गाजियाबाद में नकली सप्लीमेंट का खेल! हजारों पैकिंग बरामद, हेल्थ प्रोडक्ट्स की गुणवत्ता पर उठे सवाल

गाजियाबाद: फिटनेस और हेल्थ को लेकर बढ़ती जागरूकता के बीच गाजियाबाद से सामने आई एक कार्रवाई ने सप्लीमेंट इस्तेमाल करने वाले लोगों की चिंता बढ़ा दी है। पुलिस और खाद्य सुरक्षा विभाग की कार्रवाई में कथित तौर पर नकली सप्लीमेंट और उनकी पैकिंग से जुड़ा बड़ा नेटवर्क सामने आया है। कार्रवाई के दौरान बड़ी संख्या में पैकिंग सामग्री, खाली डिब्बे और संदिग्ध हेल्थ प्रोडक्ट बरामद किए गए हैं।

मीडिया रिपोर्टों के मुताबिक, गाजियाबाद के शालीमार गार्डन और विजय नगर इलाके में हुई कार्रवाई के दौरान करीब 50 लाख रुपये मूल्य की संदिग्ध सामग्री बरामद की गई और पांच लोगों को गिरफ्तार किया गया। पुलिस के अनुसार, आरोपियों के पास फूड प्रोडक्ट और सप्लीमेंट तैयार करने के लिए कच्चा माल, प्रिंटेड लेबल, मोनो कार्टन, खाली बोतलें और अन्य पैकिंग सामग्री मिली थी।

इसी कार्रवाई को लेकर सोशल मीडिया पर Maxvida ब्रांड के नाम से जुड़े करीब 7,700 कथित फर्जी डिब्बों का भी दावा सामने आया है। हालांकि, इस संख्या और ब्रांड से जुड़ी जानकारी की स्वतंत्र आधिकारिक पुष्टि फिलहाल उपलब्ध रिपोर्टों में स्पष्ट नहीं है। ऐसे में उपभोक्ताओं के लिए किसी भी वायरल दावे को तुरंत सच मानने के बजाय आधिकारिक जांच और रिपोर्ट का इंतजार करना जरूरी है।

मामले ने फिटनेस इंडस्ट्री में इस्तेमाल होने वाले प्रोटीन पाउडर, सप्लीमेंट और बॉडी-बिल्डिंग प्रोडक्ट्स की गुणवत्ता पर भी सवाल खड़े किए हैं। पुलिस के मुताबिक, कुछ उत्पादों पर अलग-अलग कंपनियों और देशों के नाम-पते वाले लेबल लगाए जाने की बात सामने आई है। बरामद सामग्री की वास्तविक संरचना और गुणवत्ता की जांच कराई जा रही है।

विशेषज्ञों की नजर में किसी भी सप्लीमेंट को खरीदने से पहले उसकी पैकिंग, लेबल, लाइसेंस और प्रामाणिकता की जांच करना जरूरी है। केवल सोशल मीडिया प्रचार या फिटनेस इन्फ्लुएंसर के दावे के आधार पर किसी प्रोडक्ट का इस्तेमाल करना उपभोक्ताओं के लिए जोखिम पैदा कर सकता है।

फिलहाल जांच एजेंसियां इस कथित नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों और सप्लाई चैन की जानकारी जुटाने में लगी हैं। जांच पूरी होने के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि बरामद उत्पादों में वास्तव में कौन-कौन से ब्रांड और कितनी मात्रा में नकली सामग्री शामिल थी।

Latest