नेपाल में बाढ़ का कहर, चितवन-म्याग्दी में बिगड़े हालात; 72 घंटे में कई मौतें

नेपाल के चितवन और म्याग्दी जिलों में लगातार बारिश के बाद बाढ़ का पानी कई इलाकों में फैल गया है। पिछले 72 घंटों के दौरान बाढ़ और बारिश से जुड़ी घटनाओं में कई लोगों की मौत की खबर है। कई स्थानों पर जनजीवन प्रभावित हुआ है और स्थानीय प्रशासन राहत एवं बचाव कार्यों में जुटा है।

बारिश और प्राकृतिक आपदा से प्रभावित लोगों को मिले पूरी मदद: मायावती

लखनऊ: बहुजन समाज पार्टी (BSP) की सुप्रीमो और उत्तर प्रदेश की पूर्व मुख्यमंत्री मायावती ने भारी बारिश और प्राकृतिक आपदाओं से प्रभावित लोगों को तत्काल राहत और हरसंभव सहायता उपलब्ध कराने की अपील की है। उन्होंने रविवार को कहा कि देश के जिन भी राज्यों में लगातार बारिश, जलभराव या अन्य प्राकृतिक आपदाओं के कारण लोगों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है, वहां की सरकारों को संवेदनशीलता के साथ राहत कार्य तेज करना चाहिए। मायावती ने कहा कि भारी बारिश के कारण कई इलाकों में सामान्य जनजीवन प्रभावित होता है। ऐसे हालात में सबसे ज्यादा परेशानी गरीब, मजदूर, किसान और कमजोर वर्ग के परिवारों को उठानी पड़ती है। उन्होंने राज्य सरकारों से अपील की कि प्रभावित लोगों तक राहत सामग्री, भोजन, सुरक्षित आश्रय और आवश्यक चिकित्सा सुविधाएं समय पर पहुंचाई जाएं। उन्होंने प्रशासन से यह भी सुनिश्चित करने को कहा कि आपदा प्रभावित क्षेत्रों में राहत और बचाव कार्यों में किसी तरह की लापरवाही न हो। जिन इलाकों में सड़क संपर्क या आवागमन प्रभावित हुआ है, वहां प्रशासन को वैकल्पिक व्यवस्था के जरिए जरूरी सेवाएं पहुंचाने पर प्राथमिकता देनी चाहिए। BSP प्रमुख ने कहा कि प्राकृतिक आपदा के समय सरकार और प्रशासन की जिम्मेदारी बढ़ जाती है। ऐसे समय में प्रभावित परिवारों को केवल तत्काल राहत ही नहीं, बल्कि नुकसान के आकलन के बाद उचित सहायता भी उपलब्ध कराई जानी चाहिए। उन्होंने सभी राज्य सरकारों से अपील की कि बारिश और अन्य प्राकृतिक आपदाओं से प्रभावित लोगों को हर स्तर पर पूरी सहायता दी जाए। साथ ही, राहत एवं बचाव अभियान को प्रभावी ढंग से संचालित करते हुए प्रभावित परिवारों की समस्याओं का जल्द समाधान किया जाए। मायावती की अपील ऐसे समय में सामने आई है जब देश के कई हिस्सों में बारिश और उससे जुड़ी परिस्थितियों के कारण आम लोगों को कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है।

