पीएम मोदी के 25 साल के सार्वजनिक जीवन पर बाइक रैली, जीतू पटवारी ने उठाए खर्च को लेकर सवाल

भोपाल, मध्य प्रदेश। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सार्वजनिक जीवन में 25 साल पूरे होने के मौके पर मध्य प्रदेश में प्रस्तावित बाइक रैली को लेकर कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी ने सरकार पर निशाना साधा है। उन्होंने इस आयोजन को लेकर सरकारी कर्मचारियों और अधिकारियों की भूमिका पर सवाल उठाते हुए कहा कि यदि किसी कार्यक्रम का खर्च कर्मचारी और अधिकारी उठा रहे हैं, तो यह सामान्य प्रशासनिक आयोजन से अलग राजनीतिक संदेश देता है। जीतू पटवारी ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सार्वजनिक जीवन में 25 वर्ष पूरे होने के अवसर पर मध्य प्रदेश में बाइक रैली निकाली जा रही है। उनके मुताबिक, इस रैली का खर्च कर्मचारियों और अधिकारियों द्वारा उठाए जाने की बात सामने आ रही है। पटवारी ने सवाल किया कि यदि यह किसी राजनीतिक दल का कार्यक्रम नहीं है और इसे कर्मचारियों का कार्यक्रम बताया जा रहा है, तो फिर इसकी व्यवस्था और खर्च को लेकर पारदर्शिता क्यों नहीं है। पटवारी ने क्या कहा? कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष ने आरोप लगाते हुए कहा कि इस तरह के आयोजन से जनता के बीच एक अलग संदेश जाता है। उनके अनुसार, यदि सरकारी तंत्र से जुड़े कर्मचारी और अधिकारी किसी ऐसे आयोजन में आर्थिक या व्यवस्थागत रूप से शामिल होते हैं, तो इससे यह धारणा बन सकती है कि प्रधानमंत्री के 25 साल के सार्वजनिक जीवन को लेकर सरकारी स्तर पर विशेष आयोजन किया जा रहा है। पटवारी ने तंज कसते हुए कहा कि इससे यह संदेश भी जाता है कि प्रधानमंत्री की सेवाओं का देश को कितना लाभ मिला, यह समझ में आ गया है। राजनीतिक बयानबाजी तेज प्रधानमंत्री के सार्वजनिक जीवन के 25 वर्ष पूरे होने को लेकर देशभर में अलग-अलग कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। मध्य प्रदेश में बाइक रैली को लेकर कांग्रेस की आपत्ति ने एक बार फिर सत्तापक्ष और विपक्ष के बीच राजनीतिक बहस को तेज कर दिया है। कांग्रेस की ओर से जहां सरकारी कर्मचारियों की भागीदारी और खर्च को लेकर सवाल उठाए जा रहे हैं, वहीं आयोजन को लेकर सरकार या प्रशासन की ओर से आधिकारिक स्थिति सामने आने के बाद तस्वीर और स्पष्ट हो सकती है। फिलहाल, जीतू पटवारी के बयान के बाद मध्य प्रदेश की राजनीति में इस बाइक रैली को लेकर चर्चा बढ़ गई है।
अजय राय बोले- पद का लालच नहीं, सेवा और मेहनत में विश्वास; हनुमानगढ़ी में किए दर्शन

अयोध्या, उत्तर प्रदेश: कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और उत्तर प्रदेश कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष अजय राय इन दिनों धार्मिक यात्रा पर हैं। अयोध्या पहुंचे अजय राय ने हनुमानगढ़ी में दर्शन किए और भगवान राम के दर्शन करने की बात कही। इस दौरान उन्होंने अपनी राजनीति और व्यक्तिगत सोच को लेकर भी खुलकर अपनी बात रखी। अजय राय ने कहा कि उनके लिए राजनीतिक पद से ज्यादा महत्वपूर्ण लोगों की सेवा करना और अपने कर्तव्य के प्रति ईमानदार रहना है। उन्होंने स्पष्ट किया कि वह पद के पीछे भागने वाले व्यक्ति नहीं हैं। उनके मुताबिक समाज की सेवा और मेहनत को वह अपने जीवन का महत्वपूर्ण हिस्सा मानते हैं। 