अजय राय बोले- पद का लालच नहीं, सेवा और मेहनत में विश्वास; हनुमानगढ़ी में किए दर्शन

अयोध्या, उत्तर प्रदेश: कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और उत्तर प्रदेश कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष अजय राय इन दिनों धार्मिक यात्रा पर हैं। अयोध्या पहुंचे अजय राय ने हनुमानगढ़ी में दर्शन किए और भगवान राम के दर्शन करने की बात कही। इस दौरान उन्होंने अपनी राजनीति और व्यक्तिगत सोच को लेकर भी खुलकर अपनी बात रखी।

अजय राय ने कहा कि उनके लिए राजनीतिक पद से ज्यादा महत्वपूर्ण लोगों की सेवा करना और अपने कर्तव्य के प्रति ईमानदार रहना है। उन्होंने स्पष्ट किया कि वह पद के पीछे भागने वाले व्यक्ति नहीं हैं। उनके मुताबिक समाज की सेवा और मेहनत को वह अपने जीवन का महत्वपूर्ण हिस्सा मानते हैं।

🔴 पद नहीं, सेवा को बताया प्राथमिकता

अजय राय ने कहा कि वह पद के लालची नहीं हैं। उनका मानना है कि राजनीति में आने का उद्देश्य जनता की सेवा होना चाहिए। उन्होंने कहा कि लोगों की सेवा करने की भावना और भगवान के प्रति आस्था उनके संस्कारों का हिस्सा है।

🔴 काशी से अयोध्या तक आस्था का जुड़ाव

अपने धार्मिक जुड़ाव का उल्लेख करते हुए अजय राय ने कहा कि वह काशी के रहने वाले हैं और बाबा विश्वनाथ की नगरी से आए हैं। अयोध्या पहुंचकर उन्होंने सबसे पहले हनुमानगढ़ी में दर्शन किए। इसके बाद उन्होंने भगवान राम के दर्शन करने की बात कही।

उन्होंने यह भी बताया कि अयोध्या में धार्मिक कार्यक्रम पूरा करने के बाद उनका वापस काशी जाने का कार्यक्रम है। उनके बयान में काशी और अयोध्या के प्रति उनकी आस्था साफ तौर पर दिखाई दी।

🔴 मेहनत और कर्म पर भरोसा

अजय राय ने कहा कि वह उन लोगों में से हैं जो काम और मेहनत पर विश्वास रखते हैं। उनका कहना था कि कर्म करना और पूरी मेहनत करना इंसान के हाथ में है, जबकि उसके परिणाम का फैसला ईश्वर करते हैं।

उनके इस बयान को राजनीतिक पद और व्यक्तिगत महत्वाकांक्षा से अलग सेवा, कर्म और आस्था की सोच से जोड़कर देखा जा रहा है। अयोध्या में उनके बयान के बाद कांग्रेस की राजनीति के साथ-साथ उनकी धार्मिक यात्रा भी चर्चा में है।

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