ED पूछताछ पर हरिश रावत ने बताई पूरी बात, संपत्ति से जुड़े दस्तावेज मांगे

देहरादून: उत्तराखंड के पूर्व मुख्यमंत्री हरिश रावत ने प्रवर्तन निदेशालय (ED) की पूछताछ को लेकर अपनी बात रखी है। उन्होंने बताया कि पूछताछ के दौरान अधिकारियों ने उनकी और उनके परिवार की संपत्तियों से संबंधित दस्तावेज मांगे। हरिश रावत के मुताबिक, वह पूछताछ के दौरान अपनी पत्नी की पासबुक, पोस्ट ऑफिस की पासबुक और अपनी कुछ संपत्तियों से जुड़ी जानकारी लेकर पहुंचे थे। हालांकि, ED की ओर से परिवार के अन्य सदस्यों की संपत्तियों की जानकारी और दस्तावेज भी मांगे गए। पूर्व मुख्यमंत्री ने बताया कि उनके गांव में मौजूद पैतृक संपत्ति अभी तक संयुक्त रूप से बंटी हुई नहीं है। जमीन और संपत्ति से जुड़े अधिकार कई लोगों के बीच साझा हैं। ऐसे में संबंधित भूमि रिकॉर्ड और दूसरे दस्तावेज एकत्र करने में कुछ समय लग सकता है। रावत ने कहा कि उन्होंने पूछताछ के दौरान अधिकारियों को इस व्यावहारिक परेशानी के बारे में जानकारी दी। उनके अनुसार, ED अधिकारियों ने बाकी दस्तावेज बाद में जमा करने की अनुमति दी और कहा कि जब दस्तावेज तैयार हों, तब करीब 20 से 25 दिनों के भीतर उन्हें भेजा जा सकता है। हरिश रावत ने यह भी कहा कि उनकी ओर से आयकर रिटर्न (ITR) में पहले ही कुछ संपत्तियों और परिसंपत्तियों की जानकारी घोषित की जा चुकी है। उनके मुताबिक, ED ने उन्हीं घोषणाओं से संबंधित दस्तावेज उपलब्ध कराने को कहा। पूर्व मुख्यमंत्री ने दावा किया कि उनकी संपत्तियों की जानकारी पहले से ही आयकर रिटर्न में दर्ज है और उन्होंने अधिकारियों को बताया कि उनकी वास्तविक संपत्ति वही है, जिसका उल्लेख संबंधित फाइलिंग में किया गया है। उन्होंने कहा कि जांच एजेंसी की ओर से दस्तावेज मांगे जाने के बाद वह उपलब्ध रिकॉर्ड जुटाने की प्रक्रिया में हैं। पैतृक संपत्ति से जुड़े पुराने और साझा भूमि रिकॉर्ड को एकत्र करने में समय लगना उनकी प्रमुख व्यावहारिक समस्या है। फिलहाल, ED की ओर से मांगे गए दस्तावेज उपलब्ध कराने को लेकर हरिश रावत की ओर से आगे की प्रक्रिया पूरी की जा रही है।

बिहार SIR पर सम्राट चौधरी का बयान, वोटर लिस्ट पर कही बड़ी बात

बिहार SIR पर सम्राट चौधरी का बयान, वोटर लिस्ट पर कही बड़ी बात पटना: बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने SIR के बाद जारी अंतिम मतदाता सूची को लेकर बड़ा बयान दिया है। उन्होंने कहा कि पूरी प्रक्रिया के बाद बिहार की अंतिम वोटर लिस्ट जारी की गई, जिसमें 7 करोड़ 42 लाख मतदाता दर्ज हैं। सम्राट चौधरी ने कहा कि SIR प्रक्रिया के दौरान मतदाता सूची से नाम हटाए जाने समेत कई सवाल उठाए गए। उन्होंने कांग्रेस नेता राहुल गांधी के बिहार दौरे का जिक्र करते हुए कहा कि कुछ लोगों के नाम वोटर लिस्ट में नहीं होने की बात कही गई थी। मुख्यमंत्री के अनुसार, प्रशासन और चुनाव आयोग को जानकारी मिलने के बाद संबंधित मामलों की जांच की गई और बताए गए लोगों के नाम सूची में मौजूद पाए गए। मुख्यमंत्री ने विपक्ष के दावों पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि पूरी चुनाव प्रक्रिया के दौरान ऐसा कोई मामला सामने नहीं आया, जिसमें 18 वर्ष से अधिक उम्र के किसी व्यक्ति ने यह दावा किया हो कि उसका नाम मतदाता सूची से हटा दिया गया है। सम्राट चौधरी ने कहा कि बिहार SIR और वोटर लिस्ट को लेकर लगाए जा रहे आरोपों को तथ्यों के आधार पर देखा जाना चाहिए। उनका यह बयान ऐसे समय आया है जब बिहार में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण को लेकर राजनीतिक बहस जारी है।

भारत-रूस के बीच क्रिटिकल मिनरल्स पर सहयोग

भारत और रूस ने क्रिटिकल मिनरल्स के क्षेत्र में सहयोग बढ़ाने पर सहमति जताई है। रूस की बिजनेस एंबेसडर ओल्गा कुलिकोवा और संजय श्रीवास्तव ने इस मुद्दे पर चर्चा की। बातचीत में दोनों देशों के बीच आर्थिक साझेदारी को मजबूत करने और रणनीतिक खनिज संसाधनों में सहयोग की संभावनाओं पर जोर दिया गया।

पटना साहिब पहुंचे दिल्ली LG तरनजीत सिंह संधू, बोले- बिहार की धरती इतिहास से समृद्ध