🔴 पद नहीं, सेवा को बताया प्राथमिकता अजय राय ने कहा कि वह पद के लालची नहीं हैं। उनका मानना है कि राजनीति में आने का उद्देश्य जनता की सेवा होना चाहिए। उन्होंने कहा कि लोगों की सेवा करने की भावना और भगवान के प्रति आस्था उनके संस्कारों का हिस्सा है। 🔴 काशी से अयोध्या तक आस्था का जुड़ाव अपने धार्मिक जुड़ाव का उल्लेख करते हुए अजय राय ने कहा कि वह काशी के रहने वाले हैं और बाबा विश्वनाथ की नगरी से आए हैं। अयोध्या पहुंचकर उन्होंने सबसे पहले हनुमानगढ़ी में दर्शन किए। इसके बाद उन्होंने भगवान राम के दर्शन करने की बात कही। उन्होंने यह भी बताया कि अयोध्या में धार्मिक कार्यक्रम पूरा करने के बाद उनका वापस काशी जाने का कार्यक्रम है। उनके बयान में काशी और अयोध्या के प्रति उनकी आस्था साफ तौर पर दिखाई दी। 🔴 मेहनत और कर्म पर भरोसा अजय राय ने कहा कि वह उन लोगों में से हैं जो काम और मेहनत पर विश्वास रखते हैं। उनका कहना था कि कर्म करना और पूरी मेहनत करना इंसान के हाथ में है, जबकि उसके परिणाम का फैसला ईश्वर करते हैं। उनके इस बयान को राजनीतिक पद और व्यक्तिगत महत्वाकांक्षा से अलग सेवा, कर्म और आस्था की सोच से जोड़कर देखा जा रहा है। अयोध्या में उनके बयान के बाद कांग्रेस की राजनीति के साथ-साथ उनकी धार्मिक यात्रा भी चर्चा में है।
INDIA ब्लॉक के प्रदर्शन पर रंजीत रंजन का बड़ा हमला, चुनाव आयोग पर उठाए सवाल

नई दिल्ली: INDIA ब्लॉक के नेताओं और सांसदों के चुनाव आयोग के सामने विरोध प्रदर्शन को लेकर सियासत तेज हो गई है। कांग्रेस की राज्यसभा सांसद रंजीत रंजन ने चुनाव आयोग के रवैये पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं। उन्होंने कहा कि चुनाव आयोग किसी एक दल या सरकार का नहीं, बल्कि पूरे देश की लोकतांत्रिक व्यवस्था का संवैधानिक संस्थान है और उसे विपक्ष की बात भी उसी गंभीरता से सुननी चाहिए। रंजीत रंजन के मुताबिक, विपक्ष के नेता और करीब 300 सांसद चुनाव आयोग से मिलने के लिए आगे बढ़ रहे थे। उनका कहना था कि इतने बड़े प्रतिनिधिमंडल के साथ चुनाव आयोग से मिलने की कोशिश पहले जैसी सामान्य राजनीतिक प्रक्रिया का हिस्सा हो सकती थी, लेकिन जिस तरह से इसे लेकर स्थिति बनी, उसने कई सवाल खड़े कर दिए हैं। ‘चुनाव आयोग सबकी बात सुने’ कांग्रेस सांसद ने कहा कि विपक्ष लगातार चुनाव प्रक्रिया और मतदाता सूची से जुड़े कई सवालों के जवाब मांग रहा है। उनका आरोप है कि इन सवालों का सीधा जवाब चुनाव आयोग की ओर से आने के बजाय सरकार की ओर से प्रतिक्रिया दी जा रही है। उन्होंने सवाल उठाया कि अगर विपक्ष चुनाव आयोग से स्पष्टीकरण मांग रहा है तो जवाब भी चुनाव आयोग को ही देना चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि विपक्ष का उद्देश्य किसी तरह का हंगामा करना नहीं था। उनके अनुसार, यदि 300 सांसदों के एक साथ अंदर आने की जगह नहीं थी तो चुनाव आयोग की ओर से उन्हें सीमित प्रतिनिधिमंडल के साथ मिलने की अनुमति दी जा सकती थी या फिर बाहर बातचीत की जा सकती थी। चुनाव प्रक्रिया को लेकर विपक्ष के सवाल रंजीत रंजन ने अपने बयान में चुनाव आयोग की निष्पक्षता पर भी सवाल उठाए। उन्होंने आरोप लगाया कि यदि आयोग के पास छिपाने के लिए कुछ नहीं है और चुनाव प्रक्रिया पूरी तरह पारदर्शी है, तो उसे विपक्ष के सवालों का सामना करने में संकोच नहीं होना चाहिए। हालांकि, विपक्ष की ओर से लगाए गए इन आरोपों पर चुनाव आयोग और सरकार का पक्ष अलग हो सकता है। चुनाव प्रक्रिया से जुड़े दावों और आरोपों की वास्तविक स्थिति संबंधित आधिकारिक जवाब और उपलब्ध तथ्यों के आधार पर ही स्पष्ट होगी। इस पूरे घटनाक्रम ने एक बार फिर चुनाव आयोग की भूमिका, विपक्ष के सवालों और चुनावी पारदर्शिता को लेकर राजनीतिक बहस तेज कर दी है।
