रोजगार मेला: किर्ती वर्धन सिंह बोले- युवा देश की असली ताकत, राष्ट्र निर्माण में निभाएं अहम भूमिका

लखनऊ, उत्तर प्रदेश: राजधानी लखनऊ में आयोजित रोजगार मेले के दौरान विदेश राज्य मंत्री किर्ती वर्धन सिंह ने युवाओं और सरकार की प्राथमिकताओं को लेकर कई महत्वपूर्ण बातें कहीं। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश में व्यवस्थाओं को मजबूत करने और विभिन्न क्षेत्रों में विकास को आगे बढ़ाने के लिए लगातार काम किया जा रहा है। किर्ती वर्धन सिंह ने रोजगार मेले को युवाओं के लिए महत्वपूर्ण पहल बताते हुए कहा कि देश की युवा शक्ति ही भारत की वास्तविक ताकत है। उन्होंने कहा कि अपनी मेहनत और माता-पिता के आशीर्वाद से युवा आज महत्वपूर्ण सरकारी जिम्मेदारियों में प्रवेश कर रहे हैं। सरकारी पद केवल नौकरी नहीं, बल्कि राष्ट्र के प्रति जिम्मेदारी भी लेकर आते हैं। उन्होंने युवाओं से आह्वान किया कि वे अपने आर्थिक जीवन को बेहतर बनाने के साथ-साथ देश को मजबूत बनाने में भी योगदान दें। मंत्री के मुताबिक, रोजगार के अवसर युवाओं को आत्मनिर्भर बनाने के साथ उन्हें राष्ट्र निर्माण की प्रक्रिया से जोड़ने का भी माध्यम हैं। जनता के हित को सरकार की प्राथमिकता बताया विदेश राज्य मंत्री ने कहा कि सरकार के लिए भारत के लोगों का हित सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने कहा कि जनता के लाभ और देश की मजबूती के लिए आवश्यक कदम उठाए जाएंगे। साथ ही उन्होंने भारत की विदेश नीति को स्वतंत्र बताते हुए कहा कि देश अपने फैसले किसी दूसरे राष्ट्र के दबाव में नहीं, बल्कि अपने राष्ट्रीय हितों को ध्यान में रखकर करता है। टैरिफ के मुद्दे पर उन्होंने कहा कि भारत ने लगातार यह रुख रखा है कि लगाए जा रहे कुछ शुल्क उचित नहीं हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि देश किसी बाहरी दबाव के आधार पर अपनी नीतियां तय नहीं करता। ऊर्जा सुरक्षा को लेकर किर्ती वर्धन सिंह ने कहा कि भारत के लिए ऊर्जा एक महत्वपूर्ण आवश्यकता है। देश अपनी जरूरतों को पूरा करने के लिए ऐसे स्रोतों से ऊर्जा हासिल करने की दिशा में काम करेगा, जहां व्यावसायिक रूप से व्यवहारिक और आर्थिक रूप से बेहतर विकल्प उपलब्ध हों। रोजगार मेले में दिए गए उनके बयान में युवाओं की भूमिका, रोजगार, राष्ट्रीय हित और ऊर्जा सुरक्षा जैसे मुद्दों पर सरकार की प्राथमिकताओं को रेखांकित किया गया।
जुबीन गर्ग की पहली पुण्यतिथि पर असम में रक्तदान अभियान, CM हिमंत बिस्वा सरमा ने भी किया रक्तदान

गुवाहाटी: असम के लोकप्रिय गायक और सांस्कृतिक हस्ती जुबीन गर्ग की पहली पुण्यतिथि के मौके पर पूरे राज्य में उन्हें श्रद्धांजलि देने के लिए अलग-अलग कार्यक्रम आयोजित किए गए। असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने भी इस अवसर पर जुबीन गर्ग को याद करते हुए श्रद्धांजलि अर्पित की। मुख्यमंत्री ने कहा कि जुबीन गर्ग असम की पहचान और यहां के लोगों के दिलों से जुड़े हुए एक महत्वपूर्ण कलाकार थे। मुख्यमंत्री के मुताबिक, पुण्यतिथि के अवसर पर भारतीय जनता पार्टी की ओर से असम में रक्तदान अभियान आयोजित किया गया। इस अभियान में उन्होंने स्वयं रक्तदान किया। उनके साथ राज्य सरकार के मंत्रियों, सांसदों, विधायकों