पटना दौरे पर पहुंचे दिल्ली के उपराज्यपाल तरनजीत सिंह संधू ने श्री पटना साहिब गुरुद्वारा में मत्था टेका और अरदास की। उन्होंने कहा कि करीब 45 साल बाद पटना आने का अवसर मिला है। उन्होंने बिहार और पटना की ऐतिहासिक विरासत का उल्लेख करते हुए कहा कि यह शहर सिख इतिहास से भी गहराई से जुड़ा है। संधू ने देश, बिहार, दिल्ली और अपने गृह शहर अमृतसर के विकास एवं समृद्धि की कामना की। उनके दौरे के दौरान नालंदा विश्वविद्यालय में कार्यक्रम और पटना वीमेंस कॉलेज में संबोधन भी प्रस्तावित है।

SIR को लेकर फडणवीस का बड़ा बयान, बोले- वोट चोरी नहीं हुई

मुंबई: पश्चिम बंगाल में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण यानी SIR (Special Intensive Revision) को लेकर राजनीतिक बहस लगातार जारी है। इसी मुद्दे पर महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने विपक्ष के आरोपों पर प्रतिक्रिया देते हुए SIR प्रक्रिया का बचाव किया है। उन्होंने कहा कि मतदाता सूची में बदलाव को लेकर सवाल उठाने से पहले चुनावी आंकड़ों और पूरी प्रक्रिया को देखना चाहिए। फडणवीस ने कहा कि पश्चिम बंगाल में जिन विधानसभा क्षेत्रों में SIR के दौरान बड़ी संख्या में मतदाताओं के नाम हटे, उनमें से कम से कम 15 सीटों पर तृणमूल कांग्रेस (TMC) के उम्मीदवार चुनाव जीतकर सामने आए। उनके मुताबिक, यह आंकड़ा उन दावों पर सवाल खड़ा करता है जिनमें SIR को किसी एक राजनीतिक दल के चुनावी प्रदर्शन से जोड़कर देखा जा रहा है। उन्होंने राजनीतिक दलों की भूमिका का भी उल्लेख किया। फडणवीस के अनुसार, प्रत्येक राजनीतिक दल को हर बूथ पर अपना BLA (Booth Level Agent) नियुक्त करने का अवसर मिलता है। उनका कहना है कि बूथ स्तर पर राजनीतिक दलों की मौजूदगी से मतदाता सूची के पुनरीक्षण की प्रक्रिया पर नजर रखी जा सकती है और किसी भी आपत्ति को निर्धारित प्रक्रिया के तहत उठाया जा सकता है। पश्चिम बंगाल में SIR के तहत मतदाता सूची के सत्यापन और संशोधन की प्रक्रिया चुनाव आयोग की निगरानी में हुई। मुख्य निर्वाचन अधिकारी, पश्चिम बंगाल की वेबसाइट पर SIR 2026 से संबंधित अंतिम मतदाता सूची, हटाए गए नामों की सूची, दावे-आपत्तियों और अपील से जुड़ी जानकारी उपलब्ध है। फडणवीस ने विपक्ष पर आरोप लगाया कि उसके पास सरकार और चुनावी प्रक्रिया के खिलाफ उठाने के लिए ठोस मुद्दे नहीं हैं, इसलिए SIR को लेकर सवाल खड़े किए जा रहे हैं। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि “कोई वोट चोरी नहीं हुई है।” इसके बाद राहुल गांधी को लेकर उन्होंने एक व्यक्तिगत टिप्पणी भी की, जिसे लेकर राजनीतिक प्रतिक्रिया सामने आ सकती है। गौरतलब है कि पश्चिम बंगाल की SIR प्रक्रिया को लेकर अलग-अलग राजनीतिक दलों के बीच लगातार मतभेद रहे हैं। चुनाव आयोग ने सुप्रीम कोर्ट के समक्ष भी SIR के बाद मतदाता सूची में हुए बदलाव और चुनाव परिणामों पर उसके प्रभाव को लेकर अपना पक्ष रखा है। इस पूरे विवाद में एक तरफ चुनाव आयोग की प्रक्रिया और उपलब्ध आंकड़े हैं, जबकि दूसरी तरफ राजनीतिक दलों के आरोप और दावे हैं। ऐसे में SIR से जुड़े किसी भी निष्कर्ष के लिए आधिकारिक मतदाता सूची, दावे-आपत्तियों और चुनावी आंकड़ों को साथ में देखना महत्वपूर्ण है।

