नई दिल्ली। लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार को लेकर INDIA गठबंधन के सांसदों के विरोध प्रदर्शन पर केंद्र सरकार और चुनाव व्यवस्था पर तीखा हमला बोला। राहुल गांधी ने आरोप लगाया कि विपक्षी सांसद चुनाव आयुक्त से मुलाकात करना चाहते थे, लेकिन उन्हें मिलने का अवसर नहीं दिया गया।
राहुल गांधी ने कहा कि विपक्षी सांसदों ने चुनाव आयुक्त से मिलने की कोशिश की थी, लेकिन मुलाकात नहीं हो सकी। उन्होंने दावा किया कि इसके बाद दिल्ली पुलिस ने प्रदर्शन करने से भी रोक दिया। राहुल गांधी के मुताबिक, विपक्ष अब जंतर-मंतर पर प्रदर्शन कर जनता के सामने अपनी बात रखने की तैयारी में है।
🔴 राहुल गांधी ने CEC की वैधता पर उठाया सवाल
राहुल गांधी ने अपने बयान में ज्ञानेश कुमार की चुनाव आयुक्त के रूप में वैधता पर सवाल खड़े किए। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह, RSS प्रमुख मोहन भागवत और ज्ञानेश कुमार की भूमिका से देश के लोकतंत्र को नुकसान पहुंचा है।
राहुल गांधी ने कहा कि जिन लोगों पर लोकतांत्रिक व्यवस्था को कमजोर करने का आरोप है, उनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने यह भी दावा किया कि ज्ञानेश कुमार को अपने पद से इस्तीफा देना पड़ेगा।
🔴 FIR को लेकर भी दिया बड़ा बयान
विपक्ष के नेता ने अपने खिलाफ दर्ज FIR का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि उनके खिलाफ अब तक 45 FIR दर्ज हैं और उनका लक्ष्य 100 FIR तक पहुंचने का है। राहुल गांधी ने कहा कि उनके लिए प्रत्येक FIR एक तरह का “मेडल” है।
राहुल गांधी के इन बयानों से साफ है कि चुनाव आयोग की भूमिका और चुनावी प्रक्रिया को लेकर सरकार और विपक्ष के बीच राजनीतिक टकराव और तेज हो सकता है।
हालांकि, राहुल गांधी द्वारा लगाए गए आरोप उनके राजनीतिक बयान का हिस्सा हैं। इन आरोपों पर संबंधित पक्षों की प्रतिक्रिया और चुनाव आयोग का आधिकारिक पक्ष भी महत्वपूर्ण होगा।