और पार्टी कार्यकर्ताओं ने भी रक्तदान कार्यक्रम में हिस्सा लिया। हिमंत बिस्वा सरमा ने बताया कि यह पहल केवल एक स्थान तक सीमित नहीं रही, बल्कि असम के अलग-अलग हिस्सों में रक्तदान कार्यक्रम आयोजित किए गए। उनके अनुसार, इस अभियान के तहत करीब 3,800 लोगों ने रक्तदान किया, जिनमें लगभग 800 भाजपा कार्यकर्ता भी शामिल रहे। मुख्यमंत्री ने कहा कि जुबीन गर्ग की स्मृति में आयोजित यह पहल समाज के लिए योगदान देने का एक माध्यम है। उन्होंने कहा कि कलाकार ने असम की संस्कृति और संगीत को व्यापक पहचान दिलाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई और उनकी याद आज भी लोगों के बीच मौजूद है। जुबीन गर्ग की पहली पुण्यतिथि पर असम के विभिन्न हिस्सों में लोगों ने अपने-अपने तरीके से उन्हें याद किया। कहीं श्रद्धांजलि कार्यक्रम आयोजित हुए तो कहीं सामाजिक गतिविधियों के जरिए उनकी स्मृति को सम्मान दिया गया। मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने इस अवसर पर एक बार फिर जुबीन गर्ग को श्रद्धांजलि दी और कहा कि असम के लोगों के बीच उनकी याद लंबे समय तक बनी रहेगी।
लुधियाना में रवनीत सिंह बिट्टू हिरासत में, CM भगवंत मान के काफिले के दौरान किया विरोध

लुधियाना: पंजाब के लुधियाना में भारतीय जनता पार्टी के नेता और पूर्व केंद्रीय मंत्री रवनीत सिंह बिट्टू को पंजाब पुलिस ने हिरासत में लिया है। बताया गया कि मुख्यमंत्री भगवंत मान के काफिले के पंजाब एग्रीकल्चरल यूनिवर्सिटी (PAU) के गेट के पास से गुजरने के दौरान बिट्टू ने विरोध प्रदर्शन किया था। इसके बाद पुलिस ने कार्रवाई करते हुए उन्हें हिरासत में ले लिया। मिली जानकारी के अनुसार, मुख्यमंत्री भगवंत मान का काफिला PAU के पास से गुजर रहा था। इसी दौरान रवनीत सिंह बिट्टू वहां अपने समर्थकों के साथ मौजूद थे और उन्होंने सरकार के खिलाफ विरोध दर्ज कराया। स्थिति को देखते हुए मौके पर तैनात पुलिसकर्मियों ने उन्हें हिरासत में ले लिया। रवनीत सिंह बिट्टू के कार्यालय की ओर से दी गई जानकारी के मुताबिक, यह कार्रवाई मुख्यमंत्री के काफिले के गुजरने के दौरान किए गए विरोध प्रदर्शन के बाद हुई। हालांकि, पुलिस की ओर से हिरासत में लिए जाने की विस्तृत वजह और आगे की कानूनी कार्रवाई को लेकर आधिकारिक जानकारी का इंतजार है। घटना के बाद लुधियाना में राजनीतिक गतिविधियां तेज हो गई हैं। भाजपा नेता की हिरासत को लेकर पार्टी कार्यकर्ताओं और समर्थकों की प्रतिक्रिया भी सामने आ सकती है। वहीं, राज्य सरकार और पुलिस की ओर से इस मामले पर आधिकारिक बयान आने के बाद तस्वीर और स्पष्ट होने की उम्मीद है। रवनीत सिंह बिट्टू पंजाब की राजनीति में सक्रिय प्रमुख नेताओं में शामिल रहे हैं और केंद्र में मंत्री की जिम्मेदारी भी संभाल चुके हैं। मुख्यमंत्री के काफिले के दौरान उनका विरोध प्रदर्शन और उसके बाद हुई पुलिस कार्रवाई ने एक बार फिर पंजाब की सियासत में राजनीतिक टकराव को चर्चा में ला दिया है। फिलहाल, पूरे मामले में पुलिस की ओर से आधिकारिक जानकारी और हिरासत के बाद की कार्रवाई पर नजर बनी हुई है।
बिहार के मुख्यमंत्री राहत कोष में BJP ने दिए 51 लाख रुपये, CM सम्राट चौधरी ने जताया आभार