क्रेडिट ग्रोथ को लेकर RBI गवर्नर संजय मल्होत्रा का बड़ा बयान, 19% की रफ्तार को बताया मजबूत

मुंबई: देश में बैंकिंग सेक्टर की गतिविधियों और कर्ज की बढ़ती मांग के बीच RBI गवर्नर संजय मल्होत्रा ने क्रेडिट ग्रोथ को लेकर अहम बात कही है। उन्होंने बताया कि देश में बैंक क्रेडिट की वृद्धि दर इस समय बेहद मजबूत स्थिति में है और करीब 19 प्रतिशत की ग्रोथ देखने को मिल रही है। गवर्नर संजय मल्होत्रा के मुताबिक, क्रेडिट ग्रोथ का यह स्तर अब तक के सबसे ऊंचे स्तरों में शामिल है। उन्होंने कहा कि इसके पीछे कई अलग-अलग कारण काम कर रहे हैं। अर्थव्यवस्था में गतिविधियों के बढ़ने, कारोबार की जरूरतों और वित्तीय क्षेत्र में बढ़ती मांग जैसे कई कारक कर्ज की मांग को मजबूत बनाए हुए हैं। 19% क्रेडिट ग्रोथ पर RBI की नजर RBI गवर्नर ने कहा कि 19 प्रतिशत की क्रेडिट ग्रोथ काफी मजबूत आंकड़ा है। हालांकि, आगे चलकर इसमें कुछ नरमी आती है या नहीं, इस सवाल पर उन्होंने संकेत दिया कि क्रेडिट ग्रोथ के मजबूत बने रहने की उम्मीद है। उन्होंने कहा कि आने वाले समय में ग्रोथ रेट में कुछ प्रतिशत अंकों का उतार-चढ़ाव हो सकता है, लेकिन इसे लेकर बहुत ज्यादा चिंता करने की जरूरत नहीं है। उनके मुताबिक, व्यापक आर्थिक तस्वीर में कुछ प्रतिशत अंकों का बदलाव बहुत बड़ा फर्क पैदा नहीं करता। आगे भी मजबूत रहने की उम्मीद संजय मल्होत्रा ने स्पष्ट किया कि क्रेडिट ग्रोथ आने वाले समय में भी अर्थव्यवस्था को सपोर्ट करती रहेगी। इसका मतलब है कि बैंकिंग सिस्टम से मिलने वाला कर्ज कारोबार, निवेश और आर्थिक गतिविधियों को आगे बढ़ाने में अहम भूमिका निभा सकता है। RBI गवर्नर का यह बयान ऐसे समय में आया है, जब देश की अर्थव्यवस्था में बैंकिंग और वित्तीय गतिविधियों पर लगातार नजर बनी हुई है। मजबूत क्रेडिट ग्रोथ को आर्थिक गतिविधियों की गति के लिहाज से महत्वपूर्ण माना जाता है। कुल मिलाकर, RBI गवर्नर संजय मल्होत्रा के बयान से संकेत मिलता है कि केंद्रीय बैंक फिलहाल क्रेडिट ग्रोथ की मजबूत रफ्तार को लेकर सकारात्मक है। हालांकि, आने वाले महीनों में इसमें मामूली उतार-चढ़ाव संभव है, लेकिन व्यापक स्तर पर कर्ज की मांग और आर्थिक गतिविधियों को मजबूत बने रहने की उम्मीद जताई गई है।
पीएम मोदी के सार्वजनिक जीवन के 25 साल पूरे, रक्षा राज्य मंत्री संजय सेठ ने जमकर की सराहना

