कुशीनगर में बाढ़ का खतरा बढ़ा, वाल्मीकिनगर बैराज से छोड़ा गया 2.80 लाख क्यूसेक पानी

कुशीनगर, उत्तर प्रदेश। नारायणी नदी के बढ़ते जलस्तर को देखते हुए वाल्मीकिनगर बैराज से बड़ी मात्रा में पानी छोड़ा गया है। प्रशासन ने संभावित बाढ़ की स्थिति को देखते हुए कुशीनगर में SDRF की टीम तैनात कर दी है। साथ ही प्रभावित इलाकों में निगरानी बढ़ाते हुए बाढ़ से निपटने की तैयारियों को सक्रिय कर दिया गया है। कुशीनगर के अपर जिलाधिकारी पवन कुमार के मुताबिक, वाल्मीकिनगर बैराज से शनिवार दोपहर करीब 1 बजे 2.80 लाख क्यूसेक पानी छोड़ा गया। इसका प्रभाव कुशीनगर क्षेत्र में करीब पांच घंटे बाद दिखाई देने की संभावना है। प्रशासन लगातार नदी के जलस्तर और संभावित प्रभावित क्षेत्रों पर नजर बनाए हुए है। एडीएम ने बताया कि जिले के 7 गांव ऐसे हैं, जहां 4 लाख क्यूसेक से अधिक पानी छोड़े जाने की स्थिति में पूरी तरह जलमग्न होने का खतरा रहता है। इसी को ध्यान में रखते हुए प्रशासन ने पहले से एहतियाती कदम उठाए हैं। बाढ़ की किसी भी संभावित स्थिति से निपटने के लिए जिले की सभी बाढ़ चौकियों और बाढ़ शिविरों को ऑपरेशनल रखा गया है। SDRF की टीम भी मौके पर तैनात है, ताकि जरूरत पड़ने पर प्रभावित लोगों को तत्काल सहायता और सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने की कार्रवाई की जा सके। प्रशासन की ओर से ग्रामीणों को भी सतर्क रहने की सलाह दी गई है। इसके अलावा पशुओं को सुरक्षित रखने के लिए उन्हें ऊंचे स्थानों पर ले जाने के निर्देश दिए गए हैं। प्रशासन का कहना है कि स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है और जरूरत के अनुसार आगे के कदम उठाए जाएंगे।
CM योगी आदित्यनाथ ने PM मोदी से की मुलाकात, PMO ने साझा की जानकारी

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शनिवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात की। प्रधानमंत्री कार्यालय (PMO) ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर इसकी जानकारी साझा की। हालांकि, मुलाकात के एजेंडे को लेकर PMO की ओर से कोई विस्तृत जानकारी नहीं दी गई है। माना जा रहा है कि बैठक में उत्तर प्रदेश से जुड़े महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा हुई होगी।
सोनाली शिंगाटे की मेहनत ने दिलाया एशियन गेम्स में गोल्ड, कोच ने जताया गर्व

मुंबई, महाराष्ट्र। भारतीय कबड्डी टीम की खिलाड़ी सोनाली शिंगाटे ने एशियन गेम्स 2026 में शानदार प्रदर्शन करते हुए स्वर्ण पदक जीतकर देश का गौरव बढ़ाया है। भारतीय महिला कबड्डी टीम की इस सफलता के बाद सोनाली के कोच राजेश पाडवे ने उनकी मेहनत और संघर्ष को याद करते हुए खुशी जताई है। राजेश पाडवे ने कहा कि महिला कबड्डी टीम का एशियन गेम्स में गोल्ड मेडल जीतना पूरे देश के लिए गर्व की बात है। उन्होंने कहा कि क्रिकेट में स्वर्ण पदक के बाद अब