पटना: बिहार में बाढ़ और आपदा प्रभावित लोगों की मदद के लिए राहत एवं सहयोग का सिलसिला जारी है। इसी क्रम में भारतीय जनता पार्टी की प्रदेश इकाई की ओर से मुख्यमंत्री राहत कोष में 51 लाख रुपये की राशि दी गई है। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने इस सहयोग के लिए भाजपा प्रदेश अध्यक्ष और पार्टी के कार्यकर्ताओं का आभार जताया। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने कहा कि भाजपा प्रदेश अध्यक्ष ने पार्टी की ओर से मुख्यमंत्री राहत कोष में 51 लाख रुपये का योगदान दिया है। उन्होंने इस पहल के लिए प्रदेश अध्यक्ष को बधाई देते हुए कहा कि संकट की इस घड़ी में बिहार के लोगों की सहायता के लिए कई साथी आगे आ रहे हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्राकृतिक आपदा के समय सरकार के साथ समाज के अलग-अलग वर्गों और संगठनों का सहयोग भी महत्वपूर्ण होता है। राहत कोष में मिलने वाली सहायता का उद्देश्य प्रभावित परिवारों तक मदद पहुंचाने और राहत कार्यों को मजबूती देना है। बिहार में हाल के दिनों में कई इलाकों में बाढ़ की स्थिति बनी हुई है। नदियों के जलस्तर में बढ़ोतरी के कारण कई क्षेत्रों में जनजीवन प्रभावित हुआ है। प्रशासन की ओर से राहत एवं बचाव कार्य चलाए जा रहे हैं। प्रभावित इलाकों में राहत शिविर, सामुदायिक रसोई, चिकित्सा सुविधाएं और बचाव दलों की तैनाती जैसी व्यवस्थाएं की जा रही हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि बिहार के लिए मुश्किल समय में जो भी लोग और संस्थाएं सहयोग के लिए आगे आ रही हैं, उनका योगदान महत्वपूर्ण है। उन्होंने अन्य लोगों से भी जरूरतमंद परिवारों की सहायता के लिए आगे आने की अपील की। सरकार की ओर से लगातार बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों की स्थिति पर नजर रखी जा रही है। प्रशासनिक अधिकारियों को प्रभावित लोगों तक राहत सामग्री और आवश्यक सुविधाएं पहुंचाने के निर्देश दिए गए हैं। मुख्यमंत्री राहत कोष में मिलने वाली राशि का इस्तेमाल आपदा प्रभावित लोगों की सहायता के लिए किया जाता है। इस बीच भाजपा की ओर से 51 लाख रुपये का योगदान राहत कार्यों में सहयोग के तौर पर देखा जा रहा है। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने सहयोग करने वाले सभी लोगों के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि सामूहिक प्रयासों से आपदा की स्थिति में प्रभावित परिवारों को राहत पहुंचाने में मदद मिलेगी।
अमेरिकी ड्रोन कंपनी Powerus का पाकिस्तान से अहम समझौता, रक्षा क्षेत्र में बढ़ेगा सहयोग

इस्लामाबाद: अमेरिका की ड्रोन और ऑटोनॉमस डिफेंस टेक्नोलॉजी कंपनी Powerus ने पाकिस्तान के साथ रक्षा क्षेत्र में सहयोग को लेकर अहम समझौता किया है। कंपनी के मुताबिक, पाकिस्तान के रक्षा मंत्रालय की ओर से उसे अनमैन्ड एरियल सिस्टम यानी बिना पायलट वाले हवाई सिस्टम से जुड़ा एक शुरुआती खरीद ऑर्डर भी मिला है। हालांकि, इस ऑर्डर की कीमत और ड्रोन की संख्या से जुड़ी जानकारी सार्वजनिक नहीं की गई है। Powerus ने पाकिस्तान के वरिष्ठ रक्षा अधिकारियों के साथ एक मेमोरेंडम ऑफ अंडरस्टैंडिंग (MoU) पर भी हस्ताक्षर किए हैं। कंपनी के अनुसार, इस समझौते का उद्देश्य भविष्य में अनमैन्ड और