रांची, झारखंड: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सार्वजनिक जीवन में 25 वर्ष पूरे होने के अवसर पर देशभर में अलग-अलग कार्यक्रमों का आयोजन किया जा रहा है। इसी क्रम में झारखंड की राजधानी रांची में भी प्रधानमंत्री के लंबे सार्वजनिक जीवन और उनके कार्यकाल को लेकर नेताओं की ओर से अपनी प्रतिक्रियाएं दी जा रही हैं। रक्षा राज्य मंत्री संजय सेठ ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 25 वर्षों के सार्वजनिक जीवन को सेवा और समर्पण से जुड़ा महत्वपूर्ण पड़ाव बताया। संजय सेठ ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने सार्वजनिक जीवन के दौरान लगातार देश की सेवा को प्राथमिकता दी है। उनके मुताबिक, प्रधानमंत्री के काम और उनकी कार्यशैली की चर्चा भारत ही नहीं, बल्कि दुनिया के कई देशों में भी होती है। रक्षा राज्य मंत्री ने पीएम मोदी की वैश्विक भूमिका का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अंतरराष्ट्रीय मंचों पर भारत की भूमिका को मजबूती से सामने रखा है। संजय सेठ ने उम्मीद जताई कि प्रधानमंत्री आगे भी दुनिया में शांति, सहयोग और मानव कल्याण का संदेश देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सार्वजनिक जीवन के 25 वर्ष केवल एक राजनीतिक उपलब्धि नहीं, बल्कि लंबे समय तक देश और समाज के लिए काम करने की यात्रा को दर्शाते हैं। इस दौरान उन्होंने अलग-अलग जिम्मेदारियों का निर्वहन किया और देश की राजनीति में अपनी अलग पहचान बनाई। संजय सेठ ने प्रधानमंत्री को दुनिया के लिए शांति का दूत बनने की शुभकामना भी दी। उनके बयान के मुताबिक, भारत की बढ़ती वैश्विक भूमिका के बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का संदेश अंतरराष्ट्रीय स्तर पर शांति और सहयोग को आगे बढ़ाने में उपयोगी हो सकता है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सार्वजनिक जीवन के 25 वर्ष पूरे होने के मौके पर बीजेपी और उसके समर्थकों की ओर से विभिन्न कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। इन आयोजनों में प्रधानमंत्री के राजनीतिक सफर, उनके नेतृत्व और देश के विकास से जुड़े कार्यों को प्रमुखता से सामने रखा जा रहा है। वहीं, संजय सेठ के बयान के बाद एक बार फिर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के लंबे सार्वजनिक जीवन और उनकी अंतरराष्ट्रीय भूमिका को लेकर राजनीतिक चर्चा तेज हो गई है।
नौबतपुर के गेस्ट हाउस में पुलिस की बड़ी कार्रवाई, 8 महिलाएं और 8 पुरुष हिरासत में

पटना: राजधानी पटना से सटे नौबतपुर इलाके में पुलिस ने एक गेस्ट हाउस में छापेमारी कर 16 लोगों को हिरासत में लिया है। पुलिस की इस कार्रवाई के बाद इलाके में कुछ देर के लिए हड़कंप की स्थिति बन गई। हिरासत में लिए गए लोगों में 8 महिलाएं और 8 पुरुष शामिल बताए जा रहे हैं। मिली जानकारी के अनुसार, पुलिस को गेस्ट हाउस में संदिग्ध गतिविधियों की सूचना मिली थी। सूचना के आधार पर पुलिस टीम ने मौके पर पहुंचकर छापेमारी की। कार्रवाई के दौरान गेस्ट हाउस में मौजूद लोगों को पुलिस ने अपने कब्जे में लिया और सभी को पूछताछ के लिए थाने ले जाया गया। पुलिस अधिकारियों के मुताबिक, फिलहाल सभी हिरासत में लिए गए लोगों से पूछताछ की जा रही है। पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि गेस्ट हाउस में उनकी मौजूदगी का कारण क्या था और वहां किसी तरह की संदिग्ध गतिविधि हो रही थी या नहीं। छापेमारी के बाद गेस्ट हाउस और आसपास के इलाके में लोगों की भीड़ जुट गई। पुलिस ने मौके पर स्थिति को नियंत्रित किया और पूरे मामले की जानकारी जुटाने के लिए जांच शुरू कर दी है। पुलिस की ओर से अभी तक यह स्पष्ट नहीं किया गया है कि हिरासत में लिए गए लोगों के खिलाफ किसी तरह का मामला दर्ज