महिला कबड्डी टीम की इस उपलब्धि ने भारतीय खेलों के लिए एक और बड़ी सफलता दर्ज की है। उन्होंने पूरी टीम को इस शानदार प्रदर्शन के लिए बधाई दी। सोनाली शिंगाटे के सफर को याद करते हुए उनके कोच ने बताया कि एशियन गेम्स से पहले उन्हें चोट का सामना करना पड़ा था। उस समय सोनाली के सामने सबसे बड़ी चुनौती फिटनेस और अपनी पूरी क्षमता के साथ मैदान पर उतरने की थी। कोच के मुताबिक, उन्होंने सोनाली को समझाया था कि चोट बहुत गंभीर नहीं है और वह प्रतियोगिता में हिस्सा ले सकती हैं। हालांकि, सोनाली ने अपनी स्थिति को देखते हुए साफ कहा था कि वह उस समय अपना 100 प्रतिशत प्रदर्शन नहीं दे पाएंगी। उनका मानना था कि ऐसी स्थिति में घर लौटकर अगली प्रतियोगिता के लिए खुद को तैयार करना बेहतर होगा। सोनाली ने उस समय हार मानने के बजाय भविष्य के लिए लक्ष्य तय किया। उन्होंने अपने कोच से कहा था कि वह कड़ी मेहनत करेंगी और अगले एशियन गेम्स में भारतीय टीम के लिए खेलेंगी। इसके बाद उन्होंने लगातार मेहनत की और दोबारा भारतीय टीम में जगह बनाने में सफलता हासिल की। आज सोनाली का वही संकल्प एक बड़ी उपलब्धि में बदल चुका है। भारतीय टीम का हिस्सा बनकर उन्होंने एशियन गेम्स में स्वर्ण पदक अपने नाम किया है। कोच राजेश पाडवे ने कहा कि सोनाली की मेहनत, धैर्य और वापसी को देखकर उन्हें बेहद गर्व महसूस हो रहा है। यह सफलता उन खिलाड़ियों के लिए भी प्रेरणा है, जो चोट या मुश्किल दौर के बाद दोबारा अपने लक्ष्य की ओर बढ़ना चाहते हैं।
जम्मू-कश्मीर के राज्य के दर्जे पर डिप्टी CM सुरिंदर चौधरी का बयान, BJP पर लगाया अड़चन डालने का आरोप

जम्मू: जम्मू-कश्मीर के राज्य के दर्जे की बहाली का मुद्दा एक बार फिर राजनीतिक चर्चा के केंद्र में है। जम्मू-कश्मीर के उपमुख्यमंत्री सुरिंदर चौधरी ने राज्य का दर्जा बहाल किए जाने की मांग को लेकर भारतीय जनता पार्टी (BJP) पर निशाना साधा है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार के कामकाज में बीजेपी की ओर से अड़चनें पैदा करने की कोशिश की जा रही हैं। सुरिंदर चौधरी ने कहा कि जम्मू-कश्मीर में उनकी सरकार लगातार काम कर रही है और जनता से जुड़े मुद्दों पर आगे बढ़ने का प्रयास किया जा रहा है। इसी बीच उन्होंने राज्य का दर्जा बहाल करने की मांग को लेकर बीजेपी की आपत्तियों पर सवाल उठाया। उपमुख्यमंत्री ने कहा कि जब उनकी ओर से जम्मू-कश्मीर को दोबारा पूर्ण राज्य का दर्जा देने की मांग की जा रही है, तो बीजेपी को इस मुद्दे पर परेशानी क्यों हो रही है। उन्होंने कहा, “हम काम कर रहे हैं, उसमें बीजेपी वाले अड़चनें डालने की कोशिश कर रहे हैं। हम मांग रहे हैं कि राज्य का दर्जा बहाल कर दो। तो बीजेपी वालों को मिर्ची क्यों लग रही है?” उपमुख्यमंत्री के इस बयान के बाद जम्मू-कश्मीर की राजनीति में राज्य के दर्जे की बहाली का मुद्दा फिर चर्चा में आ गया है। राज्य का