बिहार में अपराध पर नीरज कुमार बबलू का बड़ा बयान, बोले- अपराधियों के लिए नहीं जगह

पटना में बिहार की कानून-व्यवस्था को लेकर बीजेपी नेता नीरज कुमार बबलू ने कहा कि राज्य में आपराधिक घटनाएं हो रही हैं, इससे इनकार नहीं किया जा सकता। हालांकि, उन्होंने दावा किया कि घटनाओं के बाद पुलिस कार्रवाई भी कर रही है और आरोपियों की गिरफ्तारी के साथ मुठभेड़ की घटनाएं भी सामने आ रही हैं। उन्होंने कहा कि सम्राट चौधरी के नेतृत्व वाली एनडीए सरकार में अपराधियों के लिए कोई जगह नहीं है। नीरज कुमार बबलू ने कहा कि बिहार में अब वह दौर वापस नहीं आएगा, जब अपराध करने के बाद अपराधी खुलेआम घूमते थे या लोगों को धमकाकर मुकदमे वापस लेने का दबाव बनाते थे। उन्होंने कहा कि अपराध करने वालों को कानून का सामना करना पड़ेगा और पुलिस कार्रवाई से बचना आसान नहीं होगा। बीजेपी नेता ने आगे कहा कि सरकार का उद्देश्य अपराधियों के बीच कानून का डर पैदा करना है। उन्होंने दावा किया कि जो लोग अपराध का रास्ता छोड़ देंगे, उनके लिए अलग स्थिति होगी, लेकिन अपराध जारी रखने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने अपने बयान में अपराधियों के खिलाफ बुलडोजर कार्रवाई, गिरफ्तारी और मुठभेड़ जैसी सख्त कार्रवाई का भी जिक्र किया। नीरज कुमार बबलू का यह बयान बिहार में कानून-व्यवस्था को लेकर राजनीतिक बहस के बीच आया है। उनके बयान में सरकार की ओर से अपराध पर सख्ती बरतने का संदेश दिया गया।

चुनावी व्यवस्था पर आरोपों को लेकर CM नायब सैनी का कांग्रेस पर हमला

हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने चुनावी व्यवस्था को लेकर विपक्ष की ओर से लगाए जा रहे आरोपों पर कांग्रेस और विपक्षी दलों पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि चुनाव प्रक्रिया में गंभीर अनियमितताओं का माहौल बनाने की कोशिश की जा रही है, जबकि चुनाव आयोग ने अपने स्तर पर स्थिति को स्पष्ट किया है। नायब सैनी ने कहा कि चुनाव आयोग की ओर से हाल में जारी स्पष्टीकरण में आयोग ने अपने फैसलों को सर्वसम्मति से लिए जाने की बात कही है। 26 सितंबर को आयोग की पूर्ण बैठक के बाद भी कई फैसलों को सभी आयुक्तों की मंजूरी से लिया गया बताया गया। मुख्यमंत्री ने कांग्रेस और विपक्ष पर आरोप लगाते हुए कहा कि वे चुनावी प्रक्रिया से जुड़े मुद्दों को लेकर अलग-अलग दावे कर रहे हैं और बिना तथ्यों की पूरी पड़ताल किए बयान दे रहे हैं। उन्होंने राहुल गांधी और कांग्रेस नेताओं पर भी निशाना साधते हुए कहा कि बयान देने के बाद सफाई या माफी मांगने का सिलसिला उनकी राजनीति का हिस्सा बन गया है। सैनी ने कहा कि विपक्ष को लोकतांत्रिक व्यवस्था में जिम्मेदारी के साथ अपनी भूमिका निभानी चाहिए। उनके मुताबिक, चुनाव आयोग के स्पष्टीकरण के बाद विपक्ष द्वारा लगाए जा रहे आरोपों पर सवाल खड़े होते हैं। गौरतलब है कि चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली और मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) को लेकर इन दिनों राजनीतिक विवाद जारी है। विपक्षी दलों ने चुनाव आयोग की प्रक्रिया और पारदर्शिता पर सवाल उठाए हैं, जबकि आयोग ने कहा है कि उसके फैसले सर्वसम्मति से लिए गए हैं और आंतरिक स्तर पर अलग-अलग राय सामने आना संस्थागत प्रक्रिया का हिस्सा है। नायब सैनी का बयान इसी राजनीतिक बहस के बीच सामने आया है। उन्होंने कांग्रेस और विपक्ष के आरोपों को खारिज करते हुए चुनाव आयोग के स्पष्टीकरण को महत्वपूर्ण बताया।