किया गया है या नहीं। अधिकारियों का कहना है कि पूछताछ और जांच पूरी होने के बाद ही पूरे मामले की स्थिति स्पष्ट हो सकेगी। फिलहाल पुलिस गेस्ट हाउस से जुड़े लोगों और वहां मौजूद व्यक्तियों से जानकारी जुटा रही है। साथ ही यह भी जांच की जा रही है कि गेस्ट हाउस में नियमों का उल्लंघन हुआ था या नहीं। इस कार्रवाई को लेकर स्थानीय स्तर पर भी चर्चा तेज है। हालांकि, पुलिस जांच पूरी होने और आधिकारिक जानकारी सामने आने के बाद ही मामले की वास्तविक तस्वीर स्पष्ट हो पाएगी।
बिहार पुलिस ड्राइवर भर्ती: दक्षता परीक्षा पास अभ्यर्थियों का धरना, खाली सीटों पर नियुक्ति की मांग

पटना: बिहार पुलिस ड्राइवर भर्ती प्रक्रिया को लेकर अभ्यर्थियों का विरोध प्रदर्शन सामने आया है। गर्दनीबाग स्थित धरना स्थल पर दक्षता परीक्षा पास कर चुके पुरुष अभ्यर्थी अपनी मांगों को लेकर धरने पर बैठे हैं। प्रदर्शन कर रहे अभ्यर्थियों का कहना है कि भर्ती प्रक्रिया में महिलाओं के लिए निर्धारित कई सीटें खाली रह गई हैं, ऐसे में उन रिक्त पदों पर सफल पुरुष अभ्यर्थियों को अवसर दिया जाना चाहिए। अभ्यर्थियों के मुताबिक उन्होंने बिहार पुलिस ड्राइवर की दक्षता परीक्षा सफलतापूर्वक पास की है और भर्ती प्रक्रिया में आगे की उम्मीद लगाए हुए हैं। उनका कहना है कि बड़ी संख्या में अभ्यर्थियों ने निर्धारित मानकों के अनुसार परीक्षा में प्रदर्शन किया है, लेकिन सीटों की उपलब्धता के कारण सभी सफल उम्मीदवारों को नियुक्ति का लाभ नहीं मिल पा रहा है। धरने पर बैठे अभ्यर्थियों का मुख्य तर्क है कि महिला आरक्षण के तहत निर्धारित सीटों में से यदि योग्य महिला अभ्यर्थी उपलब्ध नहीं हैं और सीटें रिक्त रह जाती हैं, तो उन पदों को खाली रखने के बजाय सफल पुरुष अभ्यर्थियों को मौका दिया जाए। उनका कहना है कि इससे एक तरफ रिक्त पदों का उपयोग हो सकेगा, वहीं दूसरी ओर लंबे समय से भर्ती प्रक्रिया का इंतजार कर रहे अभ्यर्थियों को रोजगार का अवसर मिल सकता है। अभ्यर्थियों ने सरकार और संबंधित भर्ती अधिकारियों से इस मामले में नियमों के तहत सकारात्मक निर्णय लेने की अपील की है। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि उन्होंने भर्ती की तैयारी में काफी समय और मेहनत लगाई है। परीक्षा के अलग-अलग चरणों में सफल होने के बाद भी नियुक्ति नहीं मिलने से उनमें निराशा है। धरना दे रहे अभ्यर्थियों की मांग है कि रिक्त महिला सीटों की स्थिति स्पष्ट की जाए और नियमों के दायरे में रहते हुए उन पदों पर सफल पुरुष अभ्यर्थियों की नियुक्ति पर विचार किया जाए। फिलहाल अभ्यर्थी गर्दनीबाग धरना स्थल पर अपनी मांग को लेकर प्रदर्शन कर रहे हैं। अब निगाहें सरकार और संबंधित विभाग के अगले कदम पर टिकी हैं। अधिकारियों की ओर से इस मांग पर क्या निर्णय लिया जाता है, यह आने वाले समय में स्पष्ट होगा।
सेवा संकल्प अभियान के तहत मशाल रैली में शामिल हुईं CM रेखा गुप्ता, विकसित भारत 2047 का लिया संकल्प