दर्जा बहाल करने की मांग जम्मू-कश्मीर की राजनीति में एक महत्वपूर्ण विषय रही है। राजनीतिक दलों की ओर से समय-समय पर इस मुद्दे को उठाया जाता रहा है। सुरिंदर चौधरी का कहना है कि जम्मू-कश्मीर के लोगों की आकांक्षाओं और लोकतांत्रिक व्यवस्था को ध्यान में रखते हुए राज्य का दर्जा बहाल किया जाना चाहिए। वहीं, इस मुद्दे पर बीजेपी और अन्य राजनीतिक दलों के बीच अलग-अलग राजनीतिक दृष्टिकोण सामने आते रहे हैं। फिलहाल, उपमुख्यमंत्री के बयान ने राज्य के दर्जे की बहाली को लेकर चल रही राजनीतिक बहस को एक बार फिर तेज कर दिया है। आने वाले दिनों में इस मुद्दे पर जम्मू-कश्मीर की सियासत में बयानबाजी और तेज होने की संभावना है। नोट: यह खबर उपमुख्यमंत्री सुरिंदर चौधरी के सार्वजनिक बयान पर आधारित है। बीजेपी की ओर से इस विशेष बयान पर प्रतिक्रिया आने पर उसका पक्ष भी खबर में शामिल किया जा सकता है।
जोधपुर केमिकल फैक्टरी में धमाका, 13 लोग झुलसे; एक की मौत, गंभीर घायलों का इलाज जारी

जोधपुर, राजस्थान में एक केमिकल फैक्टरी में हुए धमाके के बाद इलाके में हड़कंप मच गया। हादसे में 13 लोगों के झुलसने की जानकारी सामने आई है। घायलों में कुछ की हालत गंभीर बताई जा रही है, जिनका अस्पताल में उपचार किया जा रहा है। हादसे में एक व्यक्ति की मौत भी हुई है। घटना के बाद प्रशासन और मेडिकल टीमों ने राहत एवं उपचार का काम तेज कर दिया है। केंद्रीय मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत ने हादसे पर दुख जताते हुए कहा कि केमिकल धमाके में 13 लोग झुलसे हैं। उन्होंने बताया कि इस घटना में निगम परिवार के एक सदस्य की मौत हुई है, जो बेहद दुखद है। उन्होंने घायलों के जल्द स्वस्थ होने की कामना की और कहा कि गंभीर रूप से घायल लोगों का इलाज चिकित्सकों की निगरानी में जारी है। गजेंद्र सिंह शेखावत के मुताबिक, हादसे के बाद मेडिकल टीमें लगातार काम कर रही हैं। घायलों को आवश्यक चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए स्वास्थ्य विभाग और संबंधित टीमें सक्रिय हैं। उन्होंने कहा कि मेडिकल टीमें 24 घंटे अपनी सेवाएं दे रही हैं, ताकि घायलों को समय पर उपचार मिल सके और उनकी स्थिति पर लगातार नजर रखी जा सके। घटना के बाद प्रशासन की ओर से भी जरूरी सहायता उपलब्ध कराने की बात कही गई है। राहत और बचाव से जुड़े प्रयासों के साथ-साथ हादसे के कारणों को लेकर भी संबंधित स्तर पर जानकारी जुटाई जा रही है। फिलहाल प्राथमिकता घायलों को बेहतर चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराना और उनकी हालत में सुधार लाना है। केमिकल फैक्टरी में हुए इस हादसे ने औद्योगिक इकाइयों में सुरक्षा इंतजामों को लेकर भी सवाल खड़े किए हैं। हालांकि, धमाके की वास्तविक वजह और घटना से जुड़े अन्य तथ्यों की विस्तृत जानकारी जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी। केंद्रीय मंत्री ने कहा कि सरकार की ओर से घायलों और प्रभावित परिवारों को हर जरूरी मदद उपलब्ध कराई जा रही है। उन्होंने लोगों से घायलों के जल्द स्वस्थ होने की प्रार्थना करने की अपील की। प्रशासन की निगरानी में घायलों का उपचार जारी है और स्थिति पर नजर रखी जा रही है।