ऑटोनॉमस डिफेंस सिस्टम के क्षेत्र में सहयोग की संभावनाएं तलाशना है। हालांकि, MoU अपने आप में किसी भविष्य की खरीद की गारंटी नहीं देता और आगे की किसी भी परियोजना के लिए अलग समझौते और सरकारी मंजूरी जरूरी होगी। यह घटनाक्रम 16 सितंबर 2026 को रावलपिंडी स्थित जनरल हेडक्वार्टर में Powerus के प्रतिनिधिमंडल और पाकिस्तान के चीफ ऑफ आर्मी स्टाफ एवं चीफ ऑफ डिफेंस फोर्सेज फील्ड मार्शल सैयद आसिम मुनीर के बीच हुई मुलाकात के बाद सामने आया। पाकिस्तान की सेना की ओर से जारी जानकारी में रक्षा खरीद, उत्पादन, क्षमता निर्माण और आधुनिक रक्षा तकनीक पर चर्चा की बात कही गई थी। Powerus हवाई और समुद्री ड्रोन के साथ-साथ ऑटोनॉमस सिस्टम और अन्य रक्षा तकनीकों पर काम करती है। कंपनी ने पाकिस्तान में भविष्य में तकनीक विकसित करने और स्थानीय स्तर पर सहयोग की संभावनाएं तलाशने की भी बात कही है। इस समझौते की एक और वजह से चर्चा हो रही है। Powerus का प्रस्तावित विलय अमेरिका की सूचीबद्ध कंपनी Aureus Greenway Holdings के साथ होना है, जिसमें डोनाल्ड ट्रंप जूनियर और एरिक ट्रंप से जुड़े निवेश की जानकारी अमेरिकी नियामकीय दस्तावेजों में दर्ज है। हालांकि, Powerus और ट्रंप परिवार की ओर से कहा गया है कि निवेशकों की कंपनी के संचालन या रक्षा अनुबंधों की बातचीत में भूमिका नहीं है। फिलहाल पाकिस्तान के साथ हुए शुरुआती ऑर्डर की तकनीकी जानकारी और वित्तीय मूल्य गोपनीय रखे गए हैं। ऐसे में इस समझौते के वास्तविक दायरे और भविष्य के रक्षा सहयोग की तस्वीर आगे होने वाले आधिकारिक समझौतों के बाद ही स्पष्ट होगी।
TMC सिंबल विवाद पर निशिकांत दुबे का राहुल गांधी पर हमला, बोले- ‘इतिहास की जानकारी जरूरी’

देवघर, झारखंड: तृणमूल कांग्रेस (TMC) के चुनाव चिन्ह और नाम को लेकर जारी विवाद के बीच राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई है। कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने चुनाव आयोग के फैसले पर सवाल उठाते हुए आरोप लगाया था कि विपक्षी दलों को कमजोर करने के लिए एक पैटर्न के तहत कार्रवाई की जा रही है। इसके बाद बीजेपी सांसद निशिकांत दुबे ने राहुल गांधी के बयान पर पलटवार किया। देवघर में पत्रकारों से बातचीत के दौरान निशिकांत दुबे ने कांग्रेस के इतिहास का जिक्र करते हुए कहा कि चुनाव चिन्हों में बदलाव कोई नई बात नहीं है। उन्होंने सवाल उठाया कि 1952 से 1969 तक कांग्रेस का चुनाव चिन्ह क्या था। उनके मुताबिक उस दौर में कांग्रेस का चुनाव चिन्ह ‘बैल की जोड़ी’ था। 1969 में कांग्रेस में विभाजन के बाद इंदिरा गांधी के नेतृत्व वाले गुट को अलग चुनाव चिन्ह मिला था। चुनाव आयोग के ऐतिहासिक रिकॉर्ड से जुड़े विवरणों के अनुसार, उस समय पुराने कांग्रेस गुट के पास बैलों की जोड़ी का चिन्ह रहा, जबकि इंदिरा गांधी के गुट को ‘गाय और बछड़ा’ चिन्ह मिला था। निशिकांत दुबे ने इसी उदाहरण के आधार पर कहा कि राजनीतिक दलों के विभाजन या संगठनात्मक बदलाव के दौरान चुनाव चिन्हों को लेकर स्थिति बदलती रही है। उन्होंने राहुल गांधी के राजनीतिक ज्ञान पर भी टिप्पणी की और कहा कि विपक्ष के नेता से वे अधिक तथ्यात्मक और जानकारीपूर्ण बयान की उम्मीद करते हैं। यह पूरा विवाद TMC के नाम