पंजाब के फतेहगढ़ साहिब गुरुद्वारे पहुंचीं दिल्ली CM रेखा गुप्ता, नशे के खिलाफ सामूहिक लड़ाई का दिया संदेश

पंजाब: दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता शनिवार को पंजाब के ऐतिहासिक श्री फतेहगढ़ साहिब गुरुद्वारे पहुंचीं। यहां उन्होंने गुरुद्वारे में मत्था टेककर अरदास की और पंजाब के लोगों की सुरक्षा, युवाओं के भविष्य तथा राज्य में नशे की समस्या से निपटने के लिए सामूहिक प्रयास की बात कही। गुरुद्वारे में श्रद्धा व्यक्त करने के बाद मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा कि वह पंजाब की धरती पर एक विशेष संदेश लेकर आई हैं। उन्होंने कहा कि पंजाब के सामने मौजूद चुनौतियों का मुकाबला राज्य के लोगों को मिलकर करना होगा। उनके मुताबिक, नशे की समस्या का सबसे ज्यादा असर राज्य के युवाओं और उनके भविष्य पर पड़ता है, इसलिए इस चुनौती से निपटने के लिए समाज के हर वर्ग की भागीदारी जरूरी है। रेखा गुप्ता ने कहा कि उन्होंने गुरु साहिब से प्रार्थना की है कि पंजाब के लोगों को मौजूदा परिस्थितियों का सामूहिक रूप से सामना करने की शक्ति मिले। उन्होंने पंजाब की सुरक्षा और युवाओं को नशे के प्रभाव से बचाने को महत्वपूर्ण मुद्दा बताया। दिल्ली की मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में यह भी कहा कि पंजाब इस संघर्ष में अकेला नहीं है। उन्होंने कहा कि पूरा देश पंजाब के साथ खड़ा है और दिल्ली भी पंजाब के साथ अपनी एकजुटता व्यक्त करती है। उन्होंने खुद को भी पंजाब के साथ खड़ा बताते हुए कहा कि उनकी पंजाब यात्रा का उद्देश्य इसी समर्थन और संदेश को लोगों तक पहुंचाना है। रेखा गुप्ता का यह दौरा ऐसे समय में हुआ है जब पंजाब में नशे की समस्या को लेकर राजनीतिक और सामाजिक स्तर पर लगातार चर्चा होती रही है। राज्य में युवाओं को नशे से दूर रखने, नशा तस्करी पर रोक लगाने और प्रभावित लोगों के पुनर्वास जैसे मुद्दे लंबे समय से सार्वजनिक बहस का हिस्सा रहे हैं। मुख्यमंत्री के इस दौरे में धार्मिक श्रद्धा के साथ पंजाब के सामाजिक मुद्दों पर भी जोर देखने को मिला। उन्होंने लोगों से एकजुट होकर राज्य के युवाओं और पंजाब के भविष्य की सुरक्षा के लिए प्रयास करने का आह्वान किया।

उत्तराखंड में पंजीकृत श्रमिकों को बड़ी राहत, CM धामी ने DBT के जरिए खातों में भेजी आर्थिक सहायता

देहरादून: उत्तराखंड सरकार ने राज्य के पंजीकृत श्रमिकों और उनके परिवारों को आर्थिक सहायता उपलब्ध कराने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाया है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर (DBT) के माध्यम से उत्तराखंड भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार कल्याण बोर्ड के तहत पंजीकृत श्रमिकों और उनके परिवारों के बैंक खातों में विभिन्न योजनाओं से जुड़ी सहायता राशि सीधे ट्रांसफर की। सरकार की इस पहल का उद्देश्य श्रमिक परिवारों तक कल्याणकारी योजनाओं का लाभ बिना किसी बिचौलिये के सीधे पहुंचाना है। DBT व्यवस्था के तहत पात्र लाभार्थियों के बैंक खातों में सहायता राशि भेजी जाती है, जिससे प्रक्रिया में पारदर्शिता बनाए रखने के साथ-साथ लाभार्थियों को समय पर आर्थिक मदद उपलब्ध कराने में सुविधा होती है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने इस दौरान श्रमिक कल्याण से जुड़ी योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन पर जोर दिया। सरकार का कहना है कि निर्माण क्षेत्र से जुड़े श्रमिक राज्य के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। ऐसे में उनके और उनके परिवारों की सामाजिक एवं आर्थिक सुरक्षा सुनिश्चित करना सरकार की प्राथमिकताओं में शामिल है। उत्तराखंड भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार कल्याण बोर्ड के माध्यम से पंजीकृत श्रमिकों के लिए अलग-अलग कल्याणकारी योजनाएं संचालित की जाती हैं। इन योजनाओं के तहत पात्रता के आधार पर श्रमिकों और उनके परिवारों को विभिन्न प्रकार की सहायता उपलब्ध कराई जाती है। इसमें शिक्षा, स्वास्थ्य, सामाजिक सुरक्षा और अन्य जरूरतों से संबंधित सहायता योजनाएं शामिल हो सकती हैं। सरकार की ओर से DBT के माध्यम से राशि सीधे बैंक खातों में भेजे जाने से लाभार्थियों को सरकारी सहायता प्राप्त करने के लिए अनावश्यक प्रक्रियाओं से बचने में मदद मिलती है। साथ ही, डिजिटल भुगतान व्यवस्था के जरिए सरकारी योजनाओं के क्रियान्वयन में पारदर्शिता और जवाबदेही बढ़ाने का प्रयास किया जा रहा है। मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि राज्य सरकार श्रमिकों के हितों को ध्यान में रखते हुए कल्याणकारी योजनाओं को लगातार मजबूत करने और पात्र लोगों तक उनका लाभ पहुंचाने के लिए प्रतिबद्ध है। सरकार का फोकस यह सुनिश्चित करने पर है कि जरूरतमंद श्रमिक परिवार सरकारी सहायता से वंचित न रहें।