भागलपुर में पुलिस से बचने के दौरान नदी में कूदा अपराधी, तलाश जारी

भागलपुर, बिहार। जिले में हथियार लेकर घूम रहे एक संदिग्ध अपराधी को पकड़ने पहुंची पुलिस टीम के सामने उस समय चुनौतीपूर्ण स्थिति बन गई, जब आरोपी पुलिस को देखते ही हथियार फेंककर भागने लगा। भागने के दौरान उसने एक सिपाही को भी अपने साथ नदी में छलांग लगाने पर मजबूर कर दिया। घटना के बाद पुलिस आरोपी की तलाश में जुटी हुई है। भागलपुर के SSP प्रमोद कुमार यादव ने बताया कि पुलिस को सूचना मिली थी कि एक अपराधकर्मी हथियार लेकर किसी स्थान की ओर जा रहा है। सूचना मिलते ही पुलिस टीम को सक्रिय किया गया और संदिग्ध को गिरफ्तार करने के लिए मौके पर भेजा गया। पुलिस टीम को देखते ही आरोपी ने कथित तौर पर अपना हथियार फेंक दिया और वहां से भागने लगा। पुलिसकर्मियों ने उसका पीछा किया। इसी दौरान एक सिपाही ने आरोपी को पकड़ने की कोशिश की और लगभग उसे काबू में कर लिया था। लेकिन आरोपी ने बचने के प्रयास में सिपाही को साथ लेकर नदी में छलांग लगा दी। SSP के अनुसार, घटना के बाद सिपाही किसी तरह नदी से बाहर निकलने में सफल रहा। वहीं, आरोपी का अभी तक पता नहीं चल पाया है। पुलिस की टीम नदी में उसकी तलाश कर रही है और उसकी बरामदगी के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि आरोपी के बरामद होने के बाद पूरे मामले में आगे की कानूनी प्रक्रिया की जाएगी। साथ ही, पुलिस इस बात की भी जांच कर रही है कि आरोपी के पास हथियार कहां से आया था और उसका किसी आपराधिक गतिविधि से संबंध है या नहीं। फिलहाल पुलिस नदी और आसपास के इलाके में तलाश अभियान चला रही है। मामले में आरोपी की बरामदगी के बाद घटना से जुड़े अन्य तथ्यों के स्पष्ट होने की उम्मीद है।
रामजीचक स्कूल पहुंचे CM सम्राट चौधरी, अभिभावकों और छात्रों से किया संवाद

पटना/दानापुर: बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने शनिवार को दानापुर के रामजीचक स्थित राजकीय मध्य विद्यालय का दौरा किया। इस दौरान उन्होंने विद्यालय में आयोजित पैरेंट-टीचर मीटिंग (PTM) में हिस्सा लिया और शिक्षकों, विद्यार्थियों तथा अभिभावकों से सीधे संवाद किया। मुख्यमंत्री के स्कूल पहुंचने पर विद्यालय प्रबंधन और शिक्षकों ने उनका स्वागत किया। मुख्यमंत्री ने PTM के दौरान अभिभावकों से बच्चों की पढ़ाई, स्कूल में मिलने वाली सुविधाओं और शिक्षा व्यवस्था को लेकर बातचीत की। उन्होंने विद्यार्थियों से भी उनकी पढ़ाई और स्कूल से जुड़े अनुभवों के बारे में जानकारी ली। इस दौरान बच्चों ने अपनी पढ़ाई, रुचियों और विद्यालय