाना प्रदर्शनकारियों ने मोदी सरकार की नीतियों और चुनावी व्यवस्था को लेकर भी सवाल उठाए। विपक्षी नेताओं का कहना है कि लोकतांत्रिक व्यवस्था में चुनाव प्रक्रिया को लेकर पारदर्शिता और जवाबदेही बेहद जरूरी है। इसी मांग को लेकर विपक्ष की ओर से प्रदर्शन किया जा रहा है। 🔴 पटना में बढ़ी राजनीतिक हलचल इस प्रदर्शन के बाद पटना में राजनीतिक गतिविधियां तेज हो गई हैं। विपक्षी दलों के नेताओं और कार्यकर्ताओं की मौजूदगी के कारण प्रदर्शन स्थल पर सुरक्षा व्यवस्था भी बढ़ाई गई। पुलिस की ओर से प्रदर्शनकारियों को निर्धारित सीमा में रखने की कोशिश की गई। फिलहाल पटना में विपक्ष का यह प्रदर्शन बिहार की सियासत में चर्चा का विषय बना हुआ है। मीसा भारती के बैरिकेड पर चढ़ने का वीडियो और प्रदर्शन के दौरान लगाए गए नारे भी राजनीतिक गलियारों में चर्चा का केंद्र बने हुए हैं।
राहुल गांधी का CEC ज्ञानेश कुमार पर बड़ा हमला, बोले- इस्तीफा देना पड़ेगा

नई दिल्ली। लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार को लेकर INDIA गठबंधन के सांसदों के विरोध प्रदर्शन पर केंद्र सरकार और चुनाव व्यवस्था पर तीखा हमला बोला। राहुल गांधी ने आरोप लगाया कि विपक्षी सांसद चुनाव आयुक्त से मुलाकात करना चाहते थे, लेकिन उन्हें मिलने का अवसर नहीं दिया गया। राहुल गांधी ने कहा कि विपक्षी सांसदों ने चुनाव आयुक्त से मिलने की कोशिश की थी, लेकिन मुलाकात नहीं हो सकी। उन्होंने दावा किया कि इसके बाद दिल्ली पुलिस ने प्रदर्शन करने से भी रोक दिया। राहुल गांधी के मुताबिक, विपक्ष अब जंतर-मंतर पर प्रदर्शन कर जनता के सामने अपनी बात रखने की तैयारी में है। 🔴 राहुल गांधी ने CEC की वैधता पर उठाया सवाल राहुल गांधी ने अपने बयान में ज्ञानेश कुमार की चुनाव आयुक्त के रूप में वैधता पर सवाल खड़े किए। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह, RSS प्रमुख मोहन भागवत और ज्ञानेश कुमार की भूमिका से देश के लोकतंत्र को नुकसान पहुंचा है। राहुल गांधी ने कहा कि जिन लोगों पर लोकतांत्रिक व्यवस्था को कमजोर करने का आरोप है, उनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने यह भी दावा किया कि ज्ञानेश कुमार को अपने पद से इस्तीफा देना पड़ेगा। 🔴 FIR को लेकर भी दिया बड़ा बयान विपक्ष के नेता ने अपने खिलाफ दर्ज FIR का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि उनके खिलाफ अब तक 45 FIR दर्ज हैं और उनका लक्ष्य 100 FIR तक पहुंचने का है। राहुल गांधी ने कहा कि उनके लिए प्रत्येक FIR एक तरह का “मेडल” है। राहुल गांधी के इन बयानों से साफ है कि चुनाव आयोग की भूमिका और चुनावी प्रक्रिया को लेकर सरकार और विपक्ष के बीच राजनीतिक टकराव और तेज हो सकता है। हालांकि, राहुल गांधी द्वारा लगाए गए आरोप उनके राजनीतिक बयान का हिस्सा हैं। इन आरोपों पर संबंधित पक्षों की प्रतिक्रिया और चुनाव आयोग का आधिकारिक पक्ष भी महत्वपूर्ण होगा।
INDIA ब्लॉक की बैठक के बाद ममता बनर्जी का बड़ा हमला, ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग

नई दिल्ली: INDIA ब्लॉक की बैठक के बाद पश्चिम बंगाल की पूर्व मुख्यमंत्री और तृणमूल कांग्रेस (TMC) प्रमुख ममता बनर्जी ने चुनाव प्रक्रिया और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को लेकर गंभीर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि INDIA गठबंधन एकजुट है और सभी दल मिलकर लोकतंत्र एवं मतदान के अधिकार से जुड़े मुद्दों को उठाएंगे। 30 सितंबर को दिल्ली में हुई विपक्षी दलों की बैठक में चुनाव आयोग, मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR), EVM और चुनाव प्रक्रिया से जुड़े मुद्दों पर चर्चा हुई। ममता बनर्जी ने अपने बयान में कहा कि चुनाव में कथित ‘वोट चोरी’ का मुद्दा राहुल गांधी और तेजस्वी यादव ने बिहार में उठाया था। उनका आरोप है कि इसी तरह की कथित अनियमितताओं के कारण भाजपा को मध्य प्रदेश, हरियाणा और बिहार में चुनावी लाभ मिला, जबकि पश्चिम बंगाल में भी चुनाव प्रक्रिया को लेकर गंभीर सवाल खड़े हुए हैं। उन्होंने कहा कि उनकी पार्टी चुनाव आयोग के सामने अपनी शिकायतें रख चुकी है और न्यायालय का दरवाजा भी खटखटा चुकी है। ममता ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार पर गंभीर आरोप लगाते हुए उनके तत्काल इस्तीफे की मांग की। हालांकि, ये आरोप ममता बनर्जी और विपक्षी दलों के राजनीतिक दावे हैं; चुनाव आयोग ने अपने स्तर पर SIR से जुड़े फैसलों को कानूनी प्रक्रिया के तहत बताया है और आयोग के भीतर अलग-अलग विचारों को संस्थागत विचार-विमर्श का हिस्सा बताया है। ममता बनर्जी ने EVM को लेकर भी सवाल उठाए और दावा किया कि कुछ जगहों पर मशीनों के साथ छेड़छाड़ तथा उन्हें नुकसान पहुंचाने जैसी घटनाएं हुईं। उन्होंने कहा कि मतदान का अधिकार संविधान से मिला अधिकार है और चुनाव प्रक्रिया में जनता का भरोसा कायम रहना जरूरी है। TMC प्रमुख ने कहा कि यदि लोगों को मतदान करने के अधिकार को लेकर भरोसा नहीं रहेगा या चुनाव प्रक्रिया पर सवाल उठते रहेंगे तो लोकतांत्रिक व्यवस्था के सामने गंभीर चुनौती पैदा होगी। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि ज्ञानेश कुमार ने इस्तीफा नहीं दिया तो विपक्ष का आंदोलन आगे बढ़ सकता है। INDIA ब्लॉक की बैठक में विपक्षी दलों ने चुनाव आयोग से जुड़े मुद्दों पर साझा रणनीति बनाने पर जोर दिया है। मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार इस समय चुनाव आयोग के प्रमुख हैं।
CEC विवाद पर तेजस्वी यादव का बड़ा हमला, ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे और गिरफ्तारी की मांग

पटना, बिहार। मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को लेकर चल रहे विवाद के बीच बिहार विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष और राजद नेता तेजस्वी यादव ने केंद्र सरकार और चुनाव आयोग पर तीखा हमला बोला है। पटना में बयान देते हुए तेजस्वी यादव ने आरोप लगाया कि जिस तरह से चुनाव कराए जा रहे हैं, उसमें चुनाव आयोग भाजपा के इशारे पर काम कर रहा है। उन्होंने कहा कि हाल में सामने आई रिपोर्ट और दो चुनाव आयुक्तों की ओर से दर्ज कराई गई आपत्तियों के बाद पूरे मामले को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। तेजस्वी यादव ने कहा कि चुनाव आयोग जैसी संवैधानिक संस्था की कार्यप्रणाली को लेकर उठ रहे सवाल लोकतंत्र के लिए गंभीर विषय हैं। उन्होंने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे के साथ-साथ उनकी गिरफ्तारी की मांग भी की। राजद नेता ने कहा कि कानून सभी के लिए समान होना चाहिए और लोकतांत्रिक संस्थाओं की विश्वसनीयता बनाए रखना जरूरी है। यह विवाद उन मीडिया रिपोर्टों के बाद तेज हुआ है, जिनमें दावा किया गया कि चुनाव आयुक्त सुखबीर सिंह संधू और विवेक जोशी ने पिछले करीब 10 महीनों के दौरान चुनाव आयोग के कुछ फैसलों और प्रक्रियाओं पर कई बार आपत्तियां दर्ज की थीं। रिपोर्टों में विशेष गहन पुनरीक्षण यानी SIR और मतदाता सूची से जुड़े फैसलों का भी उल्लेख किया गया है। हालांकि, चुनाव आयोग ने इन रिपोर्टों को लेकर अपनी स्थिति स्पष्ट करते हुए कहा है कि बहु-सदस्यीय संवैधानिक संस्था में अलग-अलग सुझाव, टिप्पणियां और आपत्तियां आंतरिक प्रक्रिया का हिस्सा हैं। आयोग के मुताबिक, अंतिम फैसले निर्धारित प्रक्रिया के तहत लिए गए और प्रमुख निर्णयों पर आयोग की सहमति रही है। तेजस्वी यादव ने कहा कि राजद इस मुद्दे को लेकर बिहार के कई जिलों में प्रदर्शन कर चुका है और यह आंदोलन अभी शुरुआत है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि उनकी ओर से उठाई गई मांगों पर कार्रवाई नहीं हुई तो पार्टी आगे भी आंदोलन जारी रखेगी। उन्होंने कहा कि राजद लोकतांत्रिक अधिकारों और चुनावी प्रक्रिया की पारदर्शिता के मुद्दे पर अपनी लड़ाई जारी रखेगा।