और चुनाव चिन्ह पर चुनाव आयोग की हालिया कार्रवाई के बाद सामने आया है। आयोग ने पार्टी के भीतर दो गुटों के बीच दावे के विवाद के चलते फिलहाल मूल नाम और पारंपरिक ‘फूल और घास’ वाले चिन्ह के इस्तेमाल पर रोक लगाई है और दोनों गुटों को वैकल्पिक नाम व चुनाव चिन्ह दिए हैं। राहुल गांधी ने इस फैसले को लेकर चुनाव आयोग और बीजेपी पर गंभीर आरोप लगाए हैं। वहीं बीजेपी नेताओं का कहना है कि चुनाव चिन्ह से जुड़े विवादों में आयोग की प्रक्रिया और पुराने राजनीतिक उदाहरणों को भी ध्यान में रखा जाना चाहिए।
सेवा संकल्प अभियान और नेशनल इनोवेशन चैलेंज में CM सम्राट चौधरी ने युवाओं से की मुलाकात

पटना। बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने शनिवार को पटना में आयोजित सेवा संकल्प अभियान और नेशनल इनोवेशन चैलेंज कार्यक्रम में हिस्सा लिया। इस दौरान उन्होंने कार्यक्रम में शामिल युवा प्रतिभागियों से मुलाकात की और उनके विचारों, नवाचारों तथा भविष्य की योजनाओं के बारे में जानकारी ली। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में युवाओं और प्रतिभागियों ने अपनी रचनात्मक सोच और नए प्रयोगों से जुड़े विचार प्रस्तुत किए। मुख्यमंत्री ने युवाओं से संवाद करते हुए उनके प्रोजेक्ट और गतिविधियों को समझने की कोशिश की। इस दौरान प्रतिभागियों ने अपने अनुभव भी साझा किए और बताया कि किस तरह वे नए विचारों के जरिए समाज और देश के विकास में योगदान देने की दिशा में काम कर रहे हैं। नवाचार और युवा प्रतिभाओं पर जोर नेशनल इनोवेशन चैलेंज जैसे आयोजनों का उद्देश्य युवाओं को नई सोच, तकनीक और समस्या के समाधान से जुड़े प्रयोगों के लिए मंच उपलब्ध कराना है। कार्यक्रम के दौरान युवाओं की ओर से प्रस्तुत किए गए विचारों ने उनकी रचनात्मक क्षमता और नई चुनौतियों को अलग नजरिए से देखने की कोशिश को सामने रखा। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने प्रतिभागियों से बातचीत के दौरान उनके प्रयासों की जानकारी ली। कार्यक्रम में सेवा, सामाजिक भागीदारी और नवाचार से जुड़े विषयों पर भी चर्चा हुई। युवाओं की भागीदारी को कार्यक्रम का प्रमुख हिस्सा माना गया। युवाओं के साथ संवाद बना आकर्षण कार्यक्रम में मुख्यमंत्री की युवा प्रतिभागियों के साथ बातचीत भी चर्चा का केंद्र रही। उन्होंने विभिन्न प्रतिभागियों से उनके प्रोजेक्ट और गतिविधियों के बारे में सवाल किए और उनके विचार सुने। इस दौरान युवाओं ने भी मुख्यमंत्री के सामने अपनी बात रखी। सेवा संकल्प अभियान के जरिए सामाजिक जिम्मेदारी और सेवा भावना से जुड़े प्रयासों को बढ़ावा देने पर जोर दिया गया, जबकि नेशनल इनोवेशन चैलेंज ने युवाओं को अपनी नई सोच और प्रतिभा प्रदर्शित करने का अवसर दिया। कार्यक्रम में मुख्यमंत्री की मौजूदगी और युवा प्रतिभागियों के साथ सीधे संवाद ने आयोजन को खास बना दिया। बिहार में युवाओं की प्रतिभा को मंच देने और नवाचार से जुड़े प्रयासों को आगे बढ़ाने की दिशा में ऐसे आयोजनों की भूमिका महत्वपूर्ण मानी जा रही है।
जनरल धीरज सेठ की रूस यात्रा से भारत-रूस रक्षा सहयोग को मिली नई गति