नई दिल्ली: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सार्वजनिक जीवन में 25 वर्ष पूरे होने के अवसर पर देशभर में ‘सेवा संकल्प अभियान’ के तहत विभिन्न कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। इसी क्रम में दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता भी मशाल रैली में शामिल हुईं। इस आयोजन का उद्देश्य प्रधानमंत्री मोदी की सार्वजनिक सेवा की 25 वर्षों की यात्रा को याद करने के साथ-साथ ‘विकसित भारत 2047’ के लक्ष्य के प्रति लोगों को संकल्पित करना है। मशाल रैली के दौरान बड़ी संख्या में कार्यकर्ता और समर्थक मौजूद रहे। कार्यक्रम में देश के विकास, जनसेवा और राष्ट्र निर्माण से जुड़े संकल्पों को प्रमुखता दी गई। रैली के जरिए लोगों के बीच यह संदेश देने का प्रयास किया गया कि विकसित भारत का लक्ष्य केवल सरकार की जिम्मेदारी नहीं, बल्कि समाज के प्रत्येक वर्ग की सहभागिता से पूरा किया जा सकता है। 25 वर्षों की सार्वजनिक सेवा पर कार्यक्रम ‘सेवा संकल्प अभियान’ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सार्वजनिक जीवन में 25 साल पूरे होने के अवसर पर आयोजित किया जा रहा है। अभियान के माध्यम से उनके लंबे सार्वजनिक जीवन और विभिन्न जिम्मेदारियों के दौरान किए गए कार्यों को सामने रखा जा रहा है। साथ ही, भविष्य के भारत को लेकर नागरिकों के बीच जागरूकता और सहभागिता बढ़ाने पर भी जोर दिया जा रहा है। कार्यक्रम के दौरान विकसित भारत 2047 के लक्ष्य को लेकर भी चर्चा हुई। इस लक्ष्य के तहत भारत को आने वाले वर्षों में आर्थिक, सामाजिक, तकनीकी और बुनियादी ढांचे के स्तर पर और अधिक मजबूत बनाने की दिशा में काम करने की बात कही जा रही है। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता की मशाल रैली में मौजूदगी को भी इसी अभियान की कड़ी के तौर पर देखा गया। आयोजन में सेवा, विकास और राष्ट्र निर्माण के प्रति प्रतिबद्धता का संदेश दिया गया। ‘सेवा संकल्प अभियान’ के जरिए लोगों से देश के विकास में अपनी भूमिका निभाने और विकसित भारत के निर्माण में सक्रिय भागीदारी का आह्वान किया जा रहा है। आने वाले दिनों में अभियान के तहत देश के अलग-अलग हिस्सों में ऐसे कई कार्यक्रम आयोजित किए जाने की संभावना है।
चुनाव आयोग के खिलाफ प्रदर्शन पर मनोज झा का हमला, बोले- ‘ज्ञानेश कुमार को इतना अहंकार कहां से आता है?’

नई दिल्ली: कांग्रेस नेता राहुल गांधी और INDIA ब्लॉक के अन्य नेताओं द्वारा चुनाव आयोग के कार्यालय के पास किए गए विरोध प्रदर्शन को लेकर राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई है। इस मामले पर RJD सांसद मनोज झा ने चुनाव आयोग और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को लेकर तीखी टिप्पणी की है। मनोज झा ने कहा कि राहुल गांधी ने जो बातें कहीं हैं, वे साक्ष्य और सबूतों के आधार पर कही गई हैं। उन्होंने सवाल उठाते हुए कहा कि अगर राहुल गांधी या विपक्ष के अन्य सांसद इन मुद्दों पर सवाल उठा रहे हैं, तो क्या आम जनता भी इन सवालों को नहीं उठा सकती? RJD सांसद ने कहा कि लोकतंत्र में चुनाव प्रक्रिया और उससे जुड़ी संस्थाओं को लेकर सवाल उठाना स्वाभाविक है। उन्होंने कहा कि अगर किसी विषय को लेकर तथ्य और सबूत सामने रखे जा रहे हैं, तो उस पर गंभीरता से चर्चा होनी चाहिए। ज्ञानेश कुमार पर भी साधा निशाना मनोज झा ने अपने बयान में मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को भी निशाने पर लिया। उन्होंने सवाल किया कि आखिर उन्हें इतना अहंकार कहां से आता है। मनोज झा ने अपने बयान में ‘इम्यूनिटी’ का जिक्र करते हुए कहा कि उन्हें जो सुरक्षा या संरक्षण मिला