PM मोदी ने ‘सोमनाथ स्वाभिमान पर्व’ का किया जिक्र, बोले- आज भी गौरव के साथ खड़ा है सोमनाथ मंदिर

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ‘मन की बात’ के 138वें एपिसोड में सोमनाथ मंदिर और भारत की सांस्कृतिक विरासत का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि इस वर्ष की शुरुआत ‘सोमनाथ स्वाभिमान पर्व’ जैसे भव्य आयोजन के साथ हुई। प्रधानमंत्री ने सोमनाथ मंदिर के इतिहास को याद करते हुए कहा कि वर्ष 1026 में महमूद गजनवी ने सोमनाथ मंदिर पर हमला कर उसे नष्ट किया था। पीएम मोदी ने कहा कि भारत की पहचान और सांस्कृतिक विरासत को मिटाने के उद्देश्य से किए गए ऐतिहासिक हमलों के बावजूद सोमनाथ मंदिर आज भी अपनी भव्यता के साथ खड़ा है। उन्होंने कहा कि अरब सागर के किनारे स्थित सोमनाथ मंदिर भारतीय आस्था और सांस्कृतिक चेतना का महत्वपूर्ण प्रतीक है। प्रधानमंत्री के मुताबिक, इसी गौरव और ऐतिहासिक स्मृति को सम्मान देने के लिए इस वर्ष ‘सोमनाथ स्वाभिमान पर्व’ मनाया गया। उन्होंने कहा कि यह आयोजन भारत की विरासत, संस्कृति और आत्मगौरव से जुड़ी स्मृतियों को सामने लाने का अवसर बना। अपने संबोधन में नरेंद्र मोदी ने गुजरात के मोढेरा स्थित प्रसिद्ध सूर्य मंदिर का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि सोमनाथ मंदिर पर हमले के उसी दौर में मोढेरा के सूर्य मंदिर पर भी हमला हुआ और उसे नुकसान पहुंचाया गया था। पीएम मोदी ने अपने संबोधन के जरिए देश की प्राचीन धरोहरों और सांस्कृतिक विरासत को याद करते हुए उनके संरक्षण और सम्मान के महत्व पर जोर दिया।

उत्तर प्रदेश में लगातार बारिश से अलर्ट, नदियों के बढ़ते जलस्तर पर प्रशासन की नजर

उत्तर प्रदेश में लगातार बारिश से अलर्ट, नदियों के बढ़ते जलस्तर पर प्रशासन की नजर लखनऊ: उत्तर प्रदेश के कई हिस्सों में लगातार हो रही बारिश को देखते हुए राज्य सरकार ने प्रशासन को अलर्ट मोड पर रखा है। बारिश के कारण कुछ इलाकों में जलभराव की स्थिति बन रही है, वहीं नदियों के बढ़ते जलस्तर को लेकर भी निगरानी बढ़ा दी गई है। उत्तर प्रदेश सरकार के मंत्री स्वतंत्र देव सिंह ने बारिश और मौजूदा हालात को लेकर जानकारी देते हुए कहा कि राज्य में अलर्ट जारी किया गया है। उन्होंने बताया कि बारिश की स्थिति को देखते हुए कई जगहों पर विद्यालयों को भी बंद किया गया है, ताकि बच्चों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके। मंत्री के मुताबिक, प्रदेश की प्रमुख नदियों की स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है। इसके लिए संबंधित अधिकारियों को नदियों के आसपास निगरानी की जिम्मेदारी दी गई है। प्रशासन को जलस्तर में होने वाले बदलाव और संभावित बाढ़ की स्थिति पर लगातार अपडेट लेने के निर्देश दिए गए हैं। स्वतंत्र देव सिंह ने कहा कि बरसात के कारण कुछ इलाकों में जलभराव की समस्या सामने आ रही है, हालांकि कई स्थानों पर बारिश का पानी एक से दो घंटे के भीतर निकल जा रहा है। फिलहाल स्थिति को नियंत्रित बताया जा रहा है, लेकिन नदियों में पानी बढ़ने के कारण प्रशासन पूरी तरह सतर्क है। उन्होंने यह भी कहा कि बाढ़ से जुड़े कार्यों और तैयारियों की नियमित समीक्षा की जा रही है। अधिकारियों को स्थानीय परिस्थितियों पर नजर रखने और जरूरत पड़ने पर तत्काल कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए हैं। लगातार बारिश के बीच सरकार का फोकस जलभराव वाले क्षेत्रों की निगरानी, नदियों के जलस्तर की जानकारी जुटाने और संभावित बाढ़ की स्थिति से निपटने की तैयारियों पर है। प्रशासन की ओर से लोगों से भी मौसम की स्थिति को देखते हुए सावधानी बरतने की अपील की जा रही है।

