नई दिल्ली: अयोध्या स्थित राम मंदिर से जुड़े चंदा चोरी के मामले में सोमवार को अदालत में सुनवाई के दौरान जांच की प्रगति को लेकर महत्वपूर्ण जानकारी सामने आई। मामले की सुनवाई के दौरान अधिवक्ता सत्यम सिंह राजपूत ने बताया कि सरकार की ओर से सॉलिसिटर जनरल ने विशेष जांच दल यानी SIT की ओर से तैयार स्टेटस रिपोर्ट अदालत के समक्ष पेश की।
अधिवक्ता के मुताबिक, रिपोर्ट में जांच की अब तक की स्थिति और इस दौरान सामने आए तथ्यों का विवरण दिया गया है। सरकार की ओर से अदालत को बताया गया कि मामले की जांच अभी पूरी नहीं हुई है। जांच के कुछ पहलुओं पर काम बाकी होने के कारण फिलहाल चार्जशीट दाखिल नहीं की जा सकी है।
सुनवाई के दौरान यह भी बताया गया कि मामले में 90 दिनों की निर्धारित अवधि 25 सितंबर को पूरी हो रही है। सरकार की ओर से अदालत को आश्वस्त किया गया कि चार्जशीट 25 सितंबर तक या उससे पहले दाखिल कर दी जाएगी। इससे मामले की जांच और आगे की कानूनी प्रक्रिया को लेकर स्थिति कुछ हद तक स्पष्ट हुई है।
बताया गया कि SIT की विस्तृत स्टेटस रिपोर्ट अदालत में सीलबंद लिफाफे में दाखिल की गई है। यह रिपोर्ट याचिकाकर्ताओं को उपलब्ध नहीं कराई गई। हालांकि, मुख्य न्यायाधीश ने सुनवाई के दौरान रिपोर्ट के कुछ महत्वपूर्ण बिंदुओं का उल्लेख अपने आदेश में किया है।
अधिवक्ता सत्यम सिंह राजपूत के अनुसार, अदालत का विस्तृत आदेश सार्वजनिक होने के बाद याचिकाकर्ताओं को भी रिपोर्ट में सामने रखे गए प्रमुख तथ्यों की जानकारी मिल सकेगी। फिलहाल मामले में जांच जारी है और चार्जशीट दाखिल होने के बाद ही आगे की कानूनी प्रक्रिया की दिशा अधिक स्पष्ट होगी।
राम मंदिर से जुड़े चंदे और उससे संबंधित कथित चोरी के मामले को लेकर पहले भी जांच और कानूनी कार्रवाई की मांग उठती रही है। अब अदालत में पेश की गई SIT की रिपोर्ट और 25 सितंबर तक संभावित चार्जशीट दाखिल होने को मामले की अगली कार्रवाई के लिहाज से महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
हालांकि, मामले में लगाए गए आरोपों और जांच के निष्कर्षों पर अंतिम स्थिति संबंधित अदालत की आगे की कार्यवाही और जांच पूरी होने के बाद ही स्पष्ट होगी।