नागोया, जापान: एशियन गेम्स में कांस्य पदक जीतकर भारतीय खेल जगत में अपनी पहचान बनाने वाली सुचिका तारियाल ने अपनी सफलता के पीछे की प्रेरणा का खुलासा किया है। सुचिका ने महान भारतीय मुक्केबाज मैरी कॉम को अपना आदर्श बताते हुए कहा कि वह बचपन से ही उनसे प्रभावित रही हैं।
सुचिका के मुताबिक, मैरी कॉम को उन्होंने बचपन से पसंद किया है। उन्होंने बताया कि खेल कैंप के दौरान कई बार मैरी कॉम से उनका सामना हुआ, लेकिन उस समय दोनों के बीच व्यक्तिगत बातचीत का मौका नहीं मिल पाया। सुचिका ने कहा कि वह मैरी कॉम को हमेशा एक प्रेरणादायक खिलाड़ी के तौर पर देखती रही हैं।
उन्होंने बताया कि करीब 2009-10 के दौरान कैंप में मैरी कॉम से मुलाकात हुई थी। उस दौरान दोनों के बीच सिर्फ अभिवादन तक ही बातचीत सीमित रही। सुचिका ने कहा कि अगर भविष्य में उन्हें अपनी पसंदीदा खिलाड़ी से व्यक्तिगत रूप से बातचीत करने का अवसर मिलता है, तो वह जरूर उनसे बात करना चाहेंगी।
सुचिका के लिए एशियन गेम्स में जीता गया कांस्य पदक सिर्फ उनकी व्यक्तिगत उपलब्धि नहीं है, बल्कि यह उनके परिवार के लंबे समर्थन और सहयोग का भी परिणाम है। उन्होंने अपनी इस उपलब्धि को खास तौर पर अपने माता-पिता और पति को समर्पित किया।
सुचिका ने कहा कि उनके परिवार ने हर मुश्किल दौर में उनका साथ दिया और उन्हें आगे बढ़ने के लिए लगातार प्रोत्साहित किया। खेल के सफर में परिवार का समर्थन उनके लिए बेहद महत्वपूर्ण रहा है।
एशियन गेम्स में पदक जीतना सुचिका के करियर का एक अहम पड़ाव माना जा रहा है। उनकी कहानी यह भी बताती है कि किसी बड़े खिलाड़ी से मिली प्रेरणा किस तरह युवा खिलाड़ियों के सपनों और लक्ष्य को दिशा दे सकती है। बचपन में जिस मैरी कॉम को सुचिका अपना आदर्श मानती थीं, आज उसी प्रेरणा को अपने खेल सफर का हिस्सा बनाकर उन्होंने अंतरराष्ट्रीय मंच पर देश का नाम रोशन किया है।