गंडक नदी का जलस्तर बढ़ने से NH-727B पर बढ़ी परेशानी, करीब 1 किलोमीटर सड़क डूबी

बगहा, बिहार। पश्चिम चंपारण जिले में गंडक नदी के बढ़ते जलस्तर ने एक बार फिर लोगों की चिंता बढ़ा दी है। नदी का पानी बढ़ने के कारण बेतिया और बगहा के बीच गुजरने वाले NH-727B का करीब एक किलोमीटर हिस्सा जलमग्न हो गया है। सड़क पर पानी आने से इस मार्ग से गुजरने वाले लोगों और वाहनों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। जानकारी के अनुसार, रात करीब 10 बजे वाल्मीकिनगर गंडक बैराज से 3,28,400 क्यूसेक पानी छोड़ा जा रहा था। बड़ी मात्रा में पानी छोड़े जाने के बाद गंडक नदी के जलस्तर में तेजी से बढ़ोतरी दर्ज की गई। इसके असर से नदी के आसपास के निचले इलाकों के साथ-साथ सड़क के कुछ हिस्सों में भी पानी फैल गया। NH-727B बेतिया और बगहा क्षेत्र के बीच आवागमन का महत्वपूर्ण मार्ग है। सड़क के एक हिस्से के जलमग्न होने से स्थानीय लोगों की आवाजाही प्रभावित होने की आशंका है। पानी की स्थिति को देखते हुए वाहन चालकों को इस मार्ग पर विशेष सावधानी बरतने की जरूरत है। गंडक नदी के जलस्तर में वृद्धि का असर आसपास के इलाकों पर भी पड़ सकता है। नदी के किनारे रहने वाले लोगों के बीच पानी बढ़ने को लेकर चिंता बनी हुई है। प्रशासन और स्थानीय स्तर पर जलस्तर की स्थिति पर नजर रखी जा रही है। बारिश और बैराज से पानी छोड़े जाने के कारण गंडक के जलस्तर में आगे भी बदलाव हो सकता है। ऐसे में नदी के आसपास रहने वाले लोगों से सतर्क रहने और प्रशासन की ओर से जारी दिशा-निर्देशों का पालन करने की अपील की जा रही है। फिलहाल सबसे बड़ी चुनौती सड़क पर जमा पानी और यातायात व्यवस्था को लेकर है। जलस्तर कम होने तक लोगों को अनावश्यक रूप से जलमग्न हिस्से से गुजरने से बचना चाहिए। स्थानीय प्रशासन द्वारा स्थिति के अनुसार आगे आवश्यक कदम उठाए जाने की उम्मीद है।

मन की बात के 132वें एपिसोड में पीएम मोदी ने सर्जिकल स्ट्राइक को किया याद, आतंकवाद के खिलाफ सेना के पराक्रम का किया उल्लेख

नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ‘मन की बात’ के 132वें एपिसोड में देशवासियों को संबोधित करते हुए आतंकवाद के खिलाफ भारतीय सुरक्षा बलों की कार्रवाई और सेना के साहस को याद किया। इस दौरान उन्होंने वर्ष 2016 में हुई सर्जिकल स्ट्राइक का भी उल्लेख किया और इसे आतंकवाद के खिलाफ भारत की कार्रवाई के महत्वपूर्ण अध्याय के तौर पर याद किया। प्रधानमंत्री ने भारतीय सेना के जवानों के साहस, अनुशासन और समर्पण का उल्लेख करते हुए कहा कि देश की सुरक्षा के लिए हमारे सैनिक लगातार कठिन परिस्थितियों में अपना कर्तव्य निभाते हैं। उन्होंने आतंकवाद के खिलाफ भारत की नीति और सुरक्षा बलों की भूमिका पर भी बात रखी। 2016 में उरी आतंकी हमले के बाद भारतीय सेना ने नियंत्रण रेखा के पार आतंकवादी ठिकानों के खिलाफ सर्जिकल स्ट्राइक की थी। इस सैन्य कार्रवाई की जानकारी तत्कालीन सरकार ने सार्वजनिक रूप से दी थी। इसके बाद से 29 सितंबर को सर्जिकल स्ट्राइक की वर्षगांठ के तौर पर भी याद किया जाता है। ‘मन की बात’ के दौरान प्रधानमंत्री ने देश की सुरक्षा से जुड़े मुद्दों के साथ-साथ भारतीय सेना के योगदान को भी रेखांकित किया। उन्होंने कहा कि राष्ट्र की रक्षा में जुटे जवानों का योगदान देश के प्रत्येक नागरिक के लिए महत्वपूर्ण है। प्रधानमंत्री का यह संबोधन ऐसे समय में आया है जब आतंकवाद और राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़े मुद्दे सार्वजनिक चर्चा में लगातार बने हुए हैं। अपने संबोधन में उन्होंने देश की सुरक्षा व्यवस्था और सैन्य क्षमता से जुड़े विभिन्न पहलुओं का उल्लेख करते हुए जवानों के प्रति सम्मान व्यक्त किया। सर्जिकल स्ट्राइक का जिक्र करते हुए प्रधानमंत्री ने भारतीय सेना की कार्रवाई को आतंकवाद के खिलाफ देश की दृढ़ता से जोड़कर प्रस्तुत किया। वर्ष 2016 की यह कार्रवाई भारतीय सुरक्षा और आतंकवाद विरोधी रणनीति के संदर्भ में एक महत्वपूर्ण घटना मानी जाती है। ‘मन की बात’ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का मासिक रेडियो कार्यक्रम है, जिसके जरिए वह देशवासियों से विभिन्न सामाजिक, राष्ट्रीय और समसामयिक मुद्दों पर संवाद करते हैं। कार्यक्रम में समय-समय पर सेना, सुरक्षा, युवा, महिला सशक्तिकरण, पर्यावरण और देश की उपलब्धियों से जुड़े विषयों का भी उल्लेख किया जाता रहा है।

एलावेनिल वालारिवन ने कहा- पदक से ज्यादा अहम है अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन

अहमदाबाद में भारतीय निशानेबाज एलावेनिल वालारिवन ने एशियाई खेलों में अपने प्रदर्शन और भविष्य की तैयारियों पर बात की। दो बार एशियाई खेलों में रजत पदक जीत चुकीं एलावेनिल ने कहा कि उनका लक्ष्य केवल पदक हासिल करना नहीं, बल्कि हर मुकाबले में अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करना है। उन्होंने गुजरात सरकार, स्पोर्ट्स अथॉरिटी ऑफ गुजरात, गन फॉर ग्लोरी शूटिंग अकादमी और विजय भारती समेत सहयोगी टीमों का आभार जताया। एलावेनिल ने कहा कि फिलहाल वह परिवार और दोस्तों के साथ समय बिताना चाहती हैं। 2028 ओलंपिक को लेकर उन्होंने कहा कि अभी उनका ध्यान वर्तमान पर है।

30 सितंबर की INDI गठबंधन बैठक पर संजय सरावगी का बड़ा बयान, बोले- ‘यह स्वार्थ का गठबंधन है’