में उपलब्ध संसाधनों को लेकर अपनी बातें मुख्यमंत्री के सामने रखीं। सम्राट चौधरी ने विद्यालय के शिक्षकों से भी बातचीत कर पढ़ाई के माहौल, विद्यार्थियों की उपस्थिति और शैक्षणिक गतिविधियों की जानकारी ली। उन्होंने शिक्षकों से छात्रों की शैक्षणिक प्रगति पर विशेष ध्यान देने की बात कही। PTM के माध्यम से अभिभावकों और शिक्षकों के बीच बेहतर संवाद को लेकर भी चर्चा हुई। मुख्यमंत्री के स्कूल दौरे को शिक्षा व्यवस्था में अभिभावकों की भागीदारी और स्कूल स्तर पर संवाद को बढ़ावा देने की पहल के तौर पर देखा जा रहा है। PTM में अभिभावकों की मौजूदगी से बच्चों की पढ़ाई और उनकी प्रगति से जुड़े मुद्दों पर सीधे चर्चा का अवसर मिला। इस दौरान मुख्यमंत्री ने विद्यालय परिसर का जायजा भी लिया और स्कूल में संचालित गतिविधियों की जानकारी प्राप्त की। उन्होंने विद्यार्थियों से बातचीत करते हुए उनकी पढ़ाई को लेकर सवाल किए और उनकी बातों को सुना। सरकार की शिक्षा व्यवस्था में स्कूल, शिक्षक, विद्यार्थी और अभिभावक—चारों के बीच बेहतर समन्वय को महत्वपूर्ण माना जाता है। ऐसे में मुख्यमंत्री का सीधे विद्यालय पहुंचकर PTM में शामिल होना स्थानीय स्तर पर शिक्षा से जुड़े मुद्दों को समझने का एक अवसर भी बना। रामजीचक स्थित राजकीय मध्य विद्यालय में मुख्यमंत्री की मौजूदगी के दौरान शिक्षकों, विद्यार्थियों और अभिभावकों के बीच शिक्षा से जुड़े विभिन्न पहलुओं पर संवाद हुआ। मुख्यमंत्री ने सभी पक्षों की बात सुनी और विद्यालय की शैक्षणिक व्यवस्था से संबंधित जानकारी ली।
UN में शहबाज शरीफ के बयान पर रोबिंदर सचदेव का पलटवार, कहा- पुरानी स्क्रिप्ट दोहराते हैं पाकिस्तानी पीएम

नई दिल्ली: संयुक्त राष्ट्र में पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ के हालिया बयान को लेकर भारत में प्रतिक्रिया सामने आई है। विदेश मामलों के विशेषज्ञ रोबिंदर सचदेव ने शहबाज शरीफ के संबोधन को पाकिस्तान की पुरानी रणनीति का हिस्सा बताया। उन्होंने कहा कि पाकिस्तान के प्रधानमंत्री अंतरराष्ट्रीय मंचों पर खुद को पीड़ित बताने की कोशिश करते हैं और कश्मीर के मुद्दे को बार-बार उठाते हैं। रोबिंदर सचदेव के मुताबिक, शहबाज शरीफ का संयुक्त राष्ट्र में दिया गया बयान कोई नई बात नहीं है। उन्होंने इसे एक ऐसी पुरानी स्क्रिप्ट बताया, जिसे पाकिस्तान लंबे समय से अंतरराष्ट्रीय मंचों पर दोहराता रहा है। सचदेव ने आरोप लगाया कि पाकिस्तानी प्रधानमंत्री अपने संबोधन में ‘पीड़ित कार्ड’ का इस्तेमाल कर रहे हैं। विदेश मामलों के विशेषज्ञ ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का भी जिक्र किया। उनके अनुसार, शहबाज शरीफ ने ट्रंप की भूमिका की जमकर प्रशंसा की और उन्हें लाखों लोगों की जान बचाने का श्रेय दिया। सचदेव ने कहा कि पाकिस्तान के प्रधानमंत्री का यह रुख अमेरिकी राष्ट्रपति को प्रभावित करने की कोशिश के