नई दिल्ली। भारत और रूस के बीच रक्षा संबंधों को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल के तहत भारतीय थल सेना प्रमुख जनरल धीरज सेठ ने रूस की तीन दिवसीय आधिकारिक यात्रा पूरी की। उनका यह दौरा 18 सितंबर 2026 को संपन्न हुआ। यात्रा के दौरान दोनों देशों के सैन्य नेतृत्व के बीच कई अहम मुद्दों पर बातचीत हुई और रक्षा सहयोग को आगे बढ़ाने के नए अवसरों पर चर्चा की गई। रूस प्रवास के दौरान जनरल धीरज सेठ ने वहां के वरिष्ठ सैन्य अधिकारियों के साथ मुलाकात की। मॉस्को में उनकी प्रमुख बैठक रूसी संघ के उप रक्षा मंत्री जनरल यूनुस-बेक येवकुरोव के साथ हुई। दोनों अधिकारियों के बीच हुई बातचीत में भारत और रूस के बीच सैन्य सहयोग को और व्यापक बनाने पर विचार-विमर्श किया गया। बैठक में संयुक्त सैन्य क्षमताओं के विकास, पेशेवर सैन्य आदान-प्रदान और दोनों देशों की सेनाओं के बीच संपर्क एवं सहयोग बढ़ाने जैसे विषय प्रमुख रहे। दोनों पक्षों ने सैन्य स्तर पर लंबे समय से चले आ रहे सहयोग को नए क्षेत्रों तक ले जाने की संभावनाओं पर भी चर्चा की। जनरल धीरज सेठ की यात्रा के दौरान रूस के महत्वपूर्ण सैन्य संस्थानों का दौरा भी शामिल रहा। इन दौरों के माध्यम से भारतीय सैन्य नेतृत्व को रूस की सैन्य प्रशिक्षण व्यवस्था, संस्थागत ढांचे और रक्षा क्षेत्र से जुड़े विभिन्न पहलुओं को करीब से समझने का अवसर मिला। भारत और रूस के बीच रक्षा साझेदारी कई दशकों से चली आ रही है। दोनों देशों की सेनाओं के बीच संयुक्त अभ्यास, प्रशिक्षण, सैन्य तकनीक और पेशेवर अनुभवों के आदान-प्रदान का सिलसिला लगातार जारी रहा है। ऐसे में भारतीय थल सेना प्रमुख की रूस यात्रा को सैन्य संबंधों में निरंतरता और भविष्य के सहयोग की संभावनाओं के संदर्भ में देखा जा रहा है। यात्रा के दौरान हुई चर्चाओं से दोनों देशों के सैन्य प्रतिष्ठानों के बीच संवाद को आगे बढ़ाने का आधार मजबूत हुआ है। साथ ही, संयुक्त क्षमता विकास और सैन्य पेशेवर आदान-प्रदान के क्षेत्रों में भविष्य में सहयोग बढ़ाने की संभावनाएं भी सामने आई हैं। जनरल धीरज सेठ की यह यात्रा ऐसे समय में हुई है जब भारत और रूस अपने पारंपरिक रक्षा संबंधों को बदलती सुरक्षा जरूरतों के अनुरूप आगे बढ़ाने पर लगातार जोर दे रहे हैं।
नंदीग्राम में कांग्रेस उम्मीदवार मिलन प्रधान की गिरफ्तारी पर सियासत तेज, BJP ने कहा- वारंट के तहत हुई कार्रवाई

हैदराबाद/कोलकाता: नंदीग्राम विधानसभा उपचुनाव में कांग्रेस उम्मीदवार मिलन प्रधान की गिरफ्तारी को लेकर राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई है। मिलन प्रधान को पश्चिम बंगाल पुलिस ने 2007 के नंदीग्राम आंदोलन से जुड़े पुराने हत्या के मामले में गिरफ्तार किया है। उनकी गिरफ्तारी ऐसे समय हुई, जब ममता बनर्जी ने नंदीग्राम उपचुनाव में कांग्रेस उम्मीदवार को समर्थन देने का ऐलान किया था। कांग्रेस और उसके नेताओं ने गिरफ्तारी के समय पर सवाल उठाते हुए इसे राजनीतिक कार्रवाई बताया है। कांग्रेस की ओर से आरोप लगाया गया कि चुनाव के बीच उम्मीदवार की गिरफ्तारी विपक्ष को चुनावी मैदान से प्रभावित करने की कोशिश है। राहुल गांधी ने भी गिरफ्तारी को लेकर सरकार पर राजनीतिक प्रतिशोध का आरोप लगाया है। वहीं, बीजेपी नेता करुणासागर ने कांग्रेस के आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि मिलन प्रधान की