पटना: 30 सितंबर को प्रस्तावित INDI गठबंधन की बैठक को लेकर बिहार की सियासत में बयानबाजी तेज हो गई है। भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष संजय सरावगी ने विपक्षी गठबंधन की बैठक को लेकर निशाना साधते हुए इसे स्वार्थ पर आधारित गठबंधन बताया है। उन्होंने कहा कि INDI गठबंधन के नेता चाहे जितनी बैठकें करें, इससे NDA की एकजुटता पर कोई असर नहीं पड़ेगा। संजय सरावगी ने कहा कि NDA पूरी तरह एकजुट है और अपने राजनीतिक एजेंडे के साथ मजबूती से आगे बढ़ रहा है। उनके मुताबिक विपक्षी दलों के बीच होने वाली बैठकों से जनता के बीच कोई अलग संदेश नहीं जाने वाला है। उन्होंने दावा किया कि देश की जनता विपक्षी गठबंधन की राजनीति और उसके उद्देश्यों को समझ रही है। बीजेपी अध्यक्ष ने विपक्षी दलों पर निशाना साधते हुए कहा कि INDI गठबंधन अलग-अलग राजनीतिक दलों के हितों को साधने के लिए साथ आया है। उन्होंने इसे ‘स्वार्थ का गठबंधन’ बताते हुए कहा कि केवल बैठकें करने से राजनीतिक समीकरण नहीं बदलते। उनके अनुसार NDA के घटक दलों के बीच बेहतर समन्वय और एकजुटता बनी हुई है। 30 सितंबर की बैठक पर टिकी नजर 30 सितंबर को होने वाली INDI गठबंधन की बैठक को लेकर राजनीतिक गलियारों में चर्चाएं तेज हैं। विपक्षी दलों की बैठक में आगामी राजनीतिक रणनीति, आपसी समन्वय और दूसरे मुद्दों पर चर्चा होने की संभावना है। ऐसे में बीजेपी नेताओं की ओर से लगातार विपक्षी गठबंधन पर सवाल उठाए जा रहे हैं। वहीं, संजय सरावगी के बयान के बाद बिहार की राजनीति में एक बार फिर गठबंधन की राजनीति को लेकर बहस तेज हो गई है। एक तरफ विपक्षी दल बैठक के जरिए अपनी रणनीति को मजबूत करने की कोशिश में हैं, तो दूसरी ओर बीजेपी और NDA की ओर से अपनी एकजुटता को प्रमुखता से सामने रखा जा रहा है। हालांकि, 30 सितंबर की बैठक के बाद INDI गठबंधन की ओर से क्या रणनीति सामने आती है, इस पर सभी की नजर बनी हुई है। राजनीतिक दलों के बयानों के बीच आने वाले दिनों में बिहार की राजनीति में गठबंधन और सीटों से जुड़े समीकरणों को लेकर गतिविधियां और बढ़ सकती हैं। नोट: संजय सरावगी द्वारा दिए गए बयान में INDI गठबंधन को लेकर लगाए गए आरोप उनके राजनीतिक मत हैं।

अशोक सिंघल की 100वीं जयंती पर PM मोदी ने किया स्मरण, रामजन्मभूमि आंदोलन के योगदान को किया याद

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने विश्व हिंदू परिषद के पूर्व अंतरराष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष स्वर्गीय अशोक सिंघल की 100वीं जयंती पर उन्हें याद किया। पीएम मोदी ने कहा कि सिंघल ने अपना पूरा जीवन संस्कृति, समाज और राष्ट्र की सेवा के लिए समर्पित कर दिया था। उन्होंने कहा कि अशोक सिंघल ने सामाजिक जीवन में रहते हुए तपस्वी जैसा जीवन जिया। प्रधानमंत्री ने रामजन्मभूमि आंदोलन में अशोक सिंघल की भूमिका का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि आंदोलन को सिंघल ने जिस दिशा और ऊर्जा के साथ आगे बढ़ाया, उसका परिणाम आज अयोध्या में भव्य राम मंदिर के रूप में दिखाई दे रहा है। पीएम मोदी ने उनके योगदान को स्मरण करते हुए कहा कि उनका जीवन और समर्पण लंबे समय तक लोगों को प्रेरणा देता रहेगा।