तेजस्वी यादव की आलोचना पर मंत्री श्रवण कुमार का पलटवार, बोले- सरकार ने बाढ़ पीड़ितों के लिए हर संभव मदद की

पटना: बिहार में बाढ़ की स्थिति और प्रभावित लोगों को मिल रही सरकारी सहायता को लेकर सियासी बयानबाजी तेज हो गई है। नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव की ओर से सरकार पर की गई आलोचना को लेकर बिहार सरकार के मंत्री श्रवण कुमार ने पलटवार किया है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार बाढ़ प्रभावित लोगों की सहायता के लिए तय मानकों और एसओपी के अनुसार लगातार काम कर रही है। मंत्री श्रवण कुमार ने कहा कि बाढ़ पीड़ितों को राहत पहुंचाने के लिए सरकार की ओर से हर जरूरी कदम उठाए गए हैं। उन्होंने दावा किया कि प्रभावित लोगों तक सहायता पहुंचाने में प्रशासन और सरकार की मशीनरी लगातार सक्रिय है। सरकार की प्राथमिकता बाढ़ से प्रभावित परिवारों को जरूरी राहत और सहायता उपलब्ध कराना है। तेजस्वी यादव के बयानों पर प्रतिक्रिया देते हुए श्रवण कुमार ने कहा कि इससे पहले भी चुनाव के दौरान इसी तरह के शब्दों का इस्तेमाल किया गया था। उनके मुताबिक, उस समय भी बिहार की जनता ने अपने मत के जरिए अपना फैसला सुनाया था। मंत्री ने कहा कि अगर भविष्य में भी इसी तरह की अमर्यादित भाषा का इस्तेमाल जारी रहा, तो जनता अपने तरीके से इसका जवाब देगी। उन्होंने कहा कि राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप अपनी जगह हैं, लेकिन बाढ़ जैसी आपदा के समय प्रभावित लोगों की मदद सबसे महत्वपूर्ण है। सरकार की ओर से राहत और बचाव कार्यों को लेकर संबंधित विभागों और प्रशासन को आवश्यक निर्देश दिए गए हैं। बिहार में इस समय कई इलाकों में बाढ़ का असर देखने को मिल रहा है। ऐसे में राहत सामग्री, सुरक्षित स्थानों तक लोगों को पहुंचाने और प्रभावित परिवारों को आवश्यक सहायता उपलब्ध कराने को लेकर प्रशासन की गतिविधियां जारी हैं। इस पूरे मामले को लेकर सत्तापक्ष और विपक्ष के बीच राजनीतिक बयानबाजी भी सामने आ रही है। जहां विपक्ष सरकार के राहत कार्यों पर सवाल उठा रहा है, वहीं सरकार का कहना है कि बाढ़ पीड़ितों के लिए निर्धारित प्रक्रिया के तहत लगातार सहायता उपलब्ध कराई जा रही है।

गाजियाबाद में नकली सप्लीमेंट का खेल! हजारों पैकिंग बरामद, हेल्थ प्रोडक्ट्स की गुणवत्ता पर उठे सवाल

