टीवी चैनलों में AI का इस्तेमाल: सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय ने देश के सभी निजी सैटेलाइट टीवी चैनलों को समाचार और अन्य कार्यक्रमों के प्रसारण में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) के इस्तेमाल को लेकर सावधानी बरतने की सलाह दी है। मंत्रालय ने स्पष्ट किया है कि एआई तकनीक का उपयोग केवल सहायक के रूप में और सीमित दायरे में किया जाना चाहिए। समाचारों की विश्वसनीयता, तथ्यों की सटीकता और विषय की संवेदनशीलता से किसी भी तरह का समझौता नहीं होना चाहिए।
AI के इस्तेमाल में बरतनी होगी सावधानी
मंत्रालय की ओर से टीवी चैनलों को भेजे गए पत्र में कहा गया है कि एआई तकनीक मीडिया के कामकाज में मददगार हो सकती है, लेकिन इसका इस्तेमाल जिम्मेदारी के साथ किया जाना जरूरी है। समाचार तैयार करने, दृश्य सामग्री बनाने या कार्यक्रमों के प्रसारण में एआई टूल्स का उपयोग करते समय यह सुनिश्चित करना होगा कि दर्शकों तक पहुंचने वाली जानकारी सही और प्रमाणिक हो।
मंत्रालय का मुख्य जोर इस बात पर है कि तकनीक के इस्तेमाल के कारण समाचारों की वास्तविकता और निष्पक्षता प्रभावित नहीं होनी चाहिए। दर्शकों को सही जानकारी देना मीडिया की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी है। ऐसे में किसी भी सामग्री को प्रसारित करने से पहले उसकी विश्वसनीयता पर ध्यान देना जरूरी है।
अपराध और हिंसा से जुड़ी खबरों पर विशेष सतर्कता
परामर्श में अपराध और हिंसा से संबंधित घटनाओं की रिपोर्टिंग को लेकर भी विशेष सावधानी बरतने की बात कही गई है। ऐसी घटनाओं से जुड़े वीडियो, तस्वीरों और अन्य दृश्य सामग्री को प्रसारित करते समय संवेदनशीलता का ध्यान रखना आवश्यक है।
एआई की मदद से तैयार किए गए या बदले गए दृश्य वास्तविक घटनाओं को लेकर भ्रम पैदा कर सकते हैं। इसलिए समाचार चैनलों को यह सुनिश्चित करना चाहिए कि प्रसारित की जाने वाली सामग्री सत्यापित तथ्यों पर आधारित हो और दर्शकों के सामने घटना की सही तस्वीर प्रस्तुत करे।
तथ्यात्मक और जिम्मेदार रिपोर्टिंग पर जोर
मंत्रालय ने कहा है कि अपराध और हिंसा जैसी घटनाओं की रिपोर्टिंग संतुलित और जिम्मेदार तरीके से की जानी चाहिए। अपुष्ट जानकारी या भ्रामक दृश्य सामग्री के प्रसारण से बचना जरूरी है। खबरों को इस तरह प्रस्तुत किया जाना चाहिए कि उनकी तथ्यात्मक विश्वसनीयता बनी रहे और अनावश्यक भ्रम की स्थिति पैदा न हो।
मीडिया के लिए क्यों महत्वपूर्ण है यह सलाह?
डिजिटल तकनीक के तेजी से बढ़ते इस्तेमाल के बीच एआई मीडिया जगत में नई संभावनाएं पैदा कर रहा है। हालांकि, इसके साथ गलत जानकारी और भ्रामक सामग्री के प्रसार की चुनौती भी जुड़ी है। ऐसे में एआई का सीमित और जिम्मेदार इस्तेमाल, तथ्यों का सत्यापन तथा संवेदनशील खबरों की सावधानीपूर्वक प्रस्तुति समाचार माध्यमों के लिए महत्वपूर्ण है।
मंत्रालय की यह सलाह मीडिया संस्थानों को तकनीक का उपयोग करते समय पत्रकारिता के बुनियादी सिद्धांतों और दर्शकों के भरोसे को प्राथमिकता देने की याद दिलाती है।