तौर पर देखा जा सकता है। रोबिंदर सचदेव ने यह भी कहा कि पाकिस्तान की ओर से कश्मीर को लेकर लगातार बयानबाजी की जाती रही है। उन्होंने भारत के आधिकारिक रुख को दोहराते हुए कहा कि कश्मीर भारत का अभिन्न हिस्सा है और आजादी के बाद से ही इसका भारत के साथ संबंध रहा है। उन्होंने शहबाज शरीफ के बयान को लेकर यह भी आरोप लगाया कि पाकिस्तान अंतरराष्ट्रीय मंच पर भय का माहौल बनाने की कोशिश करता है। हालांकि, ये टिप्पणियां रोबिंदर सचदेव की प्रतिक्रिया हैं और इन्हें उनके आकलन के रूप में ही देखा जाना चाहिए। संयुक्त राष्ट्र जैसे अंतरराष्ट्रीय मंचों पर भारत और पाकिस्तान लंबे समय से कश्मीर समेत विभिन्न मुद्दों पर एक-दूसरे के खिलाफ अपने-अपने पक्ष रखते रहे हैं। ऐसे में शहबाज शरीफ के बयान के बाद भारत की ओर से आई यह प्रतिक्रिया दोनों देशों के बीच जारी कूटनीतिक मतभेद को फिर से सामने लाती है।
जमुई पीड़िता की फोटो मामले में मीसा भारती का FIR को लेकर सवाल, सचिवालय थाने में कार्रवाई की मांग

पटना, बिहार: जमुई मामले की नाबालिग पीड़िता और उसके परिवार की तस्वीर सोशल मीडिया पर साझा किए जाने को लेकर बिहार की राजनीति में विवाद बढ़ता जा रहा है। राजद सांसद मीसा भारती ने पटना के सचिवालय थाने पहुंचकर इस मामले में प्राथमिकी दर्ज करने की मांग की। उन्होंने आरोप लगाया कि पीड़िता की पहचान उजागर करने वाली तस्वीर सोशल मीडिया पर साझा करना पॉक्सो कानून के प्रावधानों का उल्लंघन है। मीसा भारती ने कहा कि वह एक महिला सांसद और जनप्रतिनिधि होने के बावजूद कई घंटे से थाने में बैठकर FIR दर्ज करने की मांग कर रही थीं। उनका आरोप था कि थाने के अधिकारी उनकी शिकायत पर तत्काल कार्रवाई नहीं कर रहे थे। उन्होंने सवाल उठाया कि जब एक निर्वाचित जनप्रतिनिधि की शिकायत दर्ज कराने में इतनी परेशानी हो रही है, तो आम लोगों की स्थिति क्या होगी। राजद सांसद ने जमुई मामले में सोशल मीडिया पर पीड़िता की पहचान से संबंधित सामग्री साझा करने वालों के खिलाफ हुई पुलिस कार्रवाई का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि यदि सामान्य लोगों के खिलाफ POCSO के तहत कार्रवाई की जा सकती है तो सोशल मीडिया पर पीड़िता या उसके परिवार की तस्वीर साझा किए जाने के मामले में भी कानून समान रूप से लागू होना चाहिए। इस बीच, उपलब्ध रिपोर्टों के मुताबिक सचिवालय थाने में मुख्यमंत्री कार्यालय के एक कर्मचारी के खिलाफ FIR दर्ज की जा चुकी है। पुलिस के अनुसार, शिकायत में आरोप लगाया गया कि सोशल मीडिया पर तस्वीर साझा होने से नाबालिग पीड़िता की निजता और पहचान प्रभावित हो सकती थी। मामले में POCSO एक्ट, भारतीय न्याय संहिता और IT Act की संबंधित धाराएं लगाई गई हैं। मीसा भारती ने इस पूरे घटनाक्रम को लेकर मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी से भी जवाब देने की मांग की। उन्होंने सवाल उठाया कि