गाजियाबाद: फिटनेस और हेल्थ को लेकर बढ़ती जागरूकता के बीच गाजियाबाद से सामने आई एक कार्रवाई ने सप्लीमेंट इस्तेमाल करने वाले लोगों की चिंता बढ़ा दी है। पुलिस और खाद्य सुरक्षा विभाग की कार्रवाई में कथित तौर पर नकली सप्लीमेंट और उनकी पैकिंग से जुड़ा बड़ा नेटवर्क सामने आया है। कार्रवाई के दौरान बड़ी संख्या में पैकिंग सामग्री, खाली डिब्बे और संदिग्ध हेल्थ प्रोडक्ट बरामद किए गए हैं। मीडिया रिपोर्टों के मुताबिक, गाजियाबाद के शालीमार गार्डन और विजय नगर इलाके में हुई कार्रवाई के दौरान करीब 50 लाख रुपये मूल्य की संदिग्ध सामग्री बरामद की गई और पांच लोगों को गिरफ्तार किया गया। पुलिस के अनुसार, आरोपियों के पास फूड प्रोडक्ट और सप्लीमेंट तैयार करने के लिए कच्चा माल, प्रिंटेड लेबल, मोनो कार्टन, खाली बोतलें और अन्य पैकिंग सामग्री मिली थी। इसी कार्रवाई को लेकर सोशल मीडिया पर Maxvida ब्रांड के नाम से जुड़े करीब 7,700 कथित फर्जी डिब्बों का भी दावा सामने आया है। हालांकि, इस संख्या और ब्रांड से जुड़ी जानकारी की स्वतंत्र आधिकारिक पुष्टि फिलहाल उपलब्ध रिपोर्टों में स्पष्ट नहीं है। ऐसे में उपभोक्ताओं के लिए किसी भी वायरल दावे को तुरंत सच मानने के बजाय आधिकारिक जांच और रिपोर्ट का इंतजार करना जरूरी है। मामले ने फिटनेस इंडस्ट्री में इस्तेमाल होने वाले प्रोटीन पाउडर, सप्लीमेंट और बॉडी-बिल्डिंग प्रोडक्ट्स की गुणवत्ता पर भी सवाल खड़े किए हैं। पुलिस के मुताबिक, कुछ उत्पादों पर अलग-अलग कंपनियों और देशों के नाम-पते वाले लेबल लगाए जाने की बात सामने आई है। बरामद सामग्री की वास्तविक संरचना और गुणवत्ता की जांच कराई जा रही है। विशेषज्ञों की नजर में किसी भी सप्लीमेंट को खरीदने से पहले उसकी पैकिंग, लेबल, लाइसेंस और प्रामाणिकता की जांच करना जरूरी है। केवल सोशल मीडिया प्रचार या फिटनेस इन्फ्लुएंसर के दावे के आधार पर किसी प्रोडक्ट का इस्तेमाल करना उपभोक्ताओं के लिए जोखिम पैदा कर सकता है। फिलहाल जांच एजेंसियां इस कथित नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों और सप्लाई चैन की जानकारी जुटाने में लगी हैं। जांच पूरी होने के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि बरामद उत्पादों में वास्तव में कौन-कौन से ब्रांड और कितनी मात्रा में नकली सामग्री शामिल थी।

निशिकांत दुबे का सुभाष गर्ग पर पलटवार, बोले- मानहानि का केस किया, माफी नहीं मांगी तो जाएंगे जेल

देवघर (झारखंड): पूर्व वित्त सचिव सुभाष चंद्र गर्ग की ओर से जीडीपी के आंकड़ों और सरकार की आर्थिक नीतियों को लेकर उठाए गए सवालों के बीच भाजपा सांसद निशिकांत दुबे ने एक बार फिर तीखी प्रतिक्रिया दी है। देवघर में पत्रकारों से बातचीत के दौरान निशिकांत दुबे ने कहा कि उन्होंने सुभाष गर्ग के खिलाफ आपराधिक मानहानि का मुकदमा दर्ज कराया है। उन्होंने दावा किया कि मामले की पूरी सच्चाई सामने आने के बाद आरोपों की वास्तविकता स्पष्ट हो जाएगी। निशिकांत दुबे ने कहा, “मैंने आपराधिक मानहानि का केस किया है। सारी झूठ निकल जाएगी। अगर खुलेआम माफी नहीं मांगेगा तो ये जेल जाएगा।” हालांकि, मानहानि मामले में आगे की कानूनी प्रक्रिया और अदालत का निर्णय ही अंतिम रूप से तय करेगा कि मामले में क्या कार्रवाई होती है। दरअसल, पिछले दिनों पूर्व वित्त सचिव सुभाष चंद्र गर्ग ने देश की जीडीपी के हालिया आंकड़ों को लेकर सवाल उठाए थे। उन्होंने आंकड़ों की गणना और संशोधित जीडीपी श्रृंखला को लेकर अपनी आपत्तियां सामने रखी थीं। गर्ग की टिप्पणियों के बाद सरकार की ओर से भी उनके दावों पर स्पष्टीकरण दिया गया था। इस पूरे विवाद के बीच निशिकांत दुबे और सुभाष गर्ग के बीच पुराना मतभेद भी चर्चा में आ गया है। सितंबर 2026 में निशिकांत दुबे की वर्ष 2018 की एक पुरानी चिट्ठी सामने आई थी, जिसमें उन्होंने तत्कालीन आर्थिक मामलों के सचिव सुभाष गर्ग की आर्थिक नीतियों को लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सामने कई चिंताएं रखी थीं। इस पत्र में राजकोषीय घाटे, निवेश, तरलता और बुनियादी ढांचे से जुड़े मुद्दों पर उनके दृष्टिकोण की समीक्षा की मांग की गई थी। अब ताजा विवाद में निशिकांत दुबे ने कानूनी कार्रवाई का हवाला देते हुए सुभाष गर्ग से सार्वजनिक माफी की मांग की है। दोनों पक्षों के बयानों के बीच मामला राजनीतिक और आर्थिक बहस से निकलकर कानूनी विवाद का रूप लेता दिखाई दे रहा है। आगे इस मामले में अदालत की कार्यवाही पर नजर रहेगी।