गंडक नदी के बढ़ते जलस्तर को लेकर अलर्ट, वाल्मीकिनगर बराज पर बढ़ा दबाव

बिहार में गंडक नदी के बढ़ते जलस्तर को लेकर प्रशासन और स्थानीय लोगों की चिंता बढ़ गई है। उपमुख्यमंत्री विजय चौधरी ने बताया कि पिछले 24 घंटे के दौरान नेपाल के गंडक नदी के जलग्रहण क्षेत्र में काफी बारिश हुई है। लगातार हो रही बारिश के कारण वाल्मीकिनगर बराज पर पानी का दबाव तेजी से बढ़ रहा है। विजय चौधरी के मुताबिक, वाल्मीकिनगर बराज से गंडक नदी में पानी का डिस्चार्ज करीब 4.25 लाख क्यूसेक तक पहुंच चुका है। नेपाल के देवघाट से मिलने वाली सूचनाओं और वहां की स्थिति के आधार पर बिहार में गंडक के जलस्तर को लेकर अनुमान लगाया जा रहा है। मौजूदा परिस्थितियों को देखते हुए नदी में जलश्राव और बढ़ने की संभावना जताई जा रही है। उन्होंने कहा कि अब तक हुई बारिश और नेपाल से मिल रहे संकेतों के आधार पर वाल्मीकिनगर बराज में करीब 5 लाख क्यूसेक से अधिक पानी पहुंचने का अनुमान है। हालांकि, उन्होंने स्पष्ट किया कि यह फिलहाल एक अनुमान है और इसे पक्की भविष्यवाणी नहीं माना जा सकता। आने वाले घंटों में नेपाल के जलग्रहण क्षेत्र में बारिश और वहां से मिलने वाले नए आंकड़ों के आधार पर स्थिति और स्पष्ट होगी। बढ़ते जलस्तर को देखते हुए नदी के आसपास और निचले इलाकों में रहने वाले लोगों को विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी गई है। स्थानीय लोगों से अपील की गई है कि वे प्रशासन की ओर से जारी होने वाले अलर्ट और निर्देशों का पालन करें। प्रशासन भी स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए है, ताकि जलस्तर बढ़ने की स्थिति में समय रहते आवश्यक कदम उठाए जा सकें। फिलहाल गंडक के जलस्तर में संभावित बढ़ोतरी को देखते हुए लोगों को सतर्क रहने और नदी के आसपास जाने से बचने की सलाह दी जा रही है।

28 दिन की जगह 30 दिन की वैधता! राघव चड्ढा के मुद्दे का असर

राज्यसभा में कुछ महीने पहले राघव चड्ढा द्वारा उठाया गया प्रीपेड रिचार्ज की वैधता का मुद्दा अब असर दिखाता नजर आ रहा है। उन्होंने मांग उठाई थी कि जिन ग्राहकों को डेटा की जरूरत नहीं है, उन्हें 28 दिन के बजाय पूरे 30 दिन की वैधता दी जाए। मौजूदा 28 दिन की वैधता के कारण ग्राहकों को साल में 13 बार रिचार्ज कराना पड़ता था। अब इस दिशा में बदलाव की बात सामने आई है। ऐसे प्रीपेड ग्राहक जिन्हें मोबाइल डेटा की जरूरत नहीं है, उन्हें वॉयस कॉल और SMS जैसी सेवाओं के साथ 30 दिनों की वैधता मिल सकेगी। इससे साल में रिचार्ज की संख्या घटकर 12 हो जाएगी। राघव चड्ढा ने इस मुद्दे को आम उपभोक्ताओं से जुड़ा बताते हुए राज्यसभा में उठाया था। उनका कहना था कि 28 दिन की वैधता के कारण ग्राहकों को साल में एक अतिरिक्त रिचार्ज करना पड़ता है। अब नियमों में बदलाव से उपभोक्ताओं को इस अतिरिक्त रिचार्ज से राहत मिलने की उम्मीद है। इस बदलाव को उपभोक्ता हित से जुड़े उस मुद्दे के संदर्भ में देखा जा रहा है, जिसे राघव चड्ढा ने संसद में उठाया था।

SIR को लेकर CM नायब सिंह सैनी का बड़ा बयान

गुरुग्राम में हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने SIR को लेकर विपक्ष के आरोपों पर प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि चुनाव आयोग ने हाल ही में जारी संयुक्त बयान में स्पष्ट किया है कि SIR की प्रक्रिया आयोग की सहमति से आगे बढ़ रही है। आयोग ने 24 जून 2025 के SIR आदेश और अलग-अलग चरणों के कार्यक्रम को लेकर किसी आंतरिक मतभेद से इनकार किया है। सैनी ने कहा कि चुनाव आयोग एक संवैधानिक और स्वतंत्र संस्था है, जिसका सम्मान किया जाना चाहिए। उन्होंने विपक्ष के उन दावों को आधारहीन बताया, जिनमें आयोग के भीतर असहमति होने की बात कही गई थी।