मुख्यमंत्री के आधिकारिक सोशल मीडिया अकाउंट पर तस्वीर कैसे पोस्ट हुई और इसकी जिम्मेदारी किसकी थी। उनका कहना था कि यदि सोशल मीडिया अकाउंट किसी अन्य व्यक्ति द्वारा संचालित किया जाता है, तो इसकी स्पष्ट जानकारी भी सार्वजनिक की जानी चाहिए। जमुई की घटना के बाद पीड़िता की पहचान से जुड़ी तस्वीर और वीडियो सोशल मीडिया पर प्रसारित होने को लेकर पुलिस पहले से कार्रवाई कर रही है। ऐसे मामलों में नाबालिग पीड़ित की पहचान की गोपनीयता बनाए रखना कानूनी रूप से महत्वपूर्ण विषय है। फिलहाल, CMO कर्मचारी के खिलाफ दर्ज FIR के बाद पुलिस मामले की जांच कर रही है। जांच में यह स्पष्ट किया जाना है कि तस्वीर किसने सोशल मीडिया पर अपलोड की और उसके प्रसार की जिम्मेदारी किन लोगों की थी।
गोंडा में तेज बारिश और हवाओं का कहर, धान की फसल को नुकसान; स्कूल बंद

गोंडा, उत्तर प्रदेश: उत्तर प्रदेश के गोंडा जिले में पिछले 48 घंटों से लगातार तेज हवाओं के साथ हो रही बारिश ने जनजीवन को प्रभावित किया है। खराब मौसम का सबसे अधिक असर खेतों में खड़ी धान की फसल पर देखने को मिल रहा है। कई इलाकों में तेज हवाओं और बारिश के कारण धान की फसल खेतों में गिर गई है, जिससे किसानों को नुकसान की चिंता सताने लगी है। गोंडा के अपर जिलाधिकारी (ADM) प्रमोद झा ने बताया कि बंगाल की खाड़ी में बने चक्रवाती सिस्टम के प्रभाव के चलते जिले में मौसम का मिजाज बदला है। बीते दो दिनों से लगातार बारिश और तेज हवाओं का दौर जारी है। इसके कारण कई क्षेत्रों में धान की खड़ी फसल काफी हद तक प्रभावित हुई है। प्रशासन की ओर से फसल नुकसान का आकलन शुरू कर दिया गया है। ADM के मुताबिक, राजस्व विभाग और कृषि विभाग की टीमें प्रभावित क्षेत्रों में जाकर स्थिति का सर्वे कर रही हैं। सर्वे के आधार पर फसल को हुए नुकसान का आकलन तैयार किया जाएगा। किसानों को हुए नुकसान की वास्तविक स्थिति सामने आने के बाद प्रशासन की ओर से आगे की प्रक्रिया तय की जाएगी। बारिश और तेज हवाओं के कारण जिले के कई हिस्सों में सड़क और रास्तों पर पेड़ गिरने की घटनाएं भी सामने आई हैं। इससे आवागमन प्रभावित हुआ है और लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ा। प्रशासन और संबंधित विभागों की टीमें सड़कों पर गिरे पेड़ों को हटाने में जुटी हैं, ताकि यातायात सामान्य किया जा सके और आम लोगों को किसी तरह की असुविधा न हो। मौसम को देखते हुए प्रशासन ने एहतियात के तौर पर स्कूलों को भी बंद रखने का फैसला किया है। अधिकारियों का कहना है कि बच्चों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए यह कदम उठाया गया है। लगातार बारिश को देखते हुए प्रशासन ने संबंधित विभागों को सतर्क रहने और प्रभावित क्षेत्रों में स्थिति पर नजर बनाए रखने के निर्देश दिए हैं। वहीं, किसानों की नजर अब फसल नुकसान के सर्वे और प्रशासन की अगली कार्रवाई पर टिकी हुई है।