है, उसके पीछे क्या वजह है, इस पर भी सवाल उठना चाहिए। उन्होंने सरकार की भूमिका पर भी टिप्पणी करते हुए कहा कि कई बार राजनीतिक संकेतों के माध्यम से संदेश दिए जाते हैं और उन संदेशों को समझना जरूरी होता है। मनोज झा ने कहा कि कभी-कभी संकेत में ही संदेश होता है और वह संदेश जनता तक पहुंच चुका है। विपक्ष लगातार उठा रहा चुनाव प्रक्रिया पर सवाल राहुल गांधी और INDIA ब्लॉक के नेताओं का विरोध प्रदर्शन ऐसे समय में हुआ है जब विपक्ष चुनाव प्रक्रिया और चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली से जुड़े कई मुद्दों पर लगातार सवाल उठा रहा है। विपक्ष की ओर से चुनावी पारदर्शिता और मतदाता सूची समेत विभिन्न विषयों को लेकर चिंता जताई जाती रही है। वहीं, चुनाव आयोग की ओर से चुनाव प्रक्रिया की पारदर्शिता और निर्धारित नियमों के अनुसार काम करने की बात कही जाती रही है। ऐसे में मनोज झा का यह बयान एक बार फिर सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच चुनावी प्रक्रिया को लेकर जारी राजनीतिक बहस को सामने लाता है।
PM Modi: दुनिया में बजेगा ‘Made in India’ प्लेन का डंका, बोले- 140 करोड़ समाधान हमारे पास

नई दिल्ली: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भारत की बढ़ती विमानन क्षमता और आत्मनिर्भरता को लेकर बड़ा विजन सामने रखा। उन्होंने कहा कि आज पूरी दुनिया में भारतीय पायलटों की क्षमता और प्रतिभा की चर्चा हो रही है और आने वाले समय में भारत एक और बड़ी उपलब्धि हासिल कर सकता है। प्रधानमंत्री ने कहा कि वह दिन भी दूर नहीं है जब दुनिया ‘Made in India’ प्लेन की चर्चा करेगी। उनके मुताबिक, भारत केवल विमान उड़ाने की क्षमता तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि भविष्य में देश में ही आधुनिक विमानों के निर्माण की दिशा में भी तेजी से आगे बढ़ेगा। भारतीय पायलटों की दुनिया में पहचान पीएम मोदी ने कहा कि आज भारतीय पायलट अपनी कुशलता और पेशेवर क्षमता के कारण वैश्विक स्तर पर अपनी पहचान बना रहे हैं। यह भारत के मानव संसाधन और युवाओं की क्षमता को दर्शाता है। उन्होंने संकेत दिया कि आने वाले समय में भारत का विमानन क्षेत्र और अधिक मजबूत हो सकता है। ‘Made in India’ विमान का लक्ष्य प्रधानमंत्री ने भारत में विमानों के निर्माण को एक बड़े भविष्य के लक्ष्य के रूप में पेश किया। उन्होंने कहा कि ऐसे लक्ष्य केवल घोषणाओं से पूरे नहीं होते, बल्कि इसके लिए दूरदर्शी नीतियां, निरंतर प्रयास और लंबे समय तक कड़ी मेहनत जरूरी है। भारत में विनिर्माण को बढ़ावा देने और आत्मनिर्भरता की दिशा में किए जा रहे प्रयासों के बीच प्रधानमंत्री का यह बयान विमानन क्षेत्र में देश की संभावनाओं को रेखांकित करता है। चुनौतियां हैं, लेकिन समाधान भी भारत के पास प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भारत की क्षमता पर भरोसा जताते हुए कहा कि देश के सामने कई तरह की चुनौतियां आ सकती हैं, लेकिन भारत के पास उनका सामना करने की ताकत भी मौजूद है। उन्होंने कहा कि 140 करोड़ भारतीय ही देश की सबसे बड़ी ताकत और समाधान हैं। पीएम मोदी का संदेश साफ है कि भारत को भविष्य की तकनीक, निर्माण और आत्मनिर्भरता के क्षेत्र में आगे बढ़ाने के लिए देश की विशाल युवा शक्ति और सामूहिक प्रयास को मजबूत करना होगा।