गिरफ्तारी किसी राजनीतिक बदले की कार्रवाई नहीं, बल्कि लंबित कानूनी प्रक्रिया के तहत हुई है। उनके मुताबिक, प्रधान के खिलाफ कई गैर-जमानती वारंट लंबित थे और अदालत में पेश नहीं होने के बाद पुलिस ने वारंट को अमल में लाते हुए गिरफ्तारी की। करुणासागर ने कहा कि किसी व्यक्ति के चुनाव लड़ने से उसे लंबित कानूनी कार्रवाई से स्वतः छूट नहीं मिल जाती। उन्होंने कांग्रेस और राहुल गांधी से अपील की कि वे पूरे तथ्यों के साथ जनता के सामने अपना पक्ष रखें। इस मामले में गिरफ्तारी के समय को लेकर राजनीतिक सवाल जरूर उठ रहे हैं। उपलब्ध रिपोर्टों के अनुसार, पुलिस कार्रवाई पुराने मामले और लंबित वारंट से जुड़ी बताई गई है, जबकि कांग्रेस ने इसके समय पर आपत्ति जताई है। यानी फिलहाल विवाद का मुख्य केंद्र यही है कि कानूनी कार्रवाई की प्रक्रिया और चुनावी घटनाक्रम का आपसी संबंध क्या है। नंदीग्राम में 6 अक्टूबर 2026 को उपचुनाव होना है और मिलन प्रधान की गिरफ्तारी ने चुनावी माहौल को और चर्चा में ला दिया है।
रोजगार मेले में PM मोदी का बड़ा बयान, बोले- अर्थव्यवस्था की रफ्तार से युवाओं के लिए बनेंगे नए अवसर

नई दिल्ली: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से आयोजित रोजगार मेले को संबोधित करते हुए देश की आर्थिक प्रगति और युवाओं के लिए रोजगार के बढ़ते अवसरों पर बात की। उन्होंने कहा कि किसी भी देश में रोजगार के नए रास्ते तब तेजी से खुलते हैं, जब उसकी अर्थव्यवस्था मजबूत होती है और निवेश का दायरा बढ़ता है। प्रधानमंत्री के मुताबिक, अर्थव्यवस्था में विस्तार के साथ नए उद्योग स्थापित होते हैं और अलग-अलग क्षेत्रों में नई संभावनाएं पैदा होती हैं। इसका सीधा लाभ युवाओं को रोजगार और करियर के नए विकल्पों के रूप में मिलता है। उन्होंने कहा कि भारत वर्तमान समय में तेजी से आगे बढ़ने वाली प्रमुख अर्थव्यवस्थाओं में शामिल है। पीएम मोदी ने देश की मौजूदा आर्थिक स्थिति का उल्लेख करते हुए कहा कि चालू वित्त वर्ष की पहली तिमाही में भारत की विकास दर 7.8 प्रतिशत दर्ज की गई। उन्होंने निवेश में भी लगभग 12 प्रतिशत की वृद्धि का उल्लेख किया। प्रधानमंत्री के अनुसार, आर्थिक गतिविधियों में यह विस्तार देश में रोजगार के नए अवसर पैदा करने के लिए महत्वपूर्ण आधार तैयार करता है। उन्होंने अपने संबोधन में पिछले कुछ वर्षों में किए गए आर्थिक सुधारों को भी विकास की प्रक्रिया से जोड़कर देखा। प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत की मौजूदा आर्थिक गति के पीछे लंबे समय से किए जा रहे सुधारों की महत्वपूर्ण भूमिका रही है। इन सुधारों का उद्देश्य अर्थव्यवस्था को अधिक सक्षम बनाना और निवेश तथा कारोबार के लिए बेहतर माहौल तैयार करना रहा है। रोजगार मेले के मंच से प्रधानमंत्री ने युवाओं को देश की विकास यात्रा का महत्वपूर्ण हिस्सा बताया। उन्होंने संकेत दिया कि आर्थिक गतिविधियों के विस्तार के साथ रोजगार की संभावनाएं भी बढ़ सकती हैं। रोजगार मेले के जरिए विभिन्न क्षेत्रों में चयनित अभ्यर्थियों को नियुक्ति पत्र प्रदान किए जाते हैं। केंद्र सरकार की ओर से ऐसे आयोजनों को युवाओं को सरकारी सेवाओं से जोड़ने की प्रक्रिया के एक हिस्से के रूप में आयोजित किया जाता रहा है।