पटना में कल होगा ‘विकसित बिहार: नींव से निर्माण तक’ महासंयोजन, लव-कुश प्रतिभाओं का होगा सम्मान

पटना: राजधानी पटना में रविवार, 20 सितंबर 2026 को ‘विकसित बिहार: नींव से निर्माण तक’ महासंयोजन सह लव-कुश प्रतिभा सम्मान समारोह का आयोजन किया जाएगा। कार्यक्रम का आयोजन सम्राट अशोक कन्वेंशन सेंटर स्थित बापू सभागार में सुबह 10 बजे से शाम 5 बजे तक किया जाएगा। समारोह को लेकर तैयारियां अंतिम चरण में हैं। आयोजकों के अनुसार, इस कार्यक्रम का उद्देश्य बिहार के विकास, सामाजिक सहभागिता और समाज की प्रतिभाओं को एक मंच प्रदान करना है। समारोह में विभिन्न क्षेत्रों में अपनी प्रतिभा और योगदान के माध्यम से पहचान बनाने वाले लोगों को सम्मानित किया जाएगा। इसके साथ ही बिहार के भविष्य, विकास की दिशा और समाज की भूमिका से जुड़े विषयों पर भी चर्चा होगी। कार्यक्रम के आमंत्रण पत्र के अनुसार, समारोह में श्री नीतीश कुमार को उद्घाटनकर्ता के रूप में आमंत्रित किया गया है। वहीं श्री सम्राट चौधरी मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होंगे। इसके अलावा श्री उपेंद्र कुशवाहा को अति विशिष्ट अतिथि तथा श्री श्रवण कुमार और श्री निशांत कुमार को विशेष अतिथि के रूप में आमंत्रित किया गया है। लव-कुश प्रतिभाओं का होगा सम्मान समारोह का प्रमुख आकर्षण लव-कुश प्रतिभा सम्मान रहेगा। इसमें शिक्षा, सामाजिक सेवा, कला, संस्कृति, प्रशासन, व्यवसाय सहित विभिन्न क्षेत्रों में उल्लेखनीय योगदान देने वाली प्रतिभाओं को सम्मानित किए जाने की बात कही गई है। आयोजकों का कहना है कि समाज के भीतर मौजूद प्रतिभाओं को पहचान और सम्मान मिलने से नई पीढ़ी को भी आगे बढ़ने की प्रेरणा मिलेगी। ‘विकसित बिहार: नींव से निर्माण तक’ विषय के माध्यम से कार्यक्रम में बिहार के विकास की बुनियाद और भविष्य की संभावनाओं को लेकर विचार रखने का प्रयास किया जाएगा। आयोजन से जुड़े लोगों के अनुसार, विकास केवल सरकार या किसी एक संस्था की जिम्मेदारी नहीं है, बल्कि इसमें समाज के विभिन्न वर्गों की सहभागिता भी महत्वपूर्ण है। बड़ी संख्या में लोगों के पहुंचने की तैयारी कार्यक्रम को लेकर पटना सहित बिहार के विभिन्न क्षेत्रों से लोगों के पहुंचने की संभावना है। आयोजकों की ओर से समारोह को व्यवस्थित तरीके से संपन्न कराने के लिए तैयारियां की जा रही हैं। कार्यक्रम स्थल पर अतिथियों और प्रतिभागियों के लिए आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित करने की तैयारी चल रही है। आयोजकों का कहना है कि समारोह के माध्यम से सामाजिक एकजुटता, प्रतिभाओं के सम्मान और बिहार के विकास को लेकर सकारात्मक संवाद को आगे बढ़ाने का प्रयास किया जाएगा। साथ ही नई पीढ़ी को शिक्षा, सामाजिक जिम्मेदारी और विकास के क्षेत्र में सक्रिय भूमिका निभाने के लिए प्रेरित करने पर भी जोर रहेगा। 20 सितंबर को होने वाले इस समारोह को लेकर लोगों में उत्सुकता है। बापू सभागार में आयोजित होने वाले कार्यक्रम में सम्मान समारोह के साथ विभिन्न सामाजिक और विकासात्मक विषयों पर भी लोगों